गुरुवार, 28 अप्रैल 2011

13 जुलाई से 6 सितंबर तक भरपूर बारिश के ग्रहयोग ...

मौसम विभाग की मानें तो इस बार लोगों को भयंकर गर्मी का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। मौसम विभाग ने कहा है कि इस साल दक्षिण पश्चिम मानसून की चाल पिछले साल के मुकाबले बेहतर चल रही है। मौसम विभाग ने इस साल मानसून सामान्य रहने की भविष्यवाणी की है। उसे दीर्घावधि प्रतिशत के रूप में देश में 98 से 110 फीसदी बारिश होने की उम्मीद है। पहले चरण के इस पूर्वानुमान के बाद जून में दूसरे चरण का पूर्वानुमान जारी किया जाएगा। मौसम वैज्ञानिकों ने यह भी कहा कि पश्चिमोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।


'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के हिसाब से भी इस वर्ष के ग्रहयोग प्रचुर वर्षा करवाने में कामयाब हो सकते है। 7 मई तक शुभ ग्रह का जितना प्रभाव भारतवर्ष के मौसम को सुहावना बनाए रखने पर था , उतना अच्‍छा प्रभाव तो आगे नहीं रहेगा , इसलिए 7 मई के बाद पूरे मई और जून में गर्मी कुछ बढ सकती है , हालांकि पिछले कुछ वर्षों के अनुपात में प्रचंडता इस वर्ष कम दिनों के लिए रहेगी। मौसम विभाग के हिसाब से मानसून जुलाई के प्रथम सप्‍ताह में आने की उम्‍मीद है , पर ग्रहों के हिसाब से इस वर्ष जुलाई के प्रथम सप्‍ताह में गर्मी बने रहने की संभावना है। इसलिए मानसून के आने में कुछ देर की संभावना है।


बारिश का अच्‍छा योग 13 जुलाई से 6 सितंबर के मध्‍य है। इस समय भारतवर्ष के अधिकांश क्षेत्रों में प्रचुर बारिश होगी। खासकर 13 जुलाई और 6 सितंबर के आसपास के पंद्रह दिन बहुत अधिक बारिश वाले होंगे , जिससे किसानों को सुविधा होगी । इसके अलावे 17 अगस्‍त के आसपास भी बहुत सारे क्षेत्रों में अत्‍यधिक बारिश के कारण बाढ जैसी परेशानियों का भी सामना करना पड सकता है। 6 सितंबर के बाद के ग्रहयोग बारिश कम करवाने वाले होंगे , इस वक्‍त कई क्षेत्रों में बारिश कुछ कम होगी । जबकि खरीफ की फसल को इसके बाद भी सिंचाई की आवश्‍यकता पडती है। इसलिए इस समय के लिए कुछ वैकल्पिक व्‍यवस्‍था करने की आवश्‍यकता होगी।

बुधवार, 27 अप्रैल 2011

शेयर बाजार के पक्ष में है आनेवाले दिनों की ग्रहस्थिति .....

पिछले एक महीने में भारतीय शेयर बाजारों में हुई आश्चर्यजनक बढत के बाद पिछले सप्ताह बाजार कुछ कमजोर पडा है , फरवरी में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से ,५८५. करोड़ रुपये वापस निकाल लिए थे। क्यूंकि 2011 के पहले तीन माह में वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों की वजह से भारतीय शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बना हुआ था। बढ़ती महंगाई और उससे निबटने के लिए बैंको द्वारा ब्याज दर बढाए जाने का खतरा भी भारतीय बाजार पर धीरे-धीरे हावी होता जा रहा था। ज्यादातर जानकार महंगाई के मुद्दे पर चिंता जता रहे हैं। लेकिन, मार्च के दौरान उन्होने बाजार में ,७४९.६० करोड़ रुपये पूंजी निवेश किया।


विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय बाजार की विकास क्षमताओं को देखते हुए ही एफआईआई यहां शेयरों में पूंजी निवेश कर रहे हैं। इस महीने भी यह सिलसिला बरकरार रहने वाला है। पिछले कुछ सत्रों में वैश्विक निवेशक विकसित बाजारों से निकल कर उभरते बाजारों की तरफ आकर्षित हुए हैं। ऐसे में भारतीय बाजार प्रमुख लाभार्थियों में से एक के रूप में उभरा है। उनके मुताबिक एफआईआई को भारतीय कॉरपोरेट जगत से बेहतर सालाना नतीजों की उम्मीद भी इसकी एक बड़ी वजह हो सकती है। इस साल मॉनसून सामान्य रहने का पूर्वानुमान भी बाजार के लिए उत्साह का संचार करने वाला हो सकता है।

पर कुछ विशेषज्ञ अभी भी मानते हैं कि भारतीय बाजारों के फंडामेंटल मजबूत नहीं हैं और बड़े फंड हाउस भारतीय शेयर बाजार में निवेश घटा रहे हैं। इसलिए भारतीय बाजारों में सतर्कता के साथ निवेश करने की सलाह दे रहे हैं शेयर बाजार में आम शेयरधारकों को बीच में मुंह  की खानी पड़ी थी , लिहाजा वे तय नहीं कर पा रहे हैं कि इस रुझान पर कितना भरोसा करें।  ऐसी असमंजस की स्थिति में शेयर बाजार को प्रभावित करने वाले ग्रहों की स्थिति पर गौर किया जाना आवश्यक है।

आनेवाले दिनों में ग्रहस्थिति पूर्ण तौर पर शेयर बाजार के पक्ष में दिखती है। सिर्फ छोटे छोटे अंतराल में बिकवाली का थोडा दबाब बना रहेगा , जिससे बाजार में गिरावट आती रहेगी। 27 और 28 अप्रैल की ग्रहस्थिति शेयर बाजार के लिए बहुत सुखद नहीं , इसलिए इन दिनों में सेंसेक् और निफ्टी की स्थिति कुछ कमजोर दिख सकती है , खासकर मेटल सेक्टर के शेयर काफी कमजोर दिखेंगे। पर 28 अप्रैल के दोपहर के बाद ही शेयर बाजार में बडी मजबूती देखने को मिलेगी और दो तीन दिन तो शेयर बाजार में चौतरफा बढत देखने को मिलेगी। इस तरह अभी आनेवाले कुछ दिनों तक पुन: शेयर बाजार में गति देखी जा सकेगी।


मंगलवार, 26 अप्रैल 2011

अब बस दादी बनने का इंतजार है ......

वैसे भतीजी के विवाह के बाद सास तो मैं बारह वर्ष पूर्व ही बन गयी थी , 28 फरवरी 2011 को घोडी पर चढे दुल्‍हा बने अपने साले साहब को संभालते हमारे घर के इकलौते दामादजी ..... 


दस वर्ष पूर्व ही इस प्‍यारे से नाती की नानी बनने का भी मौका मिल गया , इसे सुंदर ड्रेस से ललचाकर वर के सहबाला बनने को तैयार किया गया हैं  ....


सारी तैयारी होने के बाद जयमाल , विधि व्‍यवहार और विवाह में आजकल देर थोडे ही लगती है , दूसरे दिन  10 बजे स्‍वागत के लिए तैयार थी भतीजे चि विनीत के साथ हमारी बहूरानी सौ भारती ....



ये दोनो हमेशा खुश रहें , आबाद रहे , बस यही कामना है .. अब बस दादी बनने का इंतजार है ......

