बुधवार, 8 अप्रैल 2009

विभिन्‍न रंगों की वस्‍तुओं के मांग और पूर्ति के संतुलन पर इनसे संबंधित ग्रहों का प्रभाव

संपूर्ण संसार रंगमय है , यह मानना तो काफी कठिन है , पर सत्‍य है कि रंगों में अद्भुत प्रभाव होता है । यह तथ्‍य भी सर्वविदित ही है कि विभिन्न पदार्थों में रंगों की विभिन्नता का कारण किरणों को अवशोषित और उत्सर्जित करने की शक्ति है। जिन रंगों को वे अवशोषित करती हैं , वे हमें दिखाई नहीं देती , परंतु जिन रंगों को वे परावर्तित करती हैं , वे हमें दिखाई देती हैं। यदि ये नियम सही हैं तो चंद्र के द्वारा दूधिया सफेद , बुध के द्वारा हरे , मंगल के द्वारा लाल , शुक्र के द्वारा चमकीले सफेद , सूर्य के द्वारा तप्‍त लाल , बृहस्पति के द्वारा पीले और शनि के द्वारा काले रंग का परावर्तन भी एक सच्‍चाई होनी चाहिए।


पृथ्‍वी में हर वस्‍तु का अलग अलग रंग है , यानि ये भी अलग अलग रंगों को परावर्तित करती है । इस आधार पर सफेद रंग की वस्‍तुओं का चंद्र , हरे रंग की वस्‍तुओं का बुध , लाल रंग की वस्‍तुओं का मंगल , चमकीले सफेद रंग की वस्‍तुओं का शुक्र , तप्‍त लाल रंग की वस्‍तुओं का सूर्य , पीले रंग की वस्‍तुओं का बृहस्‍पति और काले रंग की वस्‍तुओं का श‍नि के साथ संबंध होने से इंकार नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि विभिन्‍न रंगों की वस्‍तुओं के मांग और पूर्ति का संतुलन असंतुलन और मूल्‍य पर इनसे संबंधित ग्रहों का प्रभाव देखा जाता है। एक नजर में यह बात बिल्‍कुल अंधविश्‍वास लगती है , पर आपको अपने और वाहमनी ब्‍लाग के संचालक कमल शर्मा जी के बातचीत का दो स्‍नैप शाट दिखा रही हूं , आप अवश्‍य मान जाएंगे कि ग्रहों का विभिन्‍न रंग की वस्‍तुओं पर अलग अलग प्रभाव पडता है। पहली बातचीत हमलोगों के मध्‍य 21 फरवरी 2009 को हुई , जिस समय गत्‍यात्‍मक दृष्टि से गोचर में शुक्र और बृहस्‍पति की स्थिति मजबूत और शनि की कमजोर चल रही थी आप यह बातचीत देखें .....





उसके बाद शनि के मजबूत हो जाने पर दो अप्रैल 2009 को हमारे मध्‍य जो बातचीत हुई , इसे भी आप पढे , स्‍पष्‍ट हो जाएगा कि ग्रहों का प्रभाव विभिन्‍न रंग की वस्‍तुओं पर पडता है या नहीं । तो हमारी बातचीत देखें ....


8 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

"विभिन्‍न रंगों की वस्‍तुओं के मांग और पूर्ति के संतुलन पर इनसे संबंधित ग्रहों का प्रभाव "

गत्यात्मक ज्योतिष पर आपका यह लेख, खोजपरक तथा तथ्यों से परिपूर्ण है।

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

ज्योतिष पर आप की जानकारी इतने रोचकता लिए है कि इसे पढने का आनन्द ही कुछ और है

आलोक सिंह ने कहा…

ग्रहों के रंगो से मेल खाने वाली वस्तुयों पर ग्रहों का प्रभाव पड़ता है इस बात की पुष्टि आपके और कमल शर्माजी के बीच हुई वर्तालाप से सत्य जान पड़ता है .बहुत अच्छी जानकरी मिली .

प्रदीप मानोरिया ने कहा…

सार्थक आलेख साधुवाद

विष्णु बैरागी ने कहा…

ऐसे विस्‍तृत और गहन अध्‍ययन किसी सुनिश्चित निष्‍कर्ष पर पहुचने में सहायक होते हैं।

कंचन सिंह चौहान ने कहा…

waaaaaaah....! ye sahi tareeka hai...! practival sahit theory ka. Bahut achchhe..!

bahut kuchh samajhne ka mauka mila

reinhard ने कहा…

ज्योतिष पर आप की जानकारी काफ़ी ज़यादा है । पढ़ कर बहुत अच्छा लगा । लगता है आपके पुराने लेख पढ़ने के लिये भी वक़्त निकलना पडेगा ।

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

Aaj ka post mujhe bahut jyada rochak laga...dhanywaad