मंगलवार, 29 दिसंबर 2015

कन्‍या लग्‍न वालों के लिए राशिफल 2016 ....

 कन्या लग्नवालों के लिए ....... 
  1. दिसंबर 2015 से शुरू किए गए कुछ कार्यक्रमों में जनवरी के दूसरे सप्ताह से मई के पहले सप्ताह तक बाधाएं बनी रहेंगी! खासकर मार्च के दूसरे सप्ताह में स्थिति बहुत तनावपूर्ण रह सकती है! इस समय  माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्‍ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा आए , उससे पहले ही सावधानी बरतें! घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। इनसे संबंधित मामलों को निर्णायक मोड पर लाने की आवश्यकता नहीं! 
  2. पूरे वर्ष 2016 में कुछ मुद़दों से निश्चिंति बनी रहेंगी!   धन कोष की स्थिति अच्छी रहनी चाहिए , इस दिशा में मेहनत फलदायी होगा। भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, इसका लाभ उठाने की केाशिश करें! धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी। 
  3. जनवरी के प्रथम सप्ताह से मार्च के प्रथम सप्ताह तक  विद़यार्थी कठिन पाठों को याद करने की कोशिश करें , संतान पक्ष के कार्यों को भी निबटाया जा सकता है!   कुछ झंझट उपस्थित हो सकते हैं , पर घबराए नहीं , प्रभाव की मजबूत स्थिति से उन्हें दूर किया जा सकता है। 
  4. जनवरी के तीसरे सप्ताह तक खासकर जनवरी के मध्य में कमजोर दिखाई प रहे कुछ मुद़दों को सुधारने के लिए जनवरी के अंतिम सप्ताह से फरवरी के प्रथम सप्ताह तक  स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा।  किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है ।
  5. फरवरी के प्रथम सप्ताह तक जीवन के कुछ मुद़दों से संतुष्ट रहने के बाद इन्हीं मुद़दों में महत्वाकांक्षा के बढने से फरवरी के द्वितीय सप्ताह से अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक नियमित कार्यक्रमों पर ध्यान जाएगा! इस समय   भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है। रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा। 
  6. फरवरी के मध्य से मार्च के मध्य तक  बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, शापिंग के कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा, घूमने फिरने के कार्यक्रमों से भी परहेज रखें!  
  7. मार्च के द्वितीय सप्ताह से मार्च के अंतिम सप्ताह तक  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। 
  8. अप्रैल के प्रथम सप्ताह से अगस्त के द्वितीय सप्ताह तक  अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा ,  संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने!   कुछ झंझट उपस्थित होंगे , झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। इसलिए शार्टकट का सहारा न लेकर सुरक्षित राह पर चलें!
  9. अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक कुछ मुद़दों को लेकर निश्चििंति रहेगी , पर अप्रैल के दूसरे सप्ताह से ही इन मामलों के कुछ कार्यक्रम आरंभ होंगे! अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक  स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा।  किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है। 
  10. अप्रैल के दूसरे सप्ताह से जून के अंतिम सप्ताह खासकर मई के तीसरे सप्ताह में  आपके कार्यक्रमों में भाई.बहन , बंधु बांधव सहयोगी बनेंगे , इनकी मदद लेने की कोशिश करें! रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें। 
  11. मई के प्रथम सप्ताह से मई के तीसरे सप्ताह तक  स्वास्थ्य गडबड रहेगा, आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। इसलिए इससे संबंधित कार्यक्रम से बचे!  पिता पक्ष काफी कमजोर बना रहेगा , उनसे सहयोग की उम्मीद न रखें! कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी, बात बढने से पहले ही समाप्त करने की कोशिश करें, नही तो प्रतिष्‍ठा पर आंच आ सकती है । 
  12.  मई के द्वितीय सप्ताह से जून के प्रथम सप्ताह तक  किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या सुख देने वाली किसी भी छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी।  घर गृहस्थी का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  13. मई के तीसरे सप्ताह से जून के पहले सप्ताह तक स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा।  किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है। 
  14.  जून के दूसरे सप्ताह से वर्ष के अंतिम सप्ताह तक  वाहन या सुख देने वाली किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति से संबंधित कार्यों को अंजाम दें ,अपने कार्यक्रम में माता पक्ष से सहयोग की उम्मीद रख सकते हैं! घर, गृहस्थी के विवाद को निबटाया जा सकता है, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सहयोग मिलेगा! प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी। 
  15. जुलाई के प्रथम सप्ताह से सितंबर के दूसरे सप्ताह तक   भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है। रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा। 
  16. अगस्त के मध्य से सितंबर के पहले सप्ताह तक  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। 
  17. सितंबर के प्रथम सप्ताह से तीसरे सप्ताह तक खासकर सितंबर के मध्य उपस्थित होने वाली कुछ कठिनाईयों के बावजूद कुछ मुद़दों में कार्यशीलता बनी रहेगी! इस समय  स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा।  किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है।
  18. सितंबर के प्रथम सप्ताह से दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक  विद़यार्थी कठिन पाठों को याद करने की कोशिश करें , संतान पक्ष के कार्यों को भी निबटाया जा सकता है!   कुछ झंझट उपस्थित हो सकते हैं , पर घबराए नहीं , प्रभाव की मजबूत स्थिति से उन्हें दूर किया जा सकता है
  19.  सितंबर के मध्य से दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक  आपके कार्यक्रमों में भाई.बहन , बंधु बांधव सहयोगी बनेंगे , इनकी मदद लेने की कोशिश करें!  रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। इसलिए कुछ अतिरिक्त काम करने की केाशिश करें! 
  20. दिसंबर के तीसरे सप्ताह से जनवरी 2017 के प्रथम सप्ताह के असफलता और तनाव वाले परिणाम के लिए नवंबर के चौथे सप्ताह से दिसंबर के मध्य तक प्रचुर मेहनत से कार्यक्रम तैयार होंगे! इस समय  स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा।  किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिश्ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है ।

सिंह लग्‍नवालों के लिए लग्‍न राशिफल 2016 ...

सिंह लग्नवालों के लिए ........ 


  1. दिसंबर 2015 से शुरू किए गए कुछ कार्यक्रमों में जनवरी के दूसरे सप्ताह से मई के पहले सप्ताह तक बाधाएं बनी रहेंगी! खासकर मार्च के दूसरे सप्ताह में स्थिति बहुत तनावपूर्ण रह सकती है! इस समय  अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा ,  संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने!  रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें।
  2. पूरे वर्ष 2016 में कुछ मुद़दों से निश्चिंति बनी रहेंगी!  आपके कार्यक्रमों में भाई.बहन , बंधु बांधव सहयोगी बनेंगे , इनकी मदद लेने की कोशिश करें!  सामाजिक कार्यक्रम वाले स्थान पर सुखद अहसास बनेगा, जरूर सम्मिलित हों! पिता पक्ष से सहयोग लेने के कार्यक्रम बनाएं, कर्मक्षेत्र का माहौल भी मनोनुकूल होगा, चुनौतीपूर्ण कार्यों को निबटाया जा सकता है! 
  3. जनवरी के प्रथम सप्ताह से मार्च के प्रथम सप्ताह तक  कुछ झंझट उपस्थित हो सकते हैं , पर घबराए नहीं , प्रभाव की मजबूत स्थिति से उन्हें दूर किया जा सकता है  घर, गृहस्थी के विवाद को निबटाया जा सकता है, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सहयोग मिलेगा! प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी। 
  4. जनवरी के तीसरे सप्ताह तक खासकर जनवरी के मध्य में कमजोर दिखाई पड रहे कुछ मुद़दों को सुधारने के लिए जनवरी के अंतिम सप्ताह से फरवरी के प्रथम सप्ताह तक  धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  काफी महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी 
  5. फरवरी के प्रथम सप्ताह तक जीवन के कुछ मुद़दों से संतुष्ट रहने के बाद इन्हीं मुद़दों में महत्वाकांक्षा के बढने से फरवरी के द्वितीय सप्ताह से अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक नियमित कार्यक्रमों पर ध्यान जाएगा! इस समय  किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या सुख देने वाली किसी भी छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी।  भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा!  
  6. फरवरी के मध्य से मार्च के मध्य तक  स्वास्थ्य गडबड रहेगा, आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। इसलिए इससे संबंधित कार्यक्रम से बचे! 
  7. मार्च के द्वितीय सप्ताह से मार्च के अंतिम सप्ताह तक  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा।  घर गृहस्थी का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  8. अप्रैल के प्रथम सप्ताह से अगस्त के द्वितीय सप्ताह तक  कुछ झंझट उपस्थित होंगे , झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। इसलिए शार्टकट का सहारा न लेकर सुरक्षित राह पर चलें!घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। इनसे संबंधित मामलों को निर्णायक मोड पर लाने की आवश्यकता नहीं! 
  9. अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक कुछ मुद़दों को लेकर निश्चिति रहेगी , पर अप्रैल के दूसरे सप्ताह से ही इन मामलों के कुछ कार्यक्रम आरंभ होंगे! अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक  धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  काफी महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी ।
  10. अप्रैल के दूसरे सप्ताह से जून के अंतिम सप्ताह खासकर मई के तीसरे सप्ताह में  माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्‍ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा आए , उससे पहले ही सावधानी बरतें!  संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों! किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों से बचे!  
  11. मई के प्रथम सप्ताह से मई के तीसरे सप्ताह तक  धन की स्थिति कमजोर दिखाई देगी, इसे मजबूत बनाने का हर प्रयास बेकार होगा। ऐसे कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है!  लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा, निराश न हों! लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी , इंतजार करें! 
  12. मई के द्वितीय सप्ताह से जून के प्रथम सप्ताह तक  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा। 
  13. मई के तीसरे सप्ताह से जून के पहले सप्ताह तक धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  काफी महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी ।
  14. जून के दूसरे सप्ताह से वर्ष के अंतिम सप्ताह तक  विद़यार्थी कठिन पाठों को याद करने की कोशिश करें , संतान पक्ष के कार्यों को भी निबटाया जा सकता है!   रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। इसलिए कुछ अतिरिक्त काम करने की केाशिश करें! 
  15. जुलाई के प्रथम सप्ताह से सितंबर के दूसरे सप्ताह तक  किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या सुख देने वाली किसी भी छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी।  भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा!  
  16. अगस्त के मध्य से सितंबर के पहले सप्ताह तक  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा।  घर गृहस्थी का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  17. सितंबर के प्रथम सप्ताह से तीसरे सप्ताह तक खासकर सितंबर के मध्य उपस्थित होने वाली कुछ कठिनाईयों के बावजूद कुछ मुद़दों में कार्यशीलता बनी रहेगी! इस समय  धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  काफी महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी। 
  18. सितंबर के प्रथम सप्ताह से दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक  कुछ झंझट उपस्थित हो सकते हैं , पर घबराए नहीं , प्रभाव की मजबूत स्थिति से उन्हें दूर किया जा सकता है  घर, गृहस्थी के विवाद को निबटाया जा सकता है, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सहयोग मिलेगा! प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी। 
  19. सितंबर के मध्य से दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक  वाहन या सुख देने वाली किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति से संबंधित कार्यों को अंजाम दें ,अपने कार्यक्रम में माता पक्ष से सहयोग की उम्मीद रख सकते हैं! भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, इसका लाभ उठाने की केाशिश करें! धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी।
  20. दिसंबर के तीसरे सप्ताह से जनवरी 2017 के प्रथम सप्ताह के असफलता और तनाव वाले परिणाम के लिए नवंबर के चौथे सप्ताह से दिसंबर के मध्य तक प्रचुर मेहनत ससे कार्यक्रम तैयार होंगे! इस समय  धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  काफी महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी।



