मंगलवार, 2 दिसंबर 2014

तुला लग्‍न वालों के लिए राशि फल 2015



मनुष्य का लग्न बहुत ही प्रभावी होता है, इसलिए गत्यात्मक ज्योतिष की सारी भविष्यवाणियां इसपर आधारित होती है। किसी खास समयांतराल के ग्रहों के हिसाब से ही हर लग्नवालों के की उस समय की परिस्थितियां निश्चित होती है , जानकारी रहने से उस हिसाब से कार्यक्रम बनाए जा सकते हैं। आपका रूटीन सामान्य दिनों की तरह का हो तो कोई बात नहीं , कुछ विशेष करने जा रहे हों तो ग्रहीय परिस्थितियों का ख्याल रखें। खासकर राशिफल 2015 में अपने जीवन के संवेदनशील पक्ष के बारे में लिखे गए बातों पर अवश्य ध्यान दें।  

इसे राशि से देखने की कोशिश करेंगे तो सफलता नहीं मिलेगी .. यदि आपको अपने लग्न की जानकारी न हो तो अपनी जन्मतिथि , जन्मसमय और जन्मस्थान 09835192280 पर SMS करें ... आपको आपके लग्न की जानकारी दे दी जाएगी ... इस पेज पर पसंद का चटका लगाएं ताकि आपको प्रतिदिन ग्रहीय प्रभाव की जानकारी मिलती रहे ... मेरा दावा है कि 80 प्रतिशत मामलों में आप इससे बहुत लाभ प्राप्त करेंगे .. वो भी बिल्कुल नि:शुल्क .. बेहतर होगा कि आप सारे भविष्‍यवाणियां के लिए उनके शुरूआती सप्‍ताह के लिए अपने मोबाइल पर एक एक रिमाइंडर सेट कर लें । 

