रविवार, 7 सितंबर 2008

फलित ज्योतिष : सांकेतिक विज्ञान astrology, jyotish , rashifal, forecast, 2014



पूरे विश्व में लगभग दो घंटे में पैदा होनेवाले बच्चे की संख्या 300 से अधिक होती है , जिनकी जन्मकुंडली एक जैसी होती है। लेकिन उनमें से सभी एक जैसी उंचाई हासिल नहीं करते। उंचाई हासिल करने के लिए परिस्थिति और मेहनत के साथ-साथ प्रेरक तत्वों का भी काफी महत्व है। बहुत से ज्योतिषी किसी जन्मकुंडली में राम , कृष्ण , बुद्ध , महावीर , इंदिरा गॉधी या महात्मा गॉधी जैसों की कुंडली का कोई एक योग दंखकर ही कह उठते हैं–`अरे , तुम्हारी कुंडली में तो —————योग है।   यह ग्राहकों को खुश करने की चाल होती है। एक योग में पैदा होनेवाले सभी बच्चों में से कोई मजदूर तो कोई कलर्क , कोई ऑफिसर तो कोई व्यवसायी और कोई मंत्री के घर पैदा होता है। किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व-निर्माण में आर्थिक , शैक्षणिक और अन्य वातावरण ग्रह से अधिक महत्वपूर्ण होते हैं .
बदलते युग के साथ-साथ ग्रह के प्रभाव में भी परिवर्तन होता है। यदि किसी जन्मकुंडली में मजबूत संतान पक्ष है , तो मातृ प्रधान युग के लिए तथा आज के युग में एक वेश्या के लिए लड़की का संकेतक हो सकता है , जबकि पितृप्रधान युग में वही योग लड़के की अधिकता का संकेतक होगा। यदि किसी जन्मकुंडली में मजबूत वाहन का योग है , तो वह प्राचीनकाल में घोड़े , हाथी आदि का संकेतक था , किन्तु आज वह स्कूटर , मोटरसाइकिल और कार का संकेतक है। किसी जन्मकुंडली में असाध्य रोग से ग्रस्त होने का योग है , तो वह किसी युग में व्यक्ति को टी बी का मरीज बनाता था , उसके बाद कैंसर का और आज वही योग उसे एड्स का मरीज बना देता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में उत्तम विद्या का योग हो तो वह प्राचीनकाल में किसी प्रकार की विद्या की जानकारी देता था , उसके बाद बी ए और एम ए की डिग्री तथा आज वह एम बी ए और एम सी ए जैसी डिग्री दिलाने में सहायक होता है।
वातावरण में परिवर्तन भी ग्रहों के प्रभाव में परिवर्तन ले जाता है। किसी किसान या व्यवसायी का उत्तम संतान पक्ष लड़के की संख्या में बढ़ोत्तरी कर सकता है , ताकि वे बड़े होकर परिवार की आमदनी बढ़ाएं , किन्तु एक ऑफिसर के लिए उत्तम संतान का योग संतान के गुणात्मक पहलू की वृद्धि करेगा। किसी जन्मपत्री में कमजोर संतान का योग एक किसान के लिए आलसी , बड़े व्यवसायी के लिए ऐयाश और ऑफिसर के लिए बेरोजगार बेटे का कारण बनेगा। । किसी किसान के पुत्र की कुंडली में उत्तम विद्या का योग होने से वह ग्रज्युएट होगा , किन्तु किसी ऑफिसर के पुत्र का वही उत्तम योग उसे आई ए एस बना सकता है। किसी किसान के लिए उत्तम मकान का योग उसे पकके का दोमंजिला मकान ही दे सकता है , किन्तु एक बड़े व्यवसायी का वही योग उसे एक शानदार बंगला देगा। किसी कुंडली में बाहरी स्थान से संपर्क का योग किसी ग्रामीण को शहरी क्षेत्र का , किसी शहरी व्यक्ति को महानगर का तथा महानगर के व्यक्ति के लिए विदेश के भ्रमण का कारण बन सकता है। किसी कुडली में ऋणग्रस्तता का योग एक साधारण व्यिक्त् को 500-1000 का तथा बड़े व्यवसायी को करोड़ों का ऋणी बना सकता है।
अलग अलग देश और प्रदेश के अनुसार भी ग्रहों के प्रभाव में परिवर्तन आता है। किसी विकसित देश में किसी महिला का प्रतिष्ठा का योग उसे प्रतिष्ठित नौकरी देगा , जबकि भारत के ग्रामीण क्षेत्र की महिला को सिर्फ अच्छा घर-वर ही प्रदान कर सकता है। किसी लड़की की कुंडली में दृष्ट हल्का कमजोर पति पक्ष भारत में सिर्फ परेशानी देनेवाला होगा , जबकि अमेरिका जैसे देश में वह तलाक देने और दिलानेवाला होगा। आज भले ही हम अपने को विज्ञान के युग का समझकर ज्‍योतिष पर हंसे या उसे नकारे , पर वास्‍तव में ज्‍योतिष एक सांकेतिक विज्ञान है और यह मनुष्‍य के स्‍वभाव , बनावट और परिस्थितियों का पूरा पूरा संकेत देता है। ग्रह मानव मन और मस्तिष्‍क तक का नियंत्रक है। यह मानव मस्तिष्‍क को वैसा ही व्‍यवसाय , वैसी ही नौकरी और घरवर चुनने के लिए प्रेरित करता है , जैसा उसे उसकी जन्‍मपत्री के अनुसार मिलना चाहिए ।
आज इस क्षेत्र में नए नए आविष्‍कार की आवश्‍यकता है। इस क्षेत्र का विकास तब ही होगा , जब कुछ पढे लिखे लोगों का ध्‍यान इस ओर आकर्षित होगा और वे अपना कुछ समय इस प्राचीन गौरवपूर्ण विज्ञान को समर्पित कर पाएंगे । विश्‍वविद्यालय को भी इस क्षेत्र में काम करनेवालों को सम्‍मानित करना पडेगा , जिस दिन ऐसा हुआ ज्‍योतिष विज्ञान की दिन दूनी रात चौगुनी प्रगति शुरू हो जाएगी ।

