शुक्रवार, 29 अक्तूबर 2010

अब मौसम की गडबडी दिसंबर के पहले सप्‍ताह में ही दिखती है !!

अभी नवंबर की शुरूआत भी नहीं हुई कि गुलाबी ठंड की दस्तक हो गयी है। बीते दो दिनों से मौसम में सुबह से शाम तक ठंडक का ही माहौल रहा है। तापमान में गिरावट आने से भोर में हल्की ठंड पड़ने लगी है , ऐसे में लोगों का ध्‍यान है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष ठंड जल्‍द पड गयी है , नवंबर में मौसम सुहावना नहीं रह पाएगा , हो सकता है कडकडाती ठंड का भी सामना करना पडे। 

इधर दो दिनों में कुछ ग्रह स्थिति मौसम के पक्ष में नहीं थी , इसलिए कुछ अधिक ही ठंड का अहसास हो रहा है , पर आनेवाले समय में ठंड के बढते जाने के आसार नही। पर 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के नियमों की माने तो भले ही नवंबर का महीना ठंड का महीना है , इसलिए गुलाबी ठंड लोगों को महसूस होती रहे , पर कडकडाती ठंड का सामना करने को लोग तभी मजबूर होते हैं ,जब तेज हवाएं चल रही हो, आसमान में बादल बनें हों , यत्र तत्र बारीश के छींटे पड रहे हों या पहाडी प्रदेशों में बर्फ गिर रहे हों। पर अभी आनेवाले समय में ऐसे कोई हालात नहीं दिख रहे।

 6 और 7 दिसंबर 2010 को कुछ ग्रहों की खास स्‍िथति भारत के मौसम में गडबडी लाने में जिम्‍मेदार होगी। इसके प्रभाव से तेज हवाएं चलेंगी , आसमान में बादल बनेंगे, यत्र तत्र बारिश , बर्फ गिरने की घटनाएं होगी , मैदानी क्षेत्रों में कुहरे से यातायात क्षेत्र खासा प्रभावित होगा , जिससे जन जीवन अस्‍त व्‍यस्‍त होगा। ऐसे में तापमान घटने से कडकडाती ठंड होने से इंकार नहीं किया जा सकता। इसका प्रभाव एक सप्‍ताह पहले से देखा जा सकता है। पर 6 और 7 दिसंबर को इसका प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिलेगा , उससे पूर्व ठंड के बढने के कोई आसार नहीं दिखते।

6 या 7 दिसंबर के बाद मौसम में थोडी राहत अवश्‍य होगी , पर ठंड बढने का सिलसिला जारी रहेगा , छोटे रूप में मौसम की खराबी 20 दिसंबर के आसपास भी नजर आएगी , उस समय यत्र तत्र बारिश के कारण जनजीवन अस्‍तव्‍यस्‍त बना रहेगा। खेतों के फसलों , खासकर इस समय की सब्जियों वगैरह को भी नुकसान पहुंच सकता है। यही समय फसलों के खलिहान में बने होने का भी है , इसलिए किसानों को इन्‍हें लेकर भी तनाव बना रहेगा। मौसम की खराबी थोडी कम और अधिक होते हुए जनवरी के मध्‍य तक जाएगी। 10 और 11 जनवरी को बडे रूप में एक बार मौसम की खराबी , जिसमें तेज हवाओं से लेकर बारिश , आंधी और बर्फ गिरना सब शामिल है , के बाद ही अचानक ठंड से छुटकारा मिलेगा।

21 टिप्‍पणियां:

खबरों की दुनियाँ ने कहा…

सूचना के लिए आभार ।

Patali-The-Village ने कहा…

जानकारी के लिए धन्यवाद|

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

शुक्रिया इस जानकारी के लिए संगीता जी

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

अब तो मौसम का पूरा सिस्टम ही गड़बड़ा गया है..

मनोज कुमार ने कहा…

यह जानकारी काम आएगी। बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं!
विचार-आत्मविश्वास

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सही कहा आप ने, लेकिन हम तो अपने गर्म कपडे फ़िर भी साथ लायेगे, हमारे यहां तो आज कल सर्दी खुब पड रही हे, ओर अगले महीने से ओर भी ज्यादा सर्दी पडेगी, वेसे हमारे गर्म कपडे भारत मे काम नही आते,

निर्मला कपिला ने कहा…

इसका अर्थ हुया कि दिवाली खूब मज़े से मनायें। धन्यवाद इस जानकारी के लिये।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

चलिए अब तो सर्दी की तैयारी कर लेते हैं ...

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

सूचना के लिए आभार ...संगीता जी
अब तो तैयारी कर लेते हैं ... :)

विष्णु बैरागी ने कहा…

मेरे कुछ मित्र ऐसे हैं जिनके लिए आपकी सूचनाऍं उपयोगी हो सकती हैं। जो होना है वा होगा, मेरा काम है, उन तक आपकी सुचनाऍं पहुँचाना। पहुँचा रहा हूँ।

बी एस पाबला ने कहा…

जानकारीपरक पोस्ट

निशांत मिश्र - Nishant Mishra ने कहा…

पृथ्वी की अपनी परिक्रमा कक्ष में परिवर्तन के कारण इस गोलार्ध में अक्टूबर में हलकी ठण्ड शुरू होती है जो प्रायः दिसंबर-जनवरी में ही पीक पर पहुँचती है. इस बीच मौसम के अन्य कारकों के कारण बारिश हिमपात आदि भी होता है. It is as simple as that.

अन्तर सोहिल ने कहा…

आशा है इस बार भी आपकी भविष्यवाणी सच होगी।
सचेत करने के लिये धन्यवाद

प्रणाम

संगीता पुरी ने कहा…

निशांत जी .. लेख को ध्‍यान से पढें .. डेट दिया है मैने .. 6 और 7 दिसंबर को मौसम की गडब्रडी चरम पर होगी .. उसका असर कुछ दिन पूर्व से बढते क्रम में दिख सकता है.. पश्‍चात में भी घटते क्रम में थोडा दिख सकता है .. हर वर्ष मौसम के बडे तौर पर बिगडने की ति‍ि‍थ अलग अलग होती है !!

संगीता पुरी ने कहा…

सिर्फ सूर्य की स्थिति को लेकर दिसंबर और जनवरी को ठंढ के बारे में जानकारी आम जन को मिल जाती है .. पर अन्‍य ग्रहों की गत्‍यात्‍मक और स्‍थैतिक शक्ति को देखने से एक खास तिथि तक पहुंचा जा सकता है .. आलेख में पूरे दिसंबर और जनवरी की न होकर एक एक तिथि की चर्चा है .. 7 दिसंबर के बाद 20 दिसंबर और 10 जनवरी जैसी तिथियों को भी मौसम सर्वाधिक बिगडा रहेगा !!

वन्दना ने कहा…

जानकारी के लिए धन्यवाद|

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

निशांत जी टिप्‍पणी से सहमत हूँ।

DIMPLE SHARMA ने कहा…

जानकारी के लिये बहुत बहुत धन्यवाद |ज्योतिष विद्या सच मे अतुल्य है

गिरीश बिल्लोरे ने कहा…

आपका कथन सत्य ही होता है
सूचना के लिये आभार
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एक नज़र : ताज़ा-पोस्ट पर
दर्शन बावेजा
ताज़ा पोस्ट विरहणी का प्रेम गीत
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Mrs. Asha Joglekar ने कहा…

हम भी पहुँच रहे हैं दिल्ली गुलाबी ठंड का मज़ा लेने ।

योगेन्द्र मौदगिल ने कहा…

badiya jaankari......