शनिवार, 22 जनवरी 2011

दलाल स्‍ट्रीट में अगले सप्‍ताह रौनक बने रहने की संभावना है !!

आनेवाले सप्‍ताह की शेयर बाजार की भविष्‍यवाणी करते हुए मेरे आलेख प्रति सप्‍ताह मोल तोल में प्रकाशित होते ही हैं , पिछले माह तस्‍लीम के एक लेख में योगेश नाम के एक पाठक से हुई बहस में भी मैने कहा था कि 20 दिसंबर से 5 जनवरी तक बाजार निरंतर सुधरेगा , खासकर 29 दिसंबर से 5 जनवरी के मध्‍य खासी तेजी आएगी। पूरे महीने की तुलना में बाजार 20 दिसंबर से सुधरना आरंभ हुआ तथा 29 दिसंबर से 3 जनवरी तक लगातार सकारात्‍मक बना रहा। 4 और 5 को थोडी गिरावट देखी गयी।हां , बाजार में बहुत बडी बढत नहीं हुई , इसे मैं स्‍वीकार करती हूं।


पर इससे आगे के आंकडे को गौर करें , तो वह 600 प्‍वाइंट की बढत भी बडी बढत नजर आएगी , क्‍यूंकि 5 जनवरी से मात्र 6 दिन के अंदर सेंसेक्‍स में 1340 प्‍वाइंट्स की कमजोरी आयी , दुनियाभर के शेयर , सोने और चांदी के भाव इस दौरान भरपूर गिरें। विश्‍वभर की अर्थव्‍यवस्‍था में एक दबाब था,पर वह वातावरण मेरे दिए गए बढत की तिथियों यानि लगभग 20 दिसंबर 2010 से लेकर 5 जनवरी 2011 तक उपस्थित नहीं हुआ। भले ही मेरे कहे अनुरूप बहुत बडी बढत नहीं हुई , पर खीचंतान कर भी सेंसेक्‍स 600 प्‍वाइंट्स के लगभग बढता ही रहा , क्‍यूंकि उस वक्‍त की ग्रहस्थिति शेयर बाजार की ऋणात्‍मकता दिखाने के मूड में नहीं थी। इसके बाद भी ज्‍योतिष को मात्र अंधविश्‍वास माना जाए तो लोग मानते रहें।



पिछले सपताह 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' की गणना के अनुरूप ही सेंसेक्‍स और निफ्टी में आनेवाली गिरावट तो थम गयी , पर बाजार में बढत नहीं आ पाने से आम निवेशक अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं। पूरे सप्‍ताह कभी कमजोर ग्लोबल संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली बाजार को पीछे ठेलती गई तो कभी घरेलू निवेशकों ने शेयरों की खरीदारी कर बाजारों को ऊपर की ओर धकेला। कल क्‍या होगा , किसी को पता नहीं , चिंता का मुख्‍य कारण यही है। दुनिया भर के शेयर बाजार से लेकर सभी प्रकार के मेटल में घटत का दौर चल रहा है।


पर गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष की नियमों की मानें , तो आने वाले सप्‍ताह में ग्रहों की स्थिति हर प्रकार के बाजार में तेजी लाने वाली होगी। 24 और 25 जनवरी को मेटल सेक्‍टर के शेयरों की बढत से शेयर बाजार में मजबूती की शुरूआत होगी , जो कमोबेश सभी सेक्‍टरों को मजबूती की ओर ले जाएगी। 26 और 27 जनवरी पूंजीगत वस्‍तुओं के लिए तथा 28 जनवरी बैंकिंग सेक्‍टर के लिए खास रह सकता है। इस तरह उत्‍साहजनक शुरूआत के बाद कारोबारी सप्‍ताह का अंत भी बैंकिंग सेक्‍टर के अच्‍छे खासे बढत के बाद होगा। इस तरह कुल मिलाकर दलाल स्‍ट्रीट में अगले सप्‍ताह रौनक बने रहने की संभावना है।


कुछ पाठकों , जिन्‍हें हमारे द्वारा किए गए एक सप्‍ताह के आकलन से दूरस्‍थ कार्यक्रम बनाने में सुविधा महसूस नहीं होती है, की इच्‍छा को ध्‍यान में रखते हुए, फरवरी 2011 के शेयर बाजार का आकलन किया जा चुका है। प्रतिमाह इस प्रकार का आकलन किया जा सकता है। सशुल्‍क उसे प्राप्‍त करने की इच्‍छा रखने वाले मेरे ईमेल पर संपर्क कर सकते हैं। gatyatmakjyotish@gmail.com 

11 टिप्‍पणियां:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

अच्छा भविष्यकथन रहेगा शेयर बाजार के खिलाड़ियों के लिये..

vinay ने कहा…

आप की ज्योतिष गणना सही ही निकलती है,में तो
इसे प्राचीन ऋषि,मुनियों का ज्ञान मानता हूं,बाकि जो समझे,समझे,आप को अपनी कमी को मानना निर्भिकता का परिचय है ।

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

अच्छी खबर.

