शुक्रवार, 16 सितंबर 2011

खास गत्‍यात्‍मक और स्‍थैतिक शक्ति के साथ चंद्रमा और बृहस्‍पति की युति का प्रभाव

आज 16 सितंबर 2011 को खास गत्‍यात्‍मक और स्‍थैतिक शक्ति के साथ चंद्रमा और बृहस्‍पति की  युति दो ढाई दिनों तक लोगों को कई मामलों में प्रभावित कर सकती है , इस योग के फलस्‍वरूप आज शेयर बाजार में बढत देखी जा सकती है , धार्मिक कार्यक्रमों में भी लोगों की व्‍यस्‍तता बन सकती है। इन दो दिनों में यत्र तत्र तेज बारिश होने से इसके बाद वर्षा ऋतु लगभग समाप्‍त दिखेगी। इसके अलावे लोगों की व्‍यस्‍तता उस खास कार्यक्रम में बनेगी , जिसके लिए वह पिछले दो महीनों से लगे हुए हैं। चूंकि दो महीने से ही टीम इंडिया को इंगलैंड के हाथ निरंतर पराजय का सामना करना पड रहा है , आज भी इंगलैंड के समक्ष भारतीय टीम कमजोर दिखेगी। दोनो ही दिन 8 बजे शाम के आसपास पूर्वी क्षितिज पर इस खास बृहस्‍पति और चंद्र का उदय होगा , आसमान साफ हो तो इसका आनंद अवश्‍य लें।

कुछ लोगों के लिए यह युति किसी न किसी मामले में यह सुखद अनुभव देनेवाली होगी , 1923 , 1935 , 1947 , नवंबर 1958 से नवंबर 1959 , नवंबर 1970 से नवंबर 1971 , अक्‍तूबर 1982 से अक्‍तूबर 1983 , अक्‍तूबर 1994 से अक्‍तूबर 1995 , अक्‍तूबर 2006 से अक्‍तूबर 2007 में जन्‍म लेने वालों के लिए बृहस्‍पति चंद्र की इस युति का प्रभाव बहुत ही अच्‍छा रहेगा। खासकर इन वर्षों में अगस्‍त से मार्च तक जन्‍म लेनेवालों के लिए इस युति के कारण यह वर्ष अच्‍छा रहेगा। खासकर इन वर्षों में फरवरी , मार्च , अगस्‍त और सितंबर में जन्‍म लेने वाले इस ग्रह के विशेष प्रभाव से वर्षभर विशेष सफलता प्राप्‍त कर सकते हैं। इनमें से कुछ 1 अगस्‍त से 31 अगस्‍त तक कोई सफलता प्राप्‍त कर चुके होंगे। पर कुछ लोगों को इस दौरान काम होते होते रह गया और 31 अगस्‍त के बाद कोई बाधा आ गयी होगी , उनकी 25 अक्‍तूबर तक बात बनने की कोई संभावना नहीं दिखाई दे रही। 25 अक्‍तूबर के बाद रूका हुआ कार्य धीमी गति से जरूर आगे बढ सकता है। वैसे बचे हुए लोगों के लिए सफलता की उम्‍मीद अब 25 दिसंबर से 22 जनवरी के मध्‍य ही की जा सकती है। 25-26 दिसंबर , 1 - 2- 3- 4- 25 - 26 -28 -29 जनवरी 2012 को बृहस्‍पति के प्रभाव से ये सफलता की उम्‍मीद रख सकते हैं।

कुछ लोगों के लिए यह युति किसी न किसी मामले में यह कष्‍टकर अनुभव देनेवाली होगी , नवंबर 1920 से नवंबर 1921 , नवंबर 1932 से नवंबर 1933 , नवंबर 1944 से नवंबर 1945 , अक्‍तूबर 1956 से अक्‍तूबर 1957 , सितंबर 1968 से सितंबर 1969 , सितंबर 1980 से सितंबर 1981 , अगस्‍त 1992 से अगस्‍त 1993 , जुलाई 2004 से जुलाई 2005 में जन्‍म लेनेवाले किसी न किसी मुद्दे को लेकर इस युति के कारण वर्षभर बुरे अनुभव में रहेंगे। खासकर इन वर्षों में जनवरी से जुलाई तक जन्‍म लेनेवाले विशेष रूप से बुरा फल प्राप्‍त करेंगे। खास समस्‍या जनवरी और जुलाई में ज्‍नम लेनेवालों की होगी , इनमें से कुछ 1 अगस्‍त से 31 अगस्‍त तक कोई असफलता या कष्‍ट प्राप्‍त कर चुके होंगे। कुछ लोग इस दौरान की परेशानी के बाद 31 अगस्‍त के बाद अनिश्चितता और किंकर्तब्‍यविमूढावस्‍था में समय व्‍यतीत कर रहे होंगे , उनकी 25 अक्‍तूबर तक बात बनने की कोई संभावना नहीं दिखाई दे रही। 25 अक्‍तूबर के बाद निराशाजनक परिस्थिति में पुन: एक बार काम को आगे बढाने की उम्‍मीद दिखती है , पर जनवरी तक सफलता की उम्‍मीद कम ही है , खासकर 25-26 दिसंबर , 1 - 2- 3- 4- 25 - 26 -28 -29 को बृहस्‍पति के प्रभाव से कार्यक्रम में विफलता की संभावना है।

4 टिप्‍पणियां:

केवल राम : ने कहा…

हमने भी जान लिया कि हमारा क्या होगा .....आशा करते हैं सभी के साथ अच्छा ही हो ....लेख को पढ़कर हमें भी धीरे - धीरे ज्योतिष को समझना शुरू किया है ...आपका आभार

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

आपकी हर पोस्ट कितनी मेहनत का परिणाम होता है! कितनी चीजों, कितने तथ्यों का विश्लेषण! काश मैं भी इतना परिश्रम कर पाऊं.

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

बहुत अच्छी जानकारी,आभार.

आशा जोगळेकर ने कहा…

इस जानकारी के चलते तो वर्षभर सावधान रहना है ।