सोमवार, 23 मई 2011

गोचर में मेष राशि का बृहस्‍पति ... आपपर कैसा प्रभाव पडेगा ??


फलित ज्‍योतिष के ग्रंथों के अनुसार बृहस्पति नवग्रहों में सबसे शुभ है। यही कारण है कि गोचर में अधिकांश समय बृहस्पति की स्थिति जनसामान्‍य के लिए सुखद ही बनी होती है। 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के अनुसार भी बृहस्‍पति तबतक जातकों को परेशान नहीं करता , जबतक वह गत्‍यात्‍मक शक्ति संपन्‍न होता है। गत्‍यात्‍मक शक्ति बहुत कम हो जाने पर भले ही जातक को बृहस्‍पति के कारण कुछ परेशानी मिल जाती है। वर्षभर अपने गृह में रहने के बाद 8 मई 2011 को देवगुरु बृहस्पति ने अपनी राशि छोड दी है। यहां से लेकर मई 2012 तक एक वर्ष से अधिक अवधि मंगल की मेष राशि में होंगे राशिचक्र की यह पहली राशि है , जिसका विस्तार भचक्र में शून् डिग्री से लेकर 30 डिग्री तक माना गया है।

मेष राशि के स्वामी मंगल , जो बृहस्पति के मित्र हैं , भी आनेवाले दो महीनों में बृहस्पति के साथ ही मौजूद होंगे। इस कारण अपने मित्र के गृह में देवगुरू के पूरे स्वागत सत्कार की उम्मीद है और बृहस्पति और मंगल की इस खुशी का प्रभाव जनसामान् पर भी पडेगा। सभी लग्‍नवालों को बृहस्‍पति और मंगल अपने आपने भाव से संबंधित अच्‍छे फल देने की कोशिश करेंगे। इसलिए यह अवधि बहुत सारे क्षेत्रों में सुखद परिवर्तन का संकेत दे रही है , इसलिए सामान् लोगों के लिए वातावरण सुखद बना रहेगा , पर कुछ शत्रु ग्रहों के भी इस समय इनके गृह में विद्यमान रहने की संभावना है , इस कारण ये दोनो मिलकर दुश्मन पर डंडे भी बरसा सकती है , जिससे कुछ लोगों के बुरे रूप में प्रभावित होने का भी अंदेशा बना रहेगा।

यूं तो मेष राशि में बृहस्‍पति की स्थिति अभी से ही लोगों के सुख और दुख दोनो का कारण बनेगी , पर 1 अगस्‍त 2011 के बाद 29 अगस्‍त 2011 तक दिन दिन इसकी स्थैतिक शक्ति में हो रही वृद्धि कुछ लोगों की मन:स्थिति को सुखद बनाएगी , तो कुछ तनाव झेलने को भी विवश होंगे। इस तरह इस एक महीनें में लोग बृहस्पति के कारण उत्पन्न होनेवाले कार्य में उलझे रहेंगे। चूंकि बृहस्पति धनु और मीन राशि का स्वामी है और इसकी स्थिति अभी मेष राशि में है , इसलिए धनु , मीन और मेष राशि से संबंधित कार्यों में ही सुख या दुख की अधिक संभावना रहेगी।

बृहस्‍पति की इस स्थिति के कारण 1935 , 1947 , 1959 , 1971 , 1983 ,1994 और 2006 में जन् लेनेवाले उत्साहित होकर कार्य में जुटे रहेंगे। एक महीनें तक कार्य अच्छी तरह होने के पश्चात अगस्‍त के अंत या सितंबर के आरंभ में किसी किसी प्रकार के व्यवधान के उपस्थित होने से कार्य की गति कुछ धीमी पड़ जाएगी। अक्‍तूबर 2011 के अंत तक काम लगभग रुका हुआ सा महसूस होगा। उसके बाद ही काम के शुरू किए जाने के लिए आशा की कोई किरण दिखाई दे सकती है। दिसंबर के अंतिम सप्‍ताह में ही स्थगित कार्य पुन: उसी रुप में या बदले हुए रुप में उपस्थित होकर गतिमान होगा और जनवरी 2012 के अंत तक अपने निर्णयात्मक मोड़ पर पहुंच जाएगा। बृहस्पति के कारण होनेवाले इस निर्णय से भी इन लोगों को खुशी होगी। किसी खास संदर्भ में सफलता से इनका उत्साह बढा रहेगा।