सोमवार, 28 दिसंबर 2015

कर्क लग्‍नवालों के लिए लग्‍न राशिफल 2016 ....

 कर्क लग्नवालों के लिए ............


  1. दिसंबर 2015 से शुरू किए गए कुछ कार्यक्रमों में जनवरी के दूसरे सप्ताह से मई के पहले सप्ताह तक बाधाएं बनी रहेंगी! खासकर मार्च के दूसरे सप्ताह में स्थिति बहुत तनावपूर्ण रह सकती है! इस समय  कुछ झंझट उपस्थित होंगे , झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। इसलिए शार्टकट का सहारा न लेकर सुरक्षित राह पर चलें! संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों! किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों से बचे! 
  2. पूरे वर्ष 2016 में कुछ मुद़दों से निश्चिंति बनी रहेंगी!  वाहन या सुख देने वाली किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति से संबंधित कार्यों को अंजाम दें ,अपने कार्यक्रम में माता पक्ष से सहयोग की उम्मीद रख सकते हैं! अनायास लाभ प्राप्ति की संभावना बन सकती है, इसलिए रिस्क लेने की केाशिश की जा सकती है ,पर लक्ष्य को लेकर काफी गंभीरता नहीं रहेगी!  
  3. जनवरी के प्रथम सप्ताह से मार्च के प्रथम सप्ताह तक  घर, गृहस्थी के विवाद को निबटाया जा सकता है, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सहयोग मिलेगा! प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी।  रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। इसलिए कुछ अतिरिक्त काम करने की केाशिश करें! 
  4. जनवरी के तीसरे सप्ताह तक खासकर जनवरी के मध्य में कमजोर दिखाई पड रहे कुछ मुद़दों को सुधारने के लिए जनवरी के अंतिम सप्ताह से फरवरी के प्रथम सप्ताह तक   भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है।  कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  5. फरवरी के प्रथम सप्ताह तक जीवन के कुछ मुद़दों से संतुष्ट रहने के बाद इन्हीं मुद़दों में महत्वाकांक्षा के बढने से फरवरी के द्वितीय सप्ताह से अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक नियमित कार्यक्रमों पर ध्यान जाएगा! इस समय  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।  किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है 
  6. फरवरी के मध्य से मार्च के मध्य तक  धन की स्थिति कमजोर दिखाई देगी, इसे मजबूत बनाने का हर प्रयास बेकार होगा। आज ऐसे कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! 
  7. मार्च के द्वितीय सप्ताह से मार्च के अंतिम सप्ताह तक  घर गृहस्थी का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा। 
  8. अप्रैल के प्रथम सप्ताह से अगस्त के द्वितीय सप्ताह तक घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। इनसे संबंधित मामलों को निर्णायक मोड पर लाने की आवश्यकता नहीं! रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें। 
  9. अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक कुछ मुद़दों को लेकर निश्चिति रहेगी , पर अप्रैल के दूसरे सप्ताह से ही इन मामलों के कुछ कार्यक्रम आरंभ होंगे! अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक   भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है।  कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  10. अप्रैल के दूसरे सप्ताह से जून के अंतिम सप्ताह खासकर मई के तीसरे सप्ताह में  अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा ,  संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने!   पिता पक्ष काफी कमजोर बना रहेगा , उनसे सहयोग की उम्मीद न रखें! कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी, बात बढने से पहले ही समाप्त करने की कोशिश करें, नही तो प्रतिष्‍ठा पर आंच आ सकती है।
  11. मई के प्रथम सप्ताह से मई के तीसरे सप्ताह तक  भाई.बहन,बंधु बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी। इसलिए ऐसा माहौल न बनाएं कि उनसे विवाद हो! बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, आज शापिंग के कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा, घूमने फिरने के कार्यक्रमों से भी परहेज रखें!  
  12. मई के द्वितीय सप्ताह से जून के प्रथम सप्ताह तक  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा।  भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा!  
  13. मई के तीसरे सप्ताह से जून के पहले सप्ताह तक  भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है।  कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  14. जून के दूसरे सप्ताह से वर्ष के अंतिम सप्ताह तक  कुछ झंझट उपस्थित हो सकते हैं , पर घबराए नहीं , प्रभाव की मजबूत स्थिति से उन्हें दूर किया जा सकता है  भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, इसका लाभ उठाने की केाशिश करें! धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी। 
  15. जुलाई के प्रथम सप्ताह से सितंबर के दूसरे सप्ताह तक  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।  किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है।
  16. अगस्त के मध्य से सितंबर के पहले सप्ताह तक  घर गृहस्थी का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा। 
  17. सितंबर के प्रथम सप्ताह से तीसरे सप्ताह तक खासकर सितंबर के मध्य उपस्थित होने वाली कुछ कठिनाईयों के बावजूद कुछ मुद़दों में कार्यशीलता बनी रहेगी! इस समय   भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है।  कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  18. सितंबर के प्रथम सप्ताह से दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक  घर, गृहस्थी के विवाद को निबटाया जा सकता है, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सहयोग मिलेगा! प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी।  रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। इसलिए कुछ अतिरिक्त काम करने की केाशिश करें! 
  19. सितंबर के मध्य से दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक  विद़यार्थी कठिन पाठों को याद करने की कोशिश करें , संतान पक्ष के कार्यों को भी निबटाया जा सकता है!   सामाजिक कार्यक्रम वाले स्थान पर सुखद अहसास बनेगा, जरूर सम्मिलित हों! पिता पक्ष से सहयोग लेने के कार्यक्रम बनाएं,कर्मक्षेत्र का माहौल भी मनोनुकूल होगा, चुनौतीपूर्ण कार्यों को निबटाया जा सकता है!
  20.  दिसंबर के तीसरे सप्ताह से जनवरी 2017 के प्रथम सप्ताह के असफलता और तनाव वाले परिणाम के लिए नवंबर के चौथे सप्ताह से दिसंबर के मध्य तक प्रचुर मेहनत ससे कार्यक्रम तैयार होंगे! इस समय   भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है।  कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, , बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है।  

मिथुन लग्‍न वालों के लिए लग्‍न राशिफल 2016

मिथुन लग्नवालों के लिए ...........



