बुधवार, 11 अगस्त 2010

शुक्र की सितंबर से दिसंबर 2010 तक की खास स्थिति का आपपर कैसा प्रभाव पडेगा ??

पिछले आलेख में 13 अगस्‍त को आसमान में दिखाई देने वाले शुक्र चंद्र युति की मैने चर्चा की है। सिर्फ 13 अगस्‍त को ही नहीं , आने वाले दिनों में लगभग पांच महीनों तक यानि 11 सितंबर , 9 अक्‍तूबर , 2 दिसंबर , 31 दिसंबर और 29 जनवरी को भी आसमान में ऐसी स्थिति बनती रहेगी, जिसमें सर्वाधिक चमक के साथ शुक्र और सबसे छोटा चांद 9 अक्‍तूबर को दिखेगा , जो आसमान में वाकई देखने में खूबसूरत लगता है। अगस्‍त 2009 से  जनवरी 2010 तक इस प्रकार की स्थिति के बनने की जो मुख्‍य वजह होती है , उसे मैं इस पोस्‍ट में भी समझा चुकी हूं। पिछले पोस्‍ट में ही इसका सामान्‍य तौर पर प्रभाव की चर्चा कर चुकी हूं , पर जनसामान्‍य पर इसके प्रभाव को विस्‍तार देने के लिए एक पोस्‍ट आवश्‍यक था। चंद्र राशि के हिसाब से शुक्र की इस खास ग्रहस्थिति के कारण आनेवाले चार पांच महीने मेष और वृष राशिवालों के लिए , खासकर भरणी और कृतिका नक्षत्र में जन्‍मलेनेवालों के लिए अच्‍छे तथा कुंभ और मीन राशि वालों , खासकर शतमिषा और पूर्व भाद्र पद में जन्‍मलेनेवालों के लिए कुछ गडबड होंगे। पर यदि इसके प्रभाव को अच्‍छी तरह समझना चाहते हों तो जन्‍म विवरण के द्वारा अपने लग्‍न , राशि और नक्षत्र की जानकारी के लिए यहां  या   यहां क्लिक कर पूरे पोस्‍ट को ध्‍यान से पढना आपके लिए आवश्‍यक है।

जहां तक शुक्र ग्रह के पृथ्‍वी पर पडने वाले प्रभाव की बात है , उसके कारण इन चारो महीनों में मेष लग्‍नवाले धन और घर गृहस्‍थी विषयक मामलों , वृष लग्‍नवाले शरीरिक और अन्‍य प्रकार के झंझटों से संबंधित , मिथुन लग्‍नवाले स्‍वयं या संतान पक्ष की पढाई लिखाई , खर्च या बाहरी संदर्भों के मामलों, कर्क लग्‍नवाले माता , किसी प्रकार की संपत्ति या लाभ से संबंधित मुद्दो , सिंह लग्‍नवाले भाई बहन , बंधु बांधव , कैरियर या राजनीति से संबंधित विषयों , कन्‍या लग्‍नवाले धन और भाग्‍य विषयक मामलों , तुला लग्‍नवाले स्‍वास्‍थ्‍य और जीवनशैली विषयक, वृश्चिक लग्‍नवाले घर गृहस्‍थी , खर्च तथा बाह्य संदर्भों से संबंधित मामलों , धनु लग्‍नवाले झंझटों का दूर कर लाभ से संबंधित वातावरण से केमामले , मकर लग्‍नवाले अपने या संतान पक्ष से संबंधित पढाई लिखाई या कैरियर या राजनीति विषयक, कुंभ लग्‍नवाले माता , हर ,प्रकार की छोटी बडी संपत्ति और भाग्‍य के मामलों तथा मीन लग्‍नवाले भाई बहन , बंधु बांधव और जीवनशैली या रूटीन के मामलों की कमजोरियों को ठीक करने या उन्‍हें मजबूत बनाने में जुटे रहेंगे। पर जिन दिनों में शुक्र और चंद्र साथ दिखाई पडेंगे, उसके आसपास के दिनों में इनकी यह प्रवृत्ति बढी हुई होंगी। पर कार्य का सकारात्‍मक या नकारात्‍मक फल उनके जन्‍मकालीन ग्रह स्थिति पर निर्भर करेगा। 

