शुक्रवार, 19 अगस्त 2011

अब 1 सितंबर तक निवेशकों को निराशा का सामना नहीं करना पडेगा ... संगीता पुरी

कल यानि 18 अगस्‍त को दलाल स्‍ट्रीट का माहौल बहुत ही गडबड देखने को मिला। विदेशी बाजारों में गिरावट के बीच कारोबार के अंतिम घंटों में बिकवाली हावी होने की वजह से बंबई शेयर बाजार का सूचकांक गुरुवार को 371 अंक की गिरावट के साथ 15 महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ। मुद्रास्फीति की ऊंची दर के कारण ब्याज दरों में वृद्धि की आशंका का भी बाजार मनोबल पर नकारात्मक असर पड़ा। निवेशकों में यह भी चिंता बनी रही कि रिजर्व बैंक नीतिगत दरों में वृद्धि कर सकता है। निफ्टी 112.45 अंकों की गिरावट के साथ 4,944.15 पर बंद हुए। पंद्रह दिन पूर्व ही अपने आलेख में शेयर बाजार में उपस्थित होनेवाले ऐसे माहौल के बारे में मैने पूर्वानुमान कर लिया था।

शेयर बाजार में दस बारह दिनों से हो रहे लगातार गिरावट और बाजार में आ चुकी कमजोरी के बाद भी 6 अगस्‍त को मैने इस लेख में लिखा था कि जहां तक ‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष’ का अध्‍ययन है , बाजार में अभी अनिश्चितता के बने रहने की पूरी संभावना है। किसी एक दो दिन दिन बाजार रिकवरी के मूड में रह सकता है , पर बाजार में स्‍थायी तौर पर मजबूती नहीं दिखाई दे रही। खासकर 18 अगस्‍त तक बाजार का माहौल भयावह ही बना रहेगा , पर 19 अगस्‍त से कुछ सुधार का क्रम बन सकता है। 1 सितंबर तक बाजार में तेजी के बाद पुन: कुछ कमजोरियों से बाजार को जूझना होगा और सितंबर के अंत में ही सेंसेक्‍स और निफ्टी में रिकवरी होती दिखाई दे सकेगी।

सुखद हो या कष्‍टकर , समय को व्‍यतीत होते देर नहीं लगती है और निवेशकों के लिए अच्‍छी खबर है कि अब 18 अगस्‍त व्‍यतीत हो चुके हैं। इसलिए 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के हिसाब से यहां से कमोबेश शेयर बाजार में अच्‍छा ही माहौल बनना शुरू हो जाएगा। हालांकि 24 , 25 और 26 अगस्‍त की ग्रह स्थिति शेयर बाजार के काफी अनुकूल नहीं दिखती , उसके प्रभाव से बाजार में कुछ सुस्‍ती बनी रह सकती है , पर इसके बावजूद 1 सितंबर तक का समय भारतीय शेयर बाजार के पक्ष में है और इसलिए इस समय तक निवेशकों को निराशा का सामना नहीं करना पडेगा।

4 टिप्‍पणियां:

Rahul Singh ने कहा…

सौदे होंगे, आशाएं पूरी होंगी, बदकिस्‍मत ही निराश होंगे.

विष्णु बैरागी ने कहा…

आपकी यह बात मेरे कुछ अभिकर्ता साथियों को बडी राहत देगी।

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

आप तो १९ तारीख से यानि आज से तेजी बता रही हैं, पर आज तो बी एस ई 470 अंक तक गिर गया है, सबसे बुरी हालत होगई आज तो.:(

रामराम.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

अच्छा विश्लेषण है आपका!
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अन्ना जी को ताकत देना, लोकपाल को लाने की।
आज जरूरत है जन-मन के सोये भाव जगाने की।।