सोमवार, 10 अगस्त 2009

क्‍या 15 अगस्‍त के बाद पर्याप्‍त बारिश की संभावना है ??????

भले ही आप सभी पाठको में से कुछ ज्‍योतिष को बकवास मानते हों और कुछ इसे दैवी विद्या , पर यह दोनों के मध्‍य स्थित है यानि यह न तो बकवास है और न ही इसके लिए किसी तपस्‍या की जरूरत है। यदि ध्‍यान से देखें , तो खगोल शास्‍त्र के जानकार भी ग्रहों की खास स्थिति का मानवजीवन पर खास प्रभाव को महसूस कर सकते हें । संभवत: इसी को देखने के बाद हमारे पूज्‍य ऋषि , महर्षियों ने फलित ज्‍योतिष के कुछ सूत्र प्रतिपादित किए होंगे , जिसके कारण फलित ज्‍योतिष के जानकारों को ग्रहों का मानव जीवन पर या अन्‍य मामलों पर प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक स्‍पष्‍ट अवश्‍य हो जाता है। पर समय के साथ अन्‍य शास्‍त्रों की तुलना में इस क्षेत्र में हुए कम विकास ने हमेशा से इसे विवादास्‍पद बना रखा है। इसके द्वारा सटीक गणना न किए जा पाने से इसपर विश्‍वास करनेवालों को अंधविश्‍वासी माना जाता रहा है। बावजूद इसके मैं काफी मेहनत कर समय समय पर ज्‍योतिष पर आधारित सटीक भविष्‍यवाणियां देकर ज्‍योतिष को पुन: प्रतिष्‍ठा दिलाने हेतु प्रयासरत हूं।

वैसे तो व्‍यक्तिगत भविष्‍यवाणियों के मामले में ‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष’ बहुत हद तक सक्षम है , पर चूंकि व्‍यक्तिगत भविष्‍यवाणियों के द्वारा एक एक व्‍यक्ति की सटीक भविष्‍यवाणी करते हुए एक बडे वर्ग तक ज्‍योतिष के महत्‍व को पहुंचा पाना काफी कठिन है , इसलिए मैं अक्‍सर मौसम से संबंधित भविष्‍यवाणियां किया करती हूं , जिसमें हमारे द्वारा व्‍यक्तिगत भविष्‍यवाणियों के बाद सर्वाधिक रिसर्च किया गया है। गर्मियों के दिन होने के बावजूद 1 से 4 मई के मध्‍य बारिश होने के बारे में मैने दो महीने पहले भविष्‍यवाणी कर दी थी। चिलचिलाती धूप से राहत देनेवाले इस बारिश को कम से कम भारतीय पाठक तो नहीं भूले होंगे , खासकर उत्‍तर भारतीय पाठक । पर अमेरिका में रहनेवाले नीरज रोहिल्‍ला जी पूरे भारत में अचानक हुए मौसम परिवर्तन से अनभिज्ञ रहने के कारण मेरी भविष्‍यवाणी के सच मानने को थोथी दलील समझ बैठे । उन्‍होने मुझे संबोधित करते हुए एक पोस्‍टलिखा , जिसमें मुझे अपनी भविष्‍यवाणी को जांचने के लिए सांख्यिकीय आंकडों की सहारा लेने की गुजारिश की। शायद नीरज रोहिल्‍ला जी को नहीं मालूम कि भारत में किसी विभाग के आंकडों को उपलब्‍ध कराना कितना कठिन है। बडे बडे उंट तो यहां बह जाते हैं , तो हम जैसे लोग पानी को नापने की उम्‍मीद लगाएं तो यह बहुत कठिन है। गूगल न्‍यूज में उपलब्‍ध समाचार ही मेरे लिए आंकडे होते हैं और इसी के भरोसे मैं अपनी भविष्‍यवाणियों पर विश्‍वास किया करती हूं। फिर भी नीरज रोहिल्‍ला जी से ही मैं गुजारिश अवश्‍य करूंगी कि वे यहां के मौसम विभाग से मेरा संपर्क कराएं ।

इसके बाद 7 मई 2009 को पोस्‍ट करनेवाले अपनेइस आलेखमें मैने लिखा था ....


