गुरुवार, 6 जनवरी 2011

आप पाठक आज फैसला कर ही दें कि कौन सही है और कौन गलत ??

व्‍यस्‍तता की वजह से पिछले दो महीने से मैं ब्‍लॉग जगत में काफी सक्रिय नहीं रह पा रही हूं , फिर भी न चाहते हुए भी साइंस ब्‍लॉगर एसोशिएशन के एक लेख में योगेश नाम के किसी पाठक ने अपने सवाल जबाब में उलझा दिया है। चूंकि मेरे पास समय की कमी है और आगे सवाल जबाब नहीं कर सकती , मेरी संतुष्टि के लिए आप पाठक आज फैसला कर ही दें कि कौन सही है और कौन गलत। उस पोस्‍ट में मेरी आज की टिप्‍पणी ये है ...........

योगेश जी, जैसा कि पहली टिप्‍पणी में मैने 20 दिसंबर से बाजार के सुधरने और 28 दिसंबर से 2 जनवरी के मध्‍य सेंसेक्‍स के महत्‍वपूर्ण जगह में होने के बारे में कहा था और बाजार में वैसा ही माहौल देखने को मिला , 28 दिसंबर से 2 जनवरी क्‍या , 3 जनवरी तक किसी भी दिन और किसी भी समय बाजार पिछले दिन के स्‍तर से नीचे नहीं गया , सेंसेक्‍स 673 प्‍वाइंट सुधरा। शेयर बाजार पर ग्रहों का प्रभाव स्‍वयं सिद्ध हो जाता है। पूरे महीने में कहीं भी लगातार 12 दिन तक इतने प्‍वाइंट्स का सुधार आप नहीं दिखा सकते। ताज्‍जुब है कि इसके बाद भी आप मुझसे जबाब मांग रहे हैं। मेरी पहली टिप्‍पणी ये थी ......


हां , 3 से 5 के मध्‍य भी कुछ ग्रहों की ठीक ठाक स्थिति को देखते हुए मैने बाद की टिप्‍पणी में 5 दिसंबर तक सेंसेक्‍स के मजबूत बने होने की बात करते हुए पिछली टिप्‍पणी को मिटा भी दिया था। वह योग उतना काम न कर सका , जिसका मुझे खेद भी है। पर जिस तरह विज्ञान को मानने वाले जीएसएलवी-एफ06 राकेट में एक तकनीकी खराबी आ जाने के कारण प्रक्षेपण के तत्काल बाद इस अभियान के विफल होने पर उसकी पा्रमाणिकता पर प्रश्‍न चिन्‍ह नहीं लगाएंगे , वैसे ही यदि मस्तिष्‍क पूर्वाग्रह से ग्रस्‍त न हो तो ज्‍योतिष की इस छोटी सी भूल को महत्‍व नहीं दिया जा सकता । यहां तक कि मोल तोल के इस आलेख में मैने 29 दिसंबर को मेटल सेक्‍टर और 31 दिसंबर को बैंकिंग सेक्‍टर में बढत का दावा किया था और ताज्‍जुब की बात है कि वैसा ही देखने को मिला।

रही बात 20 दिसंबर के पहले के बाजार की , जो आपकी नजर में सकारात्‍मक इसलिए लगी , क्‍यूंकि आपने 9 दिसंबर के अंत के बाजार से इसकी तुलना की , जबकि ग्रहों के हिसाब से बाजार में गिरावट 7 दिसंबर से ही शुरू हो चुकी थी । 6 दिसंबर के बाजार से 20 दिसंबर के बाजार की तुलना करें , तो बाजार कमजोर दिखेगा। दूसरी बात यह कि आप जो भी आंकडे लेकर हमारे सामने आए , वो बाजार बंद होने के समय के आंकडे थे। 7 दिसंबर से 20 दिसंबर तक शेयर बाजार दिनभर ऋणात्‍मक हुआ करता था , अधिकांश दिन अंत भी ऋणात्‍मक हुआ करता था , पर किसी किसी दिन शेयर के सस्‍ते होने के कारण अंत में कुछ खरीदारी हो जाने से बाजार का स्‍तर बढ जाया करता था , पर 20 दिसंबर तक वैसी ही अनिश्चितता बरकरार थी , जैसा इधर दो तीन दिनों से दिखाई दे रही है। आप शेयर बाजार से अच्‍छी तरह जुडे किसी भी सज्‍जन से बात करके देख लें।

