शनिवार, 7 नवंबर 2009

क्‍या कल के मैच में भारत की जीत की संभावना बनती है ??

कल आसमान में मंगल और चंद्र की एक बहुत ही मजबूत स्थिति बन रही है , जिसका कल रात्रि साढे नौ बजे के आसपास उदय होगा और रातभर मंगल और चंद्र को आप एक साथ आकाश में चमकता देख सकते हैं। इसके कारण आज और कल का दिन युवाओं के लिए खासकर 24 वर्ष की उम्र से 36 वर्ष की उम्र तक के युवकों युवतियों के लिए बहुत ही निर्णायक होगा , इसलिए वे आज कल में किसी महत्‍वपूर्ण घटना से संयुक्‍त हो सकते हैं। अधिकांश के लिए यह घटना सुखद हो सकती है , पर कुछ के लिए तो कष्‍टकर होगी ही। जहां सुखद प्रभाव महसूस करनेवाले युवक युवतियों को इसकी बधाई देना चाहूंगी , तो दुखद प्रभाव महसूस करनेवालों के लिए मेरे दिल में संवेदनाएं भी हैं। वे अपने धैर्य की परीक्षा देते रहें , आनेवाला कल उनका भी होगा।  इसके बारे में विस्‍तृत जानकारी कल दे पाउंगी , क्‍यूंकि कल होनेवाले क्रिकेट मैच के दौरान के उतार चढाव की चर्चा करना आज अधिक आवश्‍यक है।

भारत और आस्‍ट्रेलिया के मध्‍य होनेवाले क्रिकेट मैचों की इस श्रृंखला के पहले ही दिन से मैं मैच के दौरान आनेवाले उतार चढाव की चर्चा कर रही हूं। दो मैच और होने को है , उसमें से कल यानि 8 नवम्‍बर 2009 को नेहरू स्‍टेडियम , गुवाहाटी में होने वाले मैच के लिए शायद आज से ही सभी रोमांचित हो रहे हों। इस कारण इस मैच के बारे में किसी प्रकार की भविष्‍यवाणी करके भविष्‍य के लिए होनेवाले इस रोमांच को समाप्‍त करने का मुझे कोई हक नहीं दिखता। पर मुझे लगता है कि मेरे हल्‍के रूप में संकेत देने से शायद आपका रोमांच कम नहीं होगा।

जैसा‍ कि मैने अपने पहले मैच में ही लिखा था कि इस बार की ग्रह स्थिति ही भारतीय टीम के बिल्‍कुल मनोनुकूल नहीं , और हर दिन टॉस आस्‍ट्रेलिया ही जीत रहा है।आज भी हमेशा की तरह ही इस मैच की शुरूआत भारत के पक्ष में नहीं ही होगी , पर इस बार मैच की शुरूआत आस्‍ट्रेलियन टीम के पक्ष में भी नहीं दिखती। इस हिसाब से मैच के प्रारंभिक दो घंटे दोनो टीम के सम्‍मुख चिडचिडाहट की ही स्थिति रहेगी । इसका अर्थ यह माना जा सकता है कि जहां बल्‍लेबाजी करनेवाली टीम अधिक रन न बना पाने के कारण अपनी स्थिति के मजबूत नहीं होने का अहसास करेगी , वहीं शायद गेंदबाजी करनेवाली टीम भी विकेट न ले सकने से परेशान रहे। पर 11 बजे के आस पास से ही मैच की स्थिति में सुधार दिखेगा और मैच के समाप्‍त होने तक शायद भारत का ही पलडा मजबूत दिखे।

पर दूसरी पारी में बिल्‍कुल शुरूआत को छोड दिया जाए , तो थोडी ही देर में यानि दो सवा दो बजे के बाद से ही भारतीय टीम पर दबाब की शुरूआत होगी और पूरे मैच के दौरान किसी न किसी रूप में बनीं ही रहेगी। साढे तीन के बाद ही भारतीय टीम पर दबाब कुछ कम दिखाई दे रहा है , पर उसके बाद के इतने कम समय में वह कामयाब हो पाएगी , इसमें थोडा संदेह तो रह ही जाता है। खासकर ऐसी स्थिति में जब सवा चार बजे के बाद फिर मैच आस्‍ट्रेलिया के पक्ष में जाता दिख रहा हो। पर इस पौन घंटे के अंदर ही भारतीय टीम लक्ष्‍य को प्राप्‍त कर लें , तो संभावना बन सकती है , वैसे ईश्‍वर से ऐसी प्रार्थना तो हम सब मिलकर ही सकते हैं !!

12 टिप्‍पणियां:

कुश ने कहा…

अधिकांश के लिए यह घटना सुखद हो सकती है , पर कुछ के लिए तो कष्‍टकर होगी ही।..

arey aapne to dara diya.. ab kya kiya jaye ?:)

नीरज जाट जी ने कहा…

संगीता जी,
मेरे लिए तो आज का दिन और दिनों के मुकाबले बहुत ही ज्यादा शुभ रहा.

Dr. Smt. ajit gupta ने कहा…

संगीता जी
दुविधा में डाल देती हैं आप। ग्रह नक्षत्रों को इतनी तेजी से न घुमाइए। खेल में हार और जीत तो लगी ही रहती है बस हौसला बना रहे यही शुभकामना है।

Mishra Pankaj ने कहा…

माफ़ करियेगा सन्गीता जी अब भारत के खिलाडी के उपर कोइ भविश्यवाणी करना सही नही लगता ..

राज भाटिय़ा ने कहा…

अजी छोडोक्य ो इन निक्कमो के लिये अपना समय खराब करती है

Mithilesh dubey ने कहा…

देखते है क्या होता है। उम्मिद है कि मैच भारत के पक्ष में रहे.........

अल्पना वर्मा ने कहा…

dekhte hain kya hota hai...Bharat ki Jeet ke liye prayer karenge.

Ashish ने कहा…

माफ़ कीजियेगा पर ज्यादा अच्छा होता अगर आप एक क्रिकेट मैच के बजाय उस घटना को जो इतने सारे लोगों को प्रभावित कर सकती है; को ज्यादा आवश्यक मानतीं

संगीता पुरी ने कहा…

आशीष जी ,
मैं हर उन मुद्दों पर लिखने की कोशिश करती हूं .. जिनको लेकर आम जनता चिंति‍त रहती है .. स्‍वाइन फलू के बारे में .. चुनाव के बारे में .. मैच के बारे में .. जिसके बारे में भी मैं कुछ अनुमान कर पाती हूं .. कोई अन्‍य मुद्दा हो तो आप ही बताएं !!

Ashish ने कहा…

जी अगर चन्द्र और मंगल की युति के बारे में जो इतने सारे लोगों को प्रभावित कर रही है उसे ज्यादा विस्तार से बताया होता तो ज्यादा लाभदायक होता

Ashish ने कहा…

वैसे दिसम्बर मैं गुरु के कुम्भ राशि में प्रवेश के बारे में गत्यात्मक ज्योतिष क्या कहता है, आप अगर चाहें तो बता सकती हैं

pankaj vyas ने कहा…

jaroor paden
तो फिर कैसे होगी सही व सटिक भविष्यवाणी, हमें बदलनी होगी भूमिका
(नोट- यह आर्टिकल प्रवीण जाखडज़ी और संगीतापुरीजी तो बहाना है मुझे तो कुछ गुजरना है..., का ही भाग है, किन्हीं कारणों से हेडिंग को बदला है। इस आर्टिकल में जानबुझकर प्रवीण जाखड़ जी व संगीतापुरीजी के नाम का उल्लेख नहीं किया गया है। लेकिन इसे आप प्रवीण जाखडज़ी और संगीतापुरीजी तो बहाना है, मुझे तो कुछ कर गुजरना है... लेखमाला के तारतम्य में ही देखें। बाकी बातों की चर्चा लेखमाला की अगले व अंतिम भाग में करेंगे। फिलहाल तो आप इस आर्टिकल को पढ़ें। लेख बड़ा जरूर है, लेकिन निवेदन यही कि पढ़कर अपना मत जरूर बताएं। धन्यवाद -पंकज व्यास, रतलाम)