रविवार, 3 मई 2009

अब इसे विज्ञान न कहूं तो क्‍या अंधविश्‍वास कहूं‍ ??????????

अभी अभी पारूलजी का पोस्‍टपढा। इतनी भीषण गर्मी में बारिश का इंतजार भला किसे न हो , पर मुझे तो खास इंतजार था इसका , क्‍योंकि मौसम से संबंधित मेरे सिद्धांतों के खरे उतरने की एक बार और बारी जो आ रही थी। मैने मौसम की भविष्‍यवाणी की एक अलग विधा के रूप में अपने ज्‍योतिषीय सिद्धांतों को विकसीत किए जाने की चर्चा करते हुए अपने इस पोस्‍टमें लिखा था कि 1 से 4 मई के मध्‍य गर्मियों का महीना होने के बावजूद भारत में अधिकांश जगह बारिश का एक बडा योग बन रहा है।


1 जनवरी तक गर्मी के प्रचंड तौर पर बढने के बावजूद मुझे विश्‍वास था कि 2 और 3 मई चारो ओर सुहावना मौसम लेकर आएगी। मौसम विज्ञान के अरबों रूपए के खर्च के बावजूद हमारे सिद्धांत मौसम के बारे में दूर तक की जानकारी देने में उससे अधिक सक्षम हैं , इस बात कर विश्‍वास तो हमें था ही , पर हमें पहली बार यह जानकर निराशा हुई कि मौसम विभाग उपग्रह से लिए जाने वाले आसमान के इतने सारे चित्रों के बावजूद एक दो दिनों के अंदर की जानकारी भी मुझसे अधिक सटीक तौर पर नहीं दे सकता है। मेरे दिए हुए तिथि के आ जाने के बावजूद 2 मई के दोपहर तक तापमान का बढते जाना जब मेरी चिंता बढा रहा था , तो मैने मौसम विभाग की ओर से की जानेवाली भविष्‍यवाणियों पर गौर किया। पर तबतक मौसम विभाग गर्मी के निरंतर बढने की ही भविष्‍यवाणियां ही कर रहा था।


पर 15 वर्षों से जांचे गए मेरे सिद्धांत यूं मुझे धोखा नहीं दे सकते थे। 2 मई के दोपहर बाद ही आसमान बादलों से भरने लगा और मौसम सुहावना हो गया। रात में समाचार से मालूम हुआ कि प बंगाल और राजस्‍थान में बारिश भी हुई है। इस बारिश के बाद ही मौसम विभाग की ओर से भविष्‍यवाणी की गयी कि दो चार दिनों मे आंधी , पानी आ सकती है। आधी खुशी तो मुझे बंगाल और राजस्‍थान के बारिश से ही मिल गयी थी , पर पूरी खुशी तो मुझे तब मिलती है , जब मेरे शहर में भी बारिश हो जाती है। इसके लिए भी मुझे अधिक इंतजार नहीं करना पडा। 3 मई यानि आज 3 बजे से ही धूल भरी आंधी के बाद हुई बारिश ने पूरे वातावरण को सुहावना और मेरे सिद्धांतो का सत्‍यापन भी कर दिया । इतने सारे लोगों के सहयोग और सरकार के इतने खर्च के बावजूद जिस भविष्‍यवाणी को मौसम विभाग दो दिन पहले नहीं कर पाता , उसे हमलोग अकेले बिना खर्च के ढाई महीने पहले करने में समर्थ हैं । बिना आधार के तिथियुक्‍त ऐसी भविष्‍यवाणी कर पाना किसी के लिए संभव है भला ? इसके बाद भी सभी कहते हैं मै ज्‍योतिष को विज्ञान न कहूं , तो आप ही बताइए , मैं इसे अंधविश्‍वास कहूं ?

22 टिप्‍पणियां:

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

आप बिलकुल सहीं हैं ,ये मौसम विभाग वाले ज्योतिषीय मदत क्यों नहीं लेते .दोनों के ताल -मेल से मौसम संबन्धी भविष्यवानियाँ हो जाया करेंगी वह भी एक मंच से .

P.N. Subramanian ने कहा…

भोपाल में आज तो प्रचंड गर्मी है. परा ४४ के ऊपर. हम तो मना रहे हैं कि आपकी बात सच साबित हो.

