रविवार, 8 मार्च 2009

यात्राएँ और सप्ताह के दिन ( Astrology)

सप्ताह के सभी दिनों का ग्रहों से कोई लेना देना ही नहीं हैं ,तब यात्रा के संबंध में विधि-निषेध से संबंधित ज्योतिषीय नियमों में भी सवालिया निशान लग जाता है। ज्योतिष ग्रंथों में लिखा है——-
सोम शनिश्चर पूरब न चालू।मंगल बुध उत्तर दिशि कालू।
एक लोकोक्ति है ...
बृहस्‍पत दक्खिन करे पयाना , फिर समझो नहीं लौट के आना।


यानि सोमवार और शनिवार को पूर्व दिशा में नहीं जाना चाहिए ,बृहस्‍पतिवार को दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए। किन्तु सब लोग इस बात से भिज्ञ हैं कि प्रत्येक दिन की तरह सोमवार और शनिवार को पूरब दिशा से चलनेवाली गाडि़यों की संख्या उतनी ही होती है , जितनी अन्य दिनों में। यदि सोमवार , शनिवार को पूरब दिशा से चलनेवाली हजारों गाडि़यों में से कोई एक कभी दुर्घटनाग्रस्त हो भी जाती है तो इस प्रकार की बात पूरब से चलनेवाली गाड़ी में भी शुक्रवार को देखी जा सकती है। इसलिए इस बात की पुष्टि नहीं हो पाती है कि निश्चित तौर पर सोमवार , शनिवार को पूरब की ओर चलनेवाली सभी गाडि़यों को सुरक्षा की दृष्टि से रोक दिया जाए या मंगलवार ,बुधवार को उत्तर दिशा में कोई गाड़ी नहीं चलने दी जाए।


वास्तव में ज्योतिष शास्त्र में उल्लिखित ये सारे नियम बिना वजह भय और संशय उत्पन्न करनेवाले हैं। इन नियमों की अवैज्ञानिकता से ही फलित ज्योतिष अविश्वसनीय बना हुआ है। इन अंधविश्वासों को हम हजारो वर्षों से ढोते आ रहें हैं। आज के वैज्ञानिक युग में इस प्रकार की बातें आम लोगों के बीच कौतुहल,हास्य और व्यंग्य का कारण बनतीं हैं। इन नियमों को मानने के लिए कोई तैयार नहीं है। किन्तु ज्योतिषी बंधुओं को इस प्रकार की कमजोरियों को भी स्वीकार करने में हिचकिचाहट है। अब तक ज्योतिष के जिस स्वरुप को उभारा गया है , उससे आम आदमी संकट के समय ग्रहों के भय से भयभीत होते है । जिस दिन ज्योतिष के वैज्ञानिक स्वरुप को वे जान जाएंगे , वे निडर और निश्चिंत दिखाई पड़ेंगे।

12 टिप्‍पणियां:

SWAPN ने कहा…

sangeeta ji aap andhvishvason ko door karne ka logon men jagriti laane ka bahut sunder karya kar rahi hain, holi ki shubhkaamnaom ke saath aapko badhai.

राज भाटिय़ा ने कहा…

संगीता जी बहुत अच्छी बात बताई आप ने , ओर कुछ ध्यान भी दिलाया कुछ ऎसी बातो पर जो अन्ध विशवास को बढाबा देती है.
धन्य्वाद
होली की बधाई

रंजन ने कहा…

सही कहा आपने.. ऐसे ही कुछ उदाहरणों से ज्योतिष विज्ञान कम अंधविश्वाश ज्यादा नजर आता है..

आपने अच्छी जानकारी दी..आभार

ज्ञानदत्त । GD Pandey ने कहा…

ऐसे बहुत से टैबूज हैम जिनपर पुनर्विचार जरूरी है।

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` ने कहा…

आपका आलेख अच्छा लगा
होली पर्व की शुभकामनाए

- लावण्या

kanchan aprajita ने कहा…

sageeta ji app bisay bastu ka chayan accha karti hai.happy holi.

Tarun ने कहा…

संगीताजी होली की शुभकामनायें,

कुश ने कहा…

बढ़िया बात कही इस बार आपने.. कई बार इस विषय पर साथियो से चर्चा कर चुका हूँ..

बहरहाल होली शुभकामनाए स्वीकार करे..

Abhishek ने कहा…

Kya aisa nahin ho sakta ki ye baatein vishesh pryojan se ki jane wali yatraon ke sambandh mein kahi gayi hon! Waise aisi baatein kinhi acche-bure hadson ki vajah se hi man mein baith jati hain.

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

बहुत सही बात .अंधविश्वास खतम करना जरुरी है ..होली की बधाई आपको

विष्णु बैरागी ने कहा…

अन्‍ध विश्‍वासों के नाना प्रकार और प्रत्‍येक 'प्रकार' के अन्‍धविश्‍वासों की सूची चिरन्‍तन। ऐसे मे आपके ये प्रयास निश्‍चय ही सामयिक, आवश्‍यक और प्रशंसनीय हैं।

रवीन्द्र प्रभात ने कहा…

संगीता जी बहुत अच्छी बात बताई आपने,आपको व परिवार को होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं .