गुरुवार, 19 नवंबर 2009

टोर्च , घड़ी , कैलेंडर की तरह ही उपयोगी है गत्‍यात्‍मक ज्योतिष !!

दो दिन पूर्व मेरे पिताजी ने अपने ब्‍लाग में 'घड़ी की तरह ही समय की जानकारी मनुष्‍य के लिए बहुत उपयोगी है' पोस्‍ट किया है , जिससे ज्‍योतिष के ज्ञान के फायदे बताए गए हैं , आप उसे पढकर इसे समझ सकते हैं , पर  इस बारे में संक्षेप में मैं जानकारी दे रही हूं। अंधेरे में चलनेवाले लगभग सभी राहगीर अपने गंतब्य पर पहुंच ही जाते हैं। बिना घड़ी पहने परीक्षार्थी परीक्षा दे ही सकते हैं। बिना कैलेण्डर के लोग वर्ष पूरा कर ही लेते हैं। किन्तु टॉर्च , घड़ी और कैलेण्डर के साथ चलनेवाले लोगों को ही यह अहसास हो सकता है कि उनका रास्ता कितना आसान रहा।वे पूरी अवधि में चिंतामुक्त रहें। इसी प्रकार का सहयोग गत्यात्मक ज्योतिष आपको प्रदान कर सकता है।


अतिसामान्य व्यक्ति के लिए घड़ी , कैलेण्डर या ज्योतिष शौक का विषय हो सकता है , किन्तु जीवन के किसी क्षेत्र में उंचाई पर रहनेवाले व्यक्ति के लिए घड़ी और कैलेण्डर की तरह ही भविष्य की सही जानकारी की जरुरत अधिक से अधिक है। यह बात अलग है कि सही मायने में भविष्यद्रष्टा की कमी अभी भी बनीं हुई है। गत्यात्मक दशा पद्धति संपूर्ण जीवन के तस्वीर को घड़ी की तरह स्प्ष्ट बतलाने की कोशिश करती है।ग्रह उर्जा लेखाचित्र से यह स्पष्ट किया जा सकता है कि कब कौन सा काम किया जाना चाहिए। एक घड़ी की तरह ही फलित ज्योतिष की जानकारी भी समय की सही जानकारी प्राप्त करने का साधन मात्र नहीं , वरन् अप्रत्यक्षत: बहुत सारी सूचनाएं प्रदान करके समुचित कार्य करने की दिशा में बड़ी प्रेरणास्रोत है। लोगों को यह भ्रम हटाना चाहिए कि फलित ज्योतिष की आवश्यकता विपत्ति या मुसीबत में पड़े लोगों के लिए ही है।

जीवन के किसी क्षेत्र में उंचाई पर रहनेवाला हर व्यक्ति यह महसूस करता है कि महज संयोग के कारण ही वह इतनी उंचाई हासिल कर सका है , अन्यथा उससे भी अधिक परिश्रमी और विद्वान व्यक्ति संसार में भरे पड़े हैं , जिनकी पहचान भी नहीं बन सकी है। उस बड़ी चमत्कारी शक्ति के लिए फुरसत के समय में उनका प्रयास बना होता है। ऐसे लोगों को फलित ज्योतिष की जानकारी से कई समस्याओं को सुलझा पाने में मदद मिलती है, किन्तु इसके लिए अपने उत्तरदायित्व को समझते हुए समय निकालने की जरुरत है। अपने कीमती जीवनशैली में से समय निकालकर इस विद्या के अनुसार लिखे गए इस ब्‍लाग में प्रकाशित लेखों को पढ़कर ज्ञान प्राप्त करें .





6 टिप्‍पणियां:

पी.सी.गोदियाल ने कहा…

कोशिश करेंगे संगीता जी कि नियमित पढ़ सके !

राज भाटिय़ा ने कहा…

किन्तु टॉर्च , घड़ी और कैलेण्डर के साथ चलनेवाले लोगों को ही यह अहसास हो सकता है कि उनका रास्ता कितना आसान रहा।वे पूरी अवधि में चिंतामुक्त रहें।
संगीता जी अप के समझाने का ढंग बहुत अच्छा लगा, लेख तो अच्छा है ही.
धन्यवाद

गुर्रमकोंडा नीरजा ने कहा…

टार्च, घड़ी, कैलंडर और ज्योतिष
आपका समझाने का तरीका बहुत खूब है.
आपका प्रस्तुतीकरण भी रोचक है

aarya ने कहा…

संगीता जी
सादर वन्दे!
जीवन के किसी क्षेत्र में उंचाई पर रहनेवाला हर व्यक्ति यह महसूस करता है कि महज संयोग के कारण ही वह इतनी उंचाई हासिल कर सका है , अन्यथा उससे भी अधिक परिश्रमी और विद्वान व्यक्ति संसार में भरे पड़े हैं , जिनकी पहचान भी नहीं बन सकी है।
इन लाईनों में बहुत कुछ है जो मै समझ पाया !
रत्नेश त्रिपाठी

Nirmla Kapila ने कहा…

धन्यवाद सुनीता जी हम तो लगातार इसे पढते हैं शायद कभी ही छूटा हो \धन्यवाद अपको सब की चिन्ता है

ज्ञानदत्त G.D. Pandey ने कहा…

आजकल तो इन तीनों के बदले मोबाइल फोन ही काम आ रहा है!