बुधवार, 4 फ़रवरी 2009

ग्रहीय स्थिति अभी वसंत के अनुकूल नहीं ( Astrology )

हिन्‍दी के पाठको को यह बतलाने की आवश्‍यकता तो बिल्‍कुल ही नहीं कि भारत और समीपवर्ती देशों की छह ऋतुओं में लोगों का सबसे मनचाहा मौसम वसंत ही है। हिन्‍दु पंचांगों के अनुसार वर्ष का आखिरी महीना यानि फाल्‍गुन और प्रारंभ का महीना यानि चैत्र वसंत में ही होता है यानि हम वर्ष की शुरूआत और अंत दोनो में ही सुखद वातावरण में होते है। इस समय पेडों पर नए पत्‍ते लग जाते हैं , खेतों में रबी की फसल चमकती रहती हैं , आम के पेड मंजरों से भर जाते हैं , उसमें छिपकर कोयल कूकती रहती है , हर ओर रंग बिरंगी तितलियां मंडराती रहती है और साथ ही मौसम भी ऐसा कि न ठंडा न गर्म ....चतुर्दिक मनोरम वातावरण बना होता है। यही कारण है कि इस ऋतु के लिए लोगों इंतजार बना होता है और इसके स्‍वागत के लिए हर क्षेत्र में लोहडी से वसंत पंचमी तक न जाने कितने त्‍यौहार मनाए जाते हें।


पर हर जगह हर वर्ष इस मौसम का आगमन का एक निश्चित समय नहीं होता है। एक साल फरवरी से ही मौसम का अच्‍छा मिजाज लोगों को खुशी देना आरंभ कर देता है , तो दूसरे साल वसंत के लिए लोगों का इंतजार लम्‍बा होता चला जाता है। वसंत के इसी अनिश्चित स्‍वभाव को देखकर ही अमेरिका और कनाडा में ग्राउंडहोग डे मनाया जाता है , जिसमें इस जीव को अपने बिल में से निकलते हुए देखने की प्रथा है। ऐसा माना जाता है कि यदि बादल के कारण इस जीव की छाया नहीं दिखाई पडे , तो अमेरिका और कनाडा के अनुसार पूर्वनिर्धारित समय यानि 21 मार्च को ही वसंत का आगमन होगा। इसके विपरीत अगर धूप खिली हो और इस जीव की छाया दिखाई पडे , तो वसंत के अभी कुछ दूर होने की कल्‍पना की जाती है।

गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष के अनुसार वसंत के आने में होने वाले देर सवेर का कारण आकाश में चल रही ग्रहों की स्थिति होती है । खासकर फरवरी के माह में मौसमीय परिवर्तन वसंत के अनुकूल न होकर प्रतिकूल हो जाए , तो प्राकृतिक माहौल सुखद नहीं बन पाता है और वसंत के लिए लोगों का इंतजार कुछ बढ जाता है। 9 और 10 फरवरी 2009 को आसमान मे ग्रहों का खास योग उपस्थित होकर गजब का मौसमीय परिवर्तन लानेवाला है , इसके प्रभाव से सारा आसमान बादलों से भर सकता है , मैदानी भागों में तेज हवाएं चल सकती हैं , समुद्री भागों में तूफान तक आने की संभावना बन सकती है , पहाडी क्षेत्रों में बर्फ गिर सकते है और जगह जगह बेमौसम बरसात होने से और ठंड के बढ जाने से जनजीवन असतव्‍यस्‍त हो सकता है। जाहिर है , ऐसी स्थिति आने के बाद एकाध सप्‍ताह तो वसंत दिखाई दे ही नहीं सकता। इस तरह 9 और 10 फरवरी का ग्रह योग वसंत के आगमन में एक बडी रूकावट बन सकता है और इस कारण लोगों को वसंत के लिए कुछ लम्‍बा यानि 15-20 फरवरी तक का इंतजार करना पड सकता है।

23 टिप्‍पणियां:

mehek ने कहा…

sach ek dam sach ,tabhi hum soch rahe thay ke hamare vidhyapith ka raasta jo basant ke shuruwat mein hi dono taraf pile phoolon se saaj jaata tha khali sa kyun hai.wo mohak drushya dekhne man taras gaya hai.chalo aur 10 din ki hi baat hai.

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

इन्तजार करते हैं सुंदर बसंत का ..अच्छी जानकारी दी है आपने

mamta ने कहा…

हाँ सही कह रही है आप । इस बार बसंत पंचमी ३१ जनवरी को पड़ गई जबकि आम तौर पर फरवरी मे पड़ती है और शायद इसीलिए इस बार लगा ही नही कि बसंत आ गया है ।

Abhishek ने कहा…

Basant vastav mein abhi sirf callender mein hi hai.

दिलीप कवठेकर ने कहा…

vasant ka intezar karate karate der ho gaee is bar.

