मंगलवार, 9 नवंबर 2010

भूकम्‍प का ग्रह योग 16 नवंबर 2010 को सर्वाधिक प्रभावी होगा !!

मनुष्‍य के जीवन में प्राकृतिक आपदाओं में सर्वाधिक क्षति पहुंचाने वाली दुर्घटना भूकम्‍प ही है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका कारण भू-पट्टियों में लगातार हो रही गति के कारण पृथ्वी की प्लेटों का खिसकना ही है। इसके अतिरिक्त पृथ्वी के अंदर लावा भी ज्वालामुखी वाले क्षेत्रों में भूकम्‍प लाने में जिम्‍मेदार होती है। धरती के भीतर चल रही भूगर्भीय प्रक्रियाओं के कारण हर सैकेंड लगभग तीन भूकम्प ग्लोब के किसी न किसी कोने पर सिस्मोग्रॉफ के जरिए अनुभव किए जाते हैं , पर इनमें से दो प्रतिशत भूकम्प सतह पर महसूस होते हैं । इनमें से लगभग 100 भूकम्प हर साल रिक्टर पैमाने पर दर्ज होते हैं, पर इनमें से दो चार भूकम्‍प जानमाल का भारी नुकसान करते हैं , जिसके कारण भूकम्‍प का नाम ही इतना भयावह प्रतीत होता है।

29 सितंबर 2010 के पोस्‍ट में ही मैने एक खास ग्रहयोग के कारण नवंबर के मध्‍य में एक विनाशकारी भूकम्‍प की आशंका जतायी थी। इसके खास तिथि , समय और क्षेत्र की जानकारी देते हुए नवंबर के प्रथम सप्‍ताह में ही एक और लेख का वादा आपसे किया था। वैसे तो इस योग के फलीभूत होने की संभावना एक सप्‍ताह पूर्व से एक सप्‍ताह पश्‍चात तक कभी भी हो सकती है , पर काफी अध्‍ययन के बाद ‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष’ इस नतीजे पर पहुंचा है कि यह योग 16 नवंबर को भारतीय समय के अनुसार दिन के साढे तीन बजे अत्‍यधिक प्रभावी रहेगा। इसलिए इस तिथि और समय के आसपास भूकम्‍प की आशंका बढ जाती है।

मैने अपने पूर्व के आलेखों में स्‍पष्‍टत: कहा है कि अभी तक के रिसर्च के आधार पर तिथि की जितनी जानकारी हुई है , उतना दावा समय के बारे में नहीं किया जा सकता। और क्षेत्र के बारे में तो हमारा रिसर्च अभी बिल्‍कुल प्रारंभिक दौर से गुजर रहा है , आक्षांस के बारे में तो हम बिल्‍कुल ही दावा नहीं कर सकते , पर एक खास आधार का पता चलने के कारण देशांतर रेखा का कुछ अनुमान कर पाने की हिम्‍मत कर पाते हैं। हमारे हिसाब से भूकम्‍प के आने की संभावना 51 डिग्री पूर्व और 21 डिग्री पश्चिम के आसपास मानी जा सकती है। यदि इसके क्षेत्र को थोडा विस्‍तार दिया जाए , तो कहा जा सकता है कि 41 डिग्री से 61 डिग्री पूर्व तथा 11 डिग्री पश्चिम से 31 डिग्री पश्चिम में भूकम्‍प की संभावना हो सकती है। दोनो ही स्‍थानों में इस भूकम्‍प का समय भिन्‍न भिन्‍न हो सकता है।

दोनो ही हिसाब से हमारा देश पूर्ण तौर पर सुरक्षित दिख रहा है , यह हमारे लिए बडी राहत की बात है। हालांकि देश के पचिमी हिस्‍से में रहनेवालों के प्रभावित होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता। जहां तक हमारी गणना का सवाल है , यह छोटे मोटे भूकंप के लिए नहीं होता । कम से 6 रिक्टर से ऊपर की तीव्रता वाले भूकम्प के ही बारे में कहा जाता है , जो विनाशकारी होते हैं, खासकर जहां-जहां जनसंख्या का घनत्व अधिक है उन क्षेत्रों में भूकम्प आ जाने से अधिक जन-धन की हानि होने की आशंका बनी रहती है। अपने गणना के आधार पर हमारा मानना है कि 16 नवंबर को भूकम्‍प आएगा तो यह बडा भयावह होगा , यदि एक दो दिन पूर्व और पश्‍चात् हो , तो थोडी राहत की बात अवश्‍य हो सकती है। भूकम्प एक प्राकृतिक आपदा है जिसे जब इतने बडे बडे वैज्ञानिक नहीं रोक सकते , तो हम इसका दावा कैसे कर सकते हैं ? परन्तु अन्‍य विज्ञानों के तरह ही पूर्वानुमानों और संकेतों को निरंतर कुछ वर्षों तक विकसित किया जाए , तो इसके आधार पर हम इससे होने वाले जान-माल के नुकसान को कम जरूर कर सकते हैं । आइए ईश्‍वर से प्रार्थना करें कि जान माल की कम से कम क्षति हो।

