गुरुवार, 3 दिसंबर 2009

युवाओं के लिए खुशखबरी लेकर आएगा 5-6-7 दिसम्‍बर 2009

आज बहुत ही माइक्रो, पर सटीक पोस्‍ट से अपना काम चलाएं ...

कुछ दिनों से मैने दो तीन महीने से आसमान में मंगल की खास स्थिति के कारण युवाओं पर इसके बहुत अधिक प्रभाव पडने की बात को बताते हुए आठ आलेखलिख डाले। जन्‍मकुंडली के हिसाब से नहीं , बल्कि आसमान की वास्‍तविक स्थिति के हिसाब से मंगल पृथ्‍वी से निरंतर नजदीक आ रहा है और युवाओं की महत्‍वाकांक्षाएं बढती जा रही हैं । उसके साथ उनका माहौल भी बदलता जा रहा है। आनेवाले 5 , 6 और 7 दिसम्‍बर को भी चंद्रमा और मंगल की युति होने से यह दिन 24 वर्ष से 36 वर्ष के युवाओं के लिए बहुत प्रभावी होगा और उन्‍हें इस दिन के किसी कार्यक्रम में बडी सफलता मिलने के आसार दिखते हैं। इस युति का उदय शाम 7 से 8 बजे के मध्‍य होगा और लगभग पूरी रात यह आसमान को सुशोभित करता रहेगा। आप इसे रातभर देख भी सकते हैं। हां , कुछ युवाओं के लिए यह थोडी बुरी खबर लेकर भी आ सकता है।





12 टिप्‍पणियां:

Mrs.Bhawna K Pandey ने कहा…

sangeeta ji shayad aap san 2009 ki tithiyon ke baare me kah rahi hai, aur bhool vash 2010 ho gaya hai , kripaya dekhein:)

संगीता पुरी ने कहा…

आपने सही कहा भावना जी .. दूसरे काम में व्‍यस्‍त थी मैं .. तभी लगातार दो फोन आए .. दोनो ने मुझसे रविवार को एक इंटरव्‍यू होने की बात कहते हुए मुझसे रिजल्‍ट जानना चाहा .. इसी सिलसिले में मैने पंचांग देखा .. तो जो भी महसूस हुआ लिख दिया .. पर हडबडी में गल्‍ती से 2009 को 2010 लिख दिया .. कृपया सुधारकर पढें !!

पी.सी.गोदियाल ने कहा…

खैर, टंकण की छोटी मोटी गलतियाँ तो होती रहती है मगर खबर मेरे जैसो के काम की नहीं लगती :)

Dr. Mahesh Sinha ने कहा…

३६ वर्ष से ऊपर के युवाओं के लिए क्या सूचना है :)

वन्दना ने कहा…

sach 36 se upar wale kahan gaye?

महफूज़ अली ने कहा…

मैं तो अभी ३६ से कम हूँ...... और खुश हूँ..... कि अच्छे दिन आने वाले हैं...... और आयेंगे भी.......



हां , कुछ युवाओं के लिए यह थोडी बुरी खबर लेकर भी आ सकता है।



पर इससे बहुत डर लग रहा है.......

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बढ़िया जानकारी दी है!
आपका आभार!

राज भाटिय़ा ने कहा…

चलिये युवाओ के लिये खुश खबरी है तो हमारे बच्चे इन युवाओ मै ही हुये, ओर जब बच्चे खुश तो बाप भी खुश.बहुत अच्छी जानकारी दी आप ने.
धन्यवाद

संगीता पुरी ने कहा…

डॉ महेश सिन्‍हा जी और वंदना जी ,
36 से ऊपरवालों के लिए जनवरी से जून 2009 तक का समय कार्यक्रमों का था .. किसी के लिए अच्‍छा तो किसी के लिए बुरा .. आपलोगों ने भी महसूस किया होगा !!

कंचन सिंह चौहान ने कहा…

pratiksha kar rahi hun in tithiyon ki....!

अर्शिया ने कहा…

कुछ के लिए हंसी, कुछ के लिए बुरी।
इस तरह तो सभी तिथियाँ होती हैं।
मैंने गलत कहा क्या?
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सांसद/विधायक की बात की तनख्वाह लेते हैं?
अंधविश्वास से जूझे बिना नारीवाद कैसे सफल होगा ?

अन्तर सोहिल ने कहा…

सभी आठों आलेख पढे हैं जी
देखते हैं कितनी प्रभावी होगी यह युति
और मुझ पर क्या प्रभाव होगा अच्छा या बुरा

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