राज भाटिय़ा ने कहा…

संगीता जी आज के बच्चे दो शब्द सीख कर अपने आप को विग्याणिक समझने लगते हे, फ़िर अपने पुर्वजो ओर उन के वेदो को छोड कर गोरो की जय जय कार बोलते हे इन से क्या बहस करना, आप का आज का लेख भी बहुत अच्छा लगा, धन्यवाद

निर्मला कपिला ने कहा…

ाच्छी जानकारी है। धन्यवाद।

कुमार राधारमण ने कहा…

एक नज़र आम आदमी के बाज़ार पर भी डालकर बताइए कि प्याज-टमाटर खरीदना संभव हो पाएगा या नहीं।

विष्णु बैरागी ने कहा…

स्‍टॉक मार्केट मेरा प्रिय विषय कभी नहीं रहा। किन्‍तु आपके आलेख पढ कर, स्‍टॉक मार्केट से जुडे अपने मित्रों को सूचनाऍं देता रहता हूँ।

Radhe Radhe Satak Bihari ने कहा…

जनाब जाकिर अली साहब की पोस्ट "ज्‍योतिषियों के नीचे से खिसकी जमीन : ढ़ाई हजा़र साल से बेवकूफ बन रही जनता?" पर निम्न टिप्पणी की थी जिसे उन्होने हटा दिया है. हालांकि टिप्पणी रखने ना रखने का अधिकार ब्लाग स्वामी का है. परंतु मेरी टिप्पणी में सिर्फ़ उनके द्वारा फ़ैलाई जा रही भ्रामक और एक तरफ़ा मनघडंत बातों का सीधा जवाब दिया गया था. जिसे वो बर्दाश्त नही कर पाये क्योंकि उनके पास कोई जवाब नही है. अत: मजबूर होकर मुझे उक्त पोस्ट पर की गई टिप्पणी को आप समस्त सुधि और न्यायिक ब्लागर्स के ब्लाग पर अंकित करने को मजबूर किया है. जिससे आप सभी इस बात से वाकिफ़ हों कि जनाब जाकिर साहब जानबूझकर ज्योतिष शाश्त्र को बदनाम करने पर तुले हैं. आपसे विनम्र निवेदन है कि आप लोग इन्हें बताये कि अनर्गल प्रलाप ना करें और अगर उनका पक्ष सही है तो उस पर बहस करें ना कि इस तरह टिप्पणी हटाये.

@ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा "और जहां तक ज्‍योतिष पढ़ने की बात है, मैं उनकी बातें पढ़ लेता हूँ,"

जनाब, आप निहायत ही बचकानी बात करते हैं. हम आपको विद्वान समझता रहा हूं पर आप कुतर्क का सहारा ले रहे हैं. आप जैसे लोगों ने ही ज्योतिष को बदनाम करके सस्ती लोकप्रियता बटोरने का काम किया है. आप समझते हैं कि सिर्फ़ किसी की लिखी बात पढकर ही आप विद्वान ज्योतिष को समझ जाते हैं?

जनाब, ज्योतिष इतनी सस्ती या गई गुजरी विधा नही है कि आप जैसे लोगों को एक बार पढकर ही समझ आजाये. यह वेद की आत्मा है. मेहरवानी करके सस्ती लोकप्रियता के लिये ऐसी पोस्टे लगा कर जगह जगह लिंक छोडते मत फ़िरा किजिये.

आप जिस दिन ज्योतिष का क ख ग भी समझ जायेंगे ना, तब प्रणाम करते फ़िरेंगे ज्योतिष को.

आप अपने आपको विज्ञानी होने का भरम मत पालिये, विज्ञान भी इतना सस्ता नही है कि आप जैसे दस पांच सिरफ़िरे इकठ्ठे होकर साईंस बिलाग के नाम से बिलाग बनाकर अपने आपको वैज्ञानिक कहलवाने लग जायें?

वैज्ञानिक बनने मे सारा जीवन शोध करने मे निकल जाता है. आप लोग कहीं से अखबारों का लिखा छापकर अपने आपको वैज्ञानिक कहलवाने का भरम पाले हुये हो. जरा कोई बात लिखने से पहले तौल लिया किजिये और अपने अब तक के किये पर शर्म पालिये.

हम समझता हूं कि आप भविष्य में इस बात का ध्यान रखेंगे.

सदभावना पूर्वक
-राधे राधे सटक बिहारी

gyanduttpandey ने कहा…

जो दलाल स्ट्रीट पर लागू होता है, वही कमॉडिटी मार्केट पर भी लागू होता है?

Vijai Mathur ने कहा…

आप सब को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं.

यशवन्त माथुर ने कहा…

आप सब को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं.
सादर
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गणतंत्र को नमन करें