27 टिप्‍पणियां:

ललित शर्मा ने कहा…

ना ही आए तो ठीक है जी
लेकिन प्रकृति पर किसका बस चला है।
सावधानी रखी जाए

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

आज के ही दिन, ध्यान रखना पड़ेगा..

Tarkeshwar Giri ने कहा…

apni to 16 November ki chhutti pakki. pure din khule asman ke neeche pane park ke beccho beech baccho ke sath dhup ka aanand lete huye INDIA GATE PE, ( kafi khuli jagah hai is tarah ke khatro se bachne ke liye)


Thanks

नरेश सिह राठौड़ ने कहा…

जो होना है वो तो होगा उस पर किसी का जोर नहीं है, लेकिन पहले ही पता चल जाए तो काफी सावधानी बरती जा सकती है |

Arvind Mishra ने कहा…

जरा उन देशों का नाम बताएं जो आपके इस गत्यात्मक ज्योतिष के टार्गेट पर हैं?
भूकंप तो रोज ही धरती पर आते रहते हैं ! आप भी यही कह रही हैं !
मेरे हिसाब से भूकंप जनवरी में उन दिनों में आयेगा जब नहावन की तिथियाँ होंगी और बड़ी जनसँख्या घर के बाहर नदियों के पास होगी -यह प्रेक्षन सदियों से पुरखों ने किया है !
कहीं सूर्य पूजा के दौरान ही न आ जाय /

सलीम ख़ान ने कहा…

dekhenge

निर्मला कपिला ने कहा…

संगीता जी सावधान करने के लिये धन्यवाद। चलो अपने देश मे तो कम खतरा है। लेकिन प्राकृतिक आपदाओ का क्या पता। आभार।

डॉ टी एस दराल ने कहा…

निश्चित ही बड़ी भयावह खबर है ।
अपने देश में आने के आसार नहीं हैं , यह पढ़कर राहत मिली ।
जहाँ भी आए , जान माल का नुकसान न हो , यही कामना है ।

dhiru singh {धीरू सिंह} ने कहा…

भारत बचा रहे .........

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

चलिए समय पर जानकारी दे दी है आपने!
--
लोग कुछ तो सुरक्षित हो ही जायेंगे!

HAKEEM YUNUS KHAN ने कहा…

दीदी आप अच्छी लगती हैं मुझे लेकिन ज्योतिषी वहम अच्छे नहिंलागते मुझे .
मुझे माफ कर दीजियेगा .

केवल राम ने कहा…

प्रकृति अपना प्रभाव जरुर दिखाती है .....पूरी मानवता ऐसी परिस्थितियों में बहुत नाजुक दौर से गुजरती है ...ईश्वर करे ऐसा कुछ भी न हो ...ताकि धरती खुबसूरत बनी रहे .....सचेत करने के लिए आभार

बी एस पाबला ने कहा…

एक बार पुन: अपनी इस पोस्ट पर बताई तकनीक के अनुसार बताना चाहता हूँ कि

Suspect around 6 to 7M quakes over

KACHCHH, GUJARAT (23.4 N 70.0 E)
NANDED, MAHARASTRA (19.00N 77.40E)
PAKISTAN (28.5N 66.4E)
may occur within next 48 to 380 hours from 04.30 UTC on 27th Oct. 2010.

यदि आप अनुमति दें तो टिप्पणी के रूप में यहीं अपडेट देता रहूँ

नीरज जाट जी ने कहा…

संगीता जी, सोलह तारीख को मैं बद्रीनाथ में रहूंगा। बस, ऊपर वाले से कामना करता हूं कि भूकम्प ना आये।

नीरज जाट जी ने कहा…

संगीता जी, सोलह तारीख को मैं बद्रीनाथ में रहूंगा। बस, ऊपर वाले से कामना करता हूं कि भूकम्प ना आये।

बी एस पाबला ने कहा…

मेरी पहली टिप्पणी पर लीजिए अपडेट

राजस्थान में
10 नवंबर की सुबह 4:16 पर आया 4.5 का भूकम्प
स्थान था 25.463°N, 73.725°E