किन्तु मेष राशि में बृहस्पति की इस विशेष स्थिति से 1933 , 1945 , 1957 , 1969 , 1981 ,1993 और 2005 में जन् लेनेवाले लोगों  को कष् या तकलीफ भी होगी। वे निराशाजनक वातावरण में कार्य करने को बाध्य होंगे। अगस्‍त के अंतिम सप्‍तह के बाद कार्य के असफल होने से उन्हें तनाव का सामना करना पड सकता है। अक्‍तूबर के अंत तक उनके समक्ष किकर्तब्यविमूढावस्था की स्थिति बनी रहेगी। दिसंबर के अंत तक निराशाजनक वातावरण में ही स्थगित कार्य पुन: उसी रुप में या बदले हुए रुप में उपस्थित होकर गतिमान होगा और जनवरी 2012 के अंत तक अपने निर्णयात्मक मोड़ पर पहुंच जाएगा। बृहस्पति के कारण होनेवाले इस निर्णय से भी इन लोगों को कष् पहुंचेगा। किसी खास मुद्दे को लेकर वर्षभर इनकी परेशानी बनी रह सकती है।

इसके अलावे गोचर के इस बृहस्पति के कारण वृश्चिक राशि वाले शुभ प्रभाव तथा कन्‍या राशि वाले बुरा प्रभाव महसूस करेंगे। काफी हद तक मेष राशि वाले पर भी बृहस्‍पति के इस चाल का अच्‍छा प्रभाव पडेगा। कुछ हद तक नवंबर माह में जन् लेनेवालों के लिए बृहस्पति की यह स्थिति शुभ प्रभाव देने वाली होगी , जबकि सितंबर माह में जन् लेनेवाले इसके बुरे प्रभाव से युक् हो सकते हैं। यदि ऊपर मौजूद तिथियों या राशि कोई जातक एक साथ बृहस्‍पति के अच्‍छे और बुरे दोनो प्रभाव में आते हों , तो उनपर बृहसपति का मिश्रित प्रभाव पडेगा , यानि कोई कठिनाई आएगी तो उसके समाधान के रास्‍ते भी दिखेंगे।

बृहस्‍पति के इस खास चाल के कारण ऊपर मौजूद तिथियों या राशि में जन्‍म लेनेवाले विभिन्‍न लग्‍नवाले भिन्‍न भिनन प्रकार के सुख या दुख से खुद को संयुक्‍त पाएंगे। मेष लग्नवाले भाग् , धर्म , खर्च या बाहरी संदर्भों से संबंधित, वृष लग्नवाले हर प्रकार के लाभ के मामले , रूटीन और जीवनशैली से संबंधित , मिथुनलग्नवाले घर  गृहस्थी , पिता पक्ष , सामाजिक पक्ष , कैरियर से संबंधित ,  कर्क लग्नवाले धर्म , भाग् ,प्रभाव से संबंधित , सिंह  लग्नवाले अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई , रूटीन या जीवनशैली से संबंधित , कन्या लग्नवाले माता पक्ष  , छोटी या बडी संपत्ति , घर गृहस्थी से संबंधित , तुला  लग्नवाले भाई , बहन या अन् बंधु , खर्च और बाहरी संदर्भ से संबंधित , वृश्चिक  लग्नवाले धन , कोष , अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई से संबंधित , धनु  लग्नवाले स्वास्थ् , माता पक्ष , किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति से संबंधित , मकर  लग्नवाले भाई , बहन या अन् बंधु खर्च और बाहरी संदर्भ से संबंधित , कुंभ  लग्नवाले धन , कोष , लाभ या लक्ष् से संबंधित ,  मीन  लग्नवाले स्वास्थ् , पिता पक्ष , सामाजिक पक्ष , कैरियर प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति से संबंधित मामलों की मजबूती या कमजोरी से खुद को सुखी या दुखी महसूस करेंगे।

8 टिप्‍पणियां:

जाट देवता (संदीप पवाँर) ने कहा…

चलो जी, हम तो बच गये इस गृह की चाल से,

मनोज कुमार ने कहा…

बहुत काम की जानकारी दी है आपने।

वन्दना ने कहा…

उपयोगी जानकारी।

Babli ने कहा…

काफी दिनों के बाद आपके ब्लॉग पर आना हुआ! बहुत ही बढ़िया जानकारी मिली! धन्यवाद !

वीना ने कहा…

बड़ी अच्छी जानकारी...

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

आच्छी जानकारीयुक्त पोस्ट ..

संजय भास्कर ने कहा…

बहुत काम की जानकारी दी है आपने।

ललित शर्मा ने कहा…

फ़ंस गए ग्रहों के जाल में, बहुत कठिन समय बताया है,आपने मेष राशि के लिए,कुछ सहज कीजिए। तो ठीक रहेगा। :)