  1. दिसंबर 2015 से शुरू किए गए कुछ कार्यक्रमों में जनवरी के दूसरे सप्ताह से मई के पहले सप्ताह तक बाधाएं बनी रहेंगी! खासकर मार्च के दूसरे सप्ताह में स्थिति बहुत तनावपूर्ण रह सकती है! इस समय घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। इनसे संबंधित मामलों को निर्णायक मोड पर लाने की आवश्यकता नहीं!  पिता पक्ष काफी कमजोर बना रहेगा , उनसे सहयोग की उम्मीद न रखें! कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी, बात बढने से पहले ही समाप्त करने की कोशिश करें, नही तो प्रतिष्‍ठा पर आंच आ सकती है। 
  2. पूरे वर्ष 2016 में कुछ मुद़दों से निश्चिंति बनी रहेंगी!  विद़यार्थी कठिन पाठों को याद करने की कोशिश करें , संतान पक्ष के कार्यों को भी निबटाया जा सकता है!   मनोनुकूल खर्च का वातावरण तैयार होगा,  शापिंग करके सुख मिलेगा! किसी बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से लाभ हो सकता है, इस तरह के कार्यक्रम बनाना श्रेयस्कर है! 
  3. जनवरी के प्रथम सप्ताह से मार्च के प्रथम सप्ताह तक  रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। इसलिए कुछ अतिरिक्त काम करने की केाशिश करें!  भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, इसका लाभ उठाने की केाशिश करें! धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी। 
  4.  जनवरी के तीसरे सप्ताह तक खासकर जनवरी के मध्य में कमजोर दिखाई पड रहे कुछ मुद़दों को सुधारने के लिए जनवरी के अंतिम सप्ताह से फरवरी के प्रथम सप्ताह तक  स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा।  किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या सुख देने वाली किसी भी छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी। 
  5. फरवरी के प्रथम सप्ताह तक जीवन के कुछ मुद़दों से संतुष्ट रहने के बाद इन्हीं मुद़दों में महत्वाकांक्षा के बढने से फरवरी के द्वितीय सप्ताह से अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक नियमित कार्यक्रमों पर ध्यान जाएगा! इस समय  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा।  काफी महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी। 
  6. फरवरी के मध्य से मार्च के मध्य तक  भाई.बहन,बंधु बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी। इसलिए ऐसा माहौल न बनाएं कि उनसे विवाद हो! 
  7. मार्च के द्वितीय सप्ताह से मार्च के अंतिम सप्ताह तक रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा।  भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा!  
  8. अप्रैल के प्रथम सप्ताह से अगस्त के द्वितीय सप्ताह तक रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें  संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों! किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों से बचे!  
  9. अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक कुछ मुद़दों को लेकर निश्चिंति रहेगी , पर अप्रैल के दूसरे सप्ताह से ही इन मामलों के कुछ कार्यक्रम आरंभ होंगे! अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक  स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा।  किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या सुख देने वाली किसी भी छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी। 
  10. अप्रैल के दूसरे सप्ताह से जून के अंतिम सप्ताह खासकर मई के तीसरे सप्ताह में  कुछ झंझट उपस्थित होंगे , झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। इसलिए शार्टकट का सहारा न लेकर सुरक्षित राह पर चलें! लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा, निराश न हों! लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी , इंतजार करें! 
  11. मई के प्रथम सप्ताह से मई के तीसरे सप्ताह तक  स्वास्थ्य गडबड रहेगा, आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। इसलिए इससे संबंधित कार्यक्रम से बचे!  माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्‍ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा आए , उससे पहले ही सावधानी बरतें!
  12.  मई के द्वितीय सप्ताह से जून के प्रथम सप्ताह तक  घर गृहस्थी का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है।  किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है।
  13. मई के तीसरे सप्ताह से जून के पहले सप्ताह तक स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा।  किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या सुख देने वाली किसी भी छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी। 
  14. जून के दूसरे सप्ताह से वर्ष के अंतिम सप्ताह तक  घर, गृहस्थी के विवाद को निबटाया जा सकता है, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सहयोग मिलेगा! प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी।  सामाजिक कार्यक्रम वाले स्थान पर सुखद अहसास बनेगा, जरूर सम्मिलित हों! पिता पक्ष से सहयोग लेने के कार्यक्रम बनाएं, कर्मक्षेत्र का माहौल भी मनोनुकूल होगा, चुनौतीपूर्ण कार्यों को निबटाया जा सकता है! 
  15. जुलाई के प्रथम सप्ताह से सितंबर के दूसरे सप्ताह तक  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा।  काफी महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी।
  16. अगस्त के मध्य से सितंबर के पहले सप्ताह तक रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा।  भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा!  
  17. सितंबर के प्रथम सप्ताह से तीसरे सप्ताह तक खासकर सितंबर के मध्य उपस्थित होने वाली कुछ कठिनाईयों के बावजूद कुछ मुद़दों में कार्यशीलता बनी रहेगी! इस समय  स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा।  किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या सुख देने वाली किसी भी छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी। 
  18. सितंबर के प्रथम सप्ताह से दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक  रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। इसलिए कुछ अतिरिक्त काम करने की केाशिश करें!  भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, इसका लाभ उठाने की केाशिश करें! धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी। 
  19. सितंबर के मध्य से दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक  कुछ झंझट उपस्थित हो सकते हैं , पर घबराए नहीं , प्रभाव की मजबूत स्थिति से उन्हें दूर किया जा सकता है  अनायास लाभ प्राप्ति की संभावना बन सकती है, इसलिए रिस्क लेने की केाशिश की जा सकती है ,पर लक्ष्य को लेकर काफी गंभीरता नहीं रहेगी! 
  20. दिसंबर के तीसरे सप्ताह से जनवरी 2017 के प्रथम सप्ताह के असफलता और तनाव वाले परिणाम के लिए नवंबर के चौथे सप्ताह से दिसंबर के मध्य तक प्रचुर मेहनत ससे कार्यक्रम तैयार होंगे! इस समय  स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा।  किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या सुख देने वाली किसी भी छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी। 

शुक्रवार, 25 दिसंबर 2015

वृष लग्‍न वालों के लिए लग्‍न राशिफल 2016 .......

वृष लग्नवालों के लिए ........ 
  1. दिसंबर 2015 से शुरू किए गए कुछ कार्यक्रमों में जनवरी के दूसरे सप्ताह से मई के पहले सप्ताह तक बाधाएं बनी रहेंगी! खासकर मार्च के दूसरे सप्ताह में स्थिति बहुत तनावपूर्ण रह सकती है! इस समय रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें। लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा, निराश न हों! लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी , इंतजार करें! 
  2. पूरे वर्ष 2016 में कुछ मुद़दों से निश्चिंति बनी रहेंगी!  स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के मामले अच्छे रहेंगे , इनसे संबंधित कार्यों को अंजाम दें!   कुछ झंझट उपस्थित हो सकते हैं , पर घबराए नहीं , प्रभाव की मजबूत स्थिति से उन्हें दूर किया जा सकता है 
  3. जनवरी के प्रथम सप्ताह से मार्च के प्रथम सप्ताह तक  भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, इसका लाभ उठाने की केाशिश करें! धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी।  सामाजिक कार्यक्रम वाले स्थान पर सुखद अहसास बनेगा, जरूर सम्मिलित हों! पिता पक्ष से सहयोग लेने के कार्यक्रम बनाएं, कर्मक्षेत्र का माहौल भी मनोनुकूल होगा, चुनौतीपूर्ण कार्यों को निबटाया जा सकता है!
  4.  जनवरी के तीसरे सप्ताह तक खासकर जनवरी के मध्य में कमजोर दिखाई पड रहे कुछ मुद़दों को सुधारने के लिए जनवरी के अंतिम सप्ताह से फरवरी के प्रथम सप्ताह तक  धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
  5.  फरवरी के प्रथम सप्ताह तक जीवन के कुछ मुद़दों से संतुष्ट रहने के बाद इन्हीं मुद़दों में महत्वाकांक्षा के बढने से फरवरी के द्वितीय सप्ताह से अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक नियमित कार्यक्रमों पर ध्यान जाएगा! इस समय  घर गृहस्थी का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है।  कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  6. फरवरी के मध्य से मार्च के मध्य तक  माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्‍ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा आए , उससे पहले ही सावधानी बरतें! 
  7. मार्च के द्वितीय सप्ताह से मार्च के अंतिम सप्ताह तक  भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा!   किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है। 
  8. अप्रैल के प्रथम सप्ताह से अगस्त के द्वितीय सप्ताह तक  संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों! किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों से बचे!   पिता पक्ष काफी कमजोर बना रहेगा , उनसे सहयोग की उम्मीद न रखें! कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी, बात बढने से पहले ही समाप्त करने की कोशिश करें, नही तो प्रतिष्‍ठा पर आंच आ सकती है। 
  9. अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक कुछ मुद़दों को लेकर निश्चिंति रहेगी , पर अप्रैल के दूसरे सप्ताह से ही इन मामलों के कुछ कार्यक्रम आरंभ होंगे! अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक  धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। 
  10. अप्रैल के दूसरे सप्ताह से जून के अंतिम सप्ताह खासकर मई के तीसरे सप्ताह में घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। इनसे संबंधित मामलों को निर्णायक मोड पर लाने की आवश्यकता नहीं!  बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, आज शापिंग के कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा, घूमने फिरने के कार्यक्रमों से भी परहेज रखें!  
  11. मई के प्रथम सप्ताह से मई के तीसरे सप्ताह तक  धन की स्थिति कमजोर दिखाई देगी, इसे मजबूत बनाने का हर प्रयास बेकार होगा, ऐसे कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है!  अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा ,  संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने!  
  12. मई के द्वितीय सप्ताह से जून के प्रथम सप्ताह तक रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा। महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी।
  13. मई के तीसरे सप्ताह से जून के पहले सप्ताह तक धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। 
  14. जून के दूसरे सप्ताह से वर्ष के अंतिम सप्ताह तक  रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। इसलिए कुछ अतिरिक्त काम करने की केाशिश करें!  अनायास लाभ प्राप्ति की संभावना बन सकती है, इसलिए रिस्क लेने की केाशिश की जा सकती है ,पर लक्ष्य को लेकर काफी गंभीरता नहीं रहेगी! 
  15. जुलाई के प्रथम सप्ताह से सितंबर के दूसरे सप्ताह तक  घर गृहस्थी का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है।  कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  16. अगस्त के मध्य से सितंबर के पहले सप्ताह तक  भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा!   किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है
  17. सितंबर के प्रथम सप्ताह से तीसरे सप्ताह तक खासकर सितंबर के मध्य उपस्थित होने वाली कुछ कठिनाईयों के बावजूद कुछ मुद़दों में कार्यशीलता बनी रहेगी! इस समय  धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। 
  18. सितंबर के प्रथम सप्ताह से दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक  भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, इसका लाभ उठाने की केाशिश करें! धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी।  सामाजिक कार्यक्रम वाले स्थान पर सुखद अहसास बनेगा, जरूर सम्मिलित हों! पिता पक्ष से सहयोग लेने के कार्यक्रम बनाएं, कर्मक्षेत्र का माहौल भी मनोनुकूल होगा, चुनौतीपूर्ण कार्यों को निबटाया जा सकता है! 
  19. सितंबर के मध्य से दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक  घर, गृहस्थी के विवाद को निबटाया जा सकता है, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सहयोग मिलेगा! प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी।  मनोनुकूल खर्च का वातावरण तैयार होगा,  शापिंग करके सुख मिलेगा! किसी बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से लाभ हो सकता है, इस तरह के कार्यक्रम बनाना श्रेयस्कर है! 
  20. दिसंबर के तीसरे सप्ताह से जनवरी 2017 के प्रथम सप्ताह के असफलता और तनाव वाले परिणाम के लिए नवंबर के चौथे सप्ताह से दिसंबर के मध्य तक प्रचुर मेहनत से कार्यक्रम तैयार होंगे! इस समय  धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।  

मेष लग्नवालों के लिए लग्‍न राशि फल 2016 ..........

 मेष लग्नवालों के लिए ..........

