मंगलवार, 15 नवंबर 2011

आज से ढाई वर्षों तक तुला राशि में बने रहेंगे शनिदेव ... कैसा रहेगा इनका आप पर प्रभाव ????


वैसे तो ज्‍योतिष के अनुसार अपने जन्‍मकालीन ग्रहों के हिसाब से ही लोग जीवन में सुख या दुख प्राप्‍त कर पाते हैं , पर उस सुख या दुख को अनुभव करने में देर सबेर करने की भूमिका गोचर के ग्रहों यानि आसमान में समय समय पर बन रही ग्रहों की स्थिति की भी होती हैं। आज यानि 15 नवंबर 2011 को शनि ग्रह की स्थिति तुला राशि में बनने जा रही है , जिसका इंतजार काफी दिनों से बहुत लोगों द्वारा किया जा रहा था। तुला राशि में शनि ग्रह की स्थिति 2 नवंबर 2014 तक बनी रहेगी। लगभग सभी ज्‍योतिषियों का मानना है कि इससे पूर्व 10 सितंबर 2009 से कन्‍या राशि में शनि ग्रह की उपस्थिति से लोगों के शनि के भाव से संबंधित कार्य में विलंब हो रहा था। खासकर कुंभ राशि से संबंधित कार्य तो बिल्‍कुल ही आगे नहीं बढ पा रहे थे। जिनका जन्‍मकालीन शनि मजबूत है , उन्‍हें कुछ राहत भी थी , पर जिनका जन्‍मकालीन शनि कमजोर था , उनकी स्थिति अधिक शोचनीय बनी हुई थी।

उनमें मेष लग्‍नवाले सामाजिक , राजनीतिक माहौल , कैरियर और अपने लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने में बाधा , वृष लग्‍नवाले भाग्‍य की कमजोरी , सामाजिक राजनीतिक माहौल की गडबडी , मिथुन लग्‍नवाले जीवनशैली और भाग्‍य में बाधा , कर्क लग्‍नवाले वैवाहिक संदर्भों और जीवनशैली की कठिनाई , सिंह लग्‍नवाले वैवाहिक संदर्भों और रोग , ऋण या शत्रु जैसे झंझटों , कन्‍या लग्‍नवाले अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई या अन्‍य झंझट , तुला लग्‍नवाले अपने स्‍थायित्‍व की कमजोरी या किसी प्रकार की संपत्ति को प्राप्‍त करने में बाधा , संतान पक्ष के माहौल की कमजोरी , वृश्चिक लग्‍नवाले भाई बहन बंधु बांधव  से विचारों के तालमेल का अभाव या अन्‍य कठिनाई या स्‍थायित्‍व की कमजोरी , धनु लग्‍नवाले आर्थिक पारिवारिक कमजोरी या भाई , बहन , बंधु बांधव , सहयोगी की कमी , मकर लग्‍नवाले शारीरिक , आर्थिक ,  पारिवारिक कमजोरी , कुंभ लग्‍नवाले शारीरिक मामलों , खर्च या बाहरी संदर्भों की कमजोरी तथा मीन लग्‍नवाले लाभ और खचर् के मामलों की कमजोरी झेलने को बाध्‍य रहें।