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

हमें भी दिल्ली में इन्तजार है बारिश का :)

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey ने कहा…

बहुत सुन्दर जी। मेरी बिटिया भी बोकारो से कह रही है कि वर्षा हो रही है।

Neeraj Rohilla ने कहा…

duniya bhar mein "Swine Flu" ke failne ko lekar "Jyotish" ke maadhyam se kya kaha jaa sakta hai?

Arvind Mishra ने कहा…

मैंने कहा था आपकी १२ फरवरी वाली पोस्ट पर !
"1 से 4 मई 2009 -इन्तजार रहेगा सगीता जी ! देखते हैं ! अभी तो लम्बा अन्तराल है !"


अभी बनारस में वर्षा की प्रतीक्षा है ! पर आपकी यह भविष्यवाणी तो सच साबित हुयी है ! मगर यदि यह वैज्ञानिक ज्ञान है तो आपको इसकी पद्धति समझानी होगी -यह गुप्त ज्ञान फिर नहीं रह पायेगा !

SWAPN ने कहा…

sangeeta ji , vastav men yadi aisa hi hua hai to aapki bhavishyavani ke liye aapko sadhuvaad, ba
dhaai.

समयचक्र - महेन्द्र मिश्र ने कहा…

बहुत सुन्दर..

मानसी ने कहा…

गर्मी के दिनों में ऐसी बारिश को, जो कि अक्सर ही दोपहर के बाद तेज़ आँधी के साथ आती है को ’काल बैसाखी’ कहते हैं।

Anil Pusadkar ने कहा…

बधाई हो आपको। आपकी भविष्यवाणी सही हो गई मगर हमारे रायपुर पर बादल मेहरबान नही हुये।

AAKASH RAJ ने कहा…

विज्ञानं भी जब तक शत शाबित नही हो तब तक वह भी एक सुन्दर और आशा जनक अनुमान ही तो होते हैं.....
आप बिलकुल सही हैं ज्योतिषी भी एक साइंस कैलकुलेशन ही है ..

Syed Akbar ने कहा…

आपकी गणना सही साबित हुई. शाम को ही पश्चिम बंगाल में माता-पिता से बात हुई. वहां तो झमाझम बारिश हो रही है.

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi ने कहा…

इसके लिए आपको हार्दिक बधाई।

:)

Mahesh Sinha ने कहा…

ज्योतिष एक पुरातन विज्ञान है और इसका आध्यातम से गहरा रिश्ता है

लवली कुमारी / Lovely kumari ने कहा…

अरविन्द जी से सहमत.

mahashakti ने कहा…

बहुत गर्मी है, पानी बरसे तो कुछ बात बने। विज्ञान और अंधविश्‍वास में ज्‍यादा दूरी नही है।

Nirmla Kapila ने कहा…

आप इसे विगियान ही कहें सही भविश्य्वानी के लिये बधाई

Nirmla Kapila ने कहा…

आप इसे विगियान ही कहें सही भविश्य्वानी के लिये बधाई

सौरभ शर्मा ने कहा…

ज्योतिषी एक विज्ञान ही है, हमारे भारत में पुरातन समय से ही विज्ञान अपने चरमोत्कर्ष पे था . और यह हमारे धर्म ग्रथ में था.

परन्तु आज बहुत कम लोग है जो उस विज्ञान का सही उपयोग करना जानते हैं .. आपने विज्ञान को बहुत सही तरह से उपयोग किया है.. आगे भी आपसे मौसम के बारे जानकारी अपेक्षित है ..

जी.के. अवधिया ने कहा…

ज्योतिष विज्ञान का ही एक अंग है किन्तु गलत गणना से गलत परिणाम मिलने के कारण लोगों का विश्वास उस पर कम होते चला गया। हमारे देश के इस विज्ञान को फिर से उन्नत करने की आवश्यकता है।

रायपुर में भी वर्षा की प्रतीक्षा है।

shaquib khan ने कहा…

aaj toh delhi main bhi baarish ho rahi hai ...kal katihaar main bhi jhama jahm baarish hue hai

Abhishek Mishra ने कहा…

2 tarikh ko Gudgaon mein dhul bhari aandhi si sthiti thi aur raat mein Dilli mein kuch bunda-bandi bhi hui.