रविवार, 6 सितंबर 2009

ग्रहों का ऐसा प्रभाव भी ??

गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष के अनुसार बृहस्‍पति 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को प्रभावित करता है , आज विकिपिडीया खंगालते हुए स्‍व राजशेखर रेड्डी की जन्‍मतिथि मिली , 8जुलाई 1949 को उन्‍होने जन्‍म लिया था । बृहस्‍पति सूर्य से 197 डिग्री पर स्थित था , पूरी कुंडली तो मेरे पास मौजूद नहीं , पर ठीक 60 वर्ष की उम्र पूरा होते ही उनके साथ जो हादसा हुआ , वह बृहस्‍पति के प्रभाव की पुष्टि तो कर ही देता है , ईश्‍वर बचाए ऐसे ग्रहों के प्रभाव से !! आज इन्‍वर्टर में बैटरी कम है , इसलिए माइक्रोपोस्‍ट ही डाल सकी , लाइटआने के कोई आसार नहीं  !!

11 टिप्‍पणियां:

Mrs.Bhawna K Pandey ने कहा…

vishay rochak tha , shayad fir vistaar se padhne ko mil jaye :)

cmpershad ने कहा…

काश कि इसकी जानकारी पहले से होती...कोई उपाय निकल आता!!!

Mithilesh dubey ने कहा…

अच्छी व रोचक जानकारी। आभार

राज भाटिय़ा ने कहा…

संगीता जी बहुत अच्छी जानकारी, अरे मोमबती जला कर पोस्ट तो पुरी कर ले, लाईट आ चाहे ना आये

Udan Tashtari ने कहा…

जो हुआ दुखद था.

हम अभी कुछ साल बचे रहेंगे बृहस्पति के प्रभाव से. :)

Murari Pareek ने कहा…

हम्म क्या है आखिर ! विज्ञान अपनी जिद पे अडा है और ज्योतिष अपनी ? या तो विज्ञान ने इतनी उन्नति नहीं की की वो इन गूढ़ रहस्यों को समझ पाए ! सिर्फ भौतिक चीजों में ही उलझ कर रहा गया, या फिर ईश्वरीय सता अपने काम में दखलंदाजी देने की किसी को इजाजत नहीं देती और बुद्धि भ्रमित कर इंसानों को विज्ञान में उलझा दिया | पर समय समय पर चेतावनी के रूप में चमत्कार दिखाते रहते हैं |

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

एक आैर बुरी ख़बर.

डॉ.राधिका उमडे़कर बुधकर ने कहा…

ईश्वर ही बचाए ग्रहों के ऐसे प्रभाव से . आदरणीय राजशेखर जी का निधन वास्तव में दुखद हैं .

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

उम्दा जानकारी, हमेशा की तरह.

काव्या शुक्ला ने कहा…

आपकी पोस्ट से अधिक राज भाटिया जी का कमेंट भा गया। इसलिए क्षमा करें मैं उनको बधाई दे रही हूं।
वैज्ञानिक दृ‍ष्टिकोण अपनाएं, राष्ट्र को उन्नति पथ पर ले जाएं।

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

शायद यह कुछ चीजे हमारे बस में नहीं है ..दुखद है यह ..