गुरुवार, 20 अगस्त 2015

हर क्षेत्र की घुसपैठ से ज्‍योतिष अधिक बदनाम हुआ है !!

आम जनता एक ज्‍योतिषी के बारे में बहुत सारी कल्‍पना करती है , ज्‍योतिषी सर्वज्ञ होता है , वह किसी के चेहरे को देखकर ही सबकुछ समझ सकता है , यदि नहीं तो कम से कम माथे या हाथ की लकीरे देखकर भविष्‍य को बता सकता है। यहां तक कि किसी के नाम से भी बहुत कुछ समझ लेने के लिए हमारे पास लोग आ जाते हैं। एक ज्‍योतिषी खोए हुए वस्‍तु , व्‍यक्ति के बारे में भी बतलाए , शुभ और अशुभ मुहूर्त्‍तों के बारे में भी और हर प्रकार की पूजा की पद्धति के बारे में भी। इतना ही नहीं, एक ज्‍योतिषी आपको कष्‍ट से पूरी तरह उबारे, किसी न किसी प्रकार की पूजा पाठ यंत्र तंत्र मंत्र और पूजा पाठ का सहारा लेकर आपको सफलता के नए नए सोपानों को तय करने में मदद करे। मानो ज्‍योतिषी ज्‍योतिषी न हुए , पूरे भगवान हो गए ।

प्राचीन काल से ही मनुष्‍य बहुत ही महत्‍वाकांक्षी है , वह भूत के अनुभवों  और वर्तमान की वास्‍तविकताओं को लेकर तो काम करता ही आया है , भविष्‍य के बारे में भी अनुमान लगाने की उसकी प्रवृत्ति रही है। प्राचीन काल से ही एक आसमान से उन्‍हें बहुत सारी सूचनाएं मिल जाती थी , सूर्योदय और सूर्यास्‍त की , अमावस्‍या और पूर्णिमा की तथा ऋतु परिवर्तन की भी। आसमान में होनेवाले हवा के रूख और बादलों के जमावडे को देखकर ही बारिश का अनुमान वे लगाते  थे , यहां तक कि आसमान में फैले धूल तूफान का और धुआं आग के फैलने की जानकारी देता था। इस तरह से भविष्‍य को कुछ दूर तक देख पाने में मनुष्‍य आसमान पर निर्भर होता गया और आसमान को देखने की प्रवृत्ति भी विकसित हुई।

कालांतर में ग्रहों नक्षत्रो के पृथ्‍वी पर पडनेवाले प्रभाव को देखते हुए 'ज्‍योतिष' जैसे विषय का विकास किया गया। घटनाओं का ग्रहों से तालमेल होता है , इस दिशा में शोध की अनगिनत संभावनाएं हो सकती है , पर वैदिक ज्ञान ही इस मामले में पर्याप्‍त है , ऐसा नहीं माना जा सकता। क्‍यूंकि सैद्धांतिक ज्ञान भले ही सैकडों वर्ष पुरानी पुस्‍तकों में लिखी हों , पर व्‍यावहारिक ज्ञान हमेशा देश , काल और परिस्थिति के अनुरूप होता है। इसलिए आज के प्रश्‍नों का जबाब हम वैदिक कालीन ग्रंथ में नहीं तलाश सकते। इसके लिए हमें नए सिरे से शोध की आवश्‍यकता है ही , यही कारण है कि जब जब ज्‍योतिष को साबित करने की बारी आती है , तो इसकी कई कमजोरियां उजागर हो जाती हैं , हम सफल नहीं हो पाते। लेकिन इतना तो अवश्‍य तय है कि भविष्‍य को जानने और समझने की एकमात्र विधा ज्‍योतिष ही है , इसलिए किसी भी काल में इसका महत्‍व कम नहीं आंका जा सकता।

इसके महत्‍व को देखते हुए ही हर क्षेत्र के लोगों ने इस विषय में घुसपैठ करने की कोशिश की है , कर्मकांडी , आयुर्वेदाचार्य या गणितज्ञ को तो छोड ही दें , जादूगरों और तांत्रिक ने भी इस क्षेत्र में प्रवेश की पूरी कोशिश की। यज्ञ , हवन , पूजा पाठ आदि के लिए विधि विधान की जो बातें हैं , उनकी जानकारी कर्मकांडी पंडितों को बहुत अच्‍छी तरह होती है , पर वैसे सभी पंडित एक अच्‍छे ज्‍योतिषी नहीं हो सकते। इसी प्रकार गणित जानने वाला का ज्‍योतिष से कोई संबंध नहीं होता। आयुर्वेदाचार्य भले ही कुछ बीमारियों का ज्‍योतिष से संबंध बनाकर ज्‍योतिष में एक पाठ जोड दें , पर उनको एक सफल ज्‍योतिषी मानने में बडी बाधाएं आएंगी। जादूगर और तांत्रिक की कला और माया से भी ज्‍योतिष को कोई मतलब नहीं ।

