रविवार, 9 जनवरी 2011

शीघ्र ही ठंड से छुटकारा मिलने की उम्‍मीद ... संगीता पुरी

29 अक्‍तूबर को मौसम के बारे में एक लेख में मैने लिखा था कि 10 और11 जनवरी को बडे रूप में एक बार मौसम की खराबी , जिसमें तेज हवाओं से लेकर बारिश , आंधी और बर्फ गिरना सब शामिल है , के बाद ही अचानक ठंड से छुटकारा मिलेगा। ऐसा मैने इसलिए लिखा था ,  क्‍यूंकि 10 और 11 जनवरी को आसमान की एक ग्रहीय स्थिति मौसम के बिल्‍कुल प्रतिकूल थी। इसका प्रभाव दो चार दिन पूर्व से ही पूरे भारतवर्ष में देखने को मिल रहा है।


जम्मू-कश्मीर पर हवाओं का दबाव बना हुआ है, जिससे उत्तर भारत से बर्फीली हवाएं चल रही हैं और इसका असर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी पड़ रहा है। राजस्‍थान में सर्दी ने पिछले 47 वर्षों का रिकार्ड तोड दिया है। पूरे देश में सर्द हवाएं चलने से ठिठुरन बढ गयी है। मौसम की खराबी और भारी कोहरे के कारण हवाई उडानें प्रभावित हैं ,, कितनी ट्रेने देरी से चल रही है। फसलों को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है। 






मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बीती रात से उत्तरी हवा की रफ्तार बढ़ गई है, इसलिए सर्द हवा का सिलसिला फिलहाल बरकरार रहेगा। इसे सुनने के बाद लोगों के मन में भय व्‍याप्‍त है। पर 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के आकलन की माने , तो उसके हिसाब से 10 और 11 जनवरी की ग्रहीय स्थिति के कारण भले ही आनेवाले दो दिनों में मौसम में और गडबडी देखने को मिले , इन दो दिनों में अधिकांश स्‍थानों में धूप के दर्शन न हो , तेज हवाओं , कुहासे , और बादल के कारण परेशानी बढ जाए , मौसम की गडबडी अपनी चरम सीमा पर हो , पर 12 जनवरी के बाद  मौसम में काफी तेजी से सुधार होगा। ठंड से परेशान लोगों के लिए यह राहत वाली बात है।