अंत में एक खास बात यह कहना चाहूंगी कि किसी व्‍यक्ति के स्‍वास्‍थ्‍य में आयी गडबडी को देखने के लिए एक डॉक्‍टर शरीर का तापमान , हृदय की धडकन , रक्‍त चाप या अन्‍य तरह के आंकडों को देखता है , पर एक अच्‍छे मनोचिकित्‍सक का इन आंकडों से अधिक संबंध नहीं होता , वह किसी मरीज के दिल से जुडकर ही उसका इलाज कर सकता है। ज्‍योतिषी का कार्यक्षेत्र भी एक मनोचिकित्‍सक की हर क्षेत्र के लोगों के मनोभाव को समझना और उसका समाधान निकालना है । करोडों का बैलेंस रखनेवाला व्‍यक्ति भी धन की कमी महसूस कर सकता है और सामान्‍य खाते पीते घर का व्‍यक्ति भी धन के मामले में सुखी हो सकता है। किसी परीक्षा को थर्ड डिवीजन पास करनेवाला बच्‍चा भी दोस्‍तों को पार्टी दे सकता है और फर्स्‍ट डिवीजन पास करनेवाला व्‍यक्ति भी प्रतिशत कम आने को सोंचकर मातम मना सकता है। इसलिए ज्‍योतिष को इस प्रकार के बेमतलब सवालों में मत उलझाइए।

रविवार, 2 जनवरी 2011

लग्‍न राशिफल ..... आपके लिए वर्ष 2011कैसा रहेगा ??

मेष लग्‍न ... भाग्‍य , धर्म या खर्च से संबंधित मामलों की मजबूती इस वर्ष के शुरूआत में ही देखने को मिलेगी। पिछले महीने उपस्थित रहे भाई , बहन या अन्‍य बंधु बांधव या किसी प्रकार के झंझट से संबंधित समस्‍याओं के खात्‍मे के प्रयास में जनवरी में व्‍यस्‍तता रहेगी , पर जनवरी के मध्‍य में इस संबंध में किसी प्रकार के निर्णय के आ जाने से उपरोक्‍त मामलों से ध्‍यान संकेन्‍द्रण हटेगा। अप्रैल , अगस्‍त , नवंबर तथा दिसंबर का समय पुन: इन मामलों के लिए कुछ कष्‍टकर हो सकता है। सितंबर 2010 से प्रयासरत धन , परिवार और घर गृहस्‍थी से संबंधित मामलों का कुछ न कुछ काम जनवरी में होते देखा जाएगा। अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई , कैरियर या अन्‍य मामलों को लेकर भी इस वर्ष आपका स्‍तर बना रहेगा। 7 जनवरी से पिता पक्ष , सामाजिक पक्ष , कैरियर , हर प्रकार के लाभ से संबंधित मामलों को मजबूत बनाने की दिशा में ध्‍यान संकेन्‍द्रण बनेगा , पर मात्र 20 दिन की कोशिश के बाद जनवरी के अंतिम सप्‍ताह में किसी न किसी प्रकार की समस्‍या के उपस्थित होने से कार्य संपादन में बाधा आएगी और काम कुछ दिनों के लिए स्‍थगित हो सकता है। 6 मार्च के बाद ही इस कार्य के लिए आशा की कोई किरण दिखाई पडेगी , वैसे कार्य में फिर से रफ्तार जून के मध्‍य से जुलाई के मध्‍य तक ही आ पाएगा। अगस्‍त माह में भाग्‍य , धर्म या खर्च से संबंधित संदर्भों को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास शुरू होगा , पर सितंबर के बाद का समय इन मामलों के लिए सुखकर नहीं , इसलिए नवंबर तक तो काफी निराशा बनी रहेगी ही , इस वर्ष के अंत अंत तक इन संदर्भों को लेकर कुछ न कुछ समस्‍याएं बनी रहेंगी । स्‍वास्‍थ्‍य , आत्‍म विश्‍वास या जीवनशैली से संबंधित मामले पूरे वर्ष सुखद तो बने रहेंगे , पर इनसे संबंधित किसी बडे कार्य के लिए आपको वर्ष के अंत यानि दिसंबर तक का इंतजार करना पड सकता है।


