शनिवार, 4 अप्रैल 2009

फलित ज्‍योतिष की कमजोरियां और उसका समाधान

गणित ज्‍योतिष जैसे वैदिक कालीन ज्ञान पर आधारित होने के बावजूद भी फलित ज्‍योतिष इसलिए विवादास्‍पद है , क्‍योंकि यह ग्रहों का मानव पर पडने वाले प्रभाव की कहानी कहता है , जबकि वैज्ञानिक इसे मानने को तैयार नहीं हैं। इतने वर्षों से यह लोगों का विश्‍वास जीतने में सफलता नहीं प्राप्‍त कर सका है , जाहिर है अपनी खूबियों के साथ ही साथ कई कमजोरियों को भी यह झेल रहा है। अपने आरंभिक अध्‍ययन काल में गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष ने परंपरागत फलित ज्‍योतिष में दो कमजोरियां पाई थी ...

1. ग्रहों के शक्ति निर्धारण की , जिसके लिए ज्‍योतिष में कम से कम बारह या उससे अधिक सूत्र हैं , पर विज्ञान मानता है कि किसी भी शक्ति को मापने का एक सूत्र होना चाहिए , बारह सूत्रों में मालूम कैसे हो कि कुंडली में कोई ग्रह बलवान है या कमजोर, जो ज्‍योतिष को विवादास्‍पद बनाने के लिए काफी है ।

2. ग्रहों के दशाकाल निर्धारण की , यानि किसी खास ग्रह का अच्‍छा या बुरा प्रभाव कब पडेगा , जिसके लिए कोई विंशोत्‍तरी पर आधारित हैं , कोई कृष्‍णमूर्ति पर , कोई गोचर पर तो कोई अभी तक उलझे ही हुए हैं कि सत्‍य किस माना जाए , अब मालूम कैसे हो कि जो ग्रह कमजोर हैं , उसका बुरा या जो ग्रह मजबूत हें , उसका अच्‍छा प्रभाव कब पडेगा ?


‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिषीय अनुसंधान संस्‍थान’ इन दोनो कमजोरियों को दूर करने का एक प्रामाणिक सूत्र तैयार कर चुका है और मेरी एक पुस्‍तक ‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष : ग्रहों का प्रभाव’ के द्वारा वह जनसामान्‍य के द्वारा उपयोग में भी लायी जा रही है। ‘गत्‍यात्‍मक शक्ति’ निकालने के सूत्र और ‘गत्‍यात्‍मक दशा पद्धति’ और ‘गत्‍यात्‍मक गोचर प्रणाली’ की खोज के बाद अब ज्‍योतिष टटोलने वाला विज्ञान नहीं रहा। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए ज्‍योतिष प्रेमी मेरे इस आलेखको देखें।

13 टिप्‍पणियां:

आदर्श राठौर ने कहा…

संगीता जी, आप तो विख्यात ज्योतिष हैं, आपसे कुछ मार्गदर्शन चाहिए।

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

आप हम लोंगों के ज्ञान के लिए इतना अच्छा लिख रहीं हैं आप को बधाई .मुझे अध्ययन के लिए आपकी पुस्तक चाहिए कैसे मिलगी ?मेरी ब्यक्तिगत इस विषय में गहन रूचि है .

सुशील कुमार ने कहा…

फौरसत से आलेख जरूर पढूगा। धन्यवाद।जानकारी के लिये।

राज भाटिय़ा ने कहा…

संगीता जी मै आप से सच मै बहुत प्रभावित हुआ, जब कि मै यह सब नही मानता हुं, लेकिन आप के लिखने ओर समझने का तरीका बहुत सुंदर लगा, ओर जिस जोतिष की आप बात कर रही है यह कोई आम नही जो हमारे पंडित लोग हाथ देख कर बताते है, यह तो वो जोतिष है जो लाखो साल पहले ही हमारे बुजुर्गो ने लिखा, ओर इन सब गर्हो की दुरियां ओर नाम तक लिख रखए है, जिन्हे आज अमेरिका ओर अन्य देश ढुढते फ़िरते है.
धन्यवाद सुंदर जानकारी के लिये

Vikshipt Pathak ने कहा…

kya aapke paas media me faile bhrashtachaar aur kadachaar ko door karne ke liye koi Jyotishiya Upay hai... hai to awashya prayog karen is Bhasmasur (media) ki shanti ke liye...

http://vikshiptpathak.blogspot.com/

विष्णु बैरागी ने कहा…

आप जिस तार्किकता और आधिकारिकता से अपनी बात कहती हैं वह निस्‍सन्‍देह प्रशंसनीय और प्रभावी है। किन्‍तु तर्कों के लिए तो कहा जाता है कि तर्कों से हम वहीं पहुंचते हैं जहां पहुंचना चाहते हैं।

योगेन्द्र मौदगिल ने कहा…

बेहतर आलेख के लिये साधुवाद स्वीकारें....

thereinhard ने कहा…

आपके लेख बहुत पंसद आये । व्क़्त मिला तो पुराने लेख भी ज़रूर पढ़ूगा । आपका बात कहने का अंदाज़ निसंदेह बहुत ही प्रशंशनीय है ।

राकेश जैन ने कहा…

upypgi jankari ke lie shukria.. main apke email ki pratiksha me hun..kya aap mere lie apna thoda samay dengi..

संदीप शर्मा ने कहा…

बहुत उम्दा....

Devinder Bhandari ने कहा…

Sab Jooth Hai,Ek Fun Hai,Loot Hai,2 no. ka business hai,Hai koi jo muje meri kundli dekhke past or present or future ke baare main kuchh bhi bta de.

If any astrologist tell me about my past,present or future?
Aaj tak to koi bta nahi ska........

Devinder Bhandari ने कहा…

Aap meri kundli dekhke mere past,present or future k bare main kuchh bta skogi?

Aaj tak to koi nahi bta ska.