बुधवार, 24 अक्तूबर 2012

‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष: परिचय एवं उपयोगिता’ का एक प्रजेंटेशन और कार्यक्रम ( Astrology )


समाज से ज्‍योतिषीय एवं धार्मिक भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्‍य से पेटरवार के वन एवं पर्यावरण विभाग के सभागार में अविभाजित बिहार के वित्‍त राज्‍य मंत्री रह चुके श्री छत्रु राम महतो की अध्‍यक्षता में ‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिषीय अनुसंधान केन्‍द्र द्वारा ‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष: परिचय एवं उपयोगिता’ का एक प्रजेंटेशन और कार्यक्रम आयोजित किया गया। 
श्रीमती शालिनी खन्‍ना ने बीस वर्षों में गत्‍यात्‍मक ज्‍योति
ष की यत्र तत्र पत्र पत्रिकाओं में होने वाले चर्चा के बारे में बताया। गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष के जनक श्री विद्या सागर महथा जी ने जीवनभर चलने वाले अपने ज्‍योतिषीय यात्रा के बारे में बताने के क्रम में कहा कि प्रकृति के नियम हर क्षेत्र में काम करते हैं , कहीं वे दिखाई पडते हैं और कहीं नहीं दिखाई देते। इन्‍होने इस नियम को समझने में सफलता पायी है और इसका फायदा उठाया जाना चाहिए। 





श्रीमती संगीता पुरी ने प्रजेंटेशन के माध्‍यम से आसमान के ग्रह नक्षत्रों की चाल दिखाते हुए बताया कि उनके पिताजी ने क्‍या ढूंढा है और गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष में नया क्‍या है। स्‍लाइड शो के माध्‍यम से ही इसकी उपयोगिता के बारे में बताया कि जो लाभ या निश्चिंति हमें घडी , टॉर्च और कैलेण्‍डर से मिलती है , वैसी ही गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष के आधार पर अपने जन्‍मकालीन ग्रहों के स्‍वभाव को समझ जाने से मिलती है।






 कार्यक्रम में उपस्थित रांची विश्‍व विद्यालय के स्‍नातकोत्‍तर विभाग ‘इतिहास’ के पूर्व विभागाध्‍यक्ष डॉ एच एस पांडेय ने महथा जी के दीर्घायु होने की कामना की ताकि इस वैज्ञानिक खोज को विश्‍व के जन जन तक पहुंचाया जा सके। 





झारखंड विद्युत बोर्ड के अवकाश प्राप्‍त उप प्रबंधक श्री उमेश सिंह ने कहा कि महथा जी के सिद्धांत वर्षों से अभी तक उनका मार्गदर्शन करते आ रहे हैं। धनबाद जिला खनन पदाधिकारी श्री रामेश्‍वर राणा ने कहा कि गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष जैसे वैज्ञानिक खोज को प्रचारित प्रसारित करना आवश्‍यक है। वरिष्‍ठ चिकित्‍सक डॉ अमर कुमार श्रीवास्‍तव ने बताया कि‍ हमारे परिवार के मामले में महथा जी की भविष्‍यवाणी शत प्रतिशत सही रही है। 





वरिष्‍ठ पत्रकार श्री अशोक वर्मा ने निकट भविष्‍य में चार शहरों में इस तरह के आयोजन करने की घोषणा की , ताकि गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष के सिद्धांत जन जन तक पहुंच सके। इस कार्यक्रम में पेटरवार में मौजूद अधिकारियों और बुद्धिजीवियों के अलावे रांची , रामगढ , धनबाद , बोकारो से बडी संख्‍या में लोग पहुंचे थे। सभा के अंत में ‘प्रश्‍न मंच’ के माध्‍यम से श्रोताओं की जिज्ञासा को शांत किया गया। 





लीला जानकी विद्यालय , पेटरवार के संस्‍थापक श्री सुधीर कुमार सिन्‍हा जी ने मंच संचालन करते हुए खुशी जतायी कि पेटरवार की धरती में इतनी बडी प्रतिभा का होना गांव वालों का सौभाग्‍य है। 
अध्‍यक्ष महोदय ने भी गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष पर अपना विश्‍वास जताया और इसके संदेश को जन जन तक पहुचने की शुभकामनाएं दी।