वृष लग्‍न ... किसी प्रकार के लाभ के मामले , रूटीन और जीवनशैली  की मजबूती इस वर्ष के शुरूआत में ही देखने को मिलेगी। पिछले महीने उपस्थित रहे धन , परिवार , अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई या अन्‍य समस्‍याओं के खात्‍मे के प्रयास में जनवरी में व्‍यस्‍तता रहेगी , पर जनवरी के मध्‍य में इस संबंध में किसी प्रकार के निर्णय के आ जाने से उपरोक्‍त मामलों से ध्‍यान संकेन्‍द्रण हटेगा। अप्रैल , अगस्‍त , नवंबर तथा दिसंबर तक का समय पुन: इन मामलों के लिए कुछ कष्‍टकर हो सकता है। सितंबर 2010 से प्रयासरत स्‍वास्‍थ्‍य , आत्‍मविश्‍वास , प्रभाव से संबंधित मामलों का भी कुछ न कुछ काम जनवरी में होते देखा जाएगा। माता पक्ष , किसी प्रकार की छोटी बडी संपत्ति से संबंधित मामलों को लेकर इस वर्ष आपका स्‍तर बना रहेगा। 7 जनवरी से भाग्‍य , धर्म , पिता पक्ष , सामाजिक पक्ष , कैरियर से संबंधित मामलों को मजबूत बनाने की दिशा में ध्‍यान संकेन्‍द्रण बनेगा , पर मात्र 20 दिन की कोशिश के बाद जनवरी के अंतिम सप्‍ताह में किसी न किसी प्रकार की समस्‍या के उपस्थित होने से कार्य संपादन में बाधा आएगी और काम कुछ दिनों के लिए स्‍थगित किया जा सकता है। 6 मार्च के बाद ही इस कार्य के लिए आशा की कोई किरण दिखाई पडेगी , वैसे कार्य में फिर से रफ्तार जून के मध्‍य से जुलाई के मध्‍य तक ही आ पाएगा। अगस्‍त माह में हर प्रकार के लाभ के मामले , रूटीन और जीवनशैली से संबंधित संदर्भों को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास शुरू होगा , पर सितंबर के बाद का समय इन मामलों के लिए सुखकर नहीं , इसलिए नवंबर तक तो काफी निराशा बनी रहेगी ही , इस वर्ष के अंत अंत तक इन संदर्भों को लेकर कुछ न कुछ समस्‍याएं बनी रहेंगी । घर गृहस्‍थी , खर्च या बाहरी संदर्भों से संबंधित मामले पूरे वर्ष सुखद तो बने रहेंगे , पर इनसे संबंधित किसी बडे कार्य के लिए आपको वर्ष के अंत यानि दिसंबर तक का इंतजार करना पड सकता है।


मिथुन लग्‍न .... घर गृहस्‍थी , पिता पक्ष , सामाजिक पक्ष , कैरियर से संबंधित मामलों की मजबूती इस वर्ष के शुरूआत में ही देखने को मिलेगी। पिछले महीने उपस्थित रहे स्‍वास्‍थ्‍य , आत्‍मविश्‍वास , माता पक्ष , हर प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति  से संबंधित समस्‍याओं के खात्‍मे के प्रयास में जनवरी में व्‍यस्‍तता रहेगी , पर जनवरी के मध्‍य में इस संबंध में किसी प्रकार के निर्णय के आ जाने से उपरोक्‍त मामलों से ध्‍यान संकेन्‍द्रण हटेगा। अप्रैल , अगस्‍त , नवंबर तथा दिसंबर तक का समय पुन: इन मामलों के लिए कुछ कष्‍टकर हो सकता है। सितंबर 2010 से प्रयासरत अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई , कैरियर से संबंधित मामलों का भी कुछ न कुछ काम जनवरी में होते देखा जाएगा। भाई , बहन या अन्‍य बंधु बांधवों से संबंधित मामलों को लेकर इस वर्ष आपका स्‍तर बना रहेगा। 7 जनवरी से भाग्‍य , धर्म , रूटीन , जीवनशैली , पितापक्ष , सामाजिक पक्ष , कैरियर से संबंधित मामलों को मजबूत बनाने की दिशा में ध्‍यान संकेन्‍द्रण बनेगा , पर मात्र 20 दिन की कोशिश के बाद जनवरी के अंतिम सप्‍ताह में किसी न किसी प्रकार की समस्‍या के उपस्थित होने से कार्य संपादन में बाधा आएगी और काम कुछ दिनों के लिए स्‍थगित किया जा सकता है। 6 मार्च के बाद ही इस कार्य के लिए आशा की कोई किरण दिखाई पडेगी , वैसे कार्य में फिर से रफ्तार जून के मध्‍य से जुलाई के मध्‍य तक ही आ पाएगा। अगस्‍त माह में घर गृहस्‍थी , पिता पक्ष , सामाजिक पक्ष , कैरियर से संबंधित संदर्भों को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास शुरू होगा , पर सितंबर के बाद का समय इन मामलों के लिए सुखकर नहीं , इसलिए नवंबर तक तो काफी निराशा बनी रहेगी ही , इस वर्ष के अंत अंत तक इन संदर्भों को लेकर कुछ न कुछ समस्‍याएं बनी रहेंगी । लाभ , प्रभाव से संबंधित मामले पूरे वर्ष सुखद तो बने रहेंगे , पर इनसे संबंधित किसी बडे कार्य के लिए आपको वर्ष के अंत यानि दिसंबर तक का इंतजार करना पड सकता है।


