सोमवार, 5 अप्रैल 2010

आसमान में बुध ग्रह की एक खास चाल .. क्‍या आप भी इससे प्रभावित हो रहे हैं ??

29 मार्च से ही आसमान में मेष राशि में बुध ग्रह का काफी समय तक रहना पृथ्‍वी के जड चेतन पर बहुत प्रभाव डालने में समर्थ है। चूंकि ज्‍योतिष में बुध ग्रह बुद्धि , ज्ञान का ग्रह माना जाता है , इसलिए यह विद्यार्थियों और बौद्धिक श्रम करनेवाले लोगों को अधिक प्रभावित करेगा। इस कारण बुद्धिजीवी ब्‍लॉगर भाइयों को प्रभावित करने में भी इसकी कम भूमिका नहीं होगी। इसकी यह स्थिति 29 मई तक बनीं रहेगी , जिसके कारण लोगों का उलझाव खास कार्यों में बना रहेगा। वैसे 18 अप्रैल से 12 मई तक का समय इनके कार्यक्रम में थोडी सुस्‍ती लानेवाला होगा। वैसे तो अधिकांश लोगों पर इसका अच्‍छा ही प्रभाव देखा जाएगा , पर कुछ विद्यार्थी , जिनकी  जन्‍मकुंडली में बुध ग्रह कमजोर होकर स्थित है ,और इसके कारण वे विद्यार्थी जीवन में मनोनुकूल वातावरण का अभाव पा रहे हैं , की समस्‍या इस वक्‍त थोडी और गहरा सकती है। इसी समय बोर्ड की परीक्षाओं के रिजल्‍ट भी निकलने हैं , जिसें इस ग्रहस्थिति की बडी भूमिका बनी रह सकती है। ऐसे विद्यार्थियों , जिनका जन्‍म निम्‍न तिथियों में हुआ है , अपने किसी कार्यक्रम में बाधा महसूस कर सकते हैं या फिर परीक्षा परिणामों को मनोनुकूल नहीं पा सकते हैं .... 

  • 1987 में 24 फरवरी से 11 मार्च , 26 जून से 12 जुलाई , 22 अक्‍तूबर से 3 नवम्‍बर , 
  • 1988 में 7 फरवरी से 21 फरवरी , 6 जून से 22 जून, 4 अक्‍तूबर से 17 अक्‍तूबर, 
  • 1989 में 21 जनवरी से 3 फरवरी , 18 मई से 2 जून , 17 सितंबर से 1 अक्‍तूबर, 
  • 1990 में 6 जनवरी से 17 जनवरी , 28 अप्रैल से 14 मई , 31 अगस्‍त से 15 सितंबर , 20 दिसंबर से 31 दिसंबर, 
  • 1991 में 10 अप्रैल से 25 अप्रैल , 13 अगस्‍त से 29 अगस्‍त , 4 दिसंबर से 9 दिसंबर ,
  • 1992 में 22 मार्च से 6 अप्रैल , 25 जुलाई से 10 अगस्‍त , 16 नवंबर से 28 नवंबर, 
  • 1993 में 6 मार्च से 20 मार्च , 7 जुलाई से 23 जुलाई , 1 नवंबर से 12 नवंबर, 
  • 1994 में 16 फरवरी से 2 मार्च , 18 जून से 4 जुलाई , 14 अक्‍तूबर से 27 अक्‍तूबर , 
  • 1995 में 31 जनवरी से 13 फरवरी , 29 मई से 14 जून , 27 सितंबर से 11 अक्‍तूबर, 
  • 1996 में 15 जनवरी से 27 जनवरी , 9 मई से 25 मई , 9 सितंबर से 21 सितंबर, 
  • 1997 में 1 जनवरी से 10 जनवरी , 20 अप्रैल से 6 मई , 23 अगस्‍त से 6 सितंबर, 13 दिसंबर से 24 दिसंबर,   

विद्वार्थियों के अलावे अन्‍य लोगों पर भी बुध ग्रह का अच्‍छा या बुरा प्रभाव पडता है। कुछ लोगों के लिए यह ग्रह स्थिति विशेष तौर पर फलदायक भी हो सकती है। किसी संयोग के काम करने से वे किसी महत्‍वपूर्ण कार्यक्रम से जुड सकते हैं । किसी भी वर्ष नवम्‍बर और दिसंबर में जन्‍म लेनेवालों के लिए खासकर 1926 , 1932 , 1939 , 1945 , 1952 , 1959 , 1965 , 1972 , 197 , 1985 , 1992 , 1998 , 2004 के नवम्‍बर और दिसंबर में जन्‍म लेनेवाले इन दिनों में किसी मामले में मनोनुकूल माहौल में रहेंगे। इसके साथ ही वृश्चिक राशि में जन्‍म लेनेवालों के लिए भी बुध ग्रह की यह स्थिति किसी संदर्भ में मनोनुकूल होगी।