अभी मई के पहले सप्‍ताह में ही यह दावे से कहा जा सकता है कि 14-15जून को इस बार मानसून का आरंभ बडे ही जोरदार तरीके से होगा , यानि भयंकर गर्जन और चमक के साथ आंधी , पानी , तूफान सब एक साथ आएंगे। इसका असर दो चार दिन पहले से भी देखा जा सकता है।

मानसून के नहीं आने से पुन: अनोनिमस जी ने भी हमपर भविष्‍यवाणी गलत होने का आरोप लगाया , जिसका सटीक जवाब पुन: मैनेअपनी इस पोस्‍टमें दिया। आज इंटरनेट की उपलब्‍धता से बहुत सुविधा हुई है। कहीं से भी डाटा की उपलब्‍धता न होने के बावजूद गूगल बाबा की मेहरबानी से मैं विरोधियों को जवाब देने में सफल हो जाती हूं।

पुन: 25 जून तक बारिश के न होने से हाहाकार मचे होने पर मैने मानसून की ज्‍योतिषीय गणना करते हुए आलेखलिखा कि 29 जून से 5 जुलाई तक के समय को मानसून का ट्रेलर माना जा सकता है। मैने लिखा .....

29 जून से ही सूर्य के सापेक्ष सभी ग्रहों की तालमेल वाली स्थिति से मौसम सुहावना हो जाना चाहिए । इसके पहले ही मानसून आ जाए तो और अच्‍छी बात है , पर 29 जून के बाद देश के अधिकांश हिस्‍सों में किसानों के लिए सुखदायक स्थिति बन जानी चाहिए। बारिश का क्रम बढता हुआ 3-4 जुलाई तक काफी जोरदार रूप ले लेगा । और यदि ऐसा हुआ तो फिर जुलाई के तीसरे सप्‍ताह तक लगभग निरंतर बारिश होती रहेगी। और यदि मेरी यह भविष्‍यवाणी गलत हुई , जिसकी संभावना भी कुछ हद तक है , तो इस वर्ष स्थिति के भयंकर होने से इंकार नहीं किया जा सकता। इसलिए सब मिलकर ईश्‍वर से प्रार्थना करें कि 29 जून से 4 जुलाई तक जोर शोर की बारिश हो।

पर मेरा शक जताना बिल्‍कुल सही निकला , ठीक 29 तारीख को बारिश शुरू हो जाने के बावजूद बारिश के कम होने से मैने पर्यावरण को सुधारने के लिए लोगों को चिंतनकरने को कहा। इस आलेख में मैने लिखा कि ....

फिर भी जुलाई के तीसरे सप्‍ताह तक थोडी बहुत बारिश हो भी जाए , पर उसके बाद स्थिति और विकराल दिखती है। बडी चिंता की बात तो यह है कि लगभग मध्‍य अगस्‍त तक मानसून अधिक सक्रिय नहीं रह पाएगा और यत्र तत्र छिटपुट बारिश ही होगी । 15 अगस्‍त के बाद ही वर्षाऋतु के अनुरूप पर्याप्‍त वर्षा होती दिखेगी और यह क्रम पूरे सितम्‍बर तक बना रहेगा। इसलिए जिन जिन प्रदेशों में संभव हो , 15 अगस्‍त के पहले फसलों को बचाने के वैकल्पिक उपाय किए जाने चाहिए ।