कर्क लग्‍न . धर्म , भाग्‍य ,प्रभाव से संबंधित मामलों की मजबूती इस वर्ष के शुरूआत में ही देखने को मिलेगी। पिछले महीने उपस्थित रहे भाई , बहन या अन्‍य बंधु , खर्च या बाहरी संदर्भों से संबंधित समस्‍याओं के खात्‍मे के प्रयास में जनवरी में व्‍यस्‍तता रहेगी , पर जनवरी के मध्‍य में इस संबंध में किसी प्रकार के निर्णय के आ जाने से उपरोक्‍त मामलों से ध्‍यान संकेन्‍द्रण हटेगा। अप्रैल , अगस्‍त , नवंबर तथा दिसंबर तक का समय पुन: इन मामलों के लिए कुछ कष्‍टकर हो सकता है। सितंबर 2010 से प्रयासरत माता पक्ष , किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति या लाभ से संबंधित मामलों का भी कुछ न कुछ काम जनवरी में होते देखा जाएगा। धन से संबंधित मामलों को लेकर इस वर्ष आपका स्‍तर बना रहेगा। 7 जनवरी से घर गृहस्‍थी , रूटीन या जीवनशैली से संबंधित मामलों को मजबूत बनाने की दिशा में ध्‍यान संकेन्‍द्रण बनेगा , पर मात्र 20 दिन की कोशिश के बाद जनवरी के अंतिम सप्‍ताह में किसी न किसी प्रकार की समस्‍या के उपस्थित होने से कार्य संपादन में बाधा आएगी और काम कुछ दिनों के लिए स्‍थगित किया जा सकता है। 6 मार्च के बाद ही इस कार्य के लिए आशा की कोई किरण दिखाई पडेगी , वैसे कार्य में फिर से रफ्तार जून के मध्‍य से जुलाई के मध्‍य तक ही आ पाएगा। अगस्‍त माह में धर्म , भाग्‍य ,प्रभाव से संबंधित संदर्भों को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास शुरू होगा , पर सितंबर के बाद का समय इन मामलों के लिए सुखकर नहीं , इसलिए नवंबर तक तो काफी निराशा बनी रहेगी ही , इस वर्ष के अंत अंत तक इन संदर्भों को लेकर कुछ न कुछ समस्‍याएं बनी रहेंगी । अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई या कैरियर , पिता या सामाजिक पक्ष से संबंधित मामले पूरे वर्ष सुखद तो बने रहेंगे , पर इनसे संबंधित किसी बडे कार्य के लिए आपको वर्ष के अंत यानि दिसंबर तक का इंतजार करना पड सकता है।


सिंह लग्‍न .... अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई या अन्‍य मामलों , रूटीन या जीवनशैली से संबंधित मामलों की मजबूती इस वर्ष के शुरूआत में ही देखने को मिलेगी। पिछले महीने उपस्थित रहे धन या लाभ से संबंधित समस्‍याओं के खात्‍मे के प्रयास में जनवरी में व्‍यस्‍तता रहेगी , पर जनवरी के मध्‍य में इस संबंध में किसी प्रकार के निर्णय के आ जाने से उपरोक्‍त मामलों से ध्‍यान संकेन्‍द्रण हटेगा। अप्रैल , अगस्‍त , नवंबर तथा दिसंबर तक का समय पुन: इन मामलों के लिए कुछ कष्‍टकर हो सकता है। सितंबर 2010 से प्रयासरत भाई , बहन या अन्‍य बंधु , पिता पक्ष , सामाजिक पक्ष या कैरियर से संबंधित मामलों का भी कुछ न कुछ काम जनवरी में होते देखा जाएगा। स्‍वास्‍थ्‍य या आत्‍म विश्‍वास से संबंधित मामलों को लेकर भी इस वर्ष आपका स्‍तर बना रहेगा। 7 जनवरी से घर गृहस्‍थी , प्रभाव से संबंधित मामलों को मजबूत बनाने की दिशा में ध्‍यान संकेन्‍द्रण बनेगा , पर मात्र 20 दिन की कोशिश के बाद जनवरी के अंतिम सप्‍ताह में किसी न किसी प्रकार की समस्‍या के उपस्थित होने से कार्य संपादन में बाधा आएगी और काम कुछ दिनों के लिए स्‍थगित किया जा सकता है। 6 मार्च के बाद ही इस कार्य के लिए आशा की कोई किरण दिखाई पडेगी , वैसे कार्य में फिर से रफ्तार जून के मध्‍य से जुलाई के मध्‍य तक ही आ पाएगा। अगस्‍त माह में अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई , रूटीन या जीवनशैली से संबंधित संदर्भों को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास शुरू होगा , पर सितंबर के बाद का समय इन मामलों के लिए सुखकर नहीं , इसलिए नवंबर तक तो काफी निराशा बनी रहेगी ही , इस वर्ष के अंत अंत तक इन संदर्भों को लेकर कुछ न कुछ समस्‍याएं बनी रहेंगी । माता पक्ष , किसी प्रकार  की छोटी या बडी अचल संपत्ति या भाग्‍य से संबंधित मामले पूरे वर्ष सुखद तो बने रहेंगे , पर इनसे संबंधित किसी बडे कार्य के लिए आपको वर्ष के अंत यानि दिसंबर तक का इंतजार करना पड सकता है।


