मंगलवार, 19 जनवरी 2010

कहीं आपका जन्‍म जनवरी - फरवरी 1981 में तो नहीं हुआ था ??

हमारे घर में 1890 से लेकर 1980 तक का 90 वर्षीय पंचांग मौजूद था , जिसके कारण अति वृद्ध व्‍यक्ति की भी जन्‍मकुंडली बनाने में हमें कोई दिक्‍कत नहीं आती थी, जिनका जन्‍म विवरण मौजूद हो। 1980 के कुछ वर्ष पूर्व ही 1980 से 2000 तक की 20 वर्षीय पंचांग भी हमारे पास आ गयी थी। यह वहीं समय था , जब मेरी ज्‍योतिष में थोडी बहुत रूचि जगने लगी थी। इस नए पंचांग को लेकर मैं इसके आंकडों से उलझी रहती , कई प्रकार के प्रश्‍न मन में उठते और सबको हल करने की कोशिश करती। गणित विषय में रूचि तो है ही ,  उसके आंकडों को ग्राफ में बदलना भी मेरा शौक रहा है। 1990 के आसपास मैने इस 20 वर्षीय पंचांग के आंकडों को देखकर ग्रहों की गत्‍यात्‍मक शक्ति को निकालकर उसे ग्राफिकल रूप देना शुरू किया। इस काम में सबसे पहला वर्ष 1981 था , इसलिए इसके एक एक ग्रहों की स्थिति को याद रहना स्‍वाभाविक था। उसी वक्‍त इस वर्ष जन्‍म लेनेवाले बालकों के लिए उसकी किशोरावस्‍था के समय को परेशानी में देखकर मुझे थोडा भय हुआ। पर समय के साथ इस बात को मैं भूल गयी।

पर मई 1998 से मई 2000 के मध्‍य मेरे पास आनेवाले परेशान किशोरों की भीड ने मुझे उस बात की पुन: याद दिला दी। उस समय अपने माता पिता के साथ आनेवाले सभी दुखी किशोरों का जन्‍म 1981 , खासकर इसके पूर्वार्द्ध और खासकर इसी वर्ष जनवरी फरवरी में हुआ था। इनमें साधारण और असाधारण दोनो तरह के बच्‍चे थे , जो अचानक बडी समस्‍याओं से गुजरने लगे थे। अपनी उतनी पुरानी सोंच को उस समय फलीभूत होता देख मैं तो आश्‍चर्य चकित थी। मैने अपनी ग्राफ वाली डायरी को निकाला और देखकर सबों को समझाया कि 2005 के बाद कैरियर के वक्‍त उन्‍हें कोई परेशानी नहीं रहेगी , इसलिए अभी के किसी कष्‍ट और असफलता पर ध्‍यान न दें और आराम से अपनी ग्रेज्‍युएशन पूरी करें। 2005 के बाद उनमें से अधिकांश की ओर से सूचना मिल गयी कि वे कैरियर के मामले में सही जा रहे हैं और जुलाई 2007 से मई 2008 के मध्‍य वे अपनी स्थिति से बिल्‍कुल संतुष्‍ट थे।

इनलोगों के बारे में भविष्‍यवाणी करने के लिए मुझे कुंडली तक को देखने की आवश्‍यकता नहीं थी। क्‍यूंकि ये बिल्‍कुल सामान्‍य समस्‍या से गुजर रहे थे , जो 1981 के ग्रहों का प्रभाव था , चाहे उनका लग्‍न-नक्षत्र कोई भी हो , कुंडली कुछ भी बनें। 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' की यही विशेषता मुझे खासी आकर्षित करती है, जिसमें जातक के जन्‍म समय में मिनट और सेकण्‍ड की गडबडी से सारी भविष्‍यवाणियों के गलत होने का कोई भय नहीं होता।  इन दोनों बातों को मैं भूल चुकी थी , पर आज इधर उधर ढूंढते हुए वहीं पुरानी डायरी मेरे हाथ में पुन: आ गयी , जिसमें ग्रहों की शक्ति के आधार पर 1981 से लेकर 2000 तक का ग्राफ खींचा गया है। उसे उठाया तो सबसे पहले मुझे पहला पन्‍ना ही दिख गया , जिसमे 1981 के ग्रहों की स्थिति थी। अब मुझे मेरे लिए एक पोस्‍ट की सामग्री मिल गयी थी , सो इसे लिख ही डालना आवश्‍यक था।

