गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष GATYATMAK ASTROLOGY: क्‍या इस वर्ष आपके सर सेहरा बंधेगा ?? .. हाथ पीले होंगे ??

25 October 2010

क्‍या इस वर्ष आपके सर सेहरा बंधेगा ?? .. हाथ पीले होंगे ??

'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' की दृष्टि से लोगों के विवाह निर्धारण में गोचर के ग्रहों की महत्‍वपूर्ण भूमिका होती है , भले ही वैवाहिक सुख या कष्‍ट के लिए जन्‍मकालीन ग्रह जिम्‍मेदार हों। पर गोचर के ग्रहों की गत्‍यात्‍मक शक्ति की कमी और स्‍थैतिक शक्ति की प्रचुरता होने से उनकी क्रियाशीलता बढती है , जो कई प्रकार के शुभ कार्यों को करवाने में समर्थ होती हैं। इसलिए भिन्‍न भिन्‍न लग्‍नवालों के विवाह के लिए दूसरे दूसरे ग्रह जिम्‍मेदार होते हैं। प्रतिवर्ष नवंबर माह में मैं एक आलेख लिखा करती हूं , जिसमें विभिन्‍न लग्‍नवालों के लिए वर्षभर के विवाह के मुहूत्‍तों के बारे में जानकारी दी जाती है। आवश्‍यक नहीं कि उस लग्‍न के सभी युवाओं युवतियों के विवाह उस समयांतराल में हो ही जाएं , पर विवाह योग्‍य वर वधूओं में से अधिकांश की संभावना अवश्‍य बन जाती है। इंटरनेट में भी आप अपने लग्‍न की जानकारी के लिए कई लिंकों पर जा सकते हैं , यहां और यहां । जन्‍म के शहर के लांगिच्‍यूड और लैटिच्‍यूड की जानकारी के लिए आप इस लिंक पर भी जा सकते हैं।

2010 के अगस्‍त और सितंबर में ही दो दो ग्रह क्रियाशील थे , पहला ग्रह बुध 1 अगस्‍त से 24 सितंबर 2010 तक सिंह राशि में अधिक सक्रिय था और यह धनु , कुभ और मीन लग्‍नवालों के सातवें भाव का स्‍वामी या सातवें भाव में स्थिति की वजह से इन लग्‍नवालों के विवाह की व्‍यवस्‍था करने में समर्थ था , जिनके विवाह इस समय तय हो गए हों , उनके विवाह की संभावना 1 दिसंबर 2010 से 12 जनवरी 2011 के मध्‍य बनने की उम्‍मीद दिखती है।

बीते अगस्‍त सिंतबर में क्रियाशील दूसरा ग्रह शुक्र था , यह वृष और तुला राशि का स्‍वामी कन्‍या राशि में सक्रिय था और चूकि ये राशियां वृश्चिक , मेष और मीन राशि का सातवां भाव है , इसलिए इस वक्‍त वृश्चिक ,  मेष और मीन राशि के विवाह की व्‍यवस्‍था करने में समर्थ था। पर सितंबर के बाद कुछ न कुछ समस्‍या खडी होने से बात आगे न बढ सकी होगी। इनके वैवाहिक मामलों में तेजी 18 नवंबर 2010 के बाद ही आ सकेगी , कुछ ही दिनों में शुक्र वृश्चिक राशि में पहुंचेगा और जनवरी 2011 के दूसरे सप्‍ताह तक वृश्चिक , मेष और मीन लग्‍नवालों के अतिरिक्‍त वृष लग्‍नवालों में से भी बहुतों के विवाह हो जाएंगे।

जून और जुलाई में बृहस्‍पति के क्रियाशीलता की वजह से वैवाहिक मामलों में तेजी के बाद अगस्‍त 2010 से सुस्‍त पडा ग्रह बृहस्‍पति भी 18 नवंबर 2010 के बाद मीन राशि में मजबूत हो जाएगा , इसलिए  बृहस्‍पति के कारण मिथुन और कन्‍या लग्‍नवालों के विवाह की यहां पर उम्‍मीद बन सकती है।

