मंगलवार, 9 सितंबर 2008

शरीर , व्यक्तित्व और ज्योतिष astrology, jyotish , rashifal, forecast, 2014



जन्मकुंडली के द्वारा देखे जानेवाले पहले संदर्भ शरीर को ही लें। आपको यह जानकर काफी निराशा होगी कि किसी भी जन्मकुंडली को देखकर किसी भी ज्योतिषी के द्वारा शरीर की कद-काठी या रंग-रुप के बारे में कुछ भी निश्चित तौर पर नहीं बतलाया जा सकता है , सिर्फ तुक्का लगानेवाली ही बात हो सकती है। हम सभी जानते हैं कि हमारे पूर्वज आदिमानवों का रंग-रुप बंदरों से मिलता-जुलता था , किन्तु अगर उस युग के भी किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली बनायी जाए , तो वह हमारे जैसी ही बनेगी।

 आज के ही जन्मकुंडली की तरह उसमें बारह खाने होंगे तथा नवग्रहों की उसी में कहीं न कहीं स्थिति होगी , फिर ऐसा कौन सा फर्क था , जिसके कारण उन सबके चेहरे बंदरों जैसे थे और आज का कोई भी व्यक्ति उनकी तरह नहीं है । आज भी एक ही समय में विकसित प्रदेशों में जन्म लेनेवाले बच्चे गोरे , लम्बे और सुंदर तथा अविकसित प्रदेशों में जन्म लेनेवाले काले , नाटे और कुरुप हो सकते हैं , दोष उनकी जन्मकुंडली में नहीं , वरन् जीन में है। इस तरह जब बच्चे के शारीरिक बनावट में युग , समय , वातावरण , परिवार आदि का महत्व है , तब फिर जन्मकुंडली के आधार पर किसी ऐसे सूत्र का निर्धारण करना काफी कठिन होगा , जिसके आधार पर यह मालूम किया जा सके कि किसी बच्चे का रंग-रुप कैसा है , कद-काठी कैसी है , नाक खडी है या चपटी , माथा चौड़ा है या पतला , कान बड़े हैं या छोटे , गरदन लम्बी है या छोटी , होठ पतले हैं या मोटे , जैसा बतला पाने का बहुत से ज्योतिषी दावा करते हैं।

तब प्रश्न यह उठता है कि आखिर जन्मकुंडली को देखकर शरीर के बारे में क्या बतलाया जा सकता है ? जबाब यह है कि शरीर के बारे में ऐसी महत्वपूर्ण बात बतलायी जाए , जो किसी भी युग में , किसी भी प्रदेश में , और किसी भी परिवार में अवश्यंभावी रुप से उपस्थित दिखायी पड़े। शरीर के मामले में ऐसे शब्द हैं , स्वास्थ्य और आत्मविश्वास , जिसके बारे में हम जन्मकुंडली देखकर सटीक भविष्यवाणी की जा सकती हैं। किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा है या बुरा , अन्य व्यक्तिगत गुणों की वह प्रचुरता रखता हे या नहीं , शरीर पर उसका ध्यान-संकेन्द्रण है या नहीं , अपनी शारीरिक खूबियों की वजह से उसका आत्मविश्वास बना होता है या अपनी शारीरिक कमियों की वजह से उसके आत्मविश्वास में गिरावट आती है , अपनी शारीरिक खूबियो को उभारने के लिए तथा अपनी शारीरिक कमजोरियों को कम करने के लिए वह क्रियाशील रहता है या नहीं , यदि वह क्रियाशील हो , तो फिर उसका फायदा उसे मिलेगा या नहीं या क्रियाशीलता के बावजूद उसके हिस्से सिर्फ नुकसान ही रहेगा , इन सब बातों का जवाब दे पाना संभव है । साथ ही इस बात का भी उल्लेख कर पाना संभव है कि उपरोक्त प्रवृत्तियॉ किस काल में सर्वाधिक दिखायी पड़ेंगी ।