रविवार, 24 अप्रैल 2011

7 मार्च से 8 मई तक का समय मीन राशि के लिए बहुत ही महत्‍वपूर्ण


पिछले वर्ष मई से ही बृहस्‍पति ग्रह की स्थिति मीन राशि में बनी हुई है। अपनी राशि में स्थित होने के कारण यह विभिन्‍न लग्‍नवालों को खास खास मुद्दे के प्रति गंभीर बनाता आ रहा है। बृहस्‍पति की इस स्थिति के कारण किन्‍हीं के लिए सुखद तो किन्‍हीं के लिए यह समय खासा कष्‍टप्रद बना रहा। मार्च में बृहस्‍पति का साथ देने अन्‍य सभी ग्रह मीन राशि में पहुंच चुके हैं। 7 मार्च को बुध , 15 मार्च को सूर्य , 26 मार्च को मंगल मीन राशि में बृहस्‍पति के साथ चलते रहे। 15 अप्रैल को सूर्य के वहां से हटते ही 17 अप्रैल को शुक्र ने भी वहां अपनी स्थिति बना ली। 8 मई तक ही गुरू मीन राशि में मौजूद होगा , उस वक्‍त तक लगभग सभी ग्रह मीन राशि में मौजूद हैं। इसलिए 7 मार्च से ही मीन राशि के लिए महत्‍वपूर्ण समय की शुरूआत हुई और यह कमोबेश 8 मई तक बनीं रहेगी।

दो महीने में दो बार ढाई ढाई दिनों के लिए उपस्थित रहकर चंद्रमा ने इस योग को और प्रभावी बना दिया है। शुभ ग्रह के साथ शुभ राशि में इतने सारे ग्रहों की स्थिति होने से यह समय आमतौर पर सुखद माना जाता है। भारतवर्ष के मौसम और शेयर बाजार के मनोनुकूल बने होने में भी इसी ग्रहयोग का हाथ है। वैसे भारत सरकार के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण बना रहा। इस ग्रहयोग के कारण इस समय सभी लोगों के समक्ष मीन राशि से संबंधित मुद्दे उपस्थित रहे और अधिकांश लोगों को इससे संबंधित खुशी और कुछ लोगों को इससे संबंधित कष्‍ट से लोगों को जूझना पडता रहा।  वैसे तुला राशिवालों के लिए यह समय खास सुखद तथा सिंह राशिवालों के लिए यह समय गडबड बना रहा। 

इस ग्रहयोग के कारण ही मेष  लग्‍नवालेखर्च या बाहरी संदर्भों , वृष लग्‍नवाले हर प्रकार के लाभ के मामले  , मिथुन लग्‍नवाले पिता पक्ष , सामाजिक पक्ष , कैरियर से संबंधित संदर्भों , कर्क लग्‍नवाले धर्म , भाग्‍य से संबंधित संदर्भों , सिंह लग्‍नवाले रूटीन या जीवनशैली से संबंधित संदर्भों , कन्‍या लग्‍नवाले घर गृहस्‍थी से संबंधित संदर्भों ,, तुला लग्‍नवाले किसी प्रकार के झंझट या प्रभाव  के मामलों  , वृश्चिक लग्‍नवाले अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई या अन्‍य मामलों , धनु लग्‍नवाले माता पक्ष , किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति से संबंधित संदर्भों , मकरलग्‍नवाले भाई , बहन या अन्‍य बंधु बांधव , कुंभ   लग्‍नवालेधन , कोष से संबंधित मामलों तथा मीन  लग्‍नवाले स्‍वास्‍थ्‍य , या आत्‍मविश्‍वास  से संबंधित संदर्भों में सुख और दुख दोनो महसूस कर रहे होंगे।

पिछले दो महीने से चल रहा यह ग्रहयोग 8 मई के बाद समाप्‍त हो जाएगा , इसलिए इस ग्रहयोग के कारण सुख या कष्‍ट पा रहे दुनियाभर के लोगों की परिस्थिति‍यां 8 मई के बाद परिवर्तित होगी। जहां पिछले दो महीनों से अनायास सुख सफलता प्राप्‍त कर रहे लोगों की सुख सुविधा में कमी आएगी , वहीं , पिछले दो महीनों से कष्‍ट प्राप्‍त कर रहे लोगों को कष्‍ट से मुक्ति मिल सकती है। उसके बाद के दो महीनों का ग्रहयोग वृश्चिक राशिवालों के लिए काफी अच्‍छा तथा कन्‍या राशि वालों के लिए बुरा माना जा सकता है।