अपने पाठकों को मैं जानकारी देना चाहूंगी कि 1981 में , खासकर इसके पूर्वार्द्ध में और इससे भी सूक्ष्‍म देखा जाए तो जनवरी और फरवरी 1981 में जन्‍मलेने वाले सारे लोग मई 1998 से लेकर मई 2000 तक बिल्‍कुल विपरीत परिस्थितियों को झेलने को विवश हुए , इस परेशानी के मूल में कोई भी कारण हो सकता है , पर इस दौरान जो जीवन उन्‍होने जीया , वो काफी कष्‍टकर था । जो उन्‍होने झेला , उसे उनके और उनके अभिभावक के सिवा कोई और नहीं समझ सकता है , प्रकृति की इस मार को ये 2005 के बाद अपने कैरियर के सुखद होने पर ही भूल सके। मई 2000 के बाद थोडी राहत तो मिली , पर पूरा सुधार 2005 के बाद ही हो पाया। जुलाई 2007 से मई 2008 के मध्‍य इनके कैरियर में एक उछाल आया , जिससे आगे की जीवनयात्रा आसान हो गयी है। अब थोडी बहुत समस्‍या दिखाई भी पडे , तो वो पूर्ण तौर पर प्रभाव डालने में अक्षम रहेगी , इतना इनके लिए बहुत संतोषजनक है , वैसे पूरी परिस्थिति कुंडली देखने के बाद ही स्‍पष्‍ट हो सकती है।





26 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

हमारा जन्म थोड़ा पहले हो गया था अतः आलेख नहीं पढ़ा! :)

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

आलेख तो पढ़ा लेकिन यह हमारे काम का नही है..

निर्मला कपिला ने कहा…

सुनिता जी जानकारी अच्छी है अपने आस पास नज़र डालते हैं अपने घर मे तो कोई नहीं । धन्यवाद्

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

जानकारी बढ़िया लगी वही है मेरा भी जन्म इसके बहुत बाद हुआ है..धन्यवाद संगीता जी

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

इस वर्ष की पैदाइश तो हमारे यहां कोई नही है. पर क्या आप १९५६ के बारे मे भी कुछ ऐसी ही राय रखती हैं?

रामराम.

VISHWA BHUSHAN ने कहा…

january to naheen haan Aug. me jaroor ek jan ne wale vyakti ka janm hua hai. aur ye batein us par bhi kafi had tak sateek lag rahee hain...

महफूज़ अली ने कहा…

नहीं! मेरा जन्म सन 1981 के पहले का है.... ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ .....

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

थोडा पीछे लौटे लगभग १५ साल पहले तो कुछ पता लगे :)इस साल में तो कोई नहीं है

PD ने कहा…

एक बात पूछनी है - मेरा जन्म अगस्त 1981 में हुआ है और आपके बताये हुये बातों से मेरा प्रोफाईल मैच कर रहा है.. मगर मेरा एक मित्र जो जनवरी 1981 का जन्मा है, उसके लिये वैसी स्थिति कभी नहीं आयी.. पढ़ाई से लेकर नौकरी तक, हर चीज में शुरू से अव्वल रहा..

क्या अपवाद कि स्थिति भी हो सकती है?

संगीता पुरी ने कहा…

PD जी,
आप अपना बताएं .. दूसरे की मन:स्‍थति आप नहीं समझ सकते .. मैने आलेख में लिखा भी है ...