  1. दिसंबर 2015 से शुरू किए गए कुछ कार्यक्रमों में जनवरी के दूसरे सप्ताह से मई के पहले सप्ताह तक बाधाएं बनी रहेंगी! खासकर मार्च के दूसरे सप्ताह में स्थिति बहुत तनावपूर्ण रह सकती है! इस समय  संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों! किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों से बचे!   बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, आज शापिंग के कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा, घूमने फिरने के कार्यक्रमों से भी परहेज रखें!  
  2. पूरे वर्ष 2016 में कुछ मुद़दों से निश्चिंति बनी रहेंगी!   धन कोष की स्थिति अच्छी रहनी चाहिए , इस दिशा में मेहनत फलदायी होगा।  घर, गृहस्थी के विवाद को निबटाया जा सकता है, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सहयोग मिलेगा! प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी। 
  3. जनवरी के प्रथम सप्ताह से मार्च के प्रथम सप्ताह तक  सामाजिक कार्यक्रम वाले स्थान पर सुखद अहसास बनेगा, जरूर सम्मिलित हों! पिता पक्ष से सहयोग लेने के कार्यक्रम बनाएं, कर्मक्षेत्र का माहौल भी मनोनुकूल होगा, चुनौतीपूर्ण कार्यों को निबटाया जा सकता है!  अनायास लाभ प्राप्ति की संभावना बन सकती है, इसलिए रिस्क लेने की केाशिश की जा सकती है ,पर लक्ष्य को लेकर काफी गंभीरता नहीं रहेगी! 
  4. जनवरी के तीसरे सप्ताह तक खासकर जनवरी के मध्य में कमजोर दिखाई पड रहे कुछ मुद़दों को सुधारने के लिए जनवरी के अंतिम सप्ताह से फरवरी के प्रथम सप्ताह तक   भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है।  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। 
  5. फरवरी के प्रथम सप्ताह तक जीवन के कुछ मुद़दों से संतुष्ट रहने के बाद इन्हीं मुद़दों में महत्वाकांक्षा के बढने से फरवरी के द्वितीय सप्ताह से अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक नियमित कार्यक्रमों पर ध्यान जाएगा! इस समय  स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा। रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा। 
  6. फरवरी के मध्य से मार्च के मध्य तक  अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा ,  संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने!  
  7. मार्च के द्वितीय सप्ताह से मार्च के अंतिम सप्ताह तक  किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है  काफी महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी! 
  8. अप्रैल के प्रथम सप्ताह से अगस्त के द्वितीय सप्ताह तक  पिता पक्ष काफी कमजोर बना रहेगा , उनसे सहयोग की उम्मीद न रखें! कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी, बात बढने से पहले ही समाप्त करने की कोशिश करें, नही तो प्रतिष्‍ठा पर आंच आ सकती है ,   लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा, निराश न हों! लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी , इंतजार करें! 
  9. अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक कुछ मुद़दों को लेकर निश्चिंति रहेगी , पर अप्रैल के दूसरे सप्ताह से ही इन मामलों के कुछ कार्यक्रम आरंभ होंगे! अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक   भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है।  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। 
  10. अप्रैल के दूसरे सप्ताह से जून के अंतिम सप्ताह खासकर मई के तीसरे सप्ताह में  स्वास्थ्य गडबड रहेगा, आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। इसलिए इससे संबंधित कार्यक्रम से बचे! रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें। 
  11. मई के प्रथम सप्ताह से मई के तीसरे सप्ताह तक  भाई.बहन,बंधु बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी। इसलिए ऐसा माहौल न बनाएं कि उनसे विवाद हो!  कुछ झंझट उपस्थित होंगे , झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। इसलिए शार्टकट का सहारा न लेकर सुरक्षित राह पर चलें!
  12. मई के द्वितीय सप्ताह से जून के प्रथम सप्ताह तक  भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा!   कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  13. मई के तीसरे सप्ताह से जून के पहले सप्ताह तक  भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है।  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। 
  14. जून के दूसरे सप्ताह से वर्ष के अंतिम सप्ताह तक  भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, इसका लाभ उठाने की केाशिश करें! धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी।  मनोनुकूल खर्च का वातावरण तैयार होगा,  शापिंग करके सुख मिलेगा! किसी बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से लाभ हो सकता है, इस तरह के कार्यक्रम बनाना श्रेयस्कर है!
  15. जुलाई के प्रथम सप्‍ताह से दिसंबर के दूसरे सप्‍ताह तक  स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा।  रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा। 
  16. अगस्त के मध्य से सितंबर के पहले सप्ताह तक  किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है  काफी महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी ।
  17. सितंबर के प्रथम सप्ताह से तीसरे सप्ताह तक खासकर सितंबर के मध्य उपस्थित होने वाली कुछ कठिनाईयों के बावजूद कुछ मुद़दों में कार्यशीलता बनी रहेगी! इस समय   भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है।  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। 
  18. सितंबर के प्रथम सप्ताह से दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक  सामाजिक कार्यक्रम वाले स्थान पर सुखद अहसास बनेगा, जरूर सम्मिलित हों! पिता पक्ष से सहयोग लेने के कार्यक्रम बनाएं, कर्मक्षेत्र का माहौल भी मनोनुकूल होगा, चुनौतीपूर्ण कार्यों को निबटाया जा सकता है!  अनायास लाभ प्राप्ति की संभावना बन सकती है, इसलिए रिस्क लेने की केाशिश की जा सकती है ,पर लक्ष्य को लेकर काफी गंभीरता नहीं रहेगी! 
  19. सितंबर के मध्‍य से दिसंबर के अंतिम सप्‍ताह तक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के मामले अच्छे रहेंगे , इनसे संबंधित कार्यों को अंजाम दें!   रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। इसलिए कुछ अतिरिक्त काम करने की केाशिश करें!  
  20. दिसंबर के तीसरे सप्ताह से जनवरी 2017 के प्रथम सप्ताह के असफलता और तनाव वाले परिणाम के लिए नवंबर के चौथे सप्ताह से दिसंबर के मध्य तक प्रचुर मेहनत से कार्यक्रम तैयार होंगे! इस समय   भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है।  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा।  

गुरुवार, 24 दिसंबर 2015

राशिफल 2016 को समझने के लिए अपने लग्‍न की जानकारी अवश्‍य रखें .......


पृथ्‍वी को केन्‍द्र में मानकर पूरे आसमान के 360 डिग्री को जब 12 भागों में विभक्त किया जाता है , तो उससे 30-30 डिग्री की एक राशी निकलती है। इन्हीं राशियों को मेष , वृष , मिथुन ............... मीन कहा जाता है। किसी भी जन्मकुंडली में तीन राशियों को महत्वपूर्ण माना जाता है। पहली वह राशी , जिसमें जातक का सूर्य स्थित हो, वह सूर्य-राशी के रुप में, जिसमें जातक का चंद्र स्थित हो, वह चंद्र-राशी के रुप में तथा जिस राशी का उदय जातक के जन्म के समय पूर्वी क्षितीज मे हो रहा हो , वह लग्न-राशी के रुप में महत्वपूर्ण मानी जाती है। एक महीने तक जन्‍म लेनेवाले सभी व्‍यक्ति एक सूर्य राशि के अंतर्गत आते हैं , जबकि ढाई दिन तक जन्‍म लेनेवाले एक चंद्रराशि के अंतर्गत।
आजकल बाजार में लगभग सभी पत्रिकाओं में राशी-फल की चर्चा रहती है, कुछ पत्रिकाओं में सूर्य-राशी के रुप में तथा कुछ में चंद्र-राशी के रुप में भविष्यफल का उल्लेख रहता है , किन्तु ये पूर्णतया अवैज्ञानिक होती हैं और व्यर्थ ही उसके जाल में लाखों लोग फंसे होते हैं। इसकी जगह लग्न-राशी फल निकालने से पाठकों को अत्यधिक लाभ पहुंच सकता है , क्योंकि जन्मसमय में लगभग दो घंटे का भी अंतर हो तो दो व्यक्ति के लग्न में परिवर्तन हो जाता है, जबकि चंद्रराशी के अंतर्गत ढाई दिन के अंदर तथा सूर्य राशी के अंतर्गत एक महीनें के अंदर जन्मलेनेवाले सभी व्यक्ति एक ही राशी में आ जाते हैं। लेकिन चूंकि पाठकों को अपने लग्न की जानकारी नहीं होती है, इसलिए ज्योतिषी लग्नफल की जगह राशी-फल निकालकर जनसाधारण के लिए सर्वसुलभ तो कर देते हें , पर इससे ज्योतिष की वैज्ञानिकता पर प्रश्नचिन्ह लग जाता है।
किसी प्रकार की सामयिक भविष्यवाणी किसी व्यक्ति के लग्न के आधार पर सटीक रुप में की जा सकती है , किन्तु इसकी तीव्रता में विभिन्न व्यक्ति के लिए अंतर हो सकता है। किसी विशेष महीनें का लिखा गया लग्न-फल उस लग्न के करोड़ों लोगों के लिए वैसा ही फल देगा , भले ही उसमें स्तर , वातावरण , परिस्थिति और उसके जन्मकालीन ग्रहों के सापेक्ष कुछ अंतर हो। जैसे किसी विशेष समय में किसी लग्न के लिए लाभ एक मजदूर को 25-50 रुपए का और एक व्यवसायी को लाखों का लाभ दे सकता है। इस प्रकार की भविष्यवाणी `गत्यात्मक गोचर प्रणाली´ के आधार पर की जा सकती है। जिन्हें अपने लग्न की जानकारी न हो , वे अपनी जन्म-तिथि , जन्म-समय और जन्मस्थान के साथ मुझे 09835192280 पर संपर्क कर सकते हैं। विवरण से पहले LAGNA अवश्‍य लिखें । उन्हें उनके लग्न की जानकारी दे दी जाएगी।
वर्ष 2016 की ग्रह स्थितियों को लेकर मैने प्रत्‍येक लग्‍न वालों के लिए जो राशिफल तैयार किया है , उसके हिसाब से आप अपने कार्यक्रमों को अंजाम दे सकते हैं , जब किसी मामलों का बुरा समय हो तो आप उस काम को नहीं करेंगे , जब उन मामलों में समय अच्‍छा आएगा आप उस काम को कर सकते हैं , इसलिए यह लग्‍नफल आपको वर्ष भर गाइड कर सकता है , आप इस राशिफल से फायदा अवश्य उठायें ....

बुधवार, 23 दिसंबर 2015

राशिफल 2016 को समझने के लिए अपने लग्‍न की जानकारी अवश्‍य रखें .......

