शनिवार, 10 अक्तूबर 2009

आज आपलोग मंगल के बारे में जानकारी प्राप्‍त करें !!

मंगल ग्रह के बारे में हम सभी जानते हैं कि यह सौरमंडल में सूर्य से चौथा ग्रह है , इसकी लाल रंग की मिट्टी के कारण यह अपनी लाल चमक बिखेरता है। इसके साथ ही अपनी कुछ भौगोलिक विशेषताओं के कारण या मौसमी और घूर्णन चक्र के कारण यह पृथ्‍वी के सर्वाधिक साम्‍यता का ग्रह माना जाता है। विगत कुछ वर्षों से इसके अध्‍ययन के लिए वैज्ञानिकों की ओर से कोशिशे जारी हैं और नए नए तथ्‍य प्राप्‍त हो रहे हैं।


ज्‍योतिष के हिसाब से देखा जाए तो मंगल नवग्रहों में से एक है। शक्ति और साहस का प्रतीक इस ग्रह के लाल आभायुक्त होने की चर्चा ज्‍योतिष के ग्रंथो में भी है । ज्‍योतिष के अनुसार यह ग्रह सेनापति स्वभाव का माना जाता है। इसके अच्‍छे प्रभाव से जहां जातक हिम्‍मतवर व्‍यक्ति होता है , जो किसी कंपनी में लीडर या फिर अच्‍छा नेता बन सकता है, वहीं इसके बुरे प्रभाव से शरीर के जोड़ काम नहीं करते हैं। रक्त की कमी या अशुद्धि हो जाती है।

‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष’ इस ग्रह को युवावस्‍था से जोडता है , क्‍यूंकि मानव जीवन में जहां एक ओर शक्ति साहस की प्रचुरता भी इसी समय होती है , वहीं रक्‍त बनाने की क्षमता भी इसी समय सर्वाधिक देखी जाती है। मंगल का प्रभाव 18 वर्ष की उम्र के बाद शुरू होने लगता है , 24 वर्ष की उम्र के बाद बहुत बढ जाता है , 29वे-30वें वर्ष में यह प्रभाव अपनी पराकाष्‍ठा पर होता है , फिर थोडी राहत देते हुए किसी न किसी रूप में 36 वर्ष की उम्र तक बना ही होता है।

युवावस्‍था के मध्‍य में प्रभाव डालनेवाले इस ग्रह का कैरियर और वैवाहिक मामलों से सीधा संबंध होता है। यदि मंगल मजबूत हो , तो कैरियर, वैवाहिक तथा पारिवारिक जीवन अच्‍छे माने जाते हैं , जबकि मंगल कमजोर हो , तो कैरियर , वैवाहिक और पारिवारिक जीवन कमजोर माना जाता है। मंगल के प्रभाव से बचाने के लिए ही हमारे समाज में नवविवाहिताओं के सुखद दाम्‍पत्‍य जीवन को बनाए रखने के लिए लाल रंग के कपडे और सिंदूर , बिंदी आदि से युक्‍त रखा जाता रहा है।

यदि आपके जीवन में भी ठीक 18 वर्ष की उम्र के बाद अच्‍छी परिस्थितियों की शुरूआत हो गयी हो , 24 वर्ष की उम्र के बाद अच्‍छी परिस्थितियां उपलब्‍ध हो गयी हों और 30 वर्ष की उम्र तक आप नित्‍य नई सफलता से संयुक्‍त हो रहे हों , तो आपको ये बात मान लेनी चाहिए कि आपके जीवन में शुभ प्रभाव देता है , इसके विपरीत यदि आपके जीवन में भी ठीक 18 वर्ष की उम्र के बाद गडबड परिस्थितियों की शुरूआत हो गयी हो , 24 वर्ष की उम्र के बाद परिस्थितियां बहुत बिगड गयी हों और 30 वर्ष की उम्र तक आप नित्‍य नई समस्‍याओं से संयुक्‍त हो रहे हों , तो आपको ये बात मान लेनी चाहिए कि आपके जीवन में अशुभ प्रभाव देता है , अगली कडी में चर्चा की जाएगी कि मंगल कब शुभ और कब अशुभ प्रभाव देता है !!