रविवार, 7 सितंबर 2008

फलित ज्योतिष : सांकेतिक विज्ञान astrology, jyotish , rashifal, forecast, 2014



पूरे विश्व में लगभग दो घंटे में पैदा होनेवाले बच्चे की संख्या 300 से अधिक होती है , जिनकी जन्मकुंडली एक जैसी होती है। लेकिन उनमें से सभी एक जैसी उंचाई हासिल नहीं करते। उंचाई हासिल करने के लिए परिस्थिति और मेहनत के साथ-साथ प्रेरक तत्वों का भी काफी महत्व है। बहुत से ज्योतिषी किसी जन्मकुंडली में राम , कृष्ण , बुद्ध , महावीर , इंदिरा गॉधी या महात्मा गॉधी जैसों की कुंडली का कोई एक योग दंखकर ही कह उठते हैं–`अरे , तुम्हारी कुंडली में तो —————योग है।   यह ग्राहकों को खुश करने की चाल होती है। एक योग में पैदा होनेवाले सभी बच्चों में से कोई मजदूर तो कोई कलर्क , कोई ऑफिसर तो कोई व्यवसायी और कोई मंत्री के घर पैदा होता है। किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व-निर्माण में आर्थिक , शैक्षणिक और अन्य वातावरण ग्रह से अधिक महत्वपूर्ण होते हैं .
बदलते युग के साथ-साथ ग्रह के प्रभाव में भी परिवर्तन होता है। यदि किसी जन्मकुंडली में मजबूत संतान पक्ष है , तो मातृ प्रधान युग के लिए तथा आज के युग में एक वेश्या के लिए लड़की का संकेतक हो सकता है , जबकि पितृप्रधान युग में वही योग लड़के की अधिकता का संकेतक होगा। यदि किसी जन्मकुंडली में मजबूत वाहन का योग है , तो वह प्राचीनकाल में घोड़े , हाथी आदि का संकेतक था , किन्तु आज वह स्कूटर , मोटरसाइकिल और कार का संकेतक है। किसी जन्मकुंडली में असाध्य रोग से ग्रस्त होने का योग है , तो वह किसी युग में व्यक्ति को टी बी का मरीज बनाता था , उसके बाद कैंसर का और आज वही योग उसे एड्स का मरीज बना देता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में उत्तम विद्या का योग हो तो वह प्राचीनकाल में किसी प्रकार की विद्या की जानकारी देता था , उसके बाद बी ए और एम ए की डिग्री तथा आज वह एम बी ए और एम सी ए जैसी डिग्री दिलाने में सहायक होता है।
वातावरण में परिवर्तन भी ग्रहों के प्रभाव में परिवर्तन ले जाता है। किसी किसान या व्यवसायी का उत्तम संतान पक्ष लड़के की संख्या में बढ़ोत्तरी कर सकता है , ताकि वे बड़े होकर परिवार की आमदनी बढ़ाएं , किन्तु एक ऑफिसर के लिए उत्तम संतान का योग संतान के गुणात्मक पहलू की वृद्धि करेगा। किसी जन्मपत्री में कमजोर संतान का योग एक किसान के लिए आलसी , बड़े व्यवसायी के लिए ऐयाश और ऑफिसर के लिए बेरोजगार बेटे का कारण बनेगा। । किसी किसान के पुत्र की कुंडली में उत्तम विद्या का योग होने से वह ग्रज्युएट होगा , किन्तु किसी ऑफिसर के पुत्र का वही उत्तम योग उसे आई ए एस बना सकता है। किसी किसान के लिए उत्तम मकान का योग उसे पकके का दोमंजिला मकान ही दे सकता है , किन्तु एक बड़े व्यवसायी का वही योग उसे एक शानदार बंगला देगा। किसी कुंडली में बाहरी स्थान से संपर्क का योग किसी ग्रामीण को शहरी क्षेत्र का , किसी शहरी व्यक्ति को महानगर का तथा महानगर के व्यक्ति के लिए विदेश के भ्रमण का कारण बन सकता है। किसी कुडली में ऋणग्रस्तता का योग एक साधारण व्यिक्त् को 500-1000 का तथा बड़े व्यवसायी को करोड़ों का ऋणी बना सकता है।
अलग अलग देश और प्रदेश के अनुसार भी ग्रहों के प्रभाव में परिवर्तन आता है। किसी विकसित देश में किसी महिला का प्रतिष्ठा का योग उसे प्रतिष्ठित नौकरी देगा , जबकि भारत के ग्रामीण क्षेत्र की महिला को सिर्फ अच्छा घर-वर ही प्रदान कर सकता है। किसी लड़की की कुंडली में दृष्ट हल्का कमजोर पति पक्ष भारत में सिर्फ परेशानी देनेवाला होगा , जबकि अमेरिका जैसे देश में वह तलाक देने और दिलानेवाला होगा। आज भले ही हम अपने को विज्ञान के युग का समझकर ज्‍योतिष पर हंसे या उसे नकारे , पर वास्‍तव में ज्‍योतिष एक सांकेतिक विज्ञान है और यह मनुष्‍य के स्‍वभाव , बनावट और परिस्थितियों का पूरा पूरा संकेत देता है। ग्रह मानव मन और मस्तिष्‍क तक का नियंत्रक है। यह मानव मस्तिष्‍क को वैसा ही व्‍यवसाय , वैसी ही नौकरी और घरवर चुनने के लिए प्रेरित करता है , जैसा उसे उसकी जन्‍मपत्री के अनुसार मिलना चाहिए ।
आज इस क्षेत्र में नए नए आविष्‍कार की आवश्‍यकता है। इस क्षेत्र का विकास तब ही होगा , जब कुछ पढे लिखे लोगों का ध्‍यान इस ओर आकर्षित होगा और वे अपना कुछ समय इस प्राचीन गौरवपूर्ण विज्ञान को समर्पित कर पाएंगे । विश्‍वविद्यालय को भी इस क्षेत्र में काम करनेवालों को सम्‍मानित करना पडेगा , जिस दिन ऐसा हुआ ज्‍योतिष विज्ञान की दिन दूनी रात चौगुनी प्रगति शुरू हो जाएगी ।