जहां एक ओर ज्‍योतिष को बहुत ही सूक्ष्‍म तौर पर गणना करने वाला शास्‍त्र माना जाता है , वहीं दूसरी ओर पूरी जनसंख्‍या को 12 भागों में बांटकर उनकी राशि के आधार पर राशिफल के रूप में भविष्‍यवाणी करने का प्रचलन भी है। राशिफल के द्वारा दुनियाभर के लोगों को 12 भागों में बांटकर उनके बारे में भविष्‍यवाणी करने का प्रयास आमजनों को भले ही नहीं जंचे , पर इसके वैज्ञानिक आधार की उपेक्षा नहीं की जा सकती। ज्‍योतिष के अनुसार राशि के हिसाब से दुनियाभर के लोगों को 12 भागों में बांटा जा सकता है और उनके बारे में बहुत सारी बाते कही जा सकती हैं , भले ही उसमें स्तर , वातावरण , परिस्थिति और उसके जन्मकालीन ग्रहों के सापेक्ष कुछ अंतर हो। जैसे किसी विशेष समय में किसी राशि के लिए लाभ एक मजदूर को 25-50 रुपए का और एक व्यवसायी को लाखों का लाभ दे सकता है।
मेरे हिसाब से राशिफल की शुरूआत उस वक्‍त की मानी जा सकती है , जब आम लोगों के पास उनके जन्‍म विवरण न हुआ करते हों पर अपने भविष्‍य के बारे में जानने की कुछ इच्‍छा रहती हो। पंडितो द्वारा रखे गए नाम में से उनकी राशि को समझ पाना आसान था, इसलिए ज्‍योतिषियों ने उनकी राशि के आधार पर गोचर के ग्रहों को देखते हुए भविष्‍यवाणी करने की परंपरा शुरू की हो। चूकि प्राचीन काल में अधिकांश लोगों की जन्‍मकुंडलियां नहीं हुआ करती थी , इसलिए राशिफल की लोकप्रियता निरंतर बढती गयी। गोचर के आधार पर भविष्‍यवाणियां कर पाना बहुत ही कठिन होता है , पर लोकप्रियता प्राप्‍त करने के लिए राशिफल के रूप में कुछ पंक्तियों को इकट्ठा करने का प्रचलन चल पडा , जिसने ज्‍योतिष के पतन में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभायी।
भले ही किसी मुकदमें का हल होते एक पक्ष की हार और एक पक्ष की जीत हमें यह महसूस कराती है कि मुहूर्त्‍त का कोई महत्‍व नहीं , एक ही दिन या घंटा किसी को सुखमय या कष्‍टमय वातावरण दे सकता है , ऐसा नही है। गोचर के ग्रहों के आधार पर किसी किसी दिन सुखमय और किसी किसी दिन कष्‍टमय वातावरण तैयार होता है। गोचर में कभी कभी आसमान में ग्रहों की अत्‍यंत सुखद स्थिति होती है , जिस दिन अधिकांश लग्‍वाले सुखद फल ही महसूस करते हैं , जबकि कभी कभी आसमान में ग्रहों की स्थिति कष्‍टकर होती है , उस दिन अधिकांश लोग कष्‍ट में देखे जाते हैं। इसलिए विभिन्‍न ग्रहों की गत्‍यात्‍मक शक्ति के आधार पर सामान्‍य लोगों के लिए उससे संबंधित कई सामान्‍य पंक्तियां कही जा सकती हैं , भले ही उसमें से कोई पंक्ति किसी के लिए अधिक प्रभावी तथा कोई पंक्ति किसी के लिए कम प्रभावी हो सकती है। पर इसका महत्‍व नहीं है , ऐसा भी नहीं कहा जा सकता।
बहुत पाठक को लग्‍न और राशि में अंतर न समझने के कारण कुछ कन्‍फ्यूजन में पड जाते हैं। लग्‍न और राशि अलग अलग होते हैं , 'गत्‍यात्‍मक ज्‍यातिष' के हिसाब से राशि के आधार पर शुभ या अशुभ दिनों की चर्चा भले ही की जा सकती है , पर संदर्भों को तय करने में लग्‍न की भूमिका महत्‍वपूर्ण होती है , इसलिए विभिन्‍न संदर्भों की स्थिति को जानने के लिए अपना लग्‍न जानना आवश्‍यक होता है। आज तो किसी जातक का लग्‍न राशि निकालने के लिए बहुत सुविधा हो गयी है। इंटरनेट में भी आप अपने लग्‍न और अपनी राशि की जानकारी के लिए कई लिंकों पर जा सकते हैं । अपने एक पुराने आलेख में मैं राशिफल की वैज्ञानिकता पर कुछ बातें लिख चुकी हूं , उसमें यह भी बताया है कि चंद्र राशि या सूर्य राशि की तुलना में लग्‍न राशि के आधार पर की गयी मासिक , साप्‍ताहिक या दैनिक भविष्‍यवाणियां अधिक उपयोगी हो सकती है। एक सप्‍ताह के अंदर विभिन्‍न लग्‍नवालों के लिए 2016 के विभिन्‍न मुद्दों के धनात्‍मक ऋणात्‍मक समय क्रमवार प्रस्‍तुत किए जाएंगे। सभी इसका फायदा उठाएं .....
इस लग्‍न राशिफल का लाभ उठाने के लिए जिन्‍हें लग्‍न की जानकारी न हो , वे अपना जन्‍म विवरण 09835192280 पर एसएमएस करके अपने लग्‍न की जानकारी प्राप्‍त कर सकते हैं ... कृपया एस एम एस करते वक्‍त जन्‍मविवरण के आगे LAGNA लिखें । लग्‍न की जानकारी नि:शुल्‍क दी जाएगी।

शनिवार, 19 दिसंबर 2015

कृपया भारत सरकार के महिला बाल विकास मंत्रालय के #100women कार्यक्रम में मेरे पक्ष में वोट दें ....

यह संयोग ही है कि आप सभी पाठकों के फुर्सत भरे इस वीकेंड में आज शनिवार को मेरा 52वां जन्‍म दिन है , सुबह से ही जमकर मित्रो और पाठकों द्वारा शुभकामनाओं और बधाई संदेशों की बौछार चल रही है और आनेवाले कल यानि रविवार ‪#‎100women‬ कार्यक्रम के लिए वोट करने की अंतिम तिथि है। आप सबों को तो जानकारी होगी ही कि भारत सरकार के महिला बाल विकास मंत्रालय ने अपने इस कार्यक्रम #100women के लिए मेरा प्रोफाइल सेलेक्ट कर लिया है और खास मानदंड पर तैयार की गई भारत की 200 महिलाओं की सूचि में मैं शामिल हो गई हूं , आप सबों से अनुरोध है कि कृपया इनमें से किसी लिंक को खोलकर मेरे पक्ष में वोटिंग कर मुझे टॉप 100 महिलाओं में पहुंचाने में मदद करें , इस लिंक में मैं 9वें एजुकेशन केटेगरी में 15 वें नं पर हूँ , वोट करके फेसबुक या ट्विटर पर शेयर भी करें तो अतिकृपा होगी , अपने नजदीकी मित्रों और परिवार के लोगों को भी इस बारे में जानकारी दें जो फेसबुक के माध्‍यम से वोट कर सकते हैं। यही आप सबों की ओर से मेरा जन्‍मदिन का उपहार होगा। ये चित्र आपकी मदद करेंगे , वैसे वोट करने में कोई दिक्‍कत हो तो निस्‍संकोच संपर्क करें आप सबों का अग्रिम आभार .........
https://100womenindia.votenow.tv/
https://www.facebook.com/ministryWCD/app/892345240838861/
http://bit.ly/100womenvote






रविवार, 13 दिसंबर 2015

महिला बाल विकास मंत्रालय के फेसबुक पेज पर #100women initiative में मेरे लिए वोटिंग करें !!!!!!

15 जुलाई 2015 को भारत सरकार के महिला बाल विकास मंत्रालय ने फेसबुक के साथ मिलकर #100women पहल के माध्‍यम से देशभर से विभिन्‍न क्षेत्रों में समाज को बदलने के लिए काम कर रही 100 महिलाओं को चुनने का एक कार्यक्रम बनाया। हजारो महिलाओ को फेसबुक के द्वारा नोमिनेट किया गया, जिसमें से 100 लाइक्‍स के ऊपर की पोस्‍टाें पर विचार किया गया , मुझे 25 लोगों ने नोमिनेट किया था और 100 की जगह 500 तक लाइक्‍स मिले थे। नोमिनेशन के लिए मेरे काम के विषय में जानकारी देने के लिए यह वीडियो तैयार किया गया था .....

https://www.youtube.com/watch?v=jBCZOHhOabI&feature=youtu.be

उसके बाद मंत्रालय के द्वारा स्‍क्रीनिंग के लिए मेरे द्वारा किए जानेवाले सभी कार्यों का परिचय देते हुए प्रोफाइल की मांग की गयी। एक महीने बाद 3 दिसंबर को मुझे यह मेल मिला .....
From: 100 Women Achievers <100womenachievers@gmail.com>
Date: Thu, Dec 3, 2015 at 5:11 PM
Subject: #100Women Achievers - Voting Open (Education)
To: 


Dear Madam,

Greetings from the Ministry of Women and Child Development!

Congratulations on being shortlisted as part of 100 Women Achievers in the category of 'Education'. As you are aware, this is a contest for selecting 100 Women Achievers of India through public nominations and voting through social media by the Ministry of Women and Child Development (MWCD), Govt. of India in collaboration with Facebook.

The shortlisted nominations are now open for public voting via Facebook from 3rd December 2015 till 11:59 pm (Indian Standard Time) on 20th December 2015. This can be viewed at the following link http://bit.ly/100womenvote and on the Ministry's Facebook page at www.facebook.com/ministryWCD.

Keep up the good work. Wish you all the best!

Regards,
Nandika Kumari
Consultant
Ministry of Women & Child Development
Government of India
Shastri Bhawan, 
Dr. Rajendra Prasad Road
New Delhi-110001

हां तो वोटिंग अभी भी चल रही है ..... लिंक पर जाएं और वोटिंग करें !!!!!!

महिला बाल विकास मंत्रालय के फेसबुक पेज पर वोटिंग अभी भी चल रही है ..... लिंक पर जाएं और वोटिंग करें !!!!!!