पर कुछ लोगों के लिए  यह ग्रह स्थिति विशेष तौर पर कष्‍टदायक भी हो सकती है। किसी दुर्योग से उनका जीवन बाधित हो सकता है। किसी भी वर्ष सितंबर अक्‍तूबर में जन्‍म लेनेवालों खासकर 1929 , 1936 , 1942 , 1949 , 1956 , 1962 , 1969 , 1975 , 1982 , 1988 , 1995 , 2002 और 2008 के सिंतंबर अक्‍तूबर में जन्‍म लेने वालों के समक्ष इन दिनों में किसी मामले में मनोनुकूल स्थिति का अभाव हो सकता है। इसके साथ ही कन्‍या राशि में जन्‍म लेनेवालों के लिए भी बुध ग्रह की यह स्थिति किसी संदर्भ में परेशानी उपस्थि‍त कर सकती है।

गोचर के आधार पर यह बिल्‍कुल अस्‍थायी तौर पर आनेवाला ग्रहयोग है और कोई अच्‍छा या बुरा बडा निर्णय तभी होगा , जब आपकी जन्‍मकुंडली के हिसाब से स्‍थायी तौर पर कोई बडी सफलता या असफलता इस समय मिलनी होगी। पर यदि जन्‍मकुंडली के हिसाब से आपका कोई बडा अच्‍छा या बुरा योग न हो , तो इस ग्रहयोग के कारण अधिक परेशान होने की आवश्‍यकता नहीं। इन दो महीनों के व्‍यतीत हाते ही सारी समस्‍या समाप्‍त हो जाएगी।

22 टिप्‍पणियां:

दिलीप ने कहा…

jaankaari ke liye dhanyawad Sangeta ji...

दिलीप ने कहा…

Jaankaari ke liye dhanyawad Sangeeta ji....

कृष्ण मुरारी प्रसाद ने कहा…

अच्छी जानकारी....

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

एक नई जानकारी,आभार.

chetna ने कहा…

अच्छी जानकारी के लिए धन्यवाद। लेकिन दो जिज्ञासाएं हैं। संभव हों तो समाधान करें
1. अक्टूबर महीने में कन्या राशि में जन्म लेने वाले जातक इस अवधि में क्या सावधानी बरतें?
2. कुंडली के 10 वें भाग में यदि बुधादित्य योग हो पर बुध अस्त हो तो जातक अपनी बेहतरी के लिए इस अवधि में या फिर आगे भी क्या उपाय अपनाए। अभी इन्होंने पन्ना धारण किया है।

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

waiting for mid-april.. thanks for this prediction. lets see what happens.

संगीता पुरी ने कहा…

चेतना जी .. यह बिल्‍कुल अस्‍थायी समस्‍या है .. दो महीने कार्य मनोनुकूल ढंग से नहीं होगा .. पर घबरानेवाली कोई बात नहीं !!

मनोज कुमार ने कहा…

उपयोगी जानकारी पढ़ने को मिली|

डॉ टी एस दराल ने कहा…

इस अच्छी जानकारी के लिए आभार।

ललित शर्मा ने कहा…

संगीता जी,
अच्छी जानकारी के लिए आभार

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

उपयोगी लेख के साथ आपने बढ़िया जानकारी प्रदान की है!

Udan Tashtari ने कहा…

आभार इस जानकारी के लिए.

DHARMENDRA LAKHWANI ने कहा…

जानकारी के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद.
माफ़ कीजिए, १९७९ कहीं दिख नही रहा है.

Vivek Rastogi ने कहा…

हमारे कार्य तो कभी भी मनोनुकूल होते ही नहीं है :(

Gourav Agrawal ने कहा…

इस अच्छी जानकारी के लिए आभार

Vineet Tomar ने कहा…

आपने बहुत दिनों बाद कोई लेख लिखा हे,क्या बात हे.

वन्दना ने कहा…

बहुत ही बढिया जानकारी दी है मगर मेरे बेटे का जनम तो 4 और 5 जुलाई की रात को 1994 मे हुआ था रात को 12:05 पर तो ये उस पर भी लागू होगा क्या क्युंकि उसका भी रिज़ल्ट आने वाला है टैन्थ का।

अजय कुमार झा ने कहा…

ज्ञानवर्धक जानकारी के लिए बहुत बहुत धन्यवाद संगीता जी । आपकी मेहनत आपकी पोस्ट से ही परिलक्षित होती है
अजय कुमार झा

Pandit Kishore Ji ने कहा…

bahut upyogi jaankaari di aapne

tulsibhai ने कहा…

" behad anmol jankari "
" behad hi upyukt jankari ke liye dhanywad."

----- eksacchai { AAWAZ }

http://eksacchai.blogspot.com

विष्णु बैरागी ने कहा…

उपयोगी और सावधान/सचेत करनेवाली जानकारी।

Kulwant Happy ने कहा…

मैं बच गया। हा हा हा