19 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत आभार इस जानकारी का.

श्यामल सुमन ने कहा…

आपके आलेख से नयी जानकारी मिली मंगल ग्रह के ज्योतिषीय स्वरूप के बारे में।

सादर
श्यामल सुमन
www.manoramsuman.blogspot.com

Ratan Singh Shekhawat ने कहा…

बढ़िया जानकारी |

Nirmla Kapila ने कहा…

बहुत अच्छी जानकारी है आभार अगली कडी का इन्तज़ार रहेगा

विजयप्रकाश ने कहा…

उपयोगी लेख, कृपया अगली किश्त में मंगल दूसरे ग्रहों की सह-स्थिति में कैसा प्रभाव देते हैं इसकी भी जानकारी दें

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

रोचक लगी यह जानकारी शुक्रिया संगीता जी

प्रवीण शुक्ल (प्रार्थी) ने कहा…

mangal grh ke baare me bhut hi achhi jaankaari de aap ne

saadar
praveen pathik
9971969084

vinay ने कहा…

बहुत अच्छा लगा,मंगल का प्रभाव पड़ कर ।

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत अच्छी जानकारी है

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

बढिया जानकारी. संगीता दी, यदि मंगल अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो क्या करना चाहिये?

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

माफी चाहूँगा, आज आपकी रचना पर कोई कमेन्ट नहीं, सिर्फ एक निवेदन करने आया हूँ. आशा है, हालात को समझेंगे. ब्लागिंग को बचाने के लिए कृपया इस मुहिम में सहयोग दें.
क्या ब्लागिंग को बचाने के लिए कानून का सहारा लेना होगा?

आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal) ने कहा…

अच्छी जानकारी.. सबका मंगल हो

हैपी ब्लॉगिंग

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

संगीता पुरी जी!
यह जानकारी बहुत बढ़िया रही।
आभार!

कुलदीप कुमार मिश्र ने कहा…

नमश्कार!
आपका हर लेख बहुत ही अच्छे और जानकारी पूर्ण होते हैं. हम भी जानना चाहते हैं कि मंगल कब शुभ फ़ल और कब अशुभ फ़ल देता है. आप समयानुसार बताने का कष्ट कीजियेगा.
धन्यावाद.

योगेश स्वप्न ने कहा…

sangeeta ji, rochak aur upyogi jaankari ke liye aabhaar.

SP Dubey ने कहा…

ध्न्यवाद अच्छे लेख के लिए
क्रिपया बताए कैसे जाने मजबूत मन्गल और कमजोर मन्गल

Mrs. Asha Joglekar ने कहा…

बात तो आपकी ठीक लगती है ।

Abhimanyu Pandey ने कहा…

जी...आप के मंगल ग्रह के बारे मे ऐसे नये विचार व नई जानकारी के धन्यवाद... क्योकि आप ने हमे कुछ नई जानकारी दी..परन्तु मै आपके इस लेख से थोडा असन्तुस्ट हू...क्योन्कि मुझे कुछ मन्गल के बारे मे वैज्ञानिक द्रिस्टिकोण से जानकारी चहिये थी..जैसे मन्गल ग्रह के बारे मे वैज्ञानिको ने क्या नइ खोज की......

संगीता पुरी ने कहा…

वैज्ञानिकों द्वारा दी जाने वाली जानकारी आपको नासा या किसी विज्ञान के ब्‍लॉग में मिलेगी ,ज्‍योतिषीय ब्‍ला/ग में तो मंगल के मनुष्‍य पर पडने वाले प्रभाव की ही जानकारी मिल सकती है।