15 जुलाई 2015 को भारत सरकार के महिला बाल विकास मंत्रालय ने फेसबुक के साथ मिलकर #100women पहल के माध्‍यम से देशभर से विभिन्‍न क्षेत्रों में समाज को बदलने के लिए काम कर रही 100 महिलाओं को चुनने का एक कार्यक्रम बनाया। हजारो महिलाओ को फेसबुक के द्वारा नोमिनेट किया गया, जिसमें से 100 लाइक्‍स के ऊपर की पोस्‍टाें पर विचार किया गया , मुझे 25 लोगों ने नोमिनेट किया था और 100 की जगह 500 तक लाइक्‍स मिले थे। नोमिनेशन के लिए मेरे काम के विषय में जानकारी देने के लिए यह वीडियो तैयार किया गया था .....

https://www.youtube.com/watch?v=jBCZOHhOabI&feature=youtu.be

उसके बाद मंत्रालय के द्वारा स्‍क्रीनिंग के लिए मेरे द्वारा किए जानेवाले सभी कार्यों का परिचय देते हुए प्रोफाइल की मांग की गयी। एक महीने बाद 3 दिसंबर को मुझे यह मेल मिला .....
From: 100 Women Achievers <100womenachievers@gmail.com>
Date: Thu, Dec 3, 2015 at 5:11 PM
Subject: #100Women Achievers - Voting Open (Education)
To: 


Dear Madam,

Greetings from the Ministry of Women and Child Development!

Congratulations on being shortlisted as part of 100 Women Achievers in the category of 'Education'. As you are aware, this is a contest for selecting 100 Women Achievers of India through public nominations and voting through social media by the Ministry of Women and Child Development (MWCD), Govt. of India in collaboration with Facebook.

The shortlisted nominations are now open for public voting via Facebook from 3rd December 2015 till 11:59 pm (Indian Standard Time) on 20th December 2015. This can be viewed at the following link http://bit.ly/100womenvote and on the Ministry's Facebook page at www.facebook.com/ministryWCD.

Keep up the good work. Wish you all the best!

Regards,
Nandika Kumari
Consultant
Ministry of Women & Child Development
Government of India
Shastri Bhawan, 
Dr. Rajendra Prasad Road
New Delhi-110001

हां तो वोटिंग अभी भी चल रही है ..... लिंक पर जाएं और वोटिंग करें !!!!!!

गुरुवार, 20 अगस्त 2015

हर क्षेत्र की घुसपैठ से ज्‍योतिष अधिक बदनाम हुआ है !!

आम जनता एक ज्‍योतिषी के बारे में बहुत सारी कल्‍पना करती है , ज्‍योतिषी सर्वज्ञ होता है , वह किसी के चेहरे को देखकर ही सबकुछ समझ सकता है , यदि नहीं तो कम से कम माथे या हाथ की लकीरे देखकर भविष्‍य को बता सकता है। यहां तक कि किसी के नाम से भी बहुत कुछ समझ लेने के लिए हमारे पास लोग आ जाते हैं। एक ज्‍योतिषी खोए हुए वस्‍तु , व्‍यक्ति के बारे में भी बतलाए , शुभ और अशुभ मुहूर्त्‍तों के बारे में भी और हर प्रकार की पूजा की पद्धति के बारे में भी। इतना ही नहीं, एक ज्‍योतिषी आपको कष्‍ट से पूरी तरह उबारे, किसी न किसी प्रकार की पूजा पाठ यंत्र तंत्र मंत्र और पूजा पाठ का सहारा लेकर आपको सफलता के नए नए सोपानों को तय करने में मदद करे। मानो ज्‍योतिषी ज्‍योतिषी न हुए , पूरे भगवान हो गए ।

प्राचीन काल से ही मनुष्‍य बहुत ही महत्‍वाकांक्षी है , वह भूत के अनुभवों  और वर्तमान की वास्‍तविकताओं को लेकर तो काम करता ही आया है , भविष्‍य के बारे में भी अनुमान लगाने की उसकी प्रवृत्ति रही है। प्राचीन काल से ही एक आसमान से उन्‍हें बहुत सारी सूचनाएं मिल जाती थी , सूर्योदय और सूर्यास्‍त की , अमावस्‍या और पूर्णिमा की तथा ऋतु परिवर्तन की भी। आसमान में होनेवाले हवा के रूख और बादलों के जमावडे को देखकर ही बारिश का अनुमान वे लगाते  थे , यहां तक कि आसमान में फैले धूल तूफान का और धुआं आग के फैलने की जानकारी देता था। इस तरह से भविष्‍य को कुछ दूर तक देख पाने में मनुष्‍य आसमान पर निर्भर होता गया और आसमान को देखने की प्रवृत्ति भी विकसित हुई।

कालांतर में ग्रहों नक्षत्रो के पृथ्‍वी पर पडनेवाले प्रभाव को देखते हुए 'ज्‍योतिष' जैसे विषय का विकास किया गया। घटनाओं का ग्रहों से तालमेल होता है , इस दिशा में शोध की अनगिनत संभावनाएं हो सकती है , पर वैदिक ज्ञान ही इस मामले में पर्याप्‍त है , ऐसा नहीं माना जा सकता। क्‍यूंकि सैद्धांतिक ज्ञान भले ही सैकडों वर्ष पुरानी पुस्‍तकों में लिखी हों , पर व्‍यावहारिक ज्ञान हमेशा देश , काल और परिस्थिति के अनुरूप होता है। इसलिए आज के प्रश्‍नों का जबाब हम वैदिक कालीन ग्रंथ में नहीं तलाश सकते। इसके लिए हमें नए सिरे से शोध की आवश्‍यकता है ही , यही कारण है कि जब जब ज्‍योतिष को साबित करने की बारी आती है , तो इसकी कई कमजोरियां उजागर हो जाती हैं , हम सफल नहीं हो पाते। लेकिन इतना तो अवश्‍य तय है कि भविष्‍य को जानने और समझने की एकमात्र विधा ज्‍योतिष ही है , इसलिए किसी भी काल में इसका महत्‍व कम नहीं आंका जा सकता।

इसके महत्‍व को देखते हुए ही हर क्षेत्र के लोगों ने इस विषय में घुसपैठ करने की कोशिश की है , कर्मकांडी , आयुर्वेदाचार्य या गणितज्ञ को तो छोड ही दें , जादूगरों और तांत्रिक ने भी इस क्षेत्र में प्रवेश की पूरी कोशिश की। यज्ञ , हवन , पूजा पाठ आदि के लिए विधि विधान की जो बातें हैं , उनकी जानकारी कर्मकांडी पंडितों को बहुत अच्‍छी तरह होती है , पर वैसे सभी पंडित एक अच्‍छे ज्‍योतिषी नहीं हो सकते। इसी प्रकार गणित जानने वाला का ज्‍योतिष से कोई संबंध नहीं होता। आयुर्वेदाचार्य भले ही कुछ बीमारियों का ज्‍योतिष से संबंध बनाकर ज्‍योतिष में एक पाठ जोड दें , पर उनको एक सफल ज्‍योतिषी मानने में बडी बाधाएं आएंगी। जादूगर और तांत्रिक की कला और माया से भी ज्‍योतिष को कोई मतलब नहीं ।

पर इस दिखावटी दुनिया में कुछ गणितज्ञ अपने गणित की गति से , कुछ जादूगर अपने जादू से , कुछ तांत्रिक अपने तंत्र मंत्र से तो कुछ कर्मकांडी अचूक कर्मकांडों से लोगों को भ्रमित कर ज्‍योतिष के क्षेत्र में भी अपना सिक्‍का चलाना चाहते हैं।  इनके क्रियाकलापों के कारण आम जनता 'ज्‍योतिष' जैसे पवित्र विषय का सटीक मतलब नहीं समझ पाती। इसके साथ साथ सदियों से चले आ रहे जन किंवदंतियों को भी ज्‍योतिष में भी जोड दिया गया है। सबका घालमेल होने से ही ज्‍योतिष के एक सही स्‍वरूप की कल्‍पना कर पाने में लोग असमर्थ है। लोगों को यह ज्ञात नहीं हो पाता कि ज्‍योतिष भविष्‍य के बारे में अनुमान में और समय समय पर निर्णय लेने में उनकी बहुत मदद कर सकता है , और यही समाज में ज्‍योतिष के महत्‍व को कम करने की मूल वजह भी है।

रविवार, 16 अगस्त 2015

चैट में 'कुछ मेरे बारे में भी बताइए' कहने वाले लोगों से दो बातें ......

'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष अनुसंधान केन्‍द्र' समाज से अंधविश्‍वास दूर करने और ज्‍योतिष के वैज्ञानिक पक्ष को सामने रखने के लिए कृतसंकल्‍प है। लोगों के मन से हर प्रकार के भ्रम का खात्‍मा करते हुए उचित ज्‍योतिषीय परामर्श देकर हजारों लोगों को भटकने से बचा सका है। प्रतिदिन जीवन से निराश लोगों के फोन और पत्र आते हैं, उनकी जन्‍मकुंडली के हिसाब से उन्‍हें उचित परामर्श देकर उनके जीवन में खुशहाली लाता रहा है। न तो पूजा पाठ करवाने का झंझट और न ही किसी प्रकार के रत्‍न धारण करवाने की सलाह। आपके समय की अच्‍छे और बुरे होने की जानकारी देकर तद्नुरूप कार्यक्रम बनाकर आपको जीवन जीने में मदद करता है।

 मेरे ब्‍लॉग के नियमित पाठक या मेरे नियमित क्‍लाएंट रहे हैं , उन्‍हें पता है कि 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' की प्रकृति क्‍या है , ज्‍योतिष की सहायता से हम कितनी दूर तक सपोर्ट ले सकते हैं , विभिन्‍न प्रकार के 'गत्‍यात्‍मक लग्‍न राशिफल' का लाभ किस तरह ले सकते हैं , कब यहां नि:शुल्‍क जानकारी की सुविधा रहती है और जिनके जन्‍म विवरण यहां मौजूद हैं उसके बारे में इन्‍हें किस किस वक्‍त फोन किया जा सकता है , उन्‍हें हम पूरा सपोर्ट करते हैं वो भी पूरा सपोर्ट लेते हैं , जो नहीं समझते वो मेरी व्‍यस्‍तता के क्षणों में अपने उलूल जुलूल प्रयनों के साथ दो घंटी बजाएंगे या दो मैसेज करेंगे , अफसोस होता है मुझे .. पर वे मेरा सपोर्ट कहां से लेे सकेंगे ??

