सोमवार, 27 जुलाई 2009

5-6 वर्ष की उम्र के बच्‍चों पर चंद्रमा की शक्ति का सर्वाधिक मनोवैज्ञानिक प्रभाव

पिछले आलेख में आपने चंद्रमा के मनुष्‍य पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव के बारे में पढा , अगले छह महीने तक आप सब उसपर नजर रखेंगे , तो स्‍पष्‍ट तौर पर उसके प्रभाव को महसूस कर सकेंगे। वैसे चंद्रमा का प्रभाव 12 वर्ष तक के बच्‍चों पर , खासकर दो से पांच छह वर्ष की उम्र तक के बच्‍चों पर सर्वाधिक पडता है ,क्‍यूंकि चंद्रमा मन का प्रतीक ग्रह है और छोटे बच्‍चों के जीवन में मन के सिवा और किसी बात का कोई महत्‍व नहीं है।

आप अपने घर में , अडोस पडोस में या रिश्‍तेदारी में इन तिथियों के आसपास जन्‍म लेनेवाले बच्‍चों पर गौर करे .....


1. 2004 में 8 जनवरी , 6 फरवरी , 7 मार्च , 5 अप्रैल , 5 मई , 3 जून , 2 जुलाई , 31 जुलाई , 30 अगस्‍त , 28 सितम्‍बर , 28 अक्‍तूबर , 27 नवम्‍बर , 26 दिसम्‍बर।
2. 2005 में 25 जनवरी , 24 फरवरी , 26 मार्च , 24 अप्रैल , 24 मई , 22 जून , 21 जुलाई , 20 अगस्‍त , 18 सितम्‍बर , 17 अक्‍तूबर , 16 नवम्‍बर , 16 दिसम्‍बर।
3. 2006 में 14 जनवरी , 13 फरवरी , 14 मार्च , 13 अप्रैल , 13 मई , 11 जून , 11 जुलाई , 9 अगस्‍त , 7 सितम्‍बर , 7 अक्‍तूबर , 5 नवम्‍बर , 5 दिसम्‍बर ।
4. 2007 में 3 जनवरी , 2 फरवरी , 4 मार्च , 2 अप्रैल , 2 मई , 1 जून , 30 जून ,, 30 जुलाई , 28 अगस्‍त , 26 सितम्‍बर , 26 अक्‍तूबर , 24 नवम्‍बर , 24 दिसम्‍बर।

उपरोक्‍त तिथियां पूर्णिमा की हैं , इसलिए इसके आसपास जन्‍म लेनेवाले बच्‍चों को पालन पोषण के लिए बहुत ही स्‍वच्‍छंद वातावरण मिल रहा है , प्रचुर प्‍यार मिलने से और इनकी सभी मांग को पूरा कर दिए जाने से ये काफी हद तक जिद्दी स्‍वभाव के हो गए हैं। ये बहुत चंचल हैं , जिसके कारण इन्‍हें हमेशा चोट लगती है। इनके मन में कोई बात आ गयी तो उसे सुनाए बिना सामनेवाले को चैन लेने नहीं दे सकते। डांट मार की तो इन्‍हें कोई चिंता नहीं होती। मनोवैज्ञानिक रूप से बहुत ही मजबूत होते हैं और इस शक्ति का प्रयोग अपनी मांगे पूरी करने में करते हैं । ये बेवजह रोकर भी सामनेवालों को परेशान कर अपनी जिद पूरी कर लेते हैं।


अब आप अपने घर में , अडोस पडोस में या रिश्‍तेदारी में इन तिथियों के आसपास जन्‍म लेनेवाले बच्‍चों पर गौर करे .....


