गुरुवार, 27 अगस्त 2009

इस वर्ष दीपावली के त्‍यौहार में खासी दिक्‍कतें आएंगी !!

शीर्षक देखकर आप चौंक ही गए होंगे कि मैं चूने या पेंटिंग या पूजा के सामानों की मूल्‍य वृद्धि की खबर लेकर आ रही हूं या फिर रंग रोगन करनेवाले मजदूरों या मिट्टी के दीए और मूतियां बनानेवालों के द्वारा की जानेवाली गुपचुप हडताल की रिपोर्ट या फिर उनसे जुडी कोई अन्‍य भविष्‍यवाणी , जिनकी दीपावली पूर्व की साफ सफाई या दीपावली मनाने में अहम् भूमिका होती है। पर मैं तो समय की जानकार हूं , समय की कमी की ही बात करने जा रही हूं , जिसके कारण दीपावली के पूर्व की साफ सफाई और अन्‍य तैयारियों में इस वर्ष दिक्‍कत आ सकती है।

कल के आलेखमें आपने पढा कि इस वर्ष सारे त्‍यौहार जल्‍दी जल्‍दी ही आ रहे हैं और इसी कारण 17 अकतूबर को ही दीपावली आनेवाली है , जबकि हमेशा यह नवम्‍बर के महीने में आया करती है। समय के लिहाज से वैसे यदि पूजा और दीपावली के मध्‍य के अंतराल को देखा जाए तो यह 20 दिनों का होता ही है। यदि दीपावली पहले आ रही है तो पूजा भी पहले आ गयी , इस हिसाब से साफ सफाई के लिए समय की कमी तो नहीं होनी चाहिए।

दिक्‍कत की असली वजह है इस वर्ष की बारिश , जो कम अधिक होते हुए भी 10-12 अक्‍तूबर तक बनी रह सकती है , ऐसा इसलिए नहीं कि बारिश देर से आरंभ हुई है , इसलिए इसे देर तक बरसना चाहिए । बारिश इसलिए देर तक होती रहेगी , क्‍यूंकि 8-9 अक्‍तूबर को बार‍िश का एक बहुत बडा योग दिखाई दे रहा है और उस योग के समाप्‍त हुए बिना वर्षाऋतु समाप्‍त नहीं हो सकती। बारिश से संबंधित मेरी पुरानी भविष्‍यवाणियोंकी सत्‍यता को देखते हुए यह माना जा सकता है कि इस वर्ष दीपावली के मात्र एक सप्‍ताह पहले भी वर्षाऋतु समाप्‍त हो जाए तो यह हमारा सौभाग्‍य ही होगा।

सौभाग्‍यवाली स्थिति में भी हमें साफ सफाई और अन्‍य कार्यक्रमों के लिए मात्र एक सप्‍ताह मिलेंगे , इतनी जल्‍दी में रंग रोगन वाले मजदूरों की दिक्‍कत तो होनी ही है । यदि उनका सहारा न भी लिया जाए तो साफ सफाई के क्रम में कुछ धूप दिखाने योग्‍य सामानों को या धोए पोछे गए अन्‍य सामानों को आंगन या बालकनी में रखने में दिक्‍कत तो होगी ही। त्‍यौहार के दिनों में वर्षभर की कमाई कर पानेवाले कुम्‍हारों को भी मिट्टी के बरतन और दीए बनाने में इस वर्ष खासी परेशानी आएगी। महंगाई के समय में इसका बाजार पर और बुरा असर देखा जा सकता है। इसके अतिरिक्‍त लक्ष्‍मीजी-गणेशजी की मूर्ति बनानेवालों को भी काफी कम समय मिल पाएगा। मूर्तियों के मूल्‍यवृद्धि कर पाने की एक सीमा होती है , इसलिए हर वर्ष की दीपावली के अनुरूप वे कमाई नहीं कर पाएंगे। इसलिए तो कह रही हूं कि इस वर्ष दीपावली के त्‍यौहार में खासी दिक्‍कतें आएंगी।

8 टिप्‍पणियां:

Nirmla Kapila ने कहा…

वाह संगीता जी अच्छा हुया आपने पहले ही आगाह कर दिया हम इस हिसाब से अपने को पहले ही तैयार तो कर सकते हैं बहुत बहुत धन्यवाद्

vinay ने कहा…

सगीता जी आप की भविश्यवानी,अधिकतर सत्य ही,निकलती है,परन्तु मै आप की तरह यही चाहता हू,इस बार आप की भबिश्य्वानी उस २% मै हो जिसकी गलत होने की सम्भावना होती है,येहि तो समय होता है,उन मजदूरो की कमाई का,और हम लोग उनके परिश्र्म का लाभ उटाये,सब पर लक्श्मी माता की क्रिपा हो.

एकलव्य ने कहा…

समय रहते अपने आगाह कर दिया चलिए घर की उताइ पुताई रुकवा देते है .

M VERMA ने कहा…

सफाई तो फिर भी हो जायेगी पर आपके अनुसार बारिश 10-12 अक्टूबर तक सम्भावित है. अच्छा लगा जानकर

Abhishek Mishra ने कहा…

आपने तो पहले ही आगाह कर दिया. धन्यवाद्.

cmpershad ने कहा…

वर्षा होगी तो पटाखे भी फ़ुस्स हो जायेंगे। बच्चे कच्चे पटाखे ही जला पायेंगे:)

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

अच्छी लगी यह जानकारी शुक्रिया

pallavi trivedi ने कहा…

इस साल इतना सूखा पड़ा है की दीवाली मने न मने बारिश ही अच्छी हो जाए! हम तो अच्छी बारिश की ही प्रार्थना करते हैं!