1 दिसंबर से 12 जनवरी 2011 तक बुध ग्रह पुन: क्रियाशील होगा , धनु राशि में होने के कारण धनु और मीन लग्‍नवालों के साथ साथ मिथुन लग्‍नवालों के लिए भी विवाह का शुभ अवसर पैदा कर सकता है। पर 10 दिसंबर से 30 दिसंबर 2010 तक वैवाहिक मामलों की बातचीत कुछ धीमी रफ्तार लेगी या किसी प्रकार की गलतफहमी की शिकार बन जाएगी।

जनवरी 2011 के प्रथम सप्‍ताह में ही शनि ग्रह क्रियाशील होगा , जिसकी स्थिति कन्‍या राशि में होने के कारण यह कर्क और सिंह लग्‍नवालों के अलावे मीन लग्‍नवालों के वैवाहिक कार्यक्रमों का कारण बनेगा। किंतु जनवरी 2011 में ही उनकी बात बन जाए और विवाह बंधन में बंध जाएं तो अच्‍छा है , क्‍यूंकि जनवरी 2011 के बाद शनि ग्रह की कमजोर स्थिति किसी न किसी तरह की समस्‍या उपस्थित करेगी और वैवाहिक मामलों को आगे बढने से रोकेगी। 13 जून 2011 के बाद ही पुन: कर्क और सिंह राशिवालों के लिए वैवाहिक मामले सुखद हो सकते हैं। इसलिए जुलाई में विवाह लग्‍न की समाप्ति से पहले पहले इन लग्‍नवालों में से कुछ के विवाहहोने की उम्‍मीद है।

22 मार्च को मीन राशि में बुध ग्रह के पुन: क्रियाशील होने की वजह से धनु और मीन के साथ साथ कन्‍या लग्‍नवालों के विवाह की बात जोर शोर से होगी और कोई शक नहीं कि उनमें से बहुतों के विवाह 10 मई के आसपास हो भी जाएं।

इस तरह विभिन्‍न ग्रहों की मजबूती के कारण सभी लग्‍नवालों केविवाह के उपयुक्‍त एवं प्रभावी समय इस प्रकार होंगे .....
  1. मेंष लग्‍न ... 19 नवंबर 2010 से 7 जनवरी 2011 तक के आसपास का समय , 
  2. वृष लग्‍न ... 19 नवंबर 2010 से 7 जनवरी 2011 तक का समय , 1 दिसंबर 2010 से 12 जनवरी 2011 तक का समय,
  3. मिथुन लग्‍न ... 19 नवंबर से 17 दिसंबर 2010 तक , 1 दिसंबर 2010 से 12 जनवरी 2011 के आसपास का समय, 
  4. कर्क लग्‍न ... 5 जनवरी से 28 जनवरी 2011 तक का समय , 13 जून से 4 जुलाई 2011 तक का समय,
  5. सिंह लग्‍न ... 5 जनवरी से 28 जनवरी 2011 तक का समय , 13 जून से 4 जुलाई 2011 तक का समय, 
  6. कन्‍या लग्‍न ... 19 नवंबर से 17 दिसंबर 2010 तक का समय ,22 मार्च से 10 मई 2011 के आसपास तक का समय, 
  7. तुला लग्‍न ... इनका सामान्‍य योग नहीं दिख रहा , जन्‍मकुडली में कोई बडा योग हो तभी इनका विवाह इस वर्ष हो पाएगा। 
  8. वृश्चिक लग्‍न ... 19 नवंबर 2010 से 7 जनवरी 2011 के आसपास तक का समय, 
  9. धनु लग्‍न ... 1 दिसंबर से 12 जनवरी 2011 तक के आसपास का समय , 22 मार्च से 10 मई तक के आसपास का समय, 
  10. मकर लग्‍न .. इनका सामान्‍य योग नहीं दिख रहा , जन्‍मकुडली में कोई बडा योग हो तो कभी भी इनका विवाह इस वर्ष हो पाएगा।   
  11. कुंभ लग्‍न ...  इनका सामान्‍य योग नहीं दिख रहा , जन्‍मकुडली में कोई बडा योग हो तो जून में इनका विवाह इस वर्ष हो पाएगा।    
  12. मीन लग्‍न ...  1 दिसंबर से 12 जनवरी 2011 तक के आसपास का समय , 22 मार्च से 10 मई तक के आसपास का समय, जनवरी 2011 , जून 2011 , 
 समस्‍त विवाह योग्‍य युवाओं युवतियों को विवाह के लिए हमारी ढेर सारी शुभकामनाएं !!
 और समस्‍त विवाहित दंपत्तियों को करवा चौथ की शुभकामनाएं !!

