बुधवार, 2 नवंबर 2011

कम से कम 6 नवंबर तक शेयर बाजार कमजोर बना रहेगा ....

अभी पिछले सप्‍ताह की ही तो बात है , जब घरेलू शेयर बाजार में दीवाली का जश्न रहा और प्रमुख शेयर सूचकांकों ने लम्बी छलांग लगाई। वैश्विक सकारात्‍मक माहौल को देखते हुए बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स लगभग 18,000 अंक के स्तर तक पहुंच गया था। विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया कि, ‘यूरोपीय नेताओं की ऋण संकट से निपटने की योजना और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के बेहतर वृद्धि दर के आंकड़ों से बाजार में तेजी आई है। यही नहीं , उन्‍होने तेजी का माहौल अगले सप्ताह भी जारी रहने की संभावना जतायी। निवेशकों ने रिजर्व बैंक की ओर से ब्याज दरों में की गयी बढ़ोतरी को नजरअंदाज करते हुए बाजार में जम कर खरीदारी की , हालांकि यह बात अलग है कि बाजार पिछले साल की दिवाली के २१ हजार अंक के स्तर के आसपास भी नहीं पहुंच सके।

पर दूसरे ही सप्‍ताह में मुनाफावसूली और यूरोपीय ऋण संकट की चिंता में कमजोर वैश्विक संकेतों से बंबई शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला आज लगातार दूसरे दिन जारी रहा और सेंसेक्स और निफ्टी में अच्‍छी खासी गिरावट आयी। पिछले सप्ताह की तेजी के बाद यूरो क्षेत्र को लेकर अनिश्चितता की वजह से निवेशकों ने मुनाफावसूली की। बैंकिंग शेयरों में भी गिरावट रही। निवेशकों को चिंता है कि ब्याज दरों में वृद्धि से बैंकों का मुनाफा प्रभावित होगा। अभी भी यूरोपीय और एशियाई बाजारों की स्थिति अच्‍छी नहीं दिखाई दे रही है , जिसका असर आज के बाजार में पडने की पूरी संभावना है।


'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के नियमों की मानें , तो अभी आनेवाले कुछ दिनों में बाजार में सुधार के कोई संकेत नहीं दिखते हैं। 2 और 3 नवंबर को भी बाजार काफी कमजोर दिखेगा ,सिर्फ विदेशी बाजारों के कारण ही नहीं , खासकर ऑयल और गैस सेक्‍टर में किसी विवादास्‍पद मुद्दे के उपस्थित हो जाने से भी बाजार पर ऋणात्‍मक प्रभाव पड सकता है। उसके बाद भी अर्थव्‍यवस्‍थ को प्रभावित करनेवाले अन्‍य कारकों के कमजोर होने के कारण कम से कम 6 नवंबर तक बाजार कमजोर दिखाई पड सकता है। वैसे इसके तुरंत बाद भी बाजार में बडे सुधार की गुंजाइश नहीं दिखती है , पर सामान्‍य तौर से बाजार की स्थिति कुछ मजबूत हो जाएगी।

4 टिप्‍पणियां:

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

अच्छी जानकारी देती पोस्ट ..

वन्दना ने कहा…

उपयोगी जानकारी…………आभार्।

विष्णु बैरागी ने कहा…

सचमुच में अच्‍छी जानकारी है।

मनोज कुमार ने कहा…

मुझे तो शेयर बाज़ार के जोड़-तोड़ समझ नहीं आते इसलिए उससे दूर ही रहता हूं।