'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' तो गोचर के शनि को तब से कमजोर मानता आ रहा है , जब से इसकी स्थिति सिंह राशि में बनी है , यानि 16 जुलाई 2007 से। उस वक्‍त से ही विभिन्‍न लग्‍नवालों के शनि से संबंधित भावों के सुख में कुछ रूकावट उपस्थित होती जा रही है। 16 जुलाई 2007 से 10 सितंबर 2009 तक मकर राशि से संबंधित तथा 10 सितंबर 2009 से 14 नवंबर 2011 तक कुंभ राशि से संबंधित कार्य अच्‍छी तरह संपन्‍न नहीं हो सके। तुला राशि का शनि आम जन के लिए काफी राहत देने वाला तो होगा , पर कुछ की परेशानी अभी भी बनी रहेगी।खासकर जब शनि ग्रह की क्रियाशीलता बढ जाएगी , लगभग जनवरी 2012 से जुलाई 2012 के मध्‍य अधिकांश लोगों को सामान्‍य शुभ , तो कुछ को विशेष शुभ तो कुछ को अशुभ फल से भी संयुक्‍त करेगा। 16 जनवरी 2012 को शनि ग्रह की सूर्य से एक खास कोणिक दूरी और पृथ्वी से खास स्थिति बनेगी। 'गत्यात्मक ज्योतिष' के अनुसार इस दिन से 8 फरवरी 2012 तक शनि ग्रह की स्थैतिक उर्जा में दिन प्रतिदिन वृद्धि होती चली जाएगी। इस कारण 16 जनवरी से 8 फरवरी 2012  तक शनि ग्रह की यह स्थिति जनसामान्य के सम्मुख विभिन्न प्रकार के कार्य उपस्थित करेगी। इस एक महीने में लोग शनि के कारण उत्पन्न होनेवाले सुखद या कष्‍टकर कार्य में उलझे रहेंगे।

जिनलोगों के लिए यह व्यस्तता सुख प्रदान करनेवाली होगी , वे उत्साहित होकर कार्य में जुटे रहेंगे। एक महीने तक कार्य अच्छी तरह होने के पश्चात 8 फरवरी 2012 के आसपास कुछ व्यवधान के उपस्थित होने से उनके कार्य की गति कुछ धीमी पड़ जाएगी। 16 अप्रैल 2012 तक काम लगभग रुका हुआ सा महसूस होगा। 25 जून के बाद स्थगित कार्य पुनः उसी रुप में या बदले हुए रुप में उपस्थित होकर पुनः गतिमान होगा और 26 जुलाई 2012 तक अपने निर्णयात्मक मोड़ पर पहुंच जाएगा। शनि के कारण होनेवाले इस निर्णय से भी इन लोगों को खुशी होगी। ऐसा निम्न लोगों के साथ होगा---

1, वे वृद्ध , जिनका जन्‍म 1933 से 1940 के जनवरी से अप्रैल के मध्‍य हुआ हो , इनका जन्‍मकालीन शनि मजबूत है और इसके कारण 72 वर्ष की उम्र के बाद मकर और कुंभ राशि से संबंधित संदर्भों में सुखी हैं।
2, जिनका जन्म जुलाई 1940 से जुलाई 1942 , जून 1969 से जून 1972 , मई 1999 से जून 2001 के मध्‍य हुआ हो।
3, खासकर जिनका जन्म मई और जून , खासकर उपरोक्‍त समयांतराल में मई और जून महीनों में हुआ हो।
4, खासकर जिनका जन्म वृष या तुला राशि के अंतर्गत हुआ हो।

किन्तु शनि की 20 जनवरी से 8 फरवरी 2012 की उपरोक्‍त उल्लिखित विशेष स्थिति से कुछ लोगों को कष्ट या तकलीफ भी होगी। वे निराशाजनक वातावरण में कार्य करने को बाध्य होंगे। एक  महीने के पश्चात 8 फरवरी 2012 के आसपास कार्य के असफल होने से भी उन्हें तनाव का सामना करना पडे़गा। 16 अप्रैल तक बिल्‍कुल किंकर्तब्‍यविमूढावस्‍था में गुजारने के बाद 25 जून 2012 को पुनः निराशाजनक वातावरण में वे कार्य को आगे बढ़ाएंगे, कार्य उसी रुप में या बदले हुए रुप में गतिमान होकर 16 जुलाई तक अपने निर्णयात्मक मोड़ पर पहुंच जाएगा। शनि के कारण होनेवाले इस निर्णय से भी इनलोगों को कष्ट पहुंचेगा। ऐसा निम्न लोगों के साथ होगा ----

