सोमवार, 12 अक्तूबर 2009

11-12 अक्‍तूबर के मंगल चंद्र युति का युवा वर्ग पर प्रभाव ??

मंगल से संबंधित कल के आलेखको पढने के बाद पाठकों के मन में कई प्रकार की जिज्ञासा बनी , जिसका समाधान अगली कडियों में की जाएगी। मंगल किन स्थितियों में कमजोर और किन स्थितियों में मजबूत होता है , इसकी ‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष’ बिल्‍कुल स्‍पष्‍टत: चर्चा करता है। अगली कडियों में न सिर्फ जन्‍मकुंडलियों में ही इसके कमजोर और मजबूत होने की चर्चा की जाएगी , वरन् बहुत सारे ऐसी जन्‍म तिथियों का भी उल्‍लेख किया जाएगा , जहां मंगल कमजोर थे और जातक ने 24 वर्ष से 30 वर्ष की उम्र तक बढते क्रम में किसी संदर्भ में परेशानी पायी।


लेकिन आज का आलेख आज के ही मुख्‍य बात पर है , वह यह कि अभी यानि 12 अक्‍तूबर 2009 को 5:30 सुबह खास शक्ति वाले मंगल की अष्‍टमी के आसपास की शक्ति वाले चंद्र के साथ युति बन रही है। मंगल और चंद्र की इस स्थिति का उदय कल ही भारत के विभिन्‍न भागों में 11 बजे रात्रि के बाद हो चुका है और आज भोर में जबतक सूर्य का प्रकाश आसमान में फैल कर इन्‍हें धुंधला न कर दे , इसे मध्‍य आकाश में बिल्‍कुल साथ साथ देखा जा सकता है। ‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष’ की दृष्टि से ऐसा योग मंगल को महत्‍वपूर्ण बनाता है , जिसके कारण इन दो दिनों में लोग , खासकर युवा वर्ग विशेष प्रकार की उपलब्धियों और कार्यक्रमों से संयुक्‍त होते हैं।

‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष’ के अनुसार आनेवाले नौ महीने यानि जून जुलाई 2010 तक मंगल ग्रह की स्‍थैतिक शक्ति प्रचुर मात्रा में होगी और यह स्थिति सुखद होगी। चूंकि कल के आलेख में ही समझाया गया कि ‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष’ ने मंगल को युवा वर्ग का प्रतिनिधित्‍व करते पाया है , और अधिकांश लोगों के मंगल मजबूत ही होते हैं । इस कारण इस समय अधिकांश युवा वर्ग अपनी महत्‍वाकांक्षा या सुख की पूर्ति के लिए विशेष तरह के कार्यक्रम में संयुक्‍त रह सकते हैं। 11-12 अक्‍तूबर को शुरू होनेवाली कोई खुशखबरी इस महीने के अंत तक निर्णायक मोड पर पहुंच सकती है यानि कल आज में भनक लगनेवाली भी किसी बात का महीने के अंत अंत तक कार्यक्रम पक्‍का हो जाएगा।

वैसे जिनका जन्‍मकालीन मंगल कमजोर हो , उनके लिए यह मंगल चंद्र की यह ग्रह स्थिति उन्‍हें दुखद या तनावपूर्ण कार्यक्रमों से संयुक्‍त करेगा , वैसे ही कुछ लोगों में से निम्‍न लोग भी हैं , जिन्‍होने इस समयांतराल में जन्‍म लिया है ....

2 फरवरी से 23 मार्च 1980,
9 मार्च से 28 अप्रैल 1982,
22 अप्रैल से 6 जून 1984।

उपरोक्‍त सभी लोग कुछ दिनों से किसी न किसी प्रकार की दिक्‍कतों से ही जूझ रहे हैं , ये इस माह में यदि कोई कार्यक्रम प्राप्‍त भी करते हें , तो वे उनके तनाव और परेशानी को बढाने वाला ही होगा। इसलिए ऐसे लोगों को पुराने वातावरण में ही रहने की सलाह दी जाती है , जबतक कि कोई ठोस जगह न दिखाई पडे। इसके अलावे विभिन्‍न उम्रवाले बहुत सारे लोग भी मंगल की इस खास स्थिति के दुष्‍प्रभाव का कष्‍ट झेलेंगे !





11 टिप्‍पणियां:

हेमन्त कुमार ने कहा…

आकर्षक पोस्ट ।
जानकारियां देती रहें
आभार ।

बी एस पाबला ने कहा…

एक बार और पढ़ कर समझने की कोशिश करूँगा।
आभार जानकारी साझा करने हेतु।

बी एस पाबला

महफूज़ अली ने कहा…

achcha laga padh kar..............

aise hi jaankari dete rahiye.......

Mithilesh dubey ने कहा…

बहुत ही उम्दा पोस्ट लगी। बहुत-बहुत आभार आपका इस जानकारि कर लिए।

S B Tamare ने कहा…

संगीता जी

प्रवीन जाखड जी ने समस्त भारत वर्ष के ज्योतिषियों के आगे सात यक्ष प्रश्न रखे थे जिनका जवाब मैंने अपने ब्लॉग shashibhushantamare-jyotishbole.blogspot.com और shashibhushantamare-kpsystem.blogspot.com पर पोस्ट कर दिए है /

उम्मीद करता हूँ की श्री जाखड संतुस्ट होंगे / तथा आप भी मेरे जवाबो पर पैनी नजर डाले इस लिए मेरे दोनों ब्लॉग पर सादर आमंत्रित है /थैंक्स.

shashibhushantamare

Mishra Pankaj ने कहा…

आकर्षक पोस्ट ।
जानकारियां देती रहें

राज भाटिय़ा ने कहा…

अति सुंदर जी, दोबारा पढनी पढेगी.
धन्यवाद

Mrs. Asha Joglekar ने कहा…

बढिया जानकारी ।

विपिन बिहारी गोयल ने कहा…

बहुत महत्वपूर्ण जानकारी है धन्यवाद

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

शुक्रिया इस जानकारी के लिए संगीता जी

अल्पना वर्मा ने कहा…

jaankari ke liye abhaar.