पर इस दिखावटी दुनिया में कुछ गणितज्ञ अपने गणित की गति से , कुछ जादूगर अपने जादू से , कुछ तांत्रिक अपने तंत्र मंत्र से तो कुछ कर्मकांडी अचूक कर्मकांडों से लोगों को भ्रमित कर ज्‍योतिष के क्षेत्र में भी अपना सिक्‍का चलाना चाहते हैं।  इनके क्रियाकलापों के कारण आम जनता 'ज्‍योतिष' जैसे पवित्र विषय का सटीक मतलब नहीं समझ पाती। इसके साथ साथ सदियों से चले आ रहे जन किंवदंतियों को भी ज्‍योतिष में भी जोड दिया गया है। सबका घालमेल होने से ही ज्‍योतिष के एक सही स्‍वरूप की कल्‍पना कर पाने में लोग असमर्थ है। लोगों को यह ज्ञात नहीं हो पाता कि ज्‍योतिष भविष्‍य के बारे में अनुमान में और समय समय पर निर्णय लेने में उनकी बहुत मदद कर सकता है , और यही समाज में ज्‍योतिष के महत्‍व को कम करने की मूल वजह भी है।

रविवार, 16 अगस्त 2015

चैट में 'कुछ मेरे बारे में भी बताइए' कहने वाले लोगों से दो बातें ......

'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष अनुसंधान केन्‍द्र' समाज से अंधविश्‍वास दूर करने और ज्‍योतिष के वैज्ञानिक पक्ष को सामने रखने के लिए कृतसंकल्‍प है। लोगों के मन से हर प्रकार के भ्रम का खात्‍मा करते हुए उचित ज्‍योतिषीय परामर्श देकर हजारों लोगों को भटकने से बचा सका है। प्रतिदिन जीवन से निराश लोगों के फोन और पत्र आते हैं, उनकी जन्‍मकुंडली के हिसाब से उन्‍हें उचित परामर्श देकर उनके जीवन में खुशहाली लाता रहा है। न तो पूजा पाठ करवाने का झंझट और न ही किसी प्रकार के रत्‍न धारण करवाने की सलाह। आपके समय की अच्‍छे और बुरे होने की जानकारी देकर तद्नुरूप कार्यक्रम बनाकर आपको जीवन जीने में मदद करता है।

 मेरे ब्‍लॉग के नियमित पाठक या मेरे नियमित क्‍लाएंट रहे हैं , उन्‍हें पता है कि 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' की प्रकृति क्‍या है , ज्‍योतिष की सहायता से हम कितनी दूर तक सपोर्ट ले सकते हैं , विभिन्‍न प्रकार के 'गत्‍यात्‍मक लग्‍न राशिफल' का लाभ किस तरह ले सकते हैं , कब यहां नि:शुल्‍क जानकारी की सुविधा रहती है और जिनके जन्‍म विवरण यहां मौजूद हैं उसके बारे में इन्‍हें किस किस वक्‍त फोन किया जा सकता है , उन्‍हें हम पूरा सपोर्ट करते हैं वो भी पूरा सपोर्ट लेते हैं , जो नहीं समझते वो मेरी व्‍यस्‍तता के क्षणों में अपने उलूल जुलूल प्रयनों के साथ दो घंटी बजाएंगे या दो मैसेज करेंगे , अफसोस होता है मुझे .. पर वे मेरा सपोर्ट कहां से लेे सकेंगे ??

मुझसे ज्‍योतिषीय परामर्श लेने की इच्‍छा रखने वाले अपना जन्‍मविवरण gatyatmakjyotish@gmail.com पर भेजें। आप 9835192280 पर SMS भी कर सकते हैं, पर वहां विवरण के साथ ईमेल भी भेजें, ताकि हमलोग आपको लाइफ ग्राफ या विवरण भेज सकें। ईमेल में प्राप्‍त पन्‍नों को सामने रखकर ही आप हमें फोन करें , जिससे आपको ग्राफ को समझाने , आपकी समस्‍या और उसके उपाय के बारे में जानकारी देने में सुविधा होगी। दिन में 11 से 1 बजे तथा शाम में 4 से 6 बजे ही आपका फोन अटेंड किया जाएगा। हमारे यहां पूरे जीवन के बारे में जानकारी प्राप्‍त करने के लिए पहले साल 1100/- तथा एक साल की जानकारी प्राप्‍त करने के लिए दूसरे साल 550/- तथा वर्तमान समस्‍या के बारे में जानकारी देने के लिए 250/- की सहयोग राशि ली जाती है। पर आप हमारी नि:शुल्‍क सेवा भी ले सकते हैं , जिसके लिए अपने विवरण किसी भी माह 25 तारीख के बाद भेजें, महीने के अंत तक बात कर लें। निकटतम लोगों में जिनका डेटा हमारे सॉफ्टवेयर में मौजूद है, वो भी अंतिम सप्‍ताह के उपरोक्‍त समय में हमसे किसी समस्‍या के बारे में नि:शुल्‍क बात कर सकते हैं। सामान्‍य परेशानियों के लिए अपना लग्‍न जानकर मेरे द्वारा लिखा गया लग्‍न राशिफल अवश्‍य पढें। फ्री सर्विस की इच्‍छा रखने वाले SMS करते वक्‍त अपने विवरण से पहले FREE तथा लग्‍न की जानकारी के लिए SMS करते वक्‍त अपने विवरण के पहले LAGNA जरूर लिखें । सबके लिए भी फोन का समय वही रहेगा, पर नि:शुल्‍क सेवा की सुविधा आपको साल में एक बार ही दी जाएगी, क्‍योंकि नए लोगों को भी मौका मिलते रहना चाहिए। उम्‍मीद है, अब हमारे मित्र यानि हमारे पाठक किसी प्रकार के संशय में नहीं रहेंगे।