रविवार, 24 अप्रैल 2011

7 मार्च से 8 मई तक का समय मीन राशि के लिए बहुत ही महत्‍वपूर्ण


पिछले वर्ष मई से ही बृहस्‍पति ग्रह की स्थिति मीन राशि में बनी हुई है। अपनी राशि में स्थित होने के कारण यह विभिन्‍न लग्‍नवालों को खास खास मुद्दे के प्रति गंभीर बनाता आ रहा है। बृहस्‍पति की इस स्थिति के कारण किन्‍हीं के लिए सुखद तो किन्‍हीं के लिए यह समय खासा कष्‍टप्रद बना रहा। मार्च में बृहस्‍पति का साथ देने अन्‍य सभी ग्रह मीन राशि में पहुंच चुके हैं। 7 मार्च को बुध , 15 मार्च को सूर्य , 26 मार्च को मंगल मीन राशि में बृहस्‍पति के साथ चलते रहे। 15 अप्रैल को सूर्य के वहां से हटते ही 17 अप्रैल को शुक्र ने भी वहां अपनी स्थिति बना ली। 8 मई तक ही गुरू मीन राशि में मौजूद होगा , उस वक्‍त तक लगभग सभी ग्रह मीन राशि में मौजूद हैं। इसलिए 7 मार्च से ही मीन राशि के लिए महत्‍वपूर्ण समय की शुरूआत हुई और यह कमोबेश 8 मई तक बनीं रहेगी।

दो महीने में दो बार ढाई ढाई दिनों के लिए उपस्थित रहकर चंद्रमा ने इस योग को और प्रभावी बना दिया है। शुभ ग्रह के साथ शुभ राशि में इतने सारे ग्रहों की स्थिति होने से यह समय आमतौर पर सुखद माना जाता है। भारतवर्ष के मौसम और शेयर बाजार के मनोनुकूल बने होने में भी इसी ग्रहयोग का हाथ है। वैसे भारत सरकार के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण बना रहा। इस ग्रहयोग के कारण इस समय सभी लोगों के समक्ष मीन राशि से संबंधित मुद्दे उपस्थित रहे और अधिकांश लोगों को इससे संबंधित खुशी और कुछ लोगों को इससे संबंधित कष्‍ट से लोगों को जूझना पडता रहा।  वैसे तुला राशिवालों के लिए यह समय खास सुखद तथा सिंह राशिवालों के लिए यह समय गडबड बना रहा। 

इस ग्रहयोग के कारण ही मेष  लग्‍नवालेखर्च या बाहरी संदर्भों , वृष लग्‍नवाले हर प्रकार के लाभ के मामले  , मिथुन लग्‍नवाले पिता पक्ष , सामाजिक पक्ष , कैरियर से संबंधित संदर्भों , कर्क लग्‍नवाले धर्म , भाग्‍य से संबंधित संदर्भों , सिंह लग्‍नवाले रूटीन या जीवनशैली से संबंधित संदर्भों , कन्‍या लग्‍नवाले घर गृहस्‍थी से संबंधित संदर्भों ,, तुला लग्‍नवाले किसी प्रकार के झंझट या प्रभाव  के मामलों  , वृश्चिक लग्‍नवाले अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई या अन्‍य मामलों , धनु लग्‍नवाले माता पक्ष , किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति से संबंधित संदर्भों , मकरलग्‍नवाले भाई , बहन या अन्‍य बंधु बांधव , कुंभ   लग्‍नवालेधन , कोष से संबंधित मामलों तथा मीन  लग्‍नवाले स्‍वास्‍थ्‍य , या आत्‍मविश्‍वास  से संबंधित संदर्भों में सुख और दुख दोनो महसूस कर रहे होंगे।

पिछले दो महीने से चल रहा यह ग्रहयोग 8 मई के बाद समाप्‍त हो जाएगा , इसलिए इस ग्रहयोग के कारण सुख या कष्‍ट पा रहे दुनियाभर के लोगों की परिस्थिति‍यां 8 मई के बाद परिवर्तित होगी। जहां पिछले दो महीनों से अनायास सुख सफलता प्राप्‍त कर रहे लोगों की सुख सुविधा में कमी आएगी , वहीं , पिछले दो महीनों से कष्‍ट प्राप्‍त कर रहे लोगों को कष्‍ट से मुक्ति मिल सकती है। उसके बाद के दो महीनों का ग्रहयोग वृश्चिक राशिवालों के लिए काफी अच्‍छा तथा कन्‍या राशि वालों के लिए बुरा माना जा सकता है।


9 टिप्‍पणियां:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

यह लेख कुछ देर से प्रकाशित हुआ नहीं लगता.. बहरहाल अभी भी पन्द्रह दिन हैं. देखिये इनमें क्या होता है...

एम सिंह ने कहा…

आपका ज्ञान शानदार है. लोगो को इसका लाभ लेना चाहिए.
मेरी नयी पोस्ट
मिलिए हमारी गली के महामूर्ख से

cmpershad ने कहा…

अच्छी जानकारी :)

दर्शन लाल बवेजा ने कहा…

धन्यवाद जी....

राज भाटिय़ा ने कहा…

अच्छी जानकारी,धन्यवाद

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

उपयोगी जानकारी!
मगर हमारी राशि तो मकर है!

Rakesh Kumar ने कहा…

आपके ज्योतिष ज्ञान को प्रणाम.
बहुत दिनों से आप मेरे ब्लॉग पर नहीं आ पायीं हैं.
कृपया ,आकर मुझे कृतार्थ करें.

कुमार राधारमण ने कहा…

क्या यह सही है कि यह योग कुछ नए घोटाले भी सामने ला सकता है?

विष्णु बैरागी ने कहा…

छोटी और कसावटभरी पोस्‍ट। अभी तक तो सारे संकेत सही लग रहे हें। आगे की आगे देखेंगे।