1, वे वृद्ध ,जिनका जन्म 1933 या 1934 के जुलाई या अगस्‍त में , 1935 या 1936 के अगस्‍त या सितंबर में , 1937 या 1938 के सितंबर या अक्‍तूबर में , 1939 या 1940 के अक्‍तूबर या नवंबर महीने में हुआ हो ।इनका जन्‍मकालीन शनि कमजोर है , जिसके कारण 72 वर्ष की उम्र के बाद ही ये मकर और कुंभ राशि से संबंधित मामलों का कष्‍ट झेल रहे हें।
2,  जिनका जन्म मई 1935 से मार्च 1938 , मार्च 1965 से फरवरी 1968 तथा अप्रैल 1994 से फरवरी 1997 तक हुआ हो ।
3, खासकर जिनका जन्म मार्च अप्रैल में , खासकर उपरोक्‍त समयांतराल के मार्च अप्रैल में हुआ हो ।
4, जिनका जन्म मीन राशि के अंतर्गत हुआ हो।

उपरोक्त समयांतराल में शनि के कारण लोग भिन्न-भिन्न संदर्भों की खुशी या कष्ट प्राप्त करेंगे। संदर्भ लग्नानुसार निम्न होंगे---
1, मेष लग्नवाले-पिता ,समाज , पद ,प्रतिष्ठा , राजनीति , प्रेम प्रसंग , घरेलू माहौल
2, वृष लग्नवाले-भाग्य , संयोग , पिता ,समाज , पद ,प्रतिष्ठा , राजनीति , प्रभाव , किसी प्रकार का झंझट
3, मिथुन लग्नवाले-भाग्य , संयोग , जीवनशैली , रुटीन , बुद्धि , ज्ञान , संतान
4, कर्क लग्नवाले-जीवनशैली , रुटीन , पति पत्नी , स्‍थायित्‍व , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति
5, सिंह लग्नवाले-पति पत्नी , घर गृहस्थी ,दाम्पत्य , हर प्रकार के झंझट , प्रभाव , भाई बहन , बंधु बांधव
6, कन्या लग्नवाले-बुद्धि ,ज्ञान ,संतान ,रोग ,ऋण ,शत्रु जैसे झंझट , प्रभाव , धन , कोष
7, तुला लग्नवाले-माता ,हर प्रकार की संपत्ति ,वाहन ,स्थयित्व , शरीर , व्‍यक्तित्‍व , आत्‍मविश्‍वास
8, वृश्चिक लग्नवाले- माता ,हर प्रकार की संपत्ति ,वाहन ,स्थयित्व , खर्च , बाह्य संदर्भ
9, धनु लग्नवाले- भाई ,बहन , बंधु-बांधव ,सहयोगी ,धन ,कोष , कुटुम्ब , परिवार , लाभ , ल्‍क्ष्‍य
10, मकर लग्नवाले-धन ,कोष , कुटुम्ब , परिवार , शरीर  ,व्यक्तिव , आत्मविश्वास , कैरियर , सामाजिक राजनीतिक वातावरण
11, कुंभ लग्नवाले-शरीर  ,व्यक्तिव , आत्मविश्वास ,खर्च ,बाहरी संबंध , भाग्‍य
12, मीन लग्नवाले- खर्च ,बाहरी संबंध ,हर प्रकार का लाभ , मंजिल , रूटीन , जीवनशैली

इस तरह शनि की प्रभावी स्थिति 16 जनवरी से 27 जुलाई 2012 तक बनीं रहेगी । शनि के प्रभाव की महत्वपूर्ण तिथियां होंगी---
16, 17, 18 , 23 , 24 , 25 , 26 , 27 जनवरी , 12 , 13 , 14 , 19 , 20 , 21 , 22 , 23 फरवरी , 11 , 12 , 17 , 18 , 19 , 20 , 21 मार्च , 7 , 8 , 9 , 13 , 14 , 15 , 16 , 17 , 18 अप्रैल  , 5 , 6 , 11 , 12 , 13 , 14 , 15 मई , 1 , 2 , 3 , 7 , 8 , 9 , 10 , 11 27 , 28 , 29 , 30  जून , 5 , 6 , 7 , 8 , 24 , 25 , 26 , 27 जुलाई 2012।

