सोमवार, 1 फ़रवरी 2010

क्‍या आपको भी विश्‍वास है कि देश के अधिकांश भाग में 3 और 4 फरवरी का मौसम बिगडा रहेगा ??!

काफी दिन पूर्व की बात है , मेरे बगीचे में काम करने वाले एक मजदूर ने किसी काम के लिए मुझसे 100 रूपए लिए और फिर काम पर आना ही बंद कर दिया। सामान्‍य तौर पर 100 रूपए के लिए अपनी रोजी रोटी की व्‍यवस्‍था को कोई समाप्‍त नहीं करता , पर इससे मुझे कोई तकलीफ नहीं हुई थी , क्‍यूंकि मेरा मानना था कि मात्र 100 रूपए में मैने एक व्‍यक्ति को पहचान तो लिया था। पर जब मेरे भाई ने बताया कि इस प्रकार एक एक व्‍यक्ति को पहचानने में 100 - 100 रूपए खर्च किए जाएं , तो क्‍या करोडो लोगों को पहचाना जा सकता है ? तब मुझे अपनी गल्‍ती का अहसास हुआ और व्‍यक्तिगत की जगह सार्वजनिक तौर पर किसी भी विचार को समझने समझाने की भावना मन में आने लगी।

ज्‍योतिष के क्षेत्र में किए गए अपने अध्‍ययन और शोध के पश्‍चात् जब मैंने अपना ब्‍लॉग बनाकर लिखना आरंभ किया , तो व्‍यक्तिगत जानकारी के लिए बहुत सारे पाठकों ने मुझे अपने जन्‍म विवरण मेल किए। पर व्‍यक्तिगत भविष्‍यवाणियों के लिए मेरे पास अधिक सटीक आधार होने के बावजूद मैने एक एक व्‍यक्ति के लिए अपना समय जाया कर उनके बारे में भविष्‍यवाणी कर उन्‍हें विश्‍वास में लेने और 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' की प्रामाणिकता को सिद्ध करने में दिलचस्‍पी न दिखाते हुए सामूहिक भविष्‍यवाणियों में अधिक मेहनत की। हर सामयिक मुद्दे पर मैने कुछ न कुछ भविष्‍यवाणियां करती रही और पाठकों की टिप्‍पणियों को देखकर शायद भ्रम पालती रही कि मेरे बहुत सारे प्रशंसक हैं। और इन भविष्‍यवाणियों में अधिक समय देने की वजह से व्‍यक्तिगत रूप से संपर्क करनेवाले पाठकों में से अधिकांश को मै जबाब भी नहीं दे पायी।

ठंड और कोहरे से परेशान लोगों की तकलीफों को देखते हुए हमेशा की तरह इस बार भी मैने मौसम से संबंधित भविष्‍यवाणियां की थी , जिसमें कहा था कि 3 और 4 फरवरी का विशेष ग्रहयोग मौसम को बुरी तरह प्रभावित करनेवाला है और इस तिथि के बाद ही ठंड और कोहरे की स्थिति में सुधार होगा। मैने इस बात की चर्चा दो महीने पहले कर दी थी। पर कई बार इस ग्रहयोग का असर एकाध सप्‍ताह पहले से भी देखा जाता है, इस कारण मैने 27 जनवरी से वैसे मौसम के बारे में बात की।  हाल में लिखे आलेख में मैने स्‍वीकारा था कि इसका प्रभाव 27 जनवरी से ही पडता दिखाई देगा। पर 27 जनवरी के बाद मौसम में सुधार होने लगा, पर कल 31 जनवरी तक भी मौसम सुधार के क्रम में ही था और इससे मेरी भविष्‍यवाणी को गलत माना गया।

दरअसल ज्‍योतिष में मौसम से संबंधित भविष्‍यवाणियों के लिए शुभ ग्रह और अशुभ ग्रहों की स्थिति को देखा जाता है। शुभ ग्रहों का संयोग मौसम को नम और ठंडा तथा अशुभ ग्रहों का संयोग वातावरण को गर्म और शुष्‍क बनाता है। 3 और 4 फरवरी को शुभ ग्रहों की खास स्थिति को देखते हुए ही मैने कहा था कि इस ग्रहयोग के व्‍यतीत हो जाने के बाद ही मौसम में सुधार आ सकता है। पर मेरा ध्‍यान इस बात पर थोडा भी नहीं गया कि 29 और 30 जनवरी को मंगल और चंद्र की स्थिति वातावरण को शुष्‍क बनाए रख सकती है। पर मेरी इस गल्‍ती से 3 और 4 फरवरी के शुभ ग्रहों का प्रभाव तो समाप्‍त नहीं हो सकता। आनेवाले 3 और 4 फरवरी को भारतवर्ष के अधिकांश भाग का , खासकर उत्‍तर भारत का मौसम बहुत गडबड रहेगा , इस बात पर मैं अभी भी डटी हुई हूं ।