जो उन्‍होने झेला , उसे उनके और उनके अभिभावक के सिवा कोई और नहीं समझ सकता है

Krishan ने कहा…

संगीता जी
नमस्कार! मेरा नाम कृष्णकुमार है मेरी जन्म तिथि है 09-11-1982 है तथा जन्मस्थान पिसावा, उत्तर प्रदेश तथा समय सुबह 7 बजे का है , मुझे गुस्सा बहुत आता है, कृपया मुझे इसके निवारण का उपाय बताएं तथा उपयुक्त रत्न कि भी जानकारी देने कि कृपा करें.
पुत्रतुल्य
krishankumar807@gmail.com
--
Shrikrishan kumar
09971525132

P.S.Bhakuni ( Paanu ) ने कहा…

मै सोच रहा था फरवरी में मेरा भी जन्म हुवा है लकिन पड़ने के बाद पता चला की आर्टिकल मेरे काम का नहीं है ,चलो जानकारी मै इजाफा तो हुवा ,बहुत -बहुत धन्यवाद..........

P.S.Bhakuni ( Paanu ) ने कहा…

मै सोच रहा था फरवरी में मेरा भी जन्म हुवा है लकिन पड़ने के बाद पता चला की आर्टिकल मेरे काम का नहीं है ,चलो जानकारी मै इजाफा तो हुवा ,बहुत -बहुत धन्यवाद..........

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

नहीं हुआ

Bhavesh (भावेश ) ने कहा…

संगीता जी, इस रोचक जानकारी के लिए धन्यवाद्. अभी तो ऐसा कोई दिमाग में नहीं आ रहा जो इस दरम्यान जन्मा हो. आपकी भूकंप को लेकर की गई भविष्यवाणी वाली वाकई चौका देने वाली थी.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

हमारा जन्म तो फरवरी 1951 में हुआ था जी!

ललित शर्मा ने कहा…

संगीता जी, अच्छी जानकारी आभार

Einstein ने कहा…

मेरा जन्म अप्रैल १९८० का है लेकिन बात तो सौ प्रतिशत मिलती है...

डॉ टी एस दराल ने कहा…

जो लोग १९८१ में पैदा हुए हैं, उनके अनुभव सुनकर अच्छा लगेगा।
फिलहाल ती इंतज़ार है।

सलीम ख़ान ने कहा…

mera !!!!!!!!!!!!!!!!!!

01 FEB...

राज भाटिय़ा ने कहा…

हम बहुत पहले पेदा हुये, बच्चे काफ़ी बाद पेदा हुये इस तारीख से, लेकिन लेख बहुत अच्छा लगा, बहुत सुंदर जानकारी

'अदा' ने कहा…

संगीता जी बहुत अच्छी जानकारी....
मेरा चचेरा भाई अक्टूबर २, १९८० में पैदा हुआ था...और आपकी बात बिलकुल सही है...,मेरे चाचा का देहांत...उसकी पढ़ाई में परेशानी...और भी घरेलू समस्याएं....
ये तो मुझे याद है...फ़ोन करके पूछूंगी उससे ..तो और भी बाकी बातें पता चलेंगी...
आपका आभार...

Murari Pareek ने कहा…

कुछ १९८१ से पहले वलून के लिए भी बयाइये !!! बसंत पंचमी की शुभ कामनाए!!!

ameet ने कहा…

बहुत अच्छी जानकारी....
१९८१ से पहले वालों के लिए भी कुछ बताइए बसंत पंचमी की शुभ कामनाए!!!

ameet ने कहा…

बहुत रोचक जानकारी. १९८० के पहले वालों के बारे में भी बताएं.
बसंत-पंचमी की शुभकामनाएं

arun gupta ने कहा…

mera janm 1981 ke nagpanchami ke 1 din baad hua tha 7:30 am par . mai apan Date of birth janana chahta hoo.
my emai- arungupta.rtp@gmail.com