कन्‍या लग्‍न .... माता पक्ष  , छोटी या बडी संपत्ति , घर गृहस्‍थी से संबंधित मामलों की मजबूती इस वर्ष के शुरूआत में ही देखने को मिलेगी। पिछले महीने उपस्थित रहे स्‍वास्‍थ्‍य , आत्‍मविश्‍वास , पिता पक्ष , सामाजिक पक्ष या कैरियर से संबंधित समस्‍याओं के खात्‍मे के प्रयास में जनवरी में व्‍यस्‍तता रहेगी , पर जनवरी के मध्‍य में इस संबंध में किसी प्रकार के निर्णय के आ जाने से उपरोक्‍त मामलों से ध्‍यान संकेन्‍द्रण हटेगा। अप्रैल , अगस्‍त , नवंबर तथा दिसंबर तक का समय पुन: इन मामलों के लिए कुछ कष्‍टकर हो सकता है। सितंबर 2010 से प्रयासरत भाग्‍य , धर्म , धन या कोष से संबंधित मामलों का भी कुछ न कुछ काम जनवरी में होते देखा जाएगा। खर्च या बाहरी संदर्भ से संबंधित मामलों को लेकर इस वर्ष आपका स्‍तर बना रहेगा। 7 जनवरी से अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई या अन्‍य मामलों , प्रभाव से संबंधित मामलों को मजबूत बनाने की दिशा में ध्‍यान संकेन्‍द्रण बनेगा , पर मात्र 20 दिन की कोशिश के बाद जनवरी के अंतिम सप्‍ताह में किसी न किसी प्रकार की समस्‍या के उपस्थित होने से कार्य संपादन में बाधा आएगी और काम कुछ दिनों के लिए स्‍थगित किया जा सकता है। 6 मार्च के बाद ही इस कार्य के लिए आशा की कोई किरण दिखाई पडेगी , वैसे कार्य में फिर से रफ्तार जून के मध्‍य से जुलाई के मध्‍य तक ही आ पाएगा। अगस्‍त माह में माता पक्ष  , छोटी या बडी संपत्ति , घर गृहस्‍थी से संबंधित संदर्भों को मजबूत बनाने की दिशा में पुन: प्रयास शुरू होगा , पर सितंबर के बाद का समय इन मामलों के लिए सुखकर नहीं , इसलिए नवंबर तक तो काफी निराशा बनी रहेगी ही , इस वर्ष के अंत अंत तक इन संदर्भों को लेकर कुछ न कुछ समस्‍याएं बनी रहेंगी । भाई , बहन , अन्‍य बंधु , रूटीन और से संबंधित मामले पूरे वर्ष सुखद तो बने रहेंगे , पर इनसे संबंधित किसी बडे कार्य के लिए आपको वर्ष के अंत यानि दिसंबर तक का इंतजार करना पड सकता है।


तुला लग्‍न .... भाई , बहन या अन्‍य बंधु , खर्च और बाहरी संदर्भ से संबंधित मामलों की मजबूती इस वर्ष के शुरूआत में ही देखने को मिलेगी। पिछले महीने उपस्थित रहे भाई बहन या अन्‍य बंधु , बांधव , खर्च और बाह्य संदर्भ से संबंधित समस्‍याओं के खात्‍मे के प्रयास में जनवरी में व्‍यस्‍तता रहेगी , पर जनवरी के मध्‍य में इस संबंध में किसी प्रकार के निर्णय के आ जाने से उपरोक्‍त मामलों से ध्‍यान संकेन्‍द्रण हटेगा। अप्रैल , अगस्‍त , नवंबर तथा दिसंबर तक का समय पुन: इन मामलों के लिए कुछ कष्‍टकर हो सकता है। सितंबर 2010 से प्रयासरत स्‍वास्‍थ्‍य , आत्‍मविश्‍वास , रूटीन और जीवनशैली से संबंधित मामलों का कुछ न कुछ काम जनवरी में होते देखा जाएगा। लाभ से संबंधित मामलों को लेकर भी इस वर्ष आपका स्‍तर बना रहेगा। 7 जनवरी से माता पक्ष  , छोटी या बडी संपत्ति , अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई से संबंधित मामलों को मजबूत बनाने की दिशा में ध्‍यान संकेन्‍द्रण बनेगा , पर मात्र 20 दिन की कोशिश के बाद जनवरी के अंतिम सप्‍ताह में किसी न किसी प्रकार की समस्‍या के उपस्थित होने से कार्य संपादन में बाधा आएगी और काम कुछ दिनों के लिए स्‍थगित किया जा सकता है। 6 मार्च के बाद ही इस कार्य के लिए आशा की कोई किरण दिखाई पडेगी , वैसे कार्य में फिर से रफ्तार जून के मध्‍य से जुलाई के मध्‍य तक ही आ पाएगा। अगस्‍त माह में भाई , बहन या अन्‍य बंधु , खर्च और बाहरी संदर्भ से संबंधित संदर्भों को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास शुरू होगा , पर सितंबर के बाद का समय इन मामलों के लिए सुखकर नहीं , इसलिए नवंबर तक तो काफी निराशा बनी रहेगी ही , इस वर्ष के अंत अंत तक इन संदर्भों को लेकर कुछ न कुछ समस्‍याएं बनी रहेंगी । घर गृहस्‍थी , धन कोष से संबंधित मामले पूरे वर्ष सुखद तो बने रहेंगे , पर इनसे संबंधित किसी बडे कार्य के लिए आपको वर्ष के अंत यानि दिसंबर तक का इंतजार करना पड सकता है।


