शुक्रवार, 25 दिसंबर 2015

वृष लग्‍न वालों के लिए लग्‍न राशिफल 2016 .......

वृष लग्नवालों के लिए ........ 
  1. दिसंबर 2015 से शुरू किए गए कुछ कार्यक्रमों में जनवरी के दूसरे सप्ताह से मई के पहले सप्ताह तक बाधाएं बनी रहेंगी! खासकर मार्च के दूसरे सप्ताह में स्थिति बहुत तनावपूर्ण रह सकती है! इस समय रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें। लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा, निराश न हों! लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी , इंतजार करें! 
  2. पूरे वर्ष 2016 में कुछ मुद़दों से निश्चिंति बनी रहेंगी!  स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के मामले अच्छे रहेंगे , इनसे संबंधित कार्यों को अंजाम दें!   कुछ झंझट उपस्थित हो सकते हैं , पर घबराए नहीं , प्रभाव की मजबूत स्थिति से उन्हें दूर किया जा सकता है 
  3. जनवरी के प्रथम सप्ताह से मार्च के प्रथम सप्ताह तक  भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, इसका लाभ उठाने की केाशिश करें! धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी।  सामाजिक कार्यक्रम वाले स्थान पर सुखद अहसास बनेगा, जरूर सम्मिलित हों! पिता पक्ष से सहयोग लेने के कार्यक्रम बनाएं, कर्मक्षेत्र का माहौल भी मनोनुकूल होगा, चुनौतीपूर्ण कार्यों को निबटाया जा सकता है!
  4.  जनवरी के तीसरे सप्ताह तक खासकर जनवरी के मध्य में कमजोर दिखाई पड रहे कुछ मुद़दों को सुधारने के लिए जनवरी के अंतिम सप्ताह से फरवरी के प्रथम सप्ताह तक  धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
  5.  फरवरी के प्रथम सप्ताह तक जीवन के कुछ मुद़दों से संतुष्ट रहने के बाद इन्हीं मुद़दों में महत्वाकांक्षा के बढने से फरवरी के द्वितीय सप्ताह से अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक नियमित कार्यक्रमों पर ध्यान जाएगा! इस समय  घर गृहस्थी का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है।  कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  6. फरवरी के मध्य से मार्च के मध्य तक  माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्‍ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा आए , उससे पहले ही सावधानी बरतें! 
  7. मार्च के द्वितीय सप्ताह से मार्च के अंतिम सप्ताह तक  भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा!   किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है। 
  8. अप्रैल के प्रथम सप्ताह से अगस्त के द्वितीय सप्ताह तक  संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों! किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों से बचे!   पिता पक्ष काफी कमजोर बना रहेगा , उनसे सहयोग की उम्मीद न रखें! कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी, बात बढने से पहले ही समाप्त करने की कोशिश करें, नही तो प्रतिष्‍ठा पर आंच आ सकती है। 
  9. अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक कुछ मुद़दों को लेकर निश्चिंति रहेगी , पर अप्रैल के दूसरे सप्ताह से ही इन मामलों के कुछ कार्यक्रम आरंभ होंगे! अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक  धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। 
  10. अप्रैल के दूसरे सप्ताह से जून के अंतिम सप्ताह खासकर मई के तीसरे सप्ताह में घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। इनसे संबंधित मामलों को निर्णायक मोड पर लाने की आवश्यकता नहीं!  बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, आज शापिंग के कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा, घूमने फिरने के कार्यक्रमों से भी परहेज रखें!  
  11. मई के प्रथम सप्ताह से मई के तीसरे सप्ताह तक  धन की स्थिति कमजोर दिखाई देगी, इसे मजबूत बनाने का हर प्रयास बेकार होगा, ऐसे कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है!  अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा ,  संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने!  
  12. मई के द्वितीय सप्ताह से जून के प्रथम सप्ताह तक रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा। महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी।
  13. मई के तीसरे सप्ताह से जून के पहले सप्ताह तक धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। 
  14. जून के दूसरे सप्ताह से वर्ष के अंतिम सप्ताह तक  रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। इसलिए कुछ अतिरिक्त काम करने की केाशिश करें!  अनायास लाभ प्राप्ति की संभावना बन सकती है, इसलिए रिस्क लेने की केाशिश की जा सकती है ,पर लक्ष्य को लेकर काफी गंभीरता नहीं रहेगी! 
  15. जुलाई के प्रथम सप्ताह से सितंबर के दूसरे सप्ताह तक  घर गृहस्थी का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है।  कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  16. अगस्त के मध्य से सितंबर के पहले सप्ताह तक  भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा!   किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है
  17. सितंबर के प्रथम सप्ताह से तीसरे सप्ताह तक खासकर सितंबर के मध्य उपस्थित होने वाली कुछ कठिनाईयों के बावजूद कुछ मुद़दों में कार्यशीलता बनी रहेगी! इस समय  धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। 
  18. सितंबर के प्रथम सप्ताह से दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक  भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, इसका लाभ उठाने की केाशिश करें! धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी।  सामाजिक कार्यक्रम वाले स्थान पर सुखद अहसास बनेगा, जरूर सम्मिलित हों! पिता पक्ष से सहयोग लेने के कार्यक्रम बनाएं, कर्मक्षेत्र का माहौल भी मनोनुकूल होगा, चुनौतीपूर्ण कार्यों को निबटाया जा सकता है! 
  19. सितंबर के मध्य से दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक  घर, गृहस्थी के विवाद को निबटाया जा सकता है, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सहयोग मिलेगा! प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी।  मनोनुकूल खर्च का वातावरण तैयार होगा,  शापिंग करके सुख मिलेगा! किसी बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से लाभ हो सकता है, इस तरह के कार्यक्रम बनाना श्रेयस्कर है! 
  20. दिसंबर के तीसरे सप्ताह से जनवरी 2017 के प्रथम सप्ताह के असफलता और तनाव वाले परिणाम के लिए नवंबर के चौथे सप्ताह से दिसंबर के मध्य तक प्रचुर मेहनत से कार्यक्रम तैयार होंगे! इस समय  धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।  

मेष लग्नवालों के लिए लग्‍न राशि फल 2016 ..........

 मेष लग्नवालों के लिए ..........

  1. दिसंबर 2015 से शुरू किए गए कुछ कार्यक्रमों में जनवरी के दूसरे सप्ताह से मई के पहले सप्ताह तक बाधाएं बनी रहेंगी! खासकर मार्च के दूसरे सप्ताह में स्थिति बहुत तनावपूर्ण रह सकती है! इस समय  संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों! किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों से बचे!   बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, आज शापिंग के कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा, घूमने फिरने के कार्यक्रमों से भी परहेज रखें!  
  2. पूरे वर्ष 2016 में कुछ मुद़दों से निश्चिंति बनी रहेंगी!   धन कोष की स्थिति अच्छी रहनी चाहिए , इस दिशा में मेहनत फलदायी होगा।  घर, गृहस्थी के विवाद को निबटाया जा सकता है, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सहयोग मिलेगा! प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी। 
  3. जनवरी के प्रथम सप्ताह से मार्च के प्रथम सप्ताह तक  सामाजिक कार्यक्रम वाले स्थान पर सुखद अहसास बनेगा, जरूर सम्मिलित हों! पिता पