रविवार, 22 मार्च 2009

फिर आनेवाला है एक छोटा ढैय्या ( Astrology )

मेरे ब्‍लाग को पढने वाले सारे पाठक अबतक एक छोटे ढैय्या से अवश्‍य ही परिचित हो गए होंगे , जो आसमान के खास भाग में ढाई दिनों तक विभिन्‍न ग्रहों की युति के कारण उपस्थित होते हैं और इसके कारण लोगों को किसी न किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पडता है। इन दिनों में कोई भी काम मनोनुकूल ढंग से नहीं हो पाता और कभी कभी असामान्‍य परिस्थितियां भी उपस्थित हो जाया करती हैं। कुछ लोगों को शारीरिक या मानसिक कष्‍ट झेलने को भी बाध्‍य होना पडता है , खासकर जिनके जीवन का जो पक्ष संवेदी हो , वह अवश्‍य ही उभरकर इन दिनों मे उपस्थित हो जाया करता है।


26 मार्च 2009 को सूर्य , शुक्र , चंद्र और बुध चारो ही ग्रहों की स्थिति मीन राशि में मात्र 5 डिग्री की दूरी पर रहेगी। इस योग के प्रभाव से 26 और 27 मार्च का समय लोगों के लिए काफी तनाव भरा हो सकता है। एक साथ इतने ग्रहों का उपस्थित होना सामान्‍य बात नहीं होता है , इस योग से प्राकृतिक तौर पर होनेवाली दुर्घटनाओं के अलावे किसी प्रकार की लापरवाही या जानबूझकर की गयी दुर्घटनाएं भी हो जाया करती हैं, इसलिए थोडी सावधानी से रहना उचित होता है। इस दौरान यात्रा भी कष्‍टदायक होती है , इसलिए घूमने फिरने का कार्यक्रम न ही बनाए तो अच्‍छा रहेगा , बहुत जरूरी होने पर तो यात्रा कर ही सकते हैं , अब इसके लिए थोडा तनाव भी हो जाए तो चिंता क्‍या करनी ? ऐसे दिनों में किसी प्रकार का निर्णय भी काफी तनाव भरा होता है , इसलिए व्‍यर्थ की माथापच्‍ची से बचें और आवश्‍यक न हो तो निर्णय को दो चार दिनों के लिए टाल देना बेहतर रहता है। इन्‍हीं ग्रहों को देखते हुए मैने इन दोनो दिनों को शेयर बाजार के लिए भी प्रतिकूल माना है।

ग्रहों की इस स्थिति का ऐसा प्रभाव हो सकता है , इसपर सहज विश्‍वास नहीं किया जा सकता। इस कारण कुछ लोगों को ऐसा भी महसूस हो कि व्‍यर्थ ही सनसनी फैलाने वाली या फिर भयभीत करनेवाली कोई बात लिखी जा रही है , पर ऐसा नहीं है , भयभीत होने की आवश्‍यकता भी नहीं। सिर्फ ध्‍यान देने की आवश्‍यकता है कि ये दोनो दिन आम दिनों से कुछ हटकर है या नहीं। वैसे इस ग्रह स्थिति का सर्वाधिक बुरा प्रभाव सिंह राशिवालों पर पडेगा। इसके साथ ही जिन लोगों ने किसी भी वर्ष अगस्‍त और सितम्‍बर महीने में जन्‍म लिया है , वे भी खासे प्रभावित हो सकते है । तुला राशि वालों के लिए यह दिन अच्‍छा रह सकता है , इसी तरह अक्‍तूबर नवम्‍बर में जन्‍म लेनेवाले भी बहुत प्रभावित नहीं होंगे। अन्‍य राशिवाले और अन्‍य महीनों में जन्‍म लेनेवाले इस ग्रहयोग से सामान्‍य तौर पर प्रभावित होंगे।

आज ही नुककड में प्रकाशित मेरा एक आलेख 'हम ब्‍लागरों में सबसे बडा स्‍टेटस किसका ?' को पढने के लिए यहांक्लिक करें।

13 टिप्‍पणियां:

anurag ने कहा…

आपके इस उपयोगी लेख के लिए धन्यवाद. २७ को कब तक यह समय ऐसा रहेगा ?

ज्ञानदत्त पाण्डेय | G.D.Pandey ने कहा…

चलिये 26-27 को टूर प्रोग्राम नहीं बनायेंगे!

मा पलायनम ! ने कहा…

चलिए कम से कम कोई तो है जो सबको समान भाव से सजग कर रहा है .मानना या न मानना अलग बात है .

सुशील कुमार ने कहा…

चेतावनी और सावधानी के लिये धन्यवाद। मुझे ज्यादा चिंता इसलिये है क्योंकि मैं तेरह सितम्बर को जन्मा हूँ। एक तो सितम्बर ,उस पर तेरह।खैर...सुशील कुमार ( sk.dumka2gmail.com)

mehek ने कहा…

bahut achhi jankari di hai aapne,dhyan rakhenge,shukran

Parul ने कहा…

शुक्रिया दीदी-ध्यान रखेंगे-

समयचक्र - महेन्द्र मिश्र ने कहा…

बढ़िया जानकारी देने के लिए आभार.

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi ने कहा…

आपने तो पूरी पृथ्‍वी का भविष्‍य बता दिया। शायद खुद भगवान भी ऐसा नहीं करेंगे। उन्‍होंने भी फ्री विल दी है इंसान को। खैर जो भी हैं

मेरा विनम्र मत है कि मैं इसे नहीं मानता।

mamta ने कहा…

अच्छी जानकारी दी है आपने । वैसे हम इसमे विश्वास नही करते है पर इसे पढने के बाद ध्यान रक्खेंगे ।

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

जानकारी के लिए शुक्रिया संगीता जी

Dr.Bhawna ने कहा…

शुक्रिया...

Abhishek Mishra ने कहा…

ध्यान में रखने की कोशिश करूँगा.

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत ही सुंदर जानकारी दी आप ने धन्यवाद