वृश्चिक लग्‍न .. धन , कोष , अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई या अन्‍य मामलों की मजबूती इस वर्ष के शुरूआत में ही देखने को मिलेगी। पिछले महीने उपस्थित रहे लाभ या जीवनशैली से संबंधित समस्‍याओं के खात्‍मे के प्रयास में जनवरी में व्‍यस्‍तता रहेगी , पर जनवरी के मध्‍य में इस संबंध में किसी प्रकार के निर्णय के आ जाने से उपरोक्‍त मामलों से ध्‍यान संकेन्‍द्रण हटेगा। अप्रैल , अगस्‍त , नवंबर तथा दिसंबर तक का समय पुन: इन मामलों के लिए कुछ कष्‍टकर हो सकता है। सितंबर 2010 से प्रयासरत घर गृहस्‍थी , खर्च और बाहरी संदर्भों से संबंधित मामलों का कुछ न कुछ काम जनवरी में होते देखा जाएगा। पिता पक्ष , सामाजिक  पक्ष या कैरियर से संबंधित मामलों को लेकर भी इस वर्ष आपका स्‍तर बना रहेगा। 7 जनवरी से भाई , बहन या अन्‍य बंधु , माता पक्ष , छोटी या बडी किसी प्रकार की संपत्ति से संबंधित मामलों को मजबूत बनाने की दिशा में ध्‍यान संकेन्‍द्रण बनेगा , पर मात्र 20 दिन की कोशिश के बाद जनवरी के अंतिम सप्‍ताह में किसी न किसी प्रकार की समस्‍या के उपस्थित होने से कार्य संपादन में बाधा आएगी और काम कुछ दिनों के लिए स्‍थगित किया जा सकता है। 6 मार्च के बाद ही इस कार्य के लिए आशा की कोई किरण दिखाई पडेगी , वैसे कार्य में फिर से रफ्तार जून के मध्‍य से जुलाई के मध्‍य तक ही आ पाएगा। अगस्‍त माह में धन , कोष , अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई से संबंधित संदर्भों को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास शुरू होगा , पर सितंबर के बाद का समय इन मामलों के लिए सुखकर नहीं , इसलिए नवंबर तक तो काफी निराशा बनी रहेगी ही , इस वर्ष के अंत अंत तक इन संदर्भों को लेकर कुछ न कुछ समस्‍याएं बनी रहेंगी । स्‍वास्‍थ्‍य , आत्‍म विश्‍वास या प्रभाव से संबंधित मामले पूरे वर्ष सुखद तो बने रहेंगे , पर इनसे संबंधित किसी बडे कार्य के लिए आपको वर्ष के अंत यानि दिसंबर तक का इंतजार करना पड सकता है।