1. 2004 में 22 जनवरी , 20 फरवरी , 21 मार्च , 19 अप्रैल , 19 मई , 18 जून , 17 जुलाई , 16 अगस्‍त , 14 सितम्‍बर , 14 अक्‍तूबर , 13 नवम्‍बर , 12 दिसम्‍बर ।
2. 2005 में 10 जनवरी , 9 फरवरी , 10 मार्च , 8 अप्रैल , 8 मई , 7 जून , 6 जुलाई , 5 अगस्‍त , 4 सितम्‍बर , 3 अक्‍तूबर , 2 नवम्‍बर , 2 दिसम्‍बर।
3. 2006 में 1 जनवरी , 29 जनवरी , 28 फरवरी , 29 मार्च , 27 अप्रैल , 27 मई , 25 जून , 25 जुलाई , 24 अगस्‍त , 22 सितम्‍बर , 22 अक्‍तूबर , 21 नवम्‍बर , 20 दिसम्‍बर।
4. 2007 में 17जनवरी , 18 फरवरी , 17 मार्च , 18 अप्रैल , 16 मई , 15 जून , 14 जुलाई , 13 अगस्‍त , 11 सितम्‍बर , 11 अक्‍तूबर , 10 नवम्‍बर , 9 दिसम्‍बर।


उपरोक्‍त तिथियां अमावस्‍या की हैं , इस कारण इसके आसपास जन्‍म लेनेवाले बच्‍चे अपने स्‍वास्‍थ्‍य या अन्‍य किसी कमजोरी के कारण शांत शांत रहते हैं , इस कारण इन्‍हें अधिक चोट भी नहीं लगती है। दूसरों की गल्‍ती के कारण कभी कभी इन्‍हें डांट मार पड जाती है। इनके मन के आवेग में ठहराव होता है और अपनी इच्‍छा को भी मार लेते हैं। संकोच के कारण किसी के सामने अपनी बात नहीं रख पाते । कभी कभी ये रूठकर अपना विरोध प्रदर्शित करते हैं। मनोवैज्ञानिक रूप से कमजोर होने के कारण्‍ा डांट या मार के भय से गल्‍ती होने के साथ ही रोना शुरू कर देते है।

अब इन दोनो ही व्‍यवहार वाले बच्‍चों से अलग आप अपने घर में , अडोस पडोस में या रिश्‍तेदारी में इन तिथियों के आसपास जन्‍म लेनेवाले बच्‍चों पर गौर करे .....


1. 2004 में 15 जनवरी , 29 जनवरी , 13 फरवरी , 28 फरवरी , 14 मार्च , 29 मार्च , 12 अप्रैल , 28 अप्रैल , 11 मई , 27 मई , 10 जून , 26 जून , 9 जुलाई 25 जुलाई , 8 अगस्‍त , 23 अगस्‍त , 6 सितम्‍बर , 22 सितम्‍बर , 6 अक्‍तूबर , 21 अक्‍तूबर , 5 नवम्‍बर , 19 नवम्‍बर , 5 दिसम्‍बर , 19 दिसम्‍बर।
2. 2005 में 4 जनवरी , 17 जनवरी , 2 फरवरी , 16 फरवरी , 4 मार्च , 18 मार्च , 2 अप्रैल , 17 अप्रैल , 1 मई , 16 मई , 15 जून , 29 जून , 14 जुलाई , 28 जुलाई , 13 अगस्‍त , 27 अगस्‍त , 11 सितम्‍बर , 25 सितम्‍बर , 11 अक्‍तूबर , 25 अक्‍तूबर , 9 नवम्‍बर , 24 नवम्‍बर , 8 दिसम्‍बर , 24 दिसम्‍बर ।
3. 2006 में 7 जनवरी , 23 जनवरी , 5 फरवरी , 21 फरवरी , 7 मार्च , 23 मार्च , 6 अप्रैल , 21 अप्रैल , 5 मई , 20 मई , 4 जून , 19 जून , 4 जुलाई , 18 जुलाई , 2 अगस्‍त , 16 अगस्‍त , 1 सितम्‍बर , 14 सितम्‍बर , 30 सितम्‍बर , 14 अक्‍तूबर , 30 अक्‍तूबर , 13 नवम्‍बर , 28 नवम्‍बर , 12 दिसम्‍बर , 27 दिसम्‍बर।
4. 2007 में 11 जनवरी , 26 जनवरी , 10 फरवरी , 24 फरवरी , 12 मार्च , 26 मार्च , 10 अप्रैल , 24 अप्रैल , 10 मई , 24 मई , 8 जून , 22 जून , 8 जुलाई , 22 जुलाई , 6 अगस्‍त , 21 अगस्‍त , 4 सितम्‍बर , 19 सितम्‍बर , 3 अक्‍तूबर , 19 अक्‍तूबर , 2 नवम्‍बर , 18 नवम्‍बर , 17 दिसम्‍बर , 31 दिसम्‍बर।