जिनका जन्म उपरोक्‍त समय-अंतराल से भिन्न समय पर हुआ हो, या जिन्हें अपने जन्मसमय की जानकारी नहीं हो, वे उपरोक्त महत्वपूर्ण तिथियों में घटी घटनाओं या अपनी मनःस्थिति के आधार पर शनि के गोचर की स्थिति के अपने उपर पड़नेवाले अच्छे या बुरे प्रभाव का मूल्यांकण कर सकते हैं। आनेवाले लेखों में अन्‍य ग्रहों की गेाचर की स्थिति और उसके प्रभाव की चर्चा की जाएगी।

16 टिप्‍पणियां:

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

विस्तार से जानकारी दी आपने ...आभार

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

विस्तृत जानकारी दी है ... मई १९५३ में जन्म लेने वालों पर क्या असर होगा ? :):)

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

वृश्चिक लग्न व मेष राशि पर पडने वाले इसके प्रभाव को क्या मैं अधिक विस्तार से जान या समझ सकता हूँ ?

संगीता पुरी ने कहा…

@ संगीता स्‍वरूप जी, मई १९५३ में जन्म लेने वालों के लिए अच्‍छे प्रभाव वाला ही होना चाहिए .. खासकर 15 मई के बाद का जनम हो तो!!

संगीता पुरी ने कहा…

@ सुशील बाकलीवाल जी ,वृश्चिक लग्‍न के हिसाब से आपका शनि भाई , बहन , बंधु बांधव , माता पक्ष , सहयोगी , स्‍थायित्‍व और वाहन समेत किसी प्रकार की संपत्ति का प्रतिनिधित्‍व करता है .. और मेष राशि होने के नाते पिछले दो वर्ष उपरोक्‍त संदर्भों में सुखद बने रहे होंगे .. यदि आप इस लेख में उद्धृत किसी समयांतराल में नहीं आते हैं तो .. आने वाले दो वर्षों में ऐसे संयोग की थोडी कमी देखी जा सकती है .. पर कोई बडी बाधा भी नहीं आएगी।

वन्दना ने कहा…

काफ़ी बढिया जानकारी प्रदान की है।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है!
यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।
बालदिवस की शुभकामनाएँ!

सदा ने कहा…

बहुत ही अच्‍छी जानकारी दी है आपने ...

कल 16/11/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है।

धन्यवाद!

तेजवानी गिरधर ने कहा…

काफ़ी बढिया जानकारी प्रदान की है। आभार

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

अच्छी लगी आपके द्वारा दी गयी यह जानकारी ..शुक्रिया

विष्णु बैरागी ने कहा…

मेरे साथ यही कठिनाई है कि आप 'लग्‍न' की बात करती हैं और मैं अपनी जन्‍म राशि जानता हूँ।
इसलिए, मुझ जैसों के लिए इस पोस्‍ट में कुछ भी नहीं है। जिस दिन आप जन्‍म राशि के उल्‍लेख से बात कहेंगी, उस दिन आपकी पोस्‍टें मुझ जैसों के लिए उपयोगी होंगी।

Ravi ने कहा…

16 april 1984

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आपकी पोस्ट की खबर हमने ली है 'ब्लॉग बुलेटिन' पर - पधारें - और डालें एक नज़र - कितनी जरूरी उधार की खुशी - ब्लॉग बुलेटिन

संध्या शर्मा ने कहा…

बहुत ही अच्‍छी जानकारी दी है आपने...आभार

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

शुक्रिया संगीता जी :)

यदि जन्म ७ मई का हो तो :)

Anil Pusadkar ने कहा…

achchi jankari,abhaar aapka.