सोमवार, 16 मार्च 2009

टोर्च , घड़ी , कैलेंडर और गत्‍यात्‍मक ज्योतिष ( Astrology )

अंधेरे में चलनेवाले लगभग सभी राहगीर अपने गंतब्य पर पहुंच ही जाते हैं। बिना घड़ी पहने परीक्षार्थी परीक्षा दे ही सकते हैं। बिना कैलेण्डर के लोग वर्ष पूरा कर ही लेते हैं। किन्तु टॉर्च , घड़ी और कैलेण्डर के साथ चलनेवाले लोगों को ही यह अहसास हो सकता है कि उनका रास्ता कितना आसान रहा। वे पूरी अवधि में चिंतामुक्त रहें। इसी प्रकार का सहयोग गत्यात्मक ज्योतिष आपको प्रदान करता है।


अतिसामान्य व्यक्ति के लिए घड़ी , कैलेण्डर या ज्योतिष शौक का विषय हो सकता है , किन्तु जीवन के किसी क्षेत्र में उंचाई पर रहनेवाले व्यक्ति के लिए घड़ी और कैलेण्डर की तरह ही भविष्य की सही जानकारी की जरुरत अधिक से अधिक है। यह बात अलग है कि सही मायने में भविष्यद्रष्टा की कमी अभी भी बनीं हुई है। गत्यात्मक दशा पद्धति संपूर्ण जीवन के तस्वीर को घड़ी की तरह स्प्ष्ट बतलाने की कोशिश करती है। ग्रह उर्जा लेखाचित्र से यह स्पष्ट किया जा सकता है कि कब कौन सा काम किया जाना चाहिए। एक घड़ी की तरह ही फलित ज्योतिष की जानकारी भी समय की सही जानकारी प्राप्त करने का साधन मात्र नहीं , वरन् अप्रत्यक्षत: बहुत सारी सूचनाएं प्रदान करके समुचित कार्य करने की दिशा में बड़ी प्रेरणास्रोत है। लोगों को यह भ्रम हटाना चाहिए कि फलित ज्योतिष की आवश्यकता विपत्ति या मुसीबत में पड़े लोगों के लिए ही है।

जीवन के किसी क्षेत्र में उंचाई पर रहनेवाला हर व्यक्ति यह महसूस करता है कि महज संयोग के कारण ही वह इतनी उंचाई हासिल कर सका है , अन्यथा उससे भी अधिक परिश्रमी और विद्वान व्यक्ति संसार में भरे पड़े हैं , जिनकी पहचान भी नहीं बन सकी है। उस बड़ी चमत्कारी शक्ति के लिए फुरसत के समय में उनका प्रयास बना होता है। ऐसे लोगों को फलित ज्योतिष की जानकारी से कई समस्याओं को सुलझा पाने में मदद मिलती है , किन्तु इसके लिए अपने उत्तरदायित्व को समझते हुए समय निकालने की जरुरत है। अपने कीमती जीवनशैली में से समय निकालकर इस विद्या के अनुसार लिखे गए इस ब्‍लाग में प्रकाशित लेखों को पढ़कर ज्ञान प्राप्त करें .

19 टिप्‍पणियां:

mehek ने कहा…

haa ye sahi hai parishram,mehnat kesaath,luck factor hona jaruri hai.

आलोक सिंह ने कहा…

प्रणाम
सही कहा आपने "महज संयोग के कारण ही वह इतनी उंचाई हासिल कर सका है " सही समय का ज्ञान ज्योतिष से ही संभव है .
प्रकाशित लेखों को पढ़कर ज्ञान इकत्र करने की कोशिस करूँगा .

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

अच्छा लिखा आपने इस विषय पर .शुक्रिया

विष्णु बैरागी ने कहा…

आपकी बातें अटपटह सी लगती हैं किन्‍तु उनसे पीछा छुडा पाना भी आसान नहीं होता। कुछ तो ऐसा है जो कहीं न कहीं रोकता, थामता है।

ज्ञानदत्त । GD Pandey ने कहा…

पता नहीं तय नहीं कर पाया कि भविष्य रचने की चीज है या जानने की।

समयचक्र - महेन्द्र मिश्र ने कहा…

बहुत रोचक जानकारी है.

शाश्‍वत शेखर ने कहा…

सरल शब्दों में बहुत अच्छी और प्रभावशाली जानकारी|

Manish Kumar ने कहा…

संगीता जी
गीता में कहा गया है कि हमारा कर्तव्य है कि अपना कर्म किए जाएँ। फल मिल भी सकता है और नहीं भी। जीवन एक अनिश्चितता का दूसरा नाम है। पर इस अनिश्चितता को पहले से जान लेने से क्या हो जाएगा ? वैसे भी जो बहुत ऊँचाई पर रहते हैं उन्हें ज्यादा कुछ खोने का भय रहता है। अनिश्चितता का डर ज्यादा होता है।
एक आम गरीब इंसान जिसके लिए दो वक्त की रोटी भी मुश्किल हो उन्हें कभी ज्योतषियों के पास जाते देखा है आपने? हाँ सत्ता के ठेकेदार तो अपना हर कर्म ही इनसे पूछ कर करते हैं।

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत ही रोचक लेख, पढ कर अच्छा लगा
धन्यवाद

कमल शर्मा ने कहा…

इस रचना पर आई टिप्‍पणियों को देखा...एक बात कह सकता हूं लोग ज्‍योतिषशास्‍त्र को मानें या न मानें...लेकिन इन चीजों को पढ़ने से रोक नहीं पाते...फिर भले ही जमकर आलोचना करे...प्रशंसा करें....।

mahashakti ने कहा…

उम्‍दा जानकारी

SWAPN ने कहा…

sangeeta ji , sach kahun aap ke kai utsahvardhak, aur anya lekh padhkar, maine jyotish ke baare men sochna hi chhod diya , jo hona hai hoga, pahle se soch kar chinta gale men kyun daalen. main pahle se zyada tension free hun ye kaafi had tak aapke lekhon ka hi kamaal hai.

mamta ने कहा…

वैसे हम न तो ज्योतिष मे बहुत विश्वास करते है और न ही इस चक्कर मे पड़ते है ।
पर फ़िर भी लिखा पढ़कर अच्छा लगता है ।

कंचन सिंह चौहान ने कहा…

mai jyotish ko ek vishay ki tarah maanti hu.n jis ka sahi gyaan hone par bahut kuchh bataya jaa sakta hai..! ummeed hai aap vah gyaan ham tak pahunchaati rahengi

Tarunai ने कहा…

jyotish par kaei kuchh aaj bhi logo se kafi door hai. aapka prayas achchhha hai.

Tarunai ने कहा…

jyotish par kafi kuchchh aaj bhi logo se achhuta hai. aapka prayas achchha hai.

Abhishek ने कहा…

दिशा चयन में सहायक तो हो ही सकता है यह माध्यम.

mark rai ने कहा…

अच्छा लिखा आपने इस विषय पर ....
प्रभावशाली जानकारी.....

अल्पना वर्मा ने कहा…

प्रभावी लेख है.