 तुला लग्नवालों के लिए
  1. दिसंबर के मध्य से जो समस्याएं आरंभ हुई हैं उसकी निरंतरता कमोबेश अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक बनी रहेंगी,  भाई.बहन,बंधु बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी। इसलिए ऐसा माहौल न बनाएं कि उनसे विवाद हो। कुछ झंझट उपस्थित होंगे , झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। इसलिए शार्टकट का सहारा न लेकर सुरक्षित राह पर चलें। वैसे फरवरी के दूसरे सप्ताह के बडे तनाव के बाद सुधार का कुछ क्रम बनने लगेगा। 
  2.  जनवरी के आरंभ से फरवरी के मध्य तक  वाहन या सुख देने वाली किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति से संबंधित कार्यों को अंजाम दें ,अपने कार्यक्रम में माता पक्ष से सहयोग की उम्मीद रख सकते हैं। विद़यार्थी कठिन पाठों को याद करने की कोशिश करें , संतान पक्ष के कार्यों को भी निबटाया जा सकता है। 
  3. जनवरी के आरंभ से पूरे सालभर धन कोष की स्थिति अच्छी रहनी चाहिए , इस दिशा में मेहनत फलदायी होगा । घर, गृहस्थी के विवाद को निबटाया जा सकता है, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सहयोग मिलेगा! प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी। 
  4. जनवरी के आरंभ से मई के अंत तक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के मामले अच्छे रहेंगे , इनसे संबंधित कार्यों को अंजाम दें। रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। इसलिए कुछ अतिरिक्त काम करने की केाशिश करें।
  5. जनवरी के मध्य से फरवरी के मध्य तक अनायास लाभ प्राप्ति की संभावना बन सकती है, इसलिए रिस्क लेने की केाशिश की जा सकती है , पर लक्ष्य को लेकर काफी गंभीरता नहीं रहेगी। इन मामलों के लिए इस मध्य जनवरी के अंतिम सप्ताह से फरवरी के मध्य तक कुछ बाधाएं बनीं रह सकती हैं , खासकर जनवरी के अंत में इन मामलों के किंकर्तब्यविमूढावस्था की स्थिति बनेगी।
  6. जनवरी के मध्य से फरवरी के तीसरे सप्ताह तक भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा। कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। इन मामलों के लिए इस मध्य जनवरी के अंतिम सप्ताह से फरवरी के मध्य तक कुछ बाधाएं बनीं रह सकती हैं , खासकर जनवरी के अंत में इन मामलों के किंकर्तब्यविमूढावस्था की स्थिति बनेगी! 
  7. फरवरी के अंतिम सप्ताह से मार्च के मध्य तक किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या सुख देने वाली किसी भी छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी।  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। 
  8. फरवरी के अंतिम सप्ताह से मई के प्रथम सप्ताह तक  भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, इसका लाभ उठाने की केाशिश करें! धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी।  मनोनुकूल खर्च का वातावरण तैयार होगा,  शापिंग करके सुख मिलेगा! किसी बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से लाभ हो सकता है, इस तरह के कार्यक्रम बनाना श्रेयस्कर है! 
  9. मार्च के मध्य से अप्रैल के मध्य तक लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा, निराश न हों। लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी , इंतजार करें।
  10. अप्रैल के प्रथम सप्ताह से लेकर मई के प्रथम सप्ताह तक  भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है।  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। 
  11. मार्च के मध्य से अगस्त के आरंभ तक माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्‍ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा आए , उससे पहले ही सावधानी बरतें। अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा ,  संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने!  
  12. मई के प्रथम सप्ताह से जून के अंत तक  भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा। कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। वैसे इन मुद़दों को लेकर मई के तीसरे सप्ताह से जून के मध्य तक बाधाएं आती रहेंगी, खासकर मई के अंत में माहौल काफी परेशानी भरा रहेगा।
  13. मई के दूसरे सप्ताह से पूरे वर्षभर आपके कार्यक्रमों में भाई.बहन , बंधु बांधव सहयोगी बनेंगे , इनकी मदद लेने की कोशिश करें। कुछ झंझट उपस्थित हो सकते हैं , पर घबराए नहीं , प्रभाव की मजबूत स्थिति से उन्हें दूर किया जा सकता है । वैसे इन मुद़दों को लेकर मई के तीसरे सप्ताह के बडे तनाव से कुछ राहत मिलने लगेगी।
  14. जुलाई के अंतिम सप्ताह से सितंबर के पहले सप्ताह तक  स्वास्थ्य गडबड रहेगा, आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। इसलिए इससे संबंधित कार्यक्रम से बचे! रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें।
  15. अगस्त के आरंभ से अगस्त के अंत तक किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या सुख देने वाली किसी भी छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी।  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। 
  16. अगस्त के अंतिम सप्ताह से दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक वाहन या सुख देने वाली किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति से संबंधित कार्यों को अंजाम दें ,अपने कार्यक्रम में माता पक्ष से सहयोग की उम्मीद रख सकते हैं। विद़यार्थी कठिन पाठों को याद करने की कोशिश करें , संतान पक्ष के कार्यों को भी निबटाया जा सकता है।
  17. सितंबर के दूसरे सप्ताह से अक्तूबर के अंत तक स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा। रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा। 
  18. सितंबर के पहले सप्ताह से अक्तूबर के अंत तक  भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी। आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा। कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। लेकिन इस दौरान सितंबर के मध्य से अक्तूबर के पहले सप्ताह तक इन मुद़दों के लिए बाधाओं वाला समय रह सकता है, खासकर सितंबर के अंत में इन मामलों को लेकर किंकर्तब्यविमूढावस्था की स्थिति बनेगी।
  19. अक्तूबर के अंत से दिसंबर के अंत तक  स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के मामले अच्छे रहेंगे , इनसे संबंधित कार्यों को अंजाम दें। रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। इसलिए कुछ अतिरिक्त काम करने की केाशिश करें।
  20.  नवंबर के पहले सप्ताह से दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक धन कोष की स्थिति अच्छी रहनी चाहिए , इस दिशा में मेहनत फलदायी होगा । घर, गृहस्थी के विवाद को निबटाया जा सकता है, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सहयोग मिलेगा! प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी।  

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