और सचमुच 25 – 26 जुलाई तक थोडी बहुत ही सही बारिश हुई , पर उसके बाद हाहाकार और बढता जा रहा है । आप इसे गूगल न्‍यूज पर स्‍पष्‍टत: देख सकते हैं। गुगल न्‍यूज में कुछ दिनों पूर्व पूर्वी क्षेत्रों में भारी बारिश और आज कल में उत्‍तरी भारत में भी भारी बारिश होने की संभावना तो लिखी मिल रही है पर यह हकीकत में बदलती नहीं दिखाई देती। पिछले दस दिनों से गूगल न्‍यूज में बारिश की कोई खास खबर नहीं है। अब यदि यहां तक मेरी भविष्‍यवाणियां सही हुई हैं , तो आगे की सत्‍यता में भी कोई गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए। इसलिए 5 जुलाई को लिखे मेरे आलेख के अनुसार ही 15 अगस्‍त के बाद ही वर्षाऋतु के अनुरूप पर्याप्‍त वर्षा होती दिखेगी और यह क्रम पूरे सितम्‍बर तक बना रहेगा। खासकर 17-18-19 अगस्‍त को मौसम का रूख बहुत जोरदार होगा और यह क्रम कुछ कम अधिक होते हुए लंबे समय तक चलेगा। इसलिए इस समय तक जिन लोगों ने फसलों को बचाने के कुछ वैकल्पिक उपाय कर लिए होंगे , उन्‍हें सुविधा हो जाएगी।

17 टिप्‍पणियां:

Nirmla Kapila ने कहा…

संगीता जी आपकी ये भविश्यवाणी भी सही होगी पिछली बार भी अपको मेल पर उसी दिन बधाई दी थी अब भी इन्तज़ार कीजियेगा मेरी मेल का शुभकामनायें

आमीन ने कहा…

आपकी भविष्यवाणी सच हो जाये,,
रब करे बारिश हो जाये..

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

aapke anubhav aur jytish par mujhe pura vishvash hai..

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

आप की भविष्यवाणी सच हो जाए, हम तो यही चाहते हैं। एक बात और कि आप अपने शास्त्र को सही मानती हैं तो बार बार यह कहने की जरूरत नहीं कि यह सच्चा है।

Abhishek Mishra ने कहा…

Barish ko lekar aapke aaklan hamesha satya niklein. Shubhkaamnayein.

पी.सी.गोदियाल ने कहा…

संगीता जी, क्षमा करे, ,मगर आपकी पोस्ट पढने के बाद मुझे लगता है कि इन्द्र देव भी लाल किले से मनमोहन सिंह जी के भाषण सुनने के उपरांत उनकी घोषणाओं पर पानी फेरने की ठाने बैठे है !

एकलव्य ने कहा…

आपकी भविष्यवाणी सच साबित हो शुभकामना

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

बस जी बारिश हो जाए हाँ तो यही दुआ करेंगे ...

AlbelaKhatri.com ने कहा…

shubhkaamnaayen !

P.N. Subramanian ने कहा…

सच में संगीता जी हम लोग आसमान में बादलों की लुका छुपी से त्रस्त हो गए हैं.. वैसे मौसम तो सुहाना है परन्तु बारिश होते होते रह जाती है. १५ अगस्त का बेसब्री से इंतज़ार रहेगा. आपको अग्रिम बधाई. हमें आप पर यकीन है.

अर्चना तिवारी ने कहा…

संगीता जी आपकी बात सत्य हो जाए बस हम तो यही दुआ करते हैं...आपकी १५ अगस्त वाली बारिश का बेसब्री से इन्तजार है...सचमुच बड़ी गरमी पड़ रही है...बादल छाते हैं पर पानी नहीं बरसता...

लवली कुमारी / Lovely kumari ने कहा…

आप की भविष्यवाणी सच हो.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

संगीता जी।
आप अपनी गणना में संलग्न रहें।

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

चलिये पन्द्रह अगस्त के बाद ही हो जाये.

अर्शिया अली ने कहा…

Barish to ho, aapko ek truk badhaaiyaan bhej denge.
{ Treasurer-T & S }

vinay ने कहा…

मेरी शुभकामानाये आप के साथ है.

Mrs. Asha Joglekar ने कहा…

अगस्त के बाद कुछ क्षेत्रों को छोड कर अच्छी बारिश हुई है । आप की भविष्यवाणी का शुक्रिया ।