मुझसे ज्‍योतिषीय परामर्श लेने की इच्‍छा रखने वाले अपना जन्‍मविवरण gatyatmakjyotish@gmail.com पर भेजें। आप 9835192280 पर SMS भी कर सकते हैं, पर वहां विवरण के साथ ईमेल भी भेजें, ताकि हमलोग आपको लाइफ ग्राफ या विवरण भेज सकें। ईमेल में प्राप्‍त पन्‍नों को सामने रखकर ही आप हमें फोन करें , जिससे आपको ग्राफ को समझाने , आपकी समस्‍या और उसके उपाय के बारे में जानकारी देने में सुविधा होगी। दिन में 11 से 1 बजे तथा शाम में 4 से 6 बजे ही आपका फोन अटेंड किया जाएगा। हमारे यहां पूरे जीवन के बारे में जानकारी प्राप्‍त करने के लिए पहले साल 1100/- तथा एक साल की जानकारी प्राप्‍त करने के लिए दूसरे साल 550/- तथा वर्तमान समस्‍या के बारे में जानकारी देने के लिए 250/- की सहयोग राशि ली जाती है। पर आप हमारी नि:शुल्‍क सेवा भी ले सकते हैं , जिसके लिए अपने विवरण किसी भी माह 25 तारीख के बाद भेजें, महीने के अंत तक बात कर लें। निकटतम लोगों में जिनका डेटा हमारे सॉफ्टवेयर में मौजूद है, वो भी अंतिम सप्‍ताह के उपरोक्‍त समय में हमसे किसी समस्‍या के बारे में नि:शुल्‍क बात कर सकते हैं। सामान्‍य परेशानियों के लिए अपना लग्‍न जानकर मेरे द्वारा लिखा गया लग्‍न राशिफल अवश्‍य पढें। फ्री सर्विस की इच्‍छा रखने वाले SMS करते वक्‍त अपने विवरण से पहले FREE तथा लग्‍न की जानकारी के लिए SMS करते वक्‍त अपने विवरण के पहले LAGNA जरूर लिखें । सबके लिए भी फोन का समय वही रहेगा, पर नि:शुल्‍क सेवा की सुविधा आपको साल में एक बार ही दी जाएगी, क्‍योंकि नए लोगों को भी मौका मिलते रहना चाहिए। उम्‍मीद है, अब हमारे मित्र यानि हमारे पाठक किसी प्रकार के संशय में नहीं रहेंगे।

शुक्रवार, 14 अगस्त 2015

कर्मकांड और ज्‍योतिष बिल्‍कुल अलग अलग विधा है !!

कुछ अनजान लोगों को मैं अपने प्रोफेशन ज्‍योतिष के बारे में बताती हूं , तो एक महिला के ज्‍योतिषी होने पर उन्‍हें आश्‍चर्य होता है। क्‍यूंकि उनकी जानकारी में एक ज्‍योतिषी और गांव के पंडित में कोई अंतर नहीं है , जो उनके बच्‍चों की जन्‍मकुंडली बनाता है , विभिन्‍न प्रकार के शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त्‍त देखता है , घर में पूजा पाठ करता है , विवाह के लिए जन्‍मकुंडली मिलान करता है , लग्‍न निकालता है , कोई सामान खोने पर उसकी वापसी की दिशा बताता है। उसके पास एक पंचांग होता है ,‍ जिसमें हर काम के उपयुक्‍त तिथि और कर्मकांड की विधियां दी हुई है। पर चूंकि जनसामान्‍य को इन बातों की जानकारी नहीं है , इसलिए पंडित लोगों के लिए ज्ञानी है,  उनसे पूछे बिना कोई काम नहीं करते। कभी किसी महिला की इस पेशे में उपस्थिति नहीं देखी , इसलिए उनका आश्‍चर्यित होना स्‍वाभाविक है।

हमारे गांव में ज्‍योतिषीय सलाह लेने  दूर दूर से लोग पापाजी के पास आया करते। पापाजी की अंधभक्‍तों से कभी नहीं बनी , चाहे वो परंपरा के हों या विज्ञान के। प्रारंभ से अबतक वे तार्किक बुद्धिजीवी वर्ग से ही ग्रहों के स्‍वभाव और उसके अनुसार उसके प्रभाव की विवेचना करते रहें। उनकी लोकप्रियता में कमी का यही एक बडा कारण रहा। पर घर के बाहर हमेशा गाडी खडी होने से गांव के लोगों को बडा आश्‍चर्य होता। धीरे धीरे लोगों को मालूम हुआ कि ये पंडित है , इसलिए लोग इनके पास आया करते हैं। फिर तो गांव वाले लोग भी अपनी समस्‍याएं लेकर आने लगे। किसी की बकरी खो गयी है , किसी का बेटा चला गया है , कोई व्रत करे तो किस दिन , कोई विवाह करे तो किससे और कौन से दिन ??

गांव के किसी भी व्‍यक्ति को पापाजी 'ना' नहीं कह सकते थे , पर उनके पीछे इतना समय देने से उनके अध्‍ययन मनन में दिक्‍कत आ सकती थी। हम सभी भाई बहन भी ऊंची कक्षाओं में पढ रहे थे , किसी को भी उन्‍हें समय देने की फुर्सत नहीं थी। ग्रहों नक्षत्रों की स्थिति को देखने के लिए जो पंचांग िपापाजी  उपयोग में लाते , उसी में सबकुछ लिखा होता , पापाजी ने आठ वर्षीय छोटे भाई को पंचांग देखना सिखला दिया था। दो चार वर्षों तक मेरा छोटा भाई ही इनकी समस्‍याओं को सुलझाता रहा , क्‍यूंकि इसमें किसी प्रकार की भविष्‍यवाणी नहीं करनी पडती थी। हजारो वर्ष पूर्व जिस आधार पर पंचांग बनाए जाते थे , जिस आधार पर शकुन , मुहूर्त्‍त , दिशा ज्ञान आदि होता था , आजतक उसमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया गया है , इसमें कितनी सच्‍चाई और कितना झूठ है , इसकी भी कभी जांच नहीं की गयी है। अंधभक्ति में लोग पंडितों की बातों को आजतक सत्‍य मानते आ रहे हैं , आठ वर्ष के बच्‍चे की बातों को भी सत्‍य समझते रहें।

प्राचीन काल में गांव के पंडितों का संबंध सिर्फ कर्मकांड से था , क्रमश: बालक के जन्‍म का रिकार्ड रखने के लिए जन्‍मकुंडली बनाने का काम भी उन्‍हें सौंप दिया गया। पर ज्‍योतिषीय गणना का काम और किसी प्रकार की भविष्‍यवाणी तो ऋषि मुनियों के अधीन था। हां उन्‍होने कुछ पुस्‍तके जरूर लिखकर इन पंडितों को दी , जिनके आधार पर बालक की जन्‍मकुंडली  बनाने के बाद बच्‍चे के आनेवाले जीवन के बारे में कुछ बातें लिखी जा सकती थी। पर समय सापेक्ष भविष्‍यवाणी करने के लिए बडे स्‍तर पर गाणितिक अध्‍ययन मनन की आवश्‍यकता होती है , जिसकी परंपरा भारतवर्ष में उन ऋषि मुनियों के बाद समाप्‍त हो गयी। यही कारण है कि आज तक समाज में ज्‍योतिष और कर्मकांड को एक ही चीज समझा जाता है , दोनो को हेय नजर से देखा जाता है।

उस समय से लोगों के मन में जो भ्रम बना , वो अभी तक दूर नहीं हो पा रहा है। एक ज्‍योतिषी के रूप में मुझे समझने के बाद जन्‍मकुंडली बनवाने , मुहूर्त्‍त देखने , जन्‍मकुंडली मिलाने तथा अन्‍य कर्मकांडों की जानकारी के लिए मेरे पास लोग फोन किया करते हैं। कुछ लोग पूछते हैं कि बिना संस्‍कृत के आप ज्‍योतिष का काम कैसे कर सकती है ?? भले ही हर ज्ञान विज्ञान किसी न किसी रूप में एक दूसरे से सहसंबंध बनाते हों , पर लोगों को यह जानकारी होनी चाहिए कि कर्मकांड और ज्‍योतिष में फर्क है। दोनो के विशेषज्ञ अलग होते हैं , सामान्‍य तौर पर कोई जानकारी भले ही दूसरे विषय की दी जा सकती है , पर विशेष जानकारी के लिए लोग को संबंधित विषय के विशेष जानकारी रखने वालों से ही संपर्क करना उचित है। मैं ग्रहों के पृथ्‍वी के जड चेतन पर पडनेवाले प्रभाव का अध्‍ययन करती हूं और उसी आधार पर पृथ्‍वी में होनेवाली घटनाओं का समय से पूर्व आकलन करती हूं। कर्मकांड की जानकारी या अपने या अपने बच्‍चे की जन्‍मकुंडली का चक्र तो लोग किसी पंडित से प्राप्‍त कर सकते हैं , पर संबंधित व्‍यक्ति के वर्तमान भूत और भविष्‍य के बारे में कुछ जानकारी की आवश्‍यकता हो , तब मुझसे संपर्क किया जाना चाहिए।

गुरुवार, 13 अगस्त 2015

लगभग सभी व्‍यक्ति को पूर्णिमा के दिन तैयार किए गए चंद्रमा के छल्‍ले को पहनना चाहिए !!

