मंगलवार, 3 जनवरी 2012

जनवरी 2012 का पूर्वार्द्ध शेयर बाजार के लिए कमजोर ... उत्‍तरार्द्ध मजबूत !!!!


वैसे तो हर क्षेत्र में ही देखा जाए , तो भविष्‍य बिल्‍कुल अनिश्चित है , क्‍योकि आज के अनिश्चितता के दौर में जब आम आदमी का जीवन ही निश्चित नहीं , तो किस पैसे , किस संपत्ति , किस डिग्री , किस जान परिचय और किस सगे संबंधी पर आप भरोसा कर सकते हैं ? पर आज की तिथि में जो सर्वाधिक अनिश्चित दिखाई पड रहा है , वह है पूरे विश्‍व का शेयर बाजार , जिसके बारे में बिना किसी आधार के एक दो घंटे बाद की भविष्‍यवाणी कर पाना भी काफी मुश्किल हो गया है।

दो वर्ष पूर्व मैं लगभग प्रत्‍येक सप्‍ताह शेयर बाजार को प्रभावित करने वाले ग्रहों का विश्‍लेषण करती हुई बाजार की दशा और दिशा से संबंधित लेख लिखा करती थी , पर एक वर्ष से इस दिशा में काम न के बराबर ही हो पा रहा है। कभी अध्‍ययन कर भी लूं तो पोस्‍ट लिखना संभव नहीं हो पाता। आज काफी दिनों बाद इस क्षेत्र में पुन: अपनी गणना करने की कोशिश की। 

वर्ष 2011 के आखिरी कारोबारी दिवस में घरेलू शेयर बाजार पिछले तीन वर्षों में पहली बार सालाना गिरावट लेकर बंद हुए , बाजार को सालभर में 25 प्रतिशत नुकसान हो चुका है। इस वर्ष शुरूआत से ही औद्योगिक उत्पादन , आर्थिक संभावनाओं मांग में कमी से भारतीय बाजारों के सामने संकट आने प्रारंभ हो गए। रही सही कसर विदेशों से प्राप्‍त होने वाले संकेतों ने पूरी कर दी। 

आमतौर पर गिरावट के दौर में सरकारी कंपनियों के शेयर सुरक्षित निवेश माने जाते हैं , पर इस वर्ष नुकसान उठाने के मामले में ये भी अव्‍वल रहीं। भारी घाटे के कारण शेयर निवेशकों का जोश ठंडा पड़ गया है। रिटेल निवेशकों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। विदेशी संस्‍थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार से लगातार पैसे निकाले , इस कारण मोटे मुनाफे की आस में अपनी जमा पूंजी लगाने वाले निवेशकों की बडी पूंजी स्वाहा हो गयी है।

ग्लोबल संकेतों के कारण घरेलू शेयर बाजार साल 2012 के पहले सप्ताह पहले दिन बढ़त पर खुले हैं , पर इसके चढ़ने और गिरने को लेकर अभी भी आशंकाएं बनी हुई हैं। भारतीय शेयर बाजार पर युरोपीय संकट के समाधान के साथ साथ कंपनियों के तिमाही नतीजों का भी बाजार पर अच्‍छा या बुरा असर पड सकता है। इन सारी स्थिति को देखकर विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल 2012 के बाद ही बाजार में तेजी की गुजांइश बन सकती है।

'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' की भी मानें , तो शेयर बाजार में इस वर्ष काफी उतार चढाव दिखता है। यहां तक कि हर महीने ऐसा उतार चढाव देखने को मिलता रहेगा। आज यानि 3 जनवरी तक बाजार में जो भी ताकत दिखाई पड जाए , पर उसके बाद विदेशों से बढिया संकेत नहीं मिलने से , देश के आर्थिक संकेत के सुखद न होने से बाजार में पुन: अनिश्चितता की स्थिति बनेगी और 16 जनवरी तक बाजार में अनिश्चितता यानि छोटी बढत और बडी गिरावट का सिलसिला बना रहेगा।

हां 17 जनवरी के दोपहर बाद से पूरे विश्‍व के बाजार में कुछ तब्‍दीलियां दिखाई देंगी , जिनके कारण 31 जनवरी तक बाजार में बढत की संभावना यानि छोटी घटत और बडी बढोत्‍तरी की संभावना बनेगी। इसलिए निवेशकों को सावधानी से बाजार में बने रहने या निकलने की जरूरत है।

5 टिप्‍पणियां:

विष्णु बैरागी ने कहा…

मेरी बात से आपकी भविष्‍यवाणी का कोई सम्‍बन्‍ध नहीं है।
देश के एक-डेड् प्रतिशत लोग भी मुश्किल से शेयर बाजार से जुडे होंगे। किन्‍तु उनकी चिन्‍ता और चर्चा चारों ओर, चौबीसों घण्‍टों होती है - मानो देश की सबसे पहली प्राथ्‍रमिकता वही हो। किन्‍तु 70-75 प्रतिशत किसानों की समस्‍याओं के बारे में इतनी प्रुमखता, इतनी गम्‍भीरता और इतने महत्‍व से कहीं चर्चा नहीं होती।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

शेयर धारकों के लिए उपयोगी जानकारी

Sanju ने कहा…

बहुत ही बेहतरीन.....

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

नववर्ष की हार्दिक मंगलकामनाओं के आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल बुधवार के चर्चा मंच पर भी होगी!

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

चलिए, पैसा निकाल लेते हैं.