सोमवार, 21 जून 2010

जन जन तक ज्‍योतिष के ज्ञान को पहुंचाने का प्रयास - 7

पिछले आलेख में हमने जाना कि पृथ्‍वी की घूर्णन गति के फलस्‍वरूप सूर्य 24 घंटों में एक बार आसमान के चारो ओर घूमता नजर आता है। इस कारण सूर्य की स्थिति को देखते हुए किसी भी लग्‍नकुंडली के द्वारा बच्‍चे के जन्‍म का समय निकाला जा सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं , पृथ्‍वी की परिभ्रमण गति के कारण भी सूर्य की स्थिति में परिवर्तन देखा जाता है । आसमान को 12 भागों में बांटते वक्‍त जहां पर 0 डिग्री से शुरू किया गया है , उस स्‍थान पर सूर्य प्रतिवर्ष 14 अप्रैल को पहुंच जाता है और प्रतिदिन एक एक डिग्री बढता हुआ वर्षभर बाद पुन: उसी स्‍थान पर पहुंच जाता है। इस प्रकार यह एक एक महीने में 12 राशियों को पार करता जाता है।

सूर्य की स्थिति 14 अप्रैल से 14 मई तक मेष राशि में , 14 मई से 14 जून तक वृष राशि में , 14 जून से 14 जुलाई तक मिथुन राशि में 14 जुलाई से 14 अगस्‍त तक कर्क राशि में , 14 अगस्‍त से 14 सितंबर तक सिंह राशि में , 14 सितंबर से 14 अक्‍तूबर तक कन्‍या राशि में , 14 अक्‍तूबर से 14 नवंबर तक तुला राशि में , 14 नवंबर से 14 दिसंबर तक वृश्चिक राशि में , 14 दिसंबर से 14 जनवरी तक धनु राशि में , 14 जनवरी से 14 फरवरी तक मकर राशि में , 14 फरवरी से 14 मार्च तक कुंभ राशि में तथा 14 मार्च से 14 अप्रैल तक मीन राशि में होती है। 

यही कारण है कि 14 अप्रैल से 14 मई तक जन्‍म लेनेवालों की सूर्यराशि मेष , 14 मई से 14 जून तक जन्‍म लेनेवालों की सूर्यराशि वृष , 14 जून से 14 जुलाई तक जन्‍म लेनेवालों की सूर्यराशि मिथुन , 14 जुलाई से 14 अगस्‍त तक जन्‍म लेनेवालों की सूर्यराशि कर्क  , 14 अगस्‍त से 14 सितंबर तक जन्‍म लेनेवालों की सूर्यराशि सिंह , 14 सितंबर से 14 अक्‍तूबर तक जन्‍म लेनेवालों की सूर्यराशि कन्‍या , 14 अक्‍तूबर से 14 नवंबर तक जन्‍म लेनेवालों की सूर्यराशि तुला  , 14 नवंबर से 14 दिसंबर तक जन्‍म लेनेवालों की सूर्यराशि वृश्चिक , 14 दिसंबर से 14 जनवरी तक जन्‍म लेनेवालों की सूर्यराशि धनु , 14 जनवरी से 14 फरवरी तक जन्‍म लेनेवालों की सूर्यराशि मकर , 14 फरवरी से 14 मार्च तक जन्‍म लेनेवालों की सूर्यराशि कुंभ तथा 14 मार्च से 14 अप्रैल तक जन्‍म लेनेवालों की सूर्यराशि मीन होती है।

इसलिए किसी भी जन्‍मकुंडली में बालक की सूर्यराशि मेष हो तो समझ लें कि जातक ने14 अप्रैल से 14 मई के मध्‍य जन्‍म लिया है। इसी प्रकार सूर्यराशि वृष हो , तो उसके 14 मई से 14 जून के मध्‍य जन्‍म लेने , सूर्यराशि मिथुन हो , तो उसके 14 जून से 14 जुलाई के मध्‍य जन्‍म लेने , सूर्यराशि कर्क हो , तो उसके 14 जुलाई से 14 अगस्‍त के मध्‍य जन्‍म लेने , सूर्य राशि सिंह हो तो उसके 14 अगस्‍त से 14 सितंबर तक जन्‍म लेने , सूर्य राशि कन्‍या हो , तो उसके 14 सितंबर से 14 अक्‍तूबर के मध्‍य जन्‍म लेने , सूर्य राशि तुला हो , तो उसके 14 अक्‍तूबर से 14 नवंबर के मध्‍य जन्‍म लेने , सूर्य राशि वृश्चिक हो , तो उसके 14 नवंबर से 14 दिसंबर के मध्‍य जन्‍मलेने , सूर्य राशि धनु हो तो उसके 14 दिसंबर से 14 जनवरी के मध्‍य जन्‍म लेने , सूर्यराशि मकर हो , तो उसके 14 जनवरी से 14 फरवरी के मध्‍य जन्‍म लेने , सूर्यराशि कुंभ हो , तो उसके 14 फरवरी से 14 मार्च के मध्‍य जन्‍म लेने तथा सूर्यराशि मीन हो , तो उसके 14 मार्च से 14 अप्रैल के मध्‍य जन्‍म लेने की पुष्टि हो जाती है।


17 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

"जन जन तक ज्‍योतिष के ज्ञान को पहुंचाने का प्रयास" सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है!
शुभकामनाएँ!

