शुक्रवार, 22 जनवरी 2010

27 जनवरी से 4 फरवरी 2010 तक का ग्रहयोग भी मौसम के बिल्‍कुल प्रतिकूल है !!

'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के द्वारा मौसम से संबंधित भविष्‍यवाणियां करने के क्रम में हमारी एक नजर दूर तक फैली होती है तो दूसरी नजर नजदीक तक। एक ही व्‍यक्ति के द्वारा हर प्रकार के काम को करने की ये विवशता ही समझें कि हम दूरबीन का प्रयोग करते हुए हर स्‍थान के पत्‍थरों की सही माप नहीं ले पाते हैं। जिस प्रकार रास्‍ते में चलते वक्‍त हमें दूर के बडे बडे पत्‍थर ही दिखाई पडते हैं , पर नजदीक जाने पर छोटे छोटे पत्‍थर भी हमारी दृष्टि से नहीं बच पाते , बिल्‍कुल वैसी ही दृष्टि हम मौसम का अनुमान करने वक्‍त रखते हैं। यही कारण है कि मैं मौसम के बारे में एक भविष्‍यवाणी दो तीन महीने पहले और एक बिल्‍कुल निकट में करती हूं।

प्रवीण जाखड जी को जबाब देने के क्रम में 3 अक्‍तूबर को ही मैने मध्‍य दिसंबर में देश के मौसम के खराब होने की सूचना दे दी थी, जिसे 10 दिसंबर को मैने पुन: दुहराया था। पर तबतक मौसम विभाग का पूर्वानुमान आ चुका था, इसलिए दिनेशराय द्विवेदी जी को मेरी सूचना उनकी नकल लगी और उन्‍होने मुझे भारत के मौसम खराब होने का दो महीने बाद का डेट मांगा , जिसके लिए मैने उन्‍हें 3 - 4 फरवरी की तिथि दी थी। 3 फरवरी के दस दिन पहले पुन: इसकी सूचना पाठकों को देनी मैं आवश्‍यक समझती हूं , जिसके कारण आज मौसम के बारे में मेरा पोस्‍ट लिखना आवश्‍यक था। पर कल प्रवीण शाह जी की टिप्‍पणी भी मिली , जिसमें उन्‍होने मुझसे पूछा ...

आदरणीय संगीता जी,
यहाँ पर आपने भविष्यवाणी की है कि 6 जनवरी से ही थोडी राहत मिलनी शुरू हो जाएगी , जबकि 16 जनवरी के बाद ठंड से काफी राहत मिलेगी। 
अभी तो उत्तर भारत भीषण शीत लहर से त्रस्त है...इस काफी राहत को मिलते-मिलते काफी देर नहीं हो गई ?



उनको भी मैने लिखा कि कल के पोस्‍ट में आपको इसका जबाब मिल जाएगा , इसलिए आज पोस्‍ट लिखना अधिक आवश्‍यक था। दरअसल जाडे के इस मौसम में मौसम खराब रहने वाली जो बडी ग्रहीय बाधा थी , वह 16 दिसंबर तक ही थी , इसलिए मैने उसकी चर्चा की थी और उसके बाद बहुत स्‍थानों पर मौसम में सुधार होता देखा गया। पर 18 जनवरी से 22 जनवरी तक मौसम को बाधित करने वाली एक छोटी बाधा पुन: आकर उपस्थित हो गयी , जिसके कारण पुन: मौसम में गडबडी आयी , जिसपर मेरा ध्‍यान पहले नहीं जा सका। इस दृष्टि से 23 जनवरी से यानि कल से मौसम में सुधार आ जाना चाहिए। 


अब चलती हूं मौसम से संबंधित अगली भविष्‍यवाणी की ओर, 3-4 फरवरी के जिस योग के बारे में चर्चा मैने 9 दिसंबर 2009 को ही कर रखा है , अब वह बहुत निकट है और इसका प्रभाव मुझे 26 जनवरी से ही पडता दिखाई दे रहा है , जो 3-4 फरवरी 2010 तक अपनी चरम सीमा पर रहेगा। इस कारण अब 6 या 7 फरवरी के बाद ही मौसम में कुछ बदलाव आने की संभावना दिखती है। हमेशा की तरह इस ग्रह योग का प्रभाव पूरे विश्‍व में जहां तहां तहां पडता ही है , उत्‍तर भारत के अधिकांश राज्‍यों को भी मैं इससे प्रभावित होते देखा करती हूं। इसलिए दो तीन दिनों में भले ही ठंड में थोडी कमी दिखाई दे , पर 4 फरवरी तक उत्‍तर भारत को स्‍थायी तौर पर राहत मिलने की बात मुझे नहीं दिखाई देती। शायद यही कारण है प्रवीण शाह जी कि इस काफी राहत को मिलते-मिलते काफी देर होती जा रही है !!



9 टिप्‍पणियां:

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

इसका प्रभाव मुझे 26 फरवरी से ही पडता दिखाई दे रहा है
उक्त पंक्ति में तारीख गलत टाइप हो गई है, उसे सुधार लें।

आप ने तो फिर से डरा ही दिया है। मुझे 29 जनवरी से 2 जनवरी तक बाहर रहना है। फिर 3-4-5 फरवरी की परिवार में एक शादी है।

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

मुझे जो बात सबसे अच्छी लगती है वह है आपके द्वारा की जा रही मेहनत. आपको नमन.

राज भाटिय़ा ने कहा…

अरे मेरी फ़लाईट का क्या होगा? अगर कही ओर उतरी तो, चलिये देखा जायेगा, लेकिन कर भी क्या सकते है

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

और जल्दी संभव नहीं दीखता क्या?

सूर्य गोयल ने कहा…

संगीता जी को मेरा नमन, आज एक लम्बे अरसे के बाद आपके ब्लॉग का चक्कर काट कर आ रहा हूँ. लम्बा समय इसलिए की गुफ्तगू करने वालो का ज्योतिष में मन भी नहीं लगता. ऐसा भी नहीं है की मुझे ज्योतिष में विशवास नहीं है लेकिन कभी ध्यान ही नहीं दिया. लेकिन फरवरी में मुझे दक्षिण भारत की और जाना है सो आपका ब्लॉग पढने का मन किया. लेकिन आपने जो तारीख बताई है मुझे तो उससे बहुत बाद में जाना है. अच्छे लेख लिखने और उन पर मेहनत करने के लिए बधाई. मेरी गुफ्तगू में भी आपका स्वागत है. www.gooftgu.blogspot.com

दीपक कुमार भानरे ने कहा…

आपके द्वारा जो प्रयास किये जा रहे हैं वह अत्यंत सराहनीय है। जो काम मौसम विभाग बड़े महंगे यंत्रो और तकनीक के सहारे करते हैं । वाही काम भारतीय ज्ञान गत्यात्मक ज्योतिष के सहारे आपके द्वारा किया जा रहा है । बहुत अच्छा लगता है।

tulsibhai ने कहा…

" bahut hi badhiya post ....aapke dwara ek accha prayash ."

---- eksacchai { AAWAZ }

http://eksacchai.blogspot.com

Anil ने कहा…

I heard lot of about you from my friend Mr.Surendra chaturvedi,and started to view your blog,nowdays everybody is worried about terrorist attack,there is rumur and headline of newspapers,what do you think from astrological angle,when and where it will happen.

Mrs. Asha Joglekar ने कहा…

आपका आत्म विश्वास और ज्ञान सराहनीय है । इतने लोग आपको नित्य चुनौती दे रहे हैं इसके बावजूद आप अपने स्थान पर दृढ हैं । बधाई ।