जैसा कि पुरानी पोस्ट में बताया गया है कि
इस विधा के अंतर्गत
बताये गये स्थान में, +/- 3 डिग्री अक्षांश/ देशांतर का अंतर
और तीव्रता में +/- 1 का अंतर पाया जा सकता है।

रचना ने कहा…

aap ki kabliyat par shak kabhie nahin kiya


ishwar sae prarthna haen ki aap ki yae bhavishyawani galt sidhh ho

वन्दना ने कहा…

बस यही कामना है जान माल का नुकसान कम से कम हो अगर भूकम्प आता है तो॥

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

प्रकृति पर किसी का वश नहीं ....पर यह चिंताजनक है ...अब तो यही प्रार्थना है की कम में ही निपट ले ...

vinay ने कहा…

भुकम्प जैसे विधवंस कारी पराकृतिक विपदा से हमारी पृथ्वी बची रहे,यही कामना है ।

cmpershad ने कहा…

`दोनो ही हिसाब से हमारा देश पूर्ण तौर पर सुरक्षित दिख रहा है '

राहत मिली :)

प्रमोदपाल सिंह मेघवाल ने कहा…

देसूरी में भूकंप के झटके
देसूरी,10 नवम्बर। कस्बे में बुधवार प्रातः भूकम्प के तेज झटके महसूस किए गए। इस दौरान नींद मे सोए लोग हड़बड़ा गए और घरों के बाहर आ गए।
कस्बे में प्रातः 4.15 बजे भूकम्प की तेज गड़गड़ाहट सुनाई दी। हांलाकि इस दौरान उथलपुथल नहीं हुई। लेकिन लोग बाग बुरी तरह से घबरा गए और अपने परिजनों के लेकर घर की बाहर की तरफ दौड़े और एक-दूसरे को चिखते हुए आवाज देने लगे। इसी के साथ जगे हुए लोग भूकम्प की त्रिवता की चर्चा में जुट गए। लोगों का मानना हैं कि इतने तेज झटके इससे पहले महसूस नहीं किए गए।
इसी तरह के झटके नारलाई,घाणेराव,सादड़ी,लांपी,सुमेर,गांथी,बागोल,मगरतलाव,नया गांव,कोट सोलंकियान,पनोता,गुड़ा दुर्जन,गुड़ा गोपीनाथ और इनके आसपास के इलाके में आने के समाचार मिले हैं। जानमाल की क्षति के कोई समाचार नहीं हैं।

Vijai Mathur ने कहा…

Aapne mehnat se jaankari dee hai aur ishvar se prarthana karne ki apeal ki hai,yadi uchit samjhen to yah upaiy sab ko bata den,:-

OM JUNH SAH akhil vishv ke MANAV PALAY -PALAY SAH JUNH OM.

Kamal Singh ने कहा…

janhani se savdhan karne ke liye dhanywad lekin jagah to nischit karo kahan sambhavna h

बी एस पाबला ने कहा…

बेशक भारत का कोई स्थान नहीं है सूची में, लेकिन एक सूचना ही सही (यहीं मेरी पिछली टिप्पणियाँ देखें)

Suspect around 6 to 7+M quakes over

KAMCHATKA (52.2N 157.3E) - ANDREANOF ISLANDS (51.5N 179.5W)
TONGA-LOYALTY ISLANDS REN (21.8S 172.9W) - KERMADEC ISLANDS (31.5S 179.5W)
SOUTH ISLAND OF N-ZEALAND (44.15S 173.16E)- EAST OF KURIL ISLANDS (47.1N 155.2E)

and around 5 to 6+M quakes over

IRIAN JAYA REGION (3.8S 131.3E)
SOUTHERN IRAN (27.8N 57.1E) - SULAWESI (3.6S 123.2E)
SOLOMON ISLANDS (6.3S 154.7E) - NEW GUINEA (4.2S 142.1E)
EAST COAST OF HONSHU (34.1N 141.8E) - XIZANG (32.8N 82.1E)
VOLCANO ISLANDS (24.5N 142.1E) - SOUTHEAST ASIA (20.5N 100.7E)
LUZON, PHILIPPINE (12.8N 122.0E) - PHILIPPINE ISLAND (19.7N 121.7E)

may occur within next 48 to 380 hours from 04.30 UTC on 13th Nov. 2010.

Vijai Mathur ने कहा…

संगीताजी ,
२१ नव .को फ्लिपींस में आया भूकम्प और ज्वालामुखी -विस्फोट क्या आपकी रेंज में था ? यदि हाँ तो आपका कुल आंकलन सही रहा.

संगीता पुरी ने कहा…

यहां आया था भूकम्‍प