'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के हिसाब से मनुष्‍य की जीवन यात्रा में शुक्र ग्रह का प्रभाव 36 वर्ष की उम्र से 48 वर्ष की उम्र तक के प्रौढों पर अधिक पडता है। यदि जातक के जन्‍म के समय शुक्र ग्रह अच्‍छे गत्‍यात्‍मक शक्ति का हो , तो जातक को 36 वर्ष की उम्र के बाद वृष और तुला राशि से संबंधित मामलों की सफलता मिलती रहती है। वैसे लोगों को शुक्र की गोचर की ऐसी स्थिति में भी सुखद अहसास हुआ करता है , इस दृष्टि से 36 वर्ष की उम्र के बाद सफल रह रहे प्रौढों के लिए शुक्र ग्रह की यह स्थिति अच्‍छा फल प्रदान करनेवाली होगी। पर यदि जातक के जन्‍म के समय शुक्र ग्रह कम गत्‍यात्‍मक शक्ति का होता है , तो जातक को 36 वर्ष की उम्र के बाद असफलता का मुंह देखना पडता है। वैसे लोगों के लिए शुक्र की गोचर की ऐसी स्थिति भी कष्‍टप्रद होती है। इस दृष्टि से 36 वर्ष की उम्र के बाद असफल रहने वाले प्रौढों के लिए शुक्र की यह स्थिति थोडी गडबड हो सकती है।

प्रौढावस्‍था के साथ ही साथ अन्‍य उम्र वाले लोगों में जिन लोगों ने 1945 , 1953 , 1961 , 1969 , 1977 , 1985 , 1993 ,2001 , 2009 के अप्रैल और मई महीनों में जन्‍म लिया है , उनको इस अवधि में कुछ परेशानी अवश्‍य रहेगी। इनमें से सबसे बुरी स्थिति 1969 के अप्रैल और मई में जन्‍म लेनेवालों की होगी , उन्‍हें खासकर शुक्र की इस स्थिति से थोडा सावधान  रहने की आवश्‍यकता है। स्‍तर में बढोत्‍तरी के बावजूद कुछ दवाबपूर्ण वातावरण 1946 , 1954 , 1962 , 1970 , 1978 , 1986 , 1994 , 2002 के सितंबर से दिसंबर के मध्‍य जन्‍म लेनेवालों का भी बना रहेगा , पर इन्‍हीं वर्षों में नवंबर और उसमें भी 25 नवंबर तक जन्‍म लेनेवाले , खासकर 1970 के नवंबर में जन्‍मलेनेवाले इन चार महीनों में कुछ अधिक तनाव में व्‍यतीत करेंगे। इसके लिए उपरोक्‍त समय में जन्‍म लेनेवाले इस समय जानबूझकर कोई बडा रिस्‍क न लें , कोई काम करने से पूर्व अच्‍छी तरह जांच पडताल करें , सफेद रंगों का अधिक से अधिक उपयोग करें और युवक युवतियों के विवाह में मदद करें।

14 टिप्‍पणियां:

वन्दना ने कहा…

बहुत ही विस्तृत जानकारी दी है…………………आभार्।

मनोज कुमार ने कहा…

यहां बहुत कुछ रोज़ सीखने को मिलता है!
आभार!

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

इस तरह की जानकारी बहुत अच्छी लगती है शुक्रिया इस जानकारी के लिए

ललित शर्मा ने कहा…

इस बार तो संभल के चलना पड़ेगा

अच्छी पोस्ट

आभार

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

उपयोगी जानकारी के लिए धन्यवाद!

nirmal gupt ने कहा…

कहीं कोई उलझाव नहीं .एकदम साफ़ -साफ बात .आपकी ज्योतिष की समझ गहरी और ईमानदार है .

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

जितनी अच्छी आपकी ज्योतिष विधा की समझ है उतनी ही आसन भाषा में
हमें समझाने के लिए आभार.......... इस ब्लॉग पर आज ही आना हुआ है। पर अब आती रहूंगी....

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

प्रौढावस्‍था के साथ ही साथ अन्‍य उम्र वाले लोगों में जिन लोगों ने 1945 , 1953 , 1961 , 1969 , 1977 , 1985 , 1993 ,2001 , 2009 के अप्रैल और मई महीनों में जन्‍म लिया है , उनको इस अवधि में कुछ परेशानी अवश्‍य रहेगी।


आपकी इस जानकारी से थोड़ी चिन्ता हो रही है ... :):) अब सावधानी भी क्या करेंगे ? कुछ मालूम नहीं भविष्य का :):)मैं तो आज में ही जी लेती हूँ ....

Udan Tashtari ने कहा…

अच्छा विस्तार दिया है जानकारी को.

डॉ टी एस दराल ने कहा…

बहुत अच्छी और गंभीर जानकारी ।
शुभकामनाओं के लिए आभार संगीता जी ।

अल्पना वर्मा ने कहा…

सरल भाषा में समझाया जाना आप के लेखों की ख़ासियत है.
देखें भविष्य के गर्त में क्या छुपा है..स्थितियां बेहतर हों शायद..

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!

dhiru singh {धीरू सिंह} ने कहा…

आपको स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

रचना दीक्षित ने कहा…

बहुत अच्छी और गंभीर जानकारी ।