11 comments:

निर्मला कपिला said...

बहुत अच्छी जानकारी है मगर मेरे सभी बच्चों की शादियां हो गयी हैं। धन्यवाद। संगीता जी आप बहुत श्रमसध्य कार्य कर रही हैं। शुभकामनायें।

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

समय निकल गया :(

संगीता पुरी said...

बहुत आसान है विवाह का समय ज्ञात करना .. युवक और युवती इस पोस्‍ट में दिए गए लिंक में से अपना लग्‍न निकाल लें .. दोनो के विवाह के लिए जो कॉमन समय होगा .. वहीं उन दोनो का विवाह होगा !!

संगीता पुरी said...
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संगीता पुरी said...

मुझे जो दो कुंडलियां जिज्ञासावश किसी ने भेजी हैं .. उसमें पुरूष का जन्‍म वृष लग्‍न के अंतर्गत तथा महिला का जन्‍म कन्‍या लग्‍न के अंतर्गत हुआ है .. दोनो के हिसाब से 19 नवंबर को विवाह के लिए उपयुक्‍त समय है .. इसलिए वहां से संभावना दिख रही है .. दोनो के हिसाब से विवाह का समय तो 12 जनवरी तक ही है .. इसलिए अधिक संभावना यहीं पर बनेगी .. पर युवती के हिसाब से देखा जाए तो 22 मार्च से 10 मई तक भी विवाह हो सकता है !!

राज भाटिय़ा said...

अजी हमरे हाथ तो कब के नीले पीले हो चुके :) धन्यवाद इस अति सुंदर जानकारी के लिये,
संगीता जी एक बात पुछनी थी कि कुंडली के क्या लाभ हे ओर क्या हानिया हे, इस बारे जरुर लिखे, हमारी बीबी कहती हे कि बच्चो की कुंडली बनवा ले ? तो मै कहता हूं कि क्या लाभ इस का उस के पास कोई जबाब नही, फ़िर कहती हे बनवाने मे क्या हानि हे? इस का जबाब मेरे पास नही, शायद आप के पास हो तो जरुर बताये. धन्यवाद

विष्णु बैरागी said...

आप 'लग्‍न' के आधार पर संकेत देती हैं लेकिन अधिकांश लोगों को 'लग्‍न' की जानकारी नहीं होती। यदि जन्‍म दिनांक अथवा जन्‍म राशि के आधार पर संकेत दें तो शायद अधिक सुविधा होगी।

बहरहाल, आपके साथ-साथ हमारी भी शुभ-कामनाऍं, विवाहित होनेवाले युवा/युवतियों को।

Udan Tashtari said...

हम तो क्या करेंगे भला इसका...

ZEAL said...

अच्छी जानकारी

DEEPAK BABA said...

मेरे ख्याल से इस लेख का हेडिंग इस प्रकार होना चाहिए............
"क्या इस साल आप आपनी आज़ादी सुरक्षित रख पायेंगे..

हा हा हा

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
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आपकी पोस्ट को बुधवार के
चर्चा मंच पर लगा दिया है!
http://charchamanch.blogspot.com/