सोमवार, 5 अक्तूबर 2009

ठीक 21-22-23-24 अगस्‍त से आप किसी खास बात को लेकर खुश या परेशान हैं ??

इसी वर्ष 21 अगस्‍त को मैने एक आलेखपोस्‍ट किया था , जिसमें लिखा था कि


“इसी वर्ष इसी महीने की 22 , 23 और 24 तारीख को आसमान में ग्रहों की एक खास खगोलीय स्थिति बनेगी , जिस नजारे को देखा तो नहीं जा सकता, पर व्‍यक्तिगत , सामाजिक और राष्‍ट्रीय तौर पर इसका ज्‍योतिषीय प्रभाव अवश्‍य महसूस किया जा सकता है।“



“यहां से यानि 22-23-24 अगस्‍त इस कार्यक्रम, सुख या कष्‍ट की जो शुरूआत होगी , वो कमाधिक होते हुए 7 अक्‍तूबर 2009 के बाद ही निश्चिंति दे सकेगी। इस मध्‍य 7 सितम्‍बर से 30 सितम्‍बर तक , खासकर 20 सितम्‍बर के आसपास का समय थोडी अधिक अनिश्चितता का हो सकता है।“



“किसी भी वर्ष अप्रैल में जन्‍मलेनेवालों पर इस ग्रह स्थिति का अच्‍छा ही प्रभाव देखा जा सकता है , पर 1945 , 1951 , 1958 , 1964 , 1971 , 1978 , 1984 , 1991 , 1997 के वर्ष में जिनलोगों ने अप्रैल में जन्‍म लिया हो , उनके लिए यह ग्रहयोग खासा अच्‍छा रहेगा। यहां तक कि इन वर्षों के आसपास के वर्षों यानि 1944 , 1946 , 1950 , 1952 , 1957 , 1959 , 1963 , 1965 , 1970 , 1972 , 1977 , 1979 , 1983 , 1985 , 1990 , 1992 , 1996 , 1998 में भी अप्रैल में जन्‍म लेने वालों पर कुछ अच्‍छा प्रभाव पड सकता है। यही नहीं , 1945 , 1951 , 1958 , 1964 , 1971 , 1978 , 1984 , 1991 , 1997 में अप्रैल के आसपास यानि मार्च और मई में जन्‍म लेनेवाले भी इसके अच्‍छे प्रभाव में आ सकते हैं। इसके अतिरिक्‍त मेष राशिवालों पर भी इस खास ग्रह स्थिति का अच्‍छा प्रभाव पड सकता है।”



“इसके विपरीत , किसी भी वर्ष फरवरी में जन्‍म लेनेवालों पर इसका कुछ बुरा प्रभाव देखा जा सकता है , पर 1942 , 1948 , 1955 , 1962 , 1968 , 1975 , 1981 , 1988 , 1994 के वर्ष में जिन लोगों ने फरवरी में जन्‍म लिया हो उनके लिए यह ग्रह योग खासा बुरा होगा । यहां तक कि इन वर्षों के आसपास के वर्षों यानि 1941 , 1943 , 1947 , 1949 , 1954 , 1956 , 1961 , 1963 , 1967 , 1969 , 1974 , 1976 , 1980 , 1982 , 1987 , 1989 , 1993 , 1995 में भी फरवरी में जन्‍म लेनेवालों पर कुछ बुरा प्रभाव पड सकता है । यही नहीं , 1942 , 1948 , 1955 , 1962 , 1968 , 1975 , 1981 , 1988 , 1994 में फरवरी के आस पास यानि जनवरी और मार्च में जन्‍म लेनेवाले भी इसके बुरे प्रभाव में आ सकते हैं। इसके अतिरिक्‍त , कुंभ राशिवालों पर भी इस खास ग्रह स्थिति का बुरा प्रभाव देखा जा सकता है।“



आज पुन: इसकी याद दिलाने का अर्थ यह है कि इस ग्रह का प्रभावी समय अब जानेवाला है। यदि इसके कारण आप कुछ अच्‍छा महसूस कर रहे हों , तो 1 से 6 अक्‍तूबर तक कोई निर्णय आपके पक्ष में हो सकता है। पर यदि इसके विपरीत आप कुछ बुरा झेल रहे हों , तो यह समस्‍या भी 6 अक्‍तूबर तक भले ही बढा हुआ दिखाई पडे , पर यह समाप्‍त ही होनेवाली है। इसके अतिरिक्‍त सामाजिक, राजनीतिक , प्रादेशिक , राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर की भी समस्‍याएं , जो 21 अगस्‍त से ही खास शुरू हुई हों , उनका खात्‍मा 1 से 6 अक्‍तूबर के मध्‍य हो जाना चाहिए। इसी ग्रहगति से मैने बारिशको भी जोडा था और अभी कई प्रदेशों में बरिश सचमुच कहर ढा रही है। 9 अक्‍तूबर के बाद बारिश स्‍वयं कम होनी शुरू होगी और लोगों को राहत मिल जाएगी।

9 टिप्‍पणियां:

Pankaj Mishra ने कहा…

नहीं ऐसा तो कुछ खाश नहीं हुआ है हमारे बीच

कुश ने कहा…

मुझे याद है आपने सात अक्टूबर के लिए मुझे चैट पर कहा था.. कुछ अच्छी खबरे मिल रही है.. कल ही सात अक्टूबर भी है.. ज्योतिष में बहुत अधिक विश्वास नहीं करने के बावजूद आपके कहे अनुसार होते देख अच्छा लग रहा है... फिर भी ज्योतिष एक शास्त्र है और मैं इसीलिए इसकी इज्जत करता हूँ

essbeev ने कहा…

हुआ तो है !
बिना किसी लडाई झगडेके, मेरी और मेरी दोस्त की अगस्त के बाद बात भी नही हो पाई ।
और सामनेसे ऐसे गुजरते हैं जैसे 'कभी कभी' के बच्चन और राखी...
क्या अब बन पाएगी बिगडी ?

mahashakti ने कहा…

यह तो पता नही यह तो भइया से पूछ कर बताना पड़ेगा कि वे खुश है या नही

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

कुछ अच्छा नहीं हुआ गड़बड़ ही रहा सब चलिए कल का दिन और ..शुक्रिया

vinay ने कहा…

हाँ,मुझे याद है,आपकी भविष्यवाणी,बहुत से प्रदेशों,बारिश कहर ढा रही है,विषेत:,कर्नाटक और आन्ध्र प्रदेश में,आशा करता हू,७ अकटूबर के बाद लोगों पर ऐसा कहर ना वरसे ।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आजमा कर देखते हैं।
याद दिलाने के लिए आभार!

Harry ने कहा…

इन दिनों में अपने ऑफिस में अच्छी भली चल रही जॉब में अनबन शुरू हुई और २५ सितंबर को जॉब चली गयी।

देखते हैं सात अक्तूबर को क्या होता है।

राज भाटिय़ा ने कहा…

ज्योतिष एक शास्त्र है ओर मै इस की इज्जत करता हुं, लेकिन हम मोला मस्त है दुख ओर सुख दोनो मे खुश, लेकिन जब मेरे कारण कोई अन्य संकट मे फ़ंसे तो मन बेचेन हो जाता है, जेसा की २१ अगस्त को हुया था.
धन्यवाद