परमजीत बाली ने कहा…

अच्छी जानकारी दी है आपने।धन्यवाद।

सुशील कुमार ने कहा…

आपकी नई पोस्ट"ग्रहीय स्थिति अभी वसंत के अनुकूल नहीं" दो पाराग्राफ में इस वसंतागमन पर ग्रहों के स्थिति की गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष के अनुसार व्याख्या करती हैं और उन परिस्थितियों से अवगत कराती है जो इस वर्ष वसंत के मौके पर आकर उसकी उपस्थिति को पीछे धकेल रही है।जानकारी के लिये बहुत -बहुत धन्यवाद।

सुशील कुमार ने कहा…

आपकी नई पोस्ट"ग्रहीय स्थिति अभी वसंत के अनुकूल नहीं" दो पाराग्राफ में इस वसंतागमन पर ग्रहों के स्थिति की गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष के अनुसार व्याख्या करती हैं और उन परिस्थितियों से अवगत कराती है जो इस वर्ष वसंत के मौके पर आकर उसकी उपस्थिति को पीछे धकेल रही है।जानकारी के लिये बहुत -बहुत धन्यवाद।

सुशील कुमार ने कहा…

आपकी नई पोस्ट"ग्रहीय स्थिति अभी वसंत के अनुकूल नहीं" दो पाराग्राफ में इस वसंतागमन पर ग्रहों के स्थिति की गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष के अनुसार व्याख्या करती हैं और उन परिस्थितियों से अवगत कराती है जो इस वर्ष वसंत के मौके पर आकर उसकी उपस्थिति को पीछे धकेल रही है।जानकारी के लिये बहुत -बहुत धन्यवाद।

vinay ने कहा…

acchi jankari di basant ke bare main,asha hai aur hamara gyanbardhan karti rehengi.

शाश्‍वत शेखर ने कहा…

बहुत अच्छी जानकारी सरल शब्दों में|

ज्ञानदत्त । GD Pandey ने कहा…

सही है जी, अभी फूल गदरा के खिले नहीं हैं!

राज भाटिय़ा ने कहा…

संगीता जी आप ने बहुत सुंदर जानकरी दी, वेसे युरोप मे २० मार्च से बसंत शुरु होता है, लेकिन कभी कभी बर्फ़ अप्रेल मे भी गिर जाती है,
धन्यवाद इस जानकारी के लिये.

ashok andrey ने कहा…

APNE MERI KAVITAON KO SARAHA ISKE LIYA ME APKA ABHARI HUN
SUNDER BASANT KA INTTEJAR PAR ACHCHI JANKARI DEE HAI BHAVISHYA ME BHI AESI JAKARION SE AVGAT KARAEN GEEN AESI KAMNAON KE SATH APKA ABHIVADAN KARTA HUN

ASHOK ANDREY

योगेन्द्र मौदगिल ने कहा…

बेहतरीन प्रस्तुति है संगीता जी....

hempandey ने कहा…

देश के कुछ हिस्सों में तो ऐसा लग रहा है कि वसंत आया ही नहीं और गरमी शुरू हो गयी. बहरहाल ९-१० फरवरी सन्निकट ही है.

Science Bloggers Association of India ने कहा…

महत्‍वपूर्ण जानकारी दी है आपने।

Nirmla Kapila ने कहा…

ye to achha hai ki basant manaana shuru kar dete hain lamba achale to baDiyaa hai31 jan se le kar ab feb tak basant hi basant hai bdhaai

Anup Kumar Srivastav ने कहा…

अच्छी जानकारी दी है

Anup Kumar Srivastav ने कहा…

अच्छी जानकारी दी है

katarbyont.blogspot.com ने कहा…

ashok mishra katarbyont.blogspot.com आप मेरे ब्लॉग पर आईं, इसके लिए धन्यवाद. आपके ब्लॉग पर भी अच्छी सामग्रियां हैं. जिनको पढ़ कर मजा आगया. शेष फिर कभी. अब तो आपके ब्लॉग पर भी भ्रमण करता रहूँगा. मेरी ज्योतिष में कोई रूचि न होने बावजूद कुछ सामग्रियां मैं पढीं.

दिल दुखता है... ने कहा…

mere blog par aane ke liye bahut-bahut dhanyabaad.... basant ke baaren mein logon ko jaankari uplabdha karane ke liye bi dhanyabad.

धीरेन्द्र ने कहा…

गत्यात्मक ज्योतिष को जिस सरलता, स्पष्टता और सहजता के साथ आपके ब्लॉग में समझने को मिल रहा है वह विशिष्ट है। वसंत की आहट ने अपना प्रभाव दिखलाना आरम्भ कर दिया है जिससे नई-नई महक और तरंग के संग वासंती रचनाएँ निर्मित होने लगी हैं लेकिन आगामी कुछ दिनों मं इसमें ऊफान आएगा यह जानकर मैं विभिन्न स्थल, शैलियों आदि में भावी सरस रचनाओं की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहा हूँ।