निर्मला कपिला ने कहा…

बहुत अच्छी जानकारी धन्यवाद।

राम त्यागी ने कहा…

समझने में थोड़ी कठिनाई हो रही है, फुरसत से पडूंगा ...

राज भाटिय़ा ने कहा…

हमे तो कान पकड कर समझाये कोई तभी समझ आता है, लेकिन लेख बहुत अच्छा लगा

डॉ महेश सिन्हा ने कहा…

14 अप्रेल को मेष और मीन दोनों

tulsibhai ने कहा…

" upayukt jankari "

---- eksacchai { AAWAZ }

http://eksacchai.blogspot.com

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत उम्दा प्रयास!

अन्तर सोहिल ने कहा…

कुछ बरसात के बारे में बतायें, गर्मी कब तक कम होने की उम्मीद है जी

प्रणाम

हमारीवाणी.कॉम ने कहा…

आ गया है ब्लॉग संकलन का नया अवतार: हमारीवाणी.कॉम



हिंदी ब्लॉग लिखने वाले लेखकों के लिए खुशखबरी!

ब्लॉग जगत के लिए हमारीवाणी नाम से एकदम नया और अद्भुत ब्लॉग संकलक बनकर तैयार है। इस ब्लॉग संकलक के द्वारा हिंदी ब्लॉग लेखन को एक नई सोच के साथ प्रोत्साहित करने के योजना है। इसमें सबसे अहम् बात तो यह है की यह ब्लॉग लेखकों का अपना ब्लॉग संकलक होगा।

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http://hamarivani.blogspot.com

vinay ने कहा…

अच्छा प्रयास सहज समझ आ रहा है ।

दिनेश शर्मा ने कहा…

लाभप्रद आलेख। धन्यवाद!

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

चन्द्र राशियां अलग होती हैं क्या ???

hem pandey ने कहा…

आपने सूर्य द्वारा राशि परिवर्तन प्रत्येक माह की १४ तारीख को बताया है. किन्तु संक्रांतियां तो विभिन्न तारीखों को होती रहती हैं. जैसे मिथुन संक्रांति १५ जून को थी और कर्क संक्रांति १७ जुलाई को है. कृपया जिज्ञासा पूर्ण करने का कष्ट करें.

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत अच्छा प्रयास... पर फिर भी समझना सरल नहीं लगता

सर्प संसार ने कहा…

लगी रहें।
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क्या आप बता सकते हैं कि इंसान और साँप में कौन ज़्यादा ज़हरीला होता है?
अगर हाँ, तो फिर चले आइए रहस्य और रोमाँच से भरी एक नवीन दुनिया में आपका स्वागत है।

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

@महेश सिन्हा जी
यहाँ सब तारीखें गलत हैं। इस हिसाब से हमेशा सूरज 14 तारीख को राशि बदलता है। यह सही नहीं है। लेकिन यह बात सही है कि एक ही दिन वह मीन और मेष राशि में होता है। यह दिन मेष की संक्रांति का दिन होता है। संक्रांति के पहले वह मीन राशि में और बाद में मेष राशि में होता है। मेष संक्रांति के दिन बैसाखी का पर्व मनाया जाता है। आम तौर पर यह 13 अप्रेल को होती है। लेकिन कभी यह 14 अप्रेल को भी हो सकती है। मेष की संक्रांति पूरे एक वर्ष बाद आती है। अर्थात 365 दिन और लगभग छह घंटे बाद। यदि पिछली संक्रांति 13 अप्रेल को शाम छह बजे के बाद हुई और अगला वर्ष लीप इयर न हुआ तो अगली संक्रांति 14 अप्रेल को ही आएगी। यदि उस से अगला वर्ष भी लीप इयर न हुआ तो फिर 14 अप्रेल को आएगी लेकिन जैसे ही लीप इयर आएगा संक्रांति वापस 13 अप्रेल को आ जाएगी।

Darshan Lal Baweja ने कहा…

मे ना मानू चाहे लाठ बजा ल्यो जी