मंगलवार, 13 मार्च 2012

25 मार्च से 22 अगस्‍त 2012 तक शुक्र की खास स्थिति का कैसा पडेगा आपपर प्रभाव ??


भले ही अपने जन्‍मकालीन ग्रहों के हिसाब से ही लोग जीवन में सुख या दुख प्राप्‍त कर पाते हैं , पर उस सुख या दुख को अनुभव करने में देर सबेर करने की भूमिका आसमान में समय समय पर बन रही ग्रहों की स्थिति की ही होती हैं। जिस प्रकार शनि की तुला राशि में स्थिति ढाई वर्षों तक कुछ को सुख तो कुछ को दुख प्रदान करनेवाली होगी , उसी तरह अन्‍य ग्रहों की स्थिति भी कुछ कम अंतराल के लिए किसी को सुख तो किसी को कष्‍ट प्रदान करनेवाली होती है। जहां एक वर्ष के लिए बृहस्‍पति , छह आठ महीने के लिए मंगल , दो महीने के लिए बुध , वहीं चार छह महीने के लिए शुक्र भी लोगों के समक्ष खास परिस्थितियां उपस्थित करने में जिम्‍मेदार होता है ।


आसमान में 29 मार्च 2012 से ही वृष राशि में शुक्र ग्रह की स्थिति बनी हुई है और 31 जुलाई 2012 तक बनी ही रहेगी, पर 25 मार्च से ही 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के हिसाब से शुक्र ग्रह स्‍वक्षेत्री होने के बावजूद अन्‍य ग्रहों से खास कोणिक दूरी पर होने के कारण कुछ को सुखद तो कुछ को कष्‍टकर वातावरण प्रदान कर सकता है। इसकी क्रियाशीलता धीरे धीरे बढती जाएगी , जिसके कारण किसी खास कार्यक्रम में लोगों का ध्‍यान संकेन्‍द्रण बनता जाएगा। 15 मई  के आसपास किसी प्रकार की घटना के प्रभाव से दो महीने से चल रहे इस कार्यक्रम में कोई बाधा उपस्थित हो सकती है , जिसके कारण 6 जून तक इस कार्यक्रम की सफलता में कुछ संशय बन सकता है , कुछ बाधाएं 27 जून  तक भी बनी रह सकती हैं ,  पर उसके आसपास ही संशय के बादल छंटेंगे और कार्यक्रम अपने उसी रूप या दूसरे रूप में रफ्तार पकड लेगा। 22 अगस्‍त 2012 के आसपास कार्यक्रम निर्णायक मोड में रहेगा , जरूरी नहीं , सभी को सफलता ही मिले , कुछ को असफलता भी हाथ लगेगी, यानि उनके हिस्‍से कष्‍ट भी आ सकता है। 


शुक्र ग्रह 36 वर्ष से 48 वर्ष की उम्र के लोगों के लिए बहुत प्रभावी होता है , जिन लोगों का 36 वर्ष की उम्र के बाद  का समय आराम दायक परिस्थितियों में कट रहा है , वे इस समय अपने सुख में और बढोत्‍तरी प्राप्‍त करेंगे। इसके विपरीत जिनका 36 वर्ष की उम्र के बाद का समय कुछ कष्‍टवाला बना हुआ है , वे अपने कष्‍ट में और बढोत्‍तरी प्राप्‍त करेंगे। 22 अगस्‍त के बाद उन्‍हें थोडी राहत मिल जाएगी।


तुला राशि वालों या अक्‍तूबर नवंबर में जन्‍म लेने वाले कुछ लोगों को छोडकर अधिकांश लोगों के लिए शुक्र की पांच महीने की गोचर की यह स्थिति सुखद ही बनी रहेगी , निम्‍न समयांतराल में जन्‍म लेनेवाले शुक्र ग्रह की इस स्थिति के खास बुरे प्रभाव में आएंगे ....


6 जून से 7 जुलाई 1964,
14 जनवरी से 12 फरवरी 1966,
17 अगस्‍त से 15 सितंबर 1967,
27 मार्च से 25 अप्रैल 1969,
30 अक्‍तूबर से 27 नवंबर 1970,
4 जून से 4 जुलाई 1972,
12 जनवरी से 9 फरवरी 1974,
15 अगस्‍त से 13 सितंबर 1975,


चूंकि शुक्र ग्रह वृष और तुला राशि का स्‍वामी है , इसलिए इन दोनो राशियों से संबंधित भावों का सुख या कष्‍ट जातको को मिलेगा , इसलिए मेष लग्‍नवाले धन , कोष , घर गृहस्‍थी के वातावरण को  , वृष लग्‍नवाले स्‍वास्‍थ्‍य , आत्‍मविश्‍वास , प्रभाव को , मिथुन लग्‍नवाले बुद्धि , ज्ञान , संतान और खर्च की स्थिति को , कर्क लग्‍नवाले माता पक्ष , हर प्रकार की छोटी , बडी संपत्ति और लाभ के वातावरण को , सिंह लग्‍न वाले पिता पक्ष , भाई बहन , बंधु बांधव या कर्म क्षेत्र को कमजोर या मजबूत पाएंगे।


इसी प्रकार कन्‍या लग्‍नवाले भाग्‍य और धन की स्थिति को , तुला लग्‍नवाले स्‍वास्‍थ्‍य , आत्‍म विश्‍वास , जीवनशैली को , वृश्चिक लग्‍नवाले घर , गृहस्‍थी , खर्च और बाहरी संदर्भों को , धनु लग्‍नवाले लाभ और पभाव को , मकर लग्‍नवाले बद्धि , ज्ञान , संतान , कर्मक्षेत्र , सामाजिक वातावरण को , कुंभ लग्‍नवाले भाग्‍य , मातृ पक्ष , हर प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति को , मीन लग्‍न वाले भाई बहन , बंधु बांधव और जीवनशैली को कमजोर या मजबूत पाएंगे। 

6 टिप्‍पणियां:

manoj ने कहा…

bahut hi badhiya jankari sabhi keliye....
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भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

देखते हैं कि इस ग्रह का क्या असर पड़ता है.

वन्दना ने कहा…

jankari ke liye aabhar

परी देश की शह्जादी ने कहा…

मुझे शुक्र की इस खास स्थिति का इंतजार रहेगा.

परी देश की शह्जादी ने कहा…

मुझे शुक्र की इस खास स्थिति का इंतजार रहेगा.

शिवम् मिश्रा ने कहा…

इस पोस्ट के लिए आपका बहुत बहुत आभार - आपकी पोस्ट को शामिल किया गया है 'ब्लॉग बुलेटिन' पर - पधारें - और डालें एक नज़र - बंद करो बक बक - ब्लॉग बुलेटिन