उपरोक्‍त तिथियां अष्‍टमी की हैं , इसलिए इन तिथियों के आसपास जन्‍म लेनेवाले बच्‍चे मनोवैज्ञानिक रूप से काफी संतुलित होते हें। इनका ध्‍यान संकेन्‍द्रण हर जगह बना होता है। कुछ जानने सीखने के लिए भी ये अपने मन को बहुत देर तक एक जगह टिका पाते हैं। सामनेवालों के मूड को समझने की मनोवैज्ञानिक शक्ति भी इनके पास होती है। वातावरण के बदलते ही ये अपनी मन:स्थिति को बदल लेते हैं , इसलिए इन्‍हें जल्‍दी डांट मार नहीं पडती। इनकी बाल लीला सर्वाधिक मनोहारी होती है। कृष्‍ण जी और रामचंद्रजी ने क्रमश: अष्‍टमी और नवमी को जन्‍म लिया था , और यह भी एक कारण हो सकता है कि इनकी अद्भुत बाल लीला का वर्णन हमें पढने को मिलता है।

हमारे अध्‍ययन के अनुसार लगभग 80 प्रतिशत मामलों में बच्‍चों पर चंद्रमा का प्रभाव देखा गया है। 20 प्रतिशत अपवाद अन्‍य ग्रहों के कारण आता है , क्‍यूंकि अन्‍य ग्रह भी लोगों को प्रभावित करते हैं। पर आप अपने अनुभव से हमें अवश्‍य अवगत कराएं , इसे एक तरह का सर्वे ही समझें।

20 टिप्‍पणियां:

इष्ट देव सांकृत्यायन ने कहा…

क्या आपके गत्यात्मक ज्योतिष में कमज़ोर चन्द्र के प्रभाव को सही करने के लिए कुछ उपाय भी हैं? या यह नियति को सिर्फ़ नियत ही मानता है? अगर है तो आगे कभी उन उपायों का भी ज़िक्र करें.

ओम आर्य ने कहा…

bahut badhiya aalekh .....sahi thoda upaay bhi bataye......sundar

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

जानकारी देने के लिए आभार!

mehek ने कहा…

achha laga ye jankari padhke,aabhar

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

रोचक है.

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

aapke lekh ko padhate padhate main bhi bahut kuch sikh gaya hoon..

rochak jankari..badhayi..

Rakesh Singh - राकेश सिंह ने कहा…

सही जानकारी जुटी है आपने |

२००८ की भी सूचि भेजें तो अच्छा रहेगा |

Nirmla Kapila ने कहा…

संगीता जी बहुत ही महत्वपूरण आलेख किसी बच्चे की मानसिकता को समझने के लिये क्या अगर चन्द्रमा के साथ और कोई ग्रह भी हों तो गत्यात्म ज्योतिश के अनुसार उन का भी प्रभाव बलक पर देखा जायेगा? आभार्

संगीता पुरी ने कहा…

निर्मला कपिला जी , वैसे तो बच्‍चे पर छह वर्ष की उम्र तक चंद्रमा का ही प्रभाव पडता है .. चंद्रमा मजबूत हो तो अच्छा तथा चंद्रमा कमजोर हो तो बुरा .. चंद्रमा जिस जिस भाव का स्‍वामी होता है और जिस भाव में स्थित होता है ... उससे संबंधित अच्‍छा या बुरा प्रभाव बच्‍चे को झेलना पडता है .. उस चंद्रमा के साथ यदि कोई और ग्रह हो तो उस ग्रह से संबंधित भाव भी जातक के लिए अच्‍छे या बुरे हो जाते हैं।

AlbelaKhatri.com ने कहा…

atyant upyogi aur rochak jaankaari
aap har baar kuchh vishesh hi deti hain
aapki lekhni ko pranaam !
isee tarah lagataar hamaare gyaan ko badhaati rahen
___haardik shubh kaam naayen

Vivek Rastogi ने कहा…

बिल्कुल सटीक बैठती है आपकी बात मेरे बेटे का जन्म ४ नबंबर २००४ का है और जैसा आपने लिखा है बिल्कुल वैसा स्वाभाव है।

Murari Pareek ने कहा…

bahut khub asar dekhenge is post ka e mail le liya hai !! thanks!!