धनु लग्‍न ..... स्‍वास्‍थ्‍य , माता पक्ष , किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति  से संबंधित मामलों की मजबूती इस वर्ष के शुरूआत में ही देखने को मिलेगी। पिछले महीने उपस्थित रहे घर गृहस्‍थी, पिता पक्ष , सामाजिक पक्ष या कैरियर से संबंधित समस्‍याओं के खात्‍मे के प्रयास में जनवरी में व्‍यस्‍तता रहेगी , पर जनवरी के मध्‍य में इस संबंध में किसी प्रकार के निर्णय के आ जाने से उपरोक्‍त मामलों से ध्‍यान संकेन्‍द्रण हटेगा। अप्रैल , अगस्‍त , नवंबर तथा दिसंबर तक का समय पुन: इन मामलों के लिए कुछ कष्‍टकर हो सकता है। सितंबर 2010 से प्रयासरत लाभ और प्रभाव से संबंधित मामलों का भी कुछ न कुछ काम जनवरी में होते देखा जाएगा। भाग्‍य या धर्म से संबंधित मामलों को लेकर इस वर्ष आपका स्‍तर बना रहेगा। 7 जनवरी से धन , कोष , भाई बहन या अन्‍य बंधु से संबंधित मामलों को मजबूत बनाने की दिशा में ध्‍यान संकेन्‍द्रण बनेगा , पर मात्र 20 दिन की कोशिश के बाद जनवरी के अंतिम सप्‍ताह में किसी न किसी प्रकार की समस्‍या के उपस्थित होने से कार्य संपादन में बाधा आएगी और काम कुछ दिनों के लिए स्‍थगित किया जा सकता है। 6 मार्च के बाद ही इस कार्य के लिए आशा की कोई किरण दिखाई पडेगी , वैसे कार्य में फिर से रफ्तार जून के मध्‍य से जुलाई के मध्‍य तक ही आ पाएगा। अगस्‍त माह में स्‍वास्‍थ्‍य , माता पक्ष , किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति से संबंधित संदर्भों को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास शुरू होगा , पर सितंबर के बाद का समय इन मामलों के लिए सुखकर नहीं , इसलिए नवंबर तक तो काफी निराशा बनी रहेगी ही , इस वर्ष के अंत अंत तक इन संदर्भों को लेकर कुछ न कुछ समस्‍याएं बनी रहेंगी । अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई , खर्च या बाहरी संदर्भ  कैरियर , पिता या सामाजिक पक्ष से संबंधित मामले पूरे वर्ष सुखद तो बने रहेंगे , पर इनसे संबंधित किसी बडे कार्य के लिए आपको वर्ष के अंत यानि दिसंबर तक का इंतजार करना पड सकता है।


मकर लग्‍न .... भाई , बहन या अन्‍य बंधु खर्च और बाहरी संदर्भ से संबंधित मामलों की मजबूती इस वर्ष के शुरूआत में ही देखने को मिलेगी। पिछले महीने उपस्थित रहे भाग्‍य , धर्म या प्रभाव से संबंधित समस्‍याओं के खात्‍मे के प्रयास में जनवरी में व्‍यस्‍तता रहेगी , पर जनवरी के मध्‍य में इस संबंध में किसी प्रकार के निर्णय के आ जाने से उपरोक्‍त मामलों से ध्‍यान संकेन्‍द्रण हटेगा। अप्रैल , अगस्‍त , नवंबर तथा दिसंबर तक का समय पुन: इन मामलों के लिए कुछ कष्‍टकर हो सकता है। सितंबर 2010 से प्रयासरत अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई , पिता पक्ष , सामाजिक पक्ष या कैरियर से संबंधित मामलों का भी कुछ न कुछ काम जनवरी में होते देखा जाएगा। रूटीन या जीवनशैली से संबंधित मामलों को लेकर भी इस वर्ष आपका स्‍तर बना रहेगा। 7 जनवरी से स्‍वास्‍थ्‍य , धन से संबंधित मामलों को मजबूत बनाने की दिशा में ध्‍यान संकेन्‍द्रण बनेगा , पर मात्र 20 दिन की कोशिश के बाद जनवरी के अंतिम सप्‍ताह में किसी न किसी प्रकार की समस्‍या के उपस्थित होने से कार्य संपादन में बाधा आएगी और काम कुछ दिनों के लिए स्‍थगित किया जा सकता है। 6 मार्च के बाद ही इस कार्य के लिए आशा की कोई किरण दिखाई पडेगी , वैसे कार्य में फिर से रफ्तार जून के मध्‍य से जुलाई के मध्‍य तक ही आ पाएगा। अगस्‍त माह में भाई , बहन या अन्‍य बंधु खर्च और बाहरी संदर्भ  और बाहरी संदर्भ से संबंधित संदर्भों को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास शुरू होगा , पर सितंबर के बाद का समय इन मामलों के लिए सुखकर नहीं , इसलिए नवंबर तक तो काफी निराशा बनी रहेगी ही , इस वर्ष के अंत अंत तक इन संदर्भों को लेकर कुछ न कुछ समस्‍याएं बनी रहेंगी । माता पक्ष , छोटी या बडी संपत्ति के मामले और लाभ से संबंधित मामले पूरे वर्ष सुखद तो बने रहेंगे , पर इनसे संबंधित किसी बडे कार्य के लिए आपको वर्ष के अंत यानि दिसंबर तक का इंतजार करना पड सकता है।


