गुरुवार, 1 नवंबर 2012

गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष का वैज्ञानिक आधार जानने के लिए यह वीडियो देखें .....


सात वर्ष पहले जब हिन्‍दी ब्‍लाग जगत में गिने चुने लोग ही थे , मैने ब्‍लाग स्‍पाट पर अपनी पहली प्रोफाइल 2005 के अक्‍तूबर में बनायी थी और उसी वक्‍त अपना ब्‍लाग बनाकर अपनी पहली पोस्‍टकृतिदेव10 फाण्‍ट में लिखकर ही 20 अक्‍तूबर 2005 को पोस्‍ट कर दिया था। फिर काफी दिनों तक मैं न तो यूनिकोड में लिखने के बारे में नहीं समझ सकी थी , और न ही चिट्ठा संकलकों के बारे में जानकारी थी , इसलिए पोस्‍ट करना बंद कर दिया था। यहां तक कि उस प्रोफाइल का पासवर्ड भी भूल गयी। दो वर्ष बाद यूनिकोड के बारे में जानकारी होते ही सितम्‍बर 2007 में मैने वर्डप्रेस पर अपना प्रोफाइल  बनाकर ब्‍लाग  लिखना आरंभ किया था और नियमित तौर पर लिखने लगी थी । मात्र एक वर्ष लिखकर छोड देने के बाद भी उस समय से आजतक  इस ब्‍लॉग के सौ डेढ सौ पृष्‍ठ प्रतिदिन पलटे जा रहे हैं।
अधिकांश ब्‍लोगरों को ब्‍लॉगस्‍पॉट पर देखकर अगस्‍त 2008 से मैने ब्‍लागस्‍पाट पर लिखना शुरू किया। आंकडे बता रहे हैं कि 2008 और 2009 की तुलना में मेरी सक्रियता बाद में कम होती चली गई, कुछ बच्‍चों तो कुछ 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के भविष्‍य को बनाने में व्‍यस्‍तता बनती चली गयी , हाल के दो वर्षों में गंभीर लेखन नहीं हो सका। फिर भी पाठकों की संख्‍या बढती गयी, इसमें दो लाख तथा एक वर्ष से चल रहे राशिफल पर भी लगभग  एक लाख पृष्‍ठ देखे जा चुके , इन सब बातों की चर्चा मैं अपनी प्रशंसा के लिए नहीं , वरन् इसलिए कर रही हूं कि समाज में ज्‍योतिष के जिज्ञासुओं की कमी नहीं , वे इससे जुडे रहस्‍य को समझना चाहते हैं। लगभग एक वर्ष हो गए , गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष पर अधिक नहीं लिख पायी, क्‍योंकि कुछ पुस्‍तकों का संपादन और सॉफ्टवेयर से संबंधित कार्यों में व्‍यस्‍तता बनी हुई थी। पर पिछले चार वर्षों के दौरान जितना भी लिखा , वो ज्‍योतिष से संबंधित सभी भ्रांतियों को दूर करने वाला रहा।  

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6 टिप्‍पणियां:

विष्णु बैरागी ने कहा…

केवल पढकर काम चला लिया। सत्‍ताईस मिनिट का वीडियो, इतनी सुबह देख पाना सम्‍भव नहीं हो पा रहा।

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ने कहा…

बेहतरीन ऑडियो-विडियो प्रस्तुति.बहुत कुछ धुन्ध छँट गई.आभार.

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…

आपकी उपलब्धियां वरेण्य हैं …

साधुवाद !
अभी नेट स्लो होने के कारण वीडियो ओपन नहीं हो रहा …

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…




ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ
♥~*~दीपावली की मंगलकामनाएं !~*~♥
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सरस्वती आशीष दें , गणपति दें वरदान
लक्ष्मी बरसाएं कृपा, मिले स्नेह सम्मान

**♥**♥**♥**● राजेन्द्र स्वर्णकार● **♥**♥**♥**
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मैं और मेरा परिवेश ने कहा…

मैंने काफी कुछ सीख लिया है आपके ब्लाग को पढ़ते हुए लेकिन हर बार नया पोस्ट आ जाता है और लगता है कि जानकारी अब भी कितनी सीमित है सचमुच ज्योतिषशास्त्र बहुत व्यापक है।

आशा जोगळेकर ने कहा…

Ek lakh se bhee adhik visitors ke liye shubh kamnaen asise hee naye pathak judate jayen.
Ab nayee post banti hai.