वैसे इस दुनिया में हर जगह अपवाद मिलते हैं , पर ज्‍योतिष में अपवाद की कोई जगह नहीं। यदि दस भविष्‍यवाणियां सही हो जाएं तो ग्‍यारहवें का इंतजार और दुर्योग से ग्‍यारहवां गलत हो जाए तो भविष्‍यवाणी करना को सिक्‍के उछालना माना जाता है,  ब्‍लॉग जगत में मेरे आने के बाद से ही पाठक मेरे अध्‍ययन पर हमेशा प्रश्‍नचिन्‍ह लगाते आ रहे हैं। बारंबार मेरी तिथियुक्‍त भविष्‍यवाणियों को देखने के बावजूद अपने को बुद्धिजीवी कहनेवाले वर्ग के पूर्वाग्रसित मस्तिष्‍क को देखकर मैं तो आश्‍चर्य ही कर सकती हूं। अपने को ऐसी स्थिति में पाकर दुनियाभर में अपने ज्ञान का , अपने अनुभव के प्रचार प्रसार का सपना धुधला सा होने लगता है , पर अपना अटल विश्‍वास पुन: आत्‍म विश्‍वास बढाता है , 3 और 4 फरवरी को मौसम के खराब न होने का कोई सवाल ही नहीं। मौसम से संबंधित मेरे आकलन पर अभी तक आपने पढते और देखते आए हैं, नीचे दिए गए पोल में भाग लें , क्‍या आप भी ऐसा ही मानते हैं  ??

क्‍या आपको भी विश्‍वास है कि देश के अधिकांश भाग में 3 और 4 फरवरी का मौसम बिगडा रहेगा ??
हां
नहीं
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12 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

हमने तो बिल्लोरे जी के यहाँ आपकी भविष्यवाणी सुनी थी तब से इन्तजार है ३/४ फरवरी का.

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

समीर जी से हम भी सहमत हैं.

VISHWA BHUSHAN ने कहा…

निश्चित रूप से आपकी बात को NA MAN PANA तो संभव NAHEEN LAGTA, MAIN BHI PRATEEKSHA KAROONGA

सतीश सक्सेना ने कहा…

मैं इस बारे में अधिक जानकारी नहीं रखता तथापि आपसे अपना शोध जारी रखने का अनुरोध अवश्य रखता हूँ , आप का विश्वास एक दिन आपको विजय अवश्य दिलाएगा ! शुभकामनायें !

डॉ महेश सिन्हा ने कहा…

कुछ तो लोग कहेंगे
शायद इसे ही टिप्पणी कहते हैं
आप तो अपना काम करते जाइए

वन्दना ने कहा…

pata nhi kaisa rahega isliye 3-4 feb ka hi intzaar hai.

अन्तर सोहिल ने कहा…

वोट कर दिया है जी

प्रणाम

डॉ टी एस दराल ने कहा…

मौसम बिगड़ने का मतलब समझ नहीं आया संगीता जी।
क्या ठण्ड बढ़ेगी या गर्मी ? या फिर बारिस ?
खैर लगता तो यही है की कुछ तो होगा।

anjana ने कहा…

संगीता जी आप अपना काम करती रहे ये पुरुष प्रधान समाज आज भी स्त्री को आगे बढने मे रुकावट ही पैदा करता रहेगा पर आप अपना शोध अध्ययन जारी रखे। शुभकामनाएं ।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

यह जानकारी भी आजमा कर देखेंगे!

'अदा' ने कहा…

सबके साथ हम भी वेटियाते हैं...!!
जो भी होगा अच्छा होगा...

कंचन सिंह चौहान ने कहा…

वैसे तो प्रकृति का कोई भरोसा नही, जाने कब अपना कौन सा रंग दिखा दे.. मगर प्रार्थना यही है कि आपकी भविष्यवाणी गलत हो जाये... बड़ी मुश्किल से तबीयत संभली है...!