कुंभ लग्‍न .... धन और लाभ से संबंधित मामलों की मजबूती इस वर्ष के शुरूआत में ही देखने को मिलेगी। पिछले महीने उपस्थित रहे अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई , रूटीन या जीवनशैली से संबंधित समस्‍याओं के खात्‍मे के प्रयास में जनवरी में व्‍यस्‍तता रहेगी , पर जनवरी के मध्‍य में इस संबंध में किसी प्रकार के निर्णय के आ जाने से उपरोक्‍त मामलों से ध्‍यान संकेन्‍द्रण हटेगा। अप्रैल , अगस्‍त , नवंबर तथा दिसंबर तक का समय पुन: इन मामलों के लिए कुछ कष्‍टकर हो सकता है। सितंबर 2010 से प्रयासरत मातृ पक्ष , किसी प्रकार की संपत्ति या भाग्‍य से संबंधित मामलों का कुछ न कुछ काम जनवरी में होते देखा जाएगा। घर गृहस्‍थी से संबंधित मामलों को लेकर भी इस वर्ष आपका स्‍तर बना रहेगा। 7 जनवरी से स्‍वास्‍थ्‍य , आत्‍मविश्‍वास , खर्च और बाहरी संदर्भों से संबंधित मामलों को मजबूत बनाने की दिशा में ध्‍यान संकेन्‍द्रण बनेगा , पर मात्र 20 दिन की कोशिश के बाद जनवरी के अंतिम सप्‍ताह में किसी न किसी प्रकार की समस्‍या के उपस्थित होने से कार्य संपादन में बाधा आएगी और काम कुछ दिनों के लिए स्‍थगित किया जा सकता है। 6 मार्च के बाद ही इस कार्य के लिए आशा की कोई किरण दिखाई पडेगी , वैसे कार्य में फिर से रफ्तार जून के मध्‍य से जुलाई के मध्‍य तक ही आ पाएगा। अगस्‍त माह में  से संबंधित संदर्भों को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास शुरू होगा , पर सितंबर के बाद का समय इन मामलों के लिए सुखकर नहीं , इसलिए नवंबर तक तो काफी निराशा बनी रहेगी ही , इस वर्ष के अंत अंत तक इन संदर्भों को लेकर कुछ न कुछ समस्‍याएं बनी रहेंगी । भाई बहन , या अन्‍य बंधु , पिता पक्ष , सामाजिक पक्ष या कैरियर से संबंधित मामले पूरे वर्ष सुखद तो बने रहेंगे , पर इनसे संबंधित किसी बडे कार्य के लिए आपको वर्ष के अंत यानि दिसंबर तक का इंतजार करना पड सकता है।


मीन लग्‍न .... स्‍वास्‍थ्‍य , पिता पक्ष , सामाजिक पक्ष , कैरियर प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति से संबंधित मामलों की मजबूती इस वर्ष के शुरूआत में ही देखने को मिलेगी। पिछले महीने उपस्थित रहे माता पक्ष , छोटी या बडी संपत्ति , घर गृहस्‍थी से संबंधित समस्‍याओं के खात्‍मे के प्रयास में जनवरी में व्‍यस्‍तता रहेगी , पर जनवरी के मध्‍य में इस संबंध में किसी प्रकार के निर्णय के आ जाने से उपरोक्‍त मामलों से ध्‍यान संकेन्‍द्रण हटेगा। अप्रैल , अगस्‍त , नवंबर तथा दिसंबर तक का समय पुन: इन मामलों के लिए कुछ कष्‍टकर हो सकता है। सितंबर 2010 से प्रयासरत भाई , बहन या अन्‍य बंधु , रूटीन और जीवनशैली से संबंधित मामलों का भी कुछ न कुछ काम जनवरी में होते देखा जाएगा। प्रभाव से संबंधित मामलों को लेकर इस वर्ष आपका स्‍तर बना रहेगा। 7 जनवरी से लाभ , खर्च और बाहरी संदर्भों से संबंधित मामलों को मजबूत बनाने की दिशा में ध्‍यान संकेन्‍द्रण बनेगा , पर मात्र 20 दिन की कोशिश के बाद जनवरी के अंतिम सप्‍ताह में किसी न किसी प्रकार की समस्‍या के उपस्थित होने से कार्य संपादन में बाधा आएगी और काम कुछ दिनों के लिए स्‍थगित किया जा सकता है। 6 मार्च के बाद ही इस कार्य के लिए आशा की कोई किरण दिखाई पडेगी , वैसे कार्य में फिर से रफ्तार जून के मध्‍य से जुलाई के मध्‍य तक ही आ पाएगा। अगस्‍त माह में स्‍वास्‍थ्‍य , पिता पक्ष , सामाजिक पक्ष , कैरियर प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति से संबंधित संदर्भों को मजबूत बनाने की दिशा में पुन: प्रयास शुरू होगा , पर सितंबर के बाद का समय इन मामलों के लिए सुखकर नहीं , इसलिए नवंबर तक तो काफी निराशा बनी रहेगी ही , इस वर्ष के अंत अंत तक इन संदर्भों को लेकर कुछ न कुछ समस्‍याएं बनी रहेंगी । भाग्‍य , धर्म , धन से संबंधित मामले पूरे वर्ष सुखद तो बने रहेंगे , पर इनसे संबंधित किसी बडे कार्य के लिए आपको वर्ष के अंत यानि दिसंबर तक का इंतजार करना पड सकता है।
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