हमलोग जब भी ग्रहों के प्रभाव और ज्‍योतिष की चर्चा करते हैं , आम लोगों की जिज्ञासा किन्‍ही अन्‍य बातों में न होकर ग्रहों के दुष्‍प्रभाव को दूर करने के उपायों को जानने की ही होती है। इस विषय पर हमने 'क्‍या भवितब्‍यता टाली जा सकती है ?' शीर्षक से 11 आलेखों की एक पूरी शृंखला ही तैयार की है , जिसमें स्‍पष्‍ट किया गया है कि प्रकृति के नियमों को समझना ही बहुत बडा ज्ञान है , उपचारों का विकास तो इसपर विश्‍वास होने या इस क्षेत्र में बहुत अधिक अनुसंधान करने के बाद ही हो सकता है। अभी तो परंपरागत ज्ञानों की तरह ही ज्‍योतिष के द्वारा किए जाने वाले उपचारो को बहुत मान्‍यता नहीं दी जा सकती , पर ग्रहों के प्रभाव के तरीके को जानकर अपना बचाव कर पाने में हमें बहुत सहायता मिल सकती है। लेकिन फिर भी ज्‍योतिषियों द्वारा लालच दिखाए जाने पर लोग उनके चक्‍कर में पडकर अपने धन का कुछ नुकसान कर ही लेते हैं।

ग्रहों के अनुसार हो या फिर पूर्वजन्‍म के कर्मों के अनुसार, जिस स्‍तर में हमने जन्‍म लिया , जिस स्‍तर का हमें वातावरण मिला,  उस स्‍तर में रहने में अधिक परेशानी नहीं होती। पर कभी कभी अपनी जीवनयात्रा में अचानक ग्रहों के अच्‍छे या बुरे प्रभाव देखने को मिल जाते हैं , जहां ग्रहों का अच्‍छा प्रभाव हमारी सुख और सफलता को बढाता हुआ हमारे मनोबल को बढाता है , वहीं ग्रहों का बुरा प्रभाव हमें दुख और असफलता देते हुए हमारे मनोबल को घटाने में भी सक्षम होता है। वास्‍तव में , जिस तरह अच्‍छे ग्रहों के प्रभाव से जितना अच्‍छा नहीं हो पाता , उससे अधिक हमारे आत्‍मविश्‍वास में वृद्धि होती है द्व ठीक उसी तरह बुरे ग्रहों के प्रभाव से हमारी स्थिति जितनी बिगडती नहीं , उतना अधिक हम मानसिक तौर पर निराश हो जाया करते हैं। ज्‍योतिष के अनुसार हमारी मन:स्थिति को प्रभावित करने में चंद्रमा का बहुत बडा हाथ होता है। धातु में चंद्रमा का सर्वाधिक प्रभाव चांदी पर पडता है। यही कारण है कि बालारिष्‍ट रोगों से बचाने के लिए जातक को चांदी का चंद्रमा पहनाए जाने की परंपरा रही है। बडे होने के बाद भी हम चांदी के छल्‍ले को धारण कर अपने मनोबल को बढा सकते हैं।

आसमान में चंद्रमा की घटती बढती स्थिति से चंद्रमा की ज्‍योतिषीय प्रभाव डालने की शक्ति में घट बढ होती रहती है। अमावस्‍या के दिन बिल्‍कुल कमजोर रहने वाला चंद्रमा पूर्णिमा के दिन अपनी पूरी शक्ति में आ जाता है। आप दो चार महीने तक चंद्रमा के अनुसार अपनी मन:स्थिति को अच्‍छी तरह गौर करें , पूर्णिमा और अमावस्‍या के वक्‍त आपको अवश्‍य अंतर दिखाई देगा। पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय के वक्‍त यानि सूर्यास्‍त के वक्‍त चंद्रमा का पृथ्‍वी पर सर्वाधिक अच्‍छा प्रभाव देखा जाता है। इस लग्‍न में दो घंटे के अंदर चांदी को पूर्ण तौर पर गलाकर एक छल्‍ला तैयार कर उसी वक्‍त उसे पहना जाए तो उस छल्‍ले में चंद्रमा की सकारात्‍मक शक्ति का पूरा प्रभाव पडेगा , जिससे व्‍यक्ति के मनोवैज्ञानिक क्षमता में वृद्धि होगी। इससे उसके चिंतन मनन पर भी सकारात्‍मक प्रभाव पडता है। यही कारण है कि लगभग सभी व्‍यक्ति को पूर्णिमा के दिन चंद्रमा के उदय के वक्‍त तैयार किए गए चंद्रमा के छल्‍ले को पहनना चाहिए।

'वक्‍त की ताकत' को देखते हुए गत्यात्मक ज्योतिष ने दिए जीने के १० सूत्र ……।

    'वक्‍त की ताकत' को देखते हुए गत्यात्मक ज्योतिष ने दिए हैं जीने के १० सूत्र ……

  1. विरले लोग ही ऐसे होते हैं , जिनके अधिकांश ग्रह मजबूत और जीवन भर का समय या जीवन का हर पक्ष सुखात्मक  हो ! 
  2. विरले लोग ही ऐसे भी होते हैं , जिनके अधिकांश ग्रह कमजोर  और  जीवन भर का समय या  जीवन का हर पक्ष दुःखात्मक हो  !
  3. आपके जन्‍मकालीन ग्रहों की चाल के हिसाब से बने इस ग्राफ के अनुसार आपका अच्‍छा और बुरा वक्‍त चलता रहता है , उसपर ध्‍यान न दें और नियमित तौर पर अपने कर्म करते रहें। 
  4. जीवनयापन के लिए अपनी रूचि के कर्म ढूंढें , क्‍योंकि जितनी पहचान आपको आपके रूचि के काम में मिल सकती है उतनी कहीं नहीं। 
  5. कर्म करने वालों को बुरे वक्‍त में यथोचित सफलता नहीं मिलती,  पर उनके अनुभव में निरंतर वृद्धि होती है, जिससे भविष्‍य में उसके सफल होने की संभावना बनी रहती है। 
  6. जिन्‍हेंं अच्‍छे वक्‍त में उम्‍मीद से अधिक सफलता मिलने लगती है , वे थोडे लापरवाह हो जाते हैं, जिससे भविष्‍य में उनके असफल होने की संभावना बनती है। 
  7. यदि जीवन में अच्‍छा वक्‍त पहले आए तो अपने अधिकारों का सदुपयोग करें , जनहित के कार्य करें , आनेवाले बुरा वक्‍त भी कोई बडी समस्‍या नहीं लेकर आता।
  8. यदि जीवन में अच्‍छा वक्‍त पहले आए तो कभी भी अपने अधिकारों का दुरूपयोग न करें , बाद में आनेवाला बुरा वक्‍त आपको रूला सकता है। 
  9. यदि जीवन में बुरा वक्‍त पहले आए तो धैर्य बनाए रखें और काम करते रहें, वक्‍त कभी भी पलट जाता है और आपको अपने कर्मों का फल दे जाता है। 
  10. यदि जीवन में बुरा वक्‍त पहले आए तो धैर्य खोकर काम करना न बंद करें, क्‍योंकि आपने जब कुछ किया नहीं तो जब वक्‍त बदलेगा भी तो आपको कुछ नहीं दे पाएगा। 

बुधवार, 12 अगस्त 2015

अपने बचने के लिए कुछ भी करो .. पर धर्म और ज्‍योतिष को यूं बदनाम न करो बाबा !!

दुनिया भर के खासकर भारत में गली गली , मुहल्‍ले मुहल्‍ले विचरण करने वाले बाबाओं , तुम अपने शहर में न जाने कितने अपराध करते हो , पर काफी दिनों तक पुलिस की लापरवाही या उनसे मिलीभगत से तुम पकडे नहीं जाते , इस उत्‍साह से बडी बडी गलतियां करने लगते हो , फिर जब तुमपर शिकंजे कसे जाने लगते हैं , तो शहर से भागना और पुलिस से बचना ही तुम्‍हारा एक लक्ष्‍य हो जाता है , बचने का सबसे बडा रास्‍ता तुम्‍हें बाबाजी बनने में दिखाई देता है , बडी मूंछ और दाढी के कारण लोगों के लिए तुम्‍हारे चेहरे को पहचानना काफी मुश्किल हो जाता है , बाबा का रूप धारण कर लेने से जनता की आस्‍था का भी तुम नाजायज फायदा उठा लेते हो , यदि किसी की आस्‍था तुमपर नहीं बन रही होती , तो डराना और धमकाना तो तुम्‍हारा स्‍वभाव है, इसलिए इस राह में चलकर आराम से अपनी महत्‍वाकांक्षा के अनुरूप पैसे का इंतजाम तो तुम कर लेते हो !

बाबा बनने के बाद तो तुम्‍हारा जीवन और रंगीन बन जाता है , श्‍मशान सिद्ध कर चुके हो तुम , यह कहकर भक्‍तों के सम्‍मुख भी शराब पीने से तुम कोई परहेज नहीं करते , कमाख्‍या मंदिर में सिद्धि प्राप्‍त कर चुके हो , इसलिए मांस से भी कोई परहेज की आवश्‍यकता नहीं , महिलाओं को मां मानते हो , इसलिए उनसे घिरे होने में भी तुम्‍हें दिक्‍कत नहीं ,  कन्‍याओं से सेवा करवाकर तुम उनकी मनोकामना पूरी होने का आशीर्वाद दे देते हो , हत्‍या और लूटपाट के पाप के साथ तुम लोगों के कल्‍याण का दावा कर लेते हो , महात्‍मा होने के बावजूद भविष्‍यवाणी करने का रिस्‍क नहीं लेते , उपाय की पूरी व्‍यवस्‍था कर देते हो , एक शहर में तुम्‍हें रहना नहीं , इसलिए साख बनाए रखने की कोई चिंता नहीं , लोगों से पैसों की बरसात करवा लेते हो तुम , इस तरह अपराधी के नाम से भी जो सुख सुविधा नहीं मिलती , वो बाबा बनकर तुम्‍हें मिल जाती है !

तुमसे नाम पूछा जाता है तो अपने को हिंदुस्‍तानी बताते हो , गांव , जिला या प्रदेश पूछा जाता है तो हिंदुस्‍तान कहते हो , मानो हम सब देशद्रोही हैं और तुम सच्‍चे देशभक्‍त , महान आत्‍माओं के जन्‍म से लेकर मृत्‍यु तक की हर घटना इतिहास में दर्ज होती है , अपना नाम , अपना गांव , अपना प्रदेश क्‍यूं छिपाते हो , वहीं से तो स्‍पष्‍ट हो जाता है कि तुम अपने जीवन का कोई भाग छुपा रहे हो , तुम इतिहास की किताबों में अपना नाम क्‍यूं नहीं दर्ज करवाना चाहते ,  अपने भयानक सच को सामने न लाकर अपने बाबा के स्‍वरूप को सामने रखकर तुम जनता के आस्‍था के साथ खिलवाड करते हो , उनके मनोवैज्ञानिक कमजोरी का नाजायज फायदा उठाते हो , अपने स्‍वार्थ में अंधे होकर कुछ भी करो तुम , पर धर्म और ज्‍योतिष को यूं बदनाम न करो बाबा , मेरी प्रार्थना है तुमसे !