गुरुवार, 2 अप्रैल 2009

आज आपलोग मेरी कहानिया पढें ...

आज 01:00 बजे दोपहर मेरी कहानी ‘पहला विरोध’ साहित्‍य शिल्‍पी में प्रकाशित की गयी है। इसे पढने के लिए यहांक्लिक करें। इसके पहले भी 7 दिसम्‍बर 2008 को साहित्‍य शिल्‍पी मेरी एक कहानी ‘एक झूठ’ को प्रकाशित कर चुका है। उसे पढने के लिए यहांक्लिक करें। आपके सुझावों का स्‍वागत रहेगा।

9 टिप्‍पणियां:

mehek ने कहा…

subh hi padhi thi aur bahut bahut pasand bhi aayi,badhai ho.

Udan Tashtari ने कहा…

तुरंत पढ़ते हैं जी..आपका आदेश सर आँखों पर.

neeshoo ने कहा…

नमस्ते जी ,बिल्कुल अभी पढ़ते हैं ।

P.N. Subramanian ने कहा…

बहुत अच्छी कहानियां थीं. यह diversion हमें भा गया. आभार.

ajit.irs62 ने कहा…

sangita ji namaskar!
mere blog ko visit karne aur meri kavita pasand karne ke liye dhanyawad .
hardik subh kamnao sahit
---ajit pal singh daia

अल्पना वर्मा ने कहा…

aap ki kahani padh chuki hun aur apne vichar bhi likh diye hain.

sakaratmak mod lene wali rachna ke liye badhayee.

Abhishek Mishra ने कहा…

Kahani padhi, acchi lagi. Badhai.

Dr.Bhawna ने कहा…

हमने भी सुबह ही पढ़ ली थी और प्रतिक्रिया भी दे दी थी अच्छी थी...

Dr. Chandra Kumar Jain ने कहा…

पढ़ ली कहानी और अपने
भाव भी अंकित कर दिए हैं.
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शुभ कामनाओं सहित
डॉ.चन्द्रकुमार जैन