रविवार, 12 जुलाई 2009

मेरे ब्‍लाग में कुछ पाठकों को देवनागरी शब्‍द क्‍यूं नहीं दिखाई देते हैं ??????

इस ब्‍लागिंग के कारण भी रोज एक न एक समस्‍या से उलझना ही पडता है । जितने दिनों तक वर्डप्रेस पर बने अपने ब्‍लाग पर पोस्‍ट करती रही , कोई बडी समस्‍या तो नहीं आयी , पर जैसे ही मैने ब्‍लागस्‍पाट पर अपना ब्‍लाग बनाया , उसे न पढ पाने की शिकायत लेकर पाठकों के मेल आने लगे । कुछ पाठको की ज्‍योतिष की रू‍चि के कारण उनके द्वारा मेरे आलेखों को रोमन में पढने की बाध्‍यता को देखते हुए मैने कई बार अपने टेम्‍प्‍लेट भी बदलें , उसके कुछ पाठकों की ओर से सकारात्‍मक जवाब आने से मैं निश्चिंत भी हो गयी ।


पर कल मैने जब वर्डप्रेस पर एक पोस्‍ट किया तो संदीप जी और राजकुमार ग्‍वालानी जी की टिप्‍पणी मिली कि मेरे ब्‍लाग को वे अब पढ पा रहे हें , अभी तक नहीं पढ पाते थे। इसका अर्थ यह है कि मेरे ब्‍लागस्‍पाट वाले ब्‍लाग में अभी तक देवनागरी न दिखने की समस्‍या बनी हुई है । इस समस्‍या का कारण क्‍या है और इसके निदान के लिए मैं क्‍या करूं , यह समझ में नहीं आ रहा है । जिन ब्‍लागर भाइयों को इस बारे में जानकारी हो , बताने की कृपा करें। नहीं तो डेढ वर्षों बाद पुन: वर्डप्रेस पर ही लिखना आरंभ करना होगा।

15 टिप्‍पणियां:

दीपक भारतदीप ने कहा…

हमें तो आपके ब्लॉग पर कभी यह समस्या नहीं दिखाई दी. जिनको आ रही है उनसे कहें कि वह आपका ब्लॉग खुलने पर अगर न पढ़े पायें तो उसे सिलेक्ट कर अपने कंप्यूटर पर ऊपर दिख रहे vews में जाकर encoding में UTF-8 क्लिक करें. हो सकता है तब शायद देवनागरी में दिखाई दें. बाकी अधिक हमें भी पता नहीं है पर जब कोई हिंदी का ब्लॉग अगर नहीं पढने में आता तो हम यही करते हैं
दीपक भारतदीप

Einstein ने कहा…

मै तो ब्लॉग भली-भांति देवनागरी लिपि में ही पढ़ रहा हूँ |

बी एस पाबला ने कहा…

मुझे भी कभी समस्या नहीं दिखी।
वैसे, दीपक जी जो कुछ करते हैं वही तात्कालिक समाधान है।

राज भाटिय़ा ने कहा…

हमे भी कोई समस्या नही हो रही .
धन्यवाद

mehek ने कहा…

hame bhi padhne mein koi dikkat nahi huyi,achhe se padh paa rehe hai.

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

ऐसा तो नहीं है.

विवेक सिंह ने कहा…

कभी ऐसी समस्या हमारे साथ भी नहीं आयी !

लवली कुमारी / Lovely kumari ने कहा…

हमें तो आपके ब्लॉग पर कभी समस्या नहीं दिखाई दी.

Udan Tashtari ने कहा…

हमे कौनो तकलीफ नहीं है...मगर एक को भी है तो क्यूँ...निवारण करना जरुरी है जी!

अजय कुमार झा ने कहा…

मुझे भी कभी ऐसी दिक्कत नहीं आयी आपका ब्लॉग पढ़ते हुए...

bhawna ने कहा…

mujhe aisi dikkat aayi thi par ab theek hai ......aapko follow karne se faayda hua :)

आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal) ने कहा…

समस्या का तात्कालिक हल तो दीपक भारतदीप जी बता ही चुके हैं.. वैसे यह समस्या कुछ पाठकों के पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम की वजह से भी आ सकती है।

vinay ने कहा…

mujhey to aaj tak koi samasya nhai hui.

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

दीपक जी के साथ ही साथ यह भी कर लें.control panel ->regional and language option->languages->check install files for east asian languages and complex scripts.
ए़क्सपी की सीडी डाल दें. समस्या खत्म हो जायेगी.

उन्मुक्त ने कहा…

जिनको यह मुश्किल आयी लगता है कि उनके कंप्यूटर में यूनिकोड हिन्दी फॉन्ट नहीं है। उसे डाल लें तो इसे दूर हो जाना चाहिये।