शुक्रवार, 19 सितंबर 2008

भाई-बहन , बंधु-बांधव और ज्योतिष ( Astrology )



मानवजीवन के तीसरे पक्ष की चर्चा के लिए भाई-बहन , बंधु-बांधव को महत्वपूर्ण माना गया है। यहॉ भी फलित ज्योतिष एक सीमा में बंधा हुआ है। किसी भी जन्मकुंडली को देखकर भाई-बहनों की संख्या को बतला पाना बिल्कुल असंभव है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार के दबाब से चीन में माता-पिता को एक ही बच्चे को जन्म दे पाने की विवशता है। इस तरह चीन के किसी भी युवा या बच्चे के एक भी भाई-बहन नहीं हैं । क्या आप सोंच सकते हैं , चीन के सभी बच्चों का जन्म दुनिया के अन्य देशों में जन्म लेनेवाले बच्चों से अलग समय में हुआ होगा , नहीं , ऐसा कदापि नहीं हो सकता। अपने देश में ही कुछ समय पूर्व के समय को देखें , जब परिवार नियोजन लोकप्रिय नहीं था , तो एक एक व्यक्ति के बारह पंद्रह भाई-बहन हुआ करते थे ,बाद में चार छह , उसके बाद एक दो और अब हालत देखिए , एक भाई-बहन भी बच्चों के नहीं हैं , क्या भचक्र के ग्रहों में कोई बदलाव आया है ? जाहिर है , नहीं , इसलिए आज भी जन्मकुडली वैसी ही बन रही है , जैसी हजारों वर्ष पहले बनती थीं। फिर जन्मकुंडली देखकर भला कैसे बतलाया जा सकता है कि किसी व्यक्ति के कितने भाई या बहन हैं।
वास्तव में जन्मपत्री से भाई-बहनों या भाई बहन जैसों के सुख-दुख या अन्य व्यवहार के बारे में बताया जा सकता है। किसी व्यक्ति को भाई-बहनों या भाई-बहन सदृश लोगों से सुख मिलता है या नहीं ? उनसे विचारों का तालमेल है या नहीं ? उससे संबंधित जवाबदेही हे या नहीं ? उस जवाबदेही को निभा पाने में वह समर्थ है या नहीं ? क्या उसके भाई-बहन के मामले काफी तनाव देनेवाले हैं ? यदि हॉ , तो वह उसे सुधारने की कोशिश करता है या नहीं ? यदि करता है , तो उसका सकारात्मक परिणाम मिलता है या नकारात्मक ? किसी जातक को समय पर भाई-बहन बंधु-बांधव काम आते हैं या नहीं ? इन सब बातों के साथ ही साथ इस बात की भी चर्चा की जा सकती है कि किस उम्र में उपरोक्त मामलों का सर्वाधिक प्रभाव बना रहेगा।

4 टिप्‍पणियां:

राज भाटिय़ा ने कहा…

सगीता जी आप का लेख बहुत सुन्दर लगा, ओर रुचीकर भी, लेकिन मे बचपन से ही ऎसी बातो को नही मानता, इस लिये मेरे दिमग मे यह बाते समझ आने मे काफ़ी समय लगे गा,
धन्यवाद

Vivek Gupta ने कहा…

संगीता जी आपकी पत्रिकाए इंटरनेट पर भी उपलब्ध हैं क्या?

Udan Tashtari ने कहा…

अच्छा लगा आपको पढ़कर. आपको जबाब देना पत्नी के स्वास्थय के चलते अभी पेंडिंग है, जल्द लिखता हूँ.

G M Rajesh ने कहा…

bhavishy jyotish ke madhyam se
vibhinn gananaa paddhatiyon men
bhartiy
pashchaaty
chinese
arabian
taash ke patton se
globe se
kyaa maane kyaa nahi
sangeeta ji aapki ruchi kaa subject hai bataaiyega jaroor
sath hi yeh bhi ki kaun sa jyotish parishkrut hai