20 टिप्‍पणियां:

राज भाटिय़ा ने कहा…

धन्यवाद, एक अच्छी जान कारी के लिये

arun prakash ने कहा…

आपने सही लिखा है देश काल में योगों के मायेने बदल रहे है किंतु एक ही समय पर या अलग अलग देशो के एक ही समय पर पैदा बच्चों के भाग्य में अन्तर को कुछ ज्योतिषाचार्य लोग प्रारब्ध भी मान लेतें है क्या ज्योतिष में ग्रहों के द्वारा प्रबध के भाग्य की गणना हो सकती है क्या ?

Sanjay Singh ने कहा…

dil se kahate hain.... pahali baar itna vyavahaarik aur sateek lekh kisi jyotishacharya ka padhane ko mila. I really regards U by heart.

vipinkizindagi ने कहा…

achhi post

हिमवंत ने कहा…

बिल्कुल ठीक। फलित ज्योतिषी का आधार जन्म समय और स्थान है। अगर एक हीं समय/स्थान मे जन्मे दश जोडो बच्चो का जीवन अध्ययन कीया जाए और कोई भी समानता न दिख पडे तो क्या ज्योतिष वैज्ञानिक आधार पर असफल सिद्ध न होगा। यह अध्ययन होना हीं चाहिए। अगर कोई संस्था यह अध्ययन करना चाहे तो मै भी कुछ आर्थिक सहयोग करने मे इच्छुक हुं। भारत को ईस भाग्यवादिता से छुटकारा दिलाना जरुरी है। वैसे आप का वैज्ञानिक दृष्टिकोण की सराहना करना चाहता हुं।

संगीता पुरी ने कहा…

राज भाटियाजी , अरूण प्रकाशजी , संजय सिंहजी , विपिन... राज भाटियाजी , अरूण प्रकाशजी , संजय सिंहजी , विपिनजी और हिमवंतजी। टिप्पणी देने के लिए आप सब का बहुत बहुत धन्यवाद। हिमवंतजी , 'गत्यात्मक ज्योतिषीय अनुसंधान संस्थान' ज्योतिष को विज्ञान बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। गंभीर आर्थिक संकटों के मध्य भी इसके निदेशक श्री विद्यासागर महथाजी ने अपने 40.50 वर्षों के चिंतन मनन से इसे वैज्ञानिक स्वरूप देने में सफलता प्राप्त की है। उनके द्वारा चलाया जा रहा ब्लाग है-----.
www.jyotishsachyajhuth.blogspot.com
उनसे इस पते पर भी संपर्क किया जा सकता है---
vishesh034@gmail.com
आप अपनी जन्मतिथि , जन्मसमय और जन्मस्थान भेजकर अपने बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Truth Eternal ने कहा…

AAPKA PRAYAS SARAHANIYA HAI KYONKI VIGYAAN KI KASAUTI PAR KASANE KE BAAD JYOTISH KE NIYAM MAZBOOTI SE STHAAPIT HO SAKENGE

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

रोचक .बहुत अच्छा प्रयास है यह

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

Excellent analysis. Thanks!

Prashant Verma ने कहा…

मैं ज्यादा ज्योतिष मे विश्वास नहीं रखता हूँ और मेरी रूचि भी नहीं है. पर आपका लेख अच्छा लगा.

betuki@bloger.com ने कहा…

अच्छी जानकारी के लिये धन्यवाद

अशोक पाण्डेय ने कहा…

बहुत ही अच्‍छा लेख है। धन्‍यवाद।

अशोक पाण्डेय ने कहा…

बहुत ही अच्‍छा लेख है। धन्‍यवाद।

ANWARUL HASAN [VOICE PRODUCTION] ने कहा…

AAP NE JYOTISH KI NAYE ROOP MEIN VYAKHYA KI HAI, ES IMANDAARI KE LIYE SAADHUWAAD.
...AUR HAAN MERE BLOG MEIN AANE KA SHUKRIYA...

ANWARUL HASAN
RJ-100.7 FM RAINBOW
DIRECTOR- VOICE PRODUCTION
LUCKNOW

sab kuch hanny- hanny ने कहा…

aapki baaton se sahmat hu. jyotish me meri v ruchchhi hai or kai prashn pareshan karten hain . sambhwtah aapke blog me mere prashano ka jwab mil jayega.

महामंत्री-तस्लीम ने कहा…

आशा है इससे ज्योतिष के बारे में फैली भ्रान्तियां मिट सकेंगी।

Vivek Gupta ने कहा…

आपका लेख अच्छा लगा

प्रदीप मानोरिया ने कहा…

हिन्दी ब्लॉग जगत में आपका हार्दिक स्वागत है निरंतरता की चाहत है
समय निकाल कर मेरे ब्लॉग पर भी दस्तक दें

makrand ने कहा…

the kempowering knowedge
regards

makrand ने कहा…

the empowering knowedge
regards