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

रोचक है यह जानना

अन्तर सोहिल ने कहा…

मेरे दोनों बच्चे अष्टमी को पैदा हुए हैं, लेकिन आपने जो लक्षण पूर्णिमा को पैदा होने वाले बच्चों के बताये है वही लक्षण उनमें ज्यादा दर्शित होते हैं।
उर्वशी 20-08-2003
लक्ष्य 26-01-2007

प्रणाम स्वीकार करें

पी.सी.गोदियाल ने कहा…

संगीता जी, जानकारी काफी ज्ञानवर्धक है frankly speaking, मैं पहले इन बातो को ख़ास तबज्जो नहीं देता था लेकिन कुछ साल पहले मुझे(मेष राशि) शनी महाराज ने अपनी छत्र-छाया में ले लिया था और किसी पंडत ने कहा था कि उतरते वक्त शनी महाराज मुझे शारीरिक नुक्सान पहुंचाएंगे ! और आज से करीब पाच साल पहले अपनी खुली छतरी समेटते वक्त शनी महाराज मेरे सर पर सोलह टाँके लगा गए, बस तभी से इन बातो पर भी गौर करता हूँ ( १००% नहीं, थोडा बहुत )

संगीता पुरी ने कहा…

अंतर सोहिल जी ,
जैसा कि मैने लिखा है .. 20 प्रतिशत जगहों पर अन्‍य ग्रहों के कारण अपवाद आता है .. खासकर वे ग्रह यदि चंद्रमा की राशि यानि कर्क राशि में हो तो .. लडकी की जन्‍मतिथि अगस्‍त के महीने की है .. इस महीने में कई ग्रह कर्क राशि में होते हें .. इसलिए यह गडबडी आती है .. पर इसके बावजूद किसी खास जगह पर उसके ध्‍यान संकेन्‍द्रण से इंकार नहीं किया जा सकता .. गंभीरता तो अवश्‍य होगी .. बेटे की उम्र अभी ढाई वर्ष ही हुई है .. अब ऐसी प्रवृत्ति शुरू हो जानी चाहिए .. चेक कर लें कि उसकी जन्‍मपत्री में कर्क राशि में कोई ग्रह तो नहीं ? .. वैसे थोडी गंभीरता से ध्‍यान दें .. मुझे लगता है कि आप बच्‍चों को सही पहचान नहीं सके हों .. सिर्फ आप पति पत्‍नी के सामने जिद करने से वैसा स्‍वभाव नहीं माना जा सकता ।

प्रवीण शुक्ल (प्रार्थी) ने कहा…

namaskaar sangeeta ji bhut hi rochakl aur gyan bardhak jaankaari hai mai iske parixan me lag gaya hun jaha tak abhi 7 logo ka parixan kar chuka hun yek dam satik hai

aap ka aabhaar
mera prnaam swikar kare
saadar
praveen pathik
9971969084

ghanshyam_astrologer ने कहा…

sangeeta jii
namaskar
vastav mai aapaka lekh khojparak gyanparak aur maulik hai.
is athak prayaspurn karya hetu aaplo ko sadhuvad
GSR

योगेन्द्र मौदगिल ने कहा…

बेहतरीन प्रस्तुति के लिये आभार साधुवाद..

कंचन सिंह चौहान ने कहा…

मै तो पूर्णिमा के दूसरे दिन की हूँ..यानि जिद्दी रही होऊँगी..! वैसे राज की बात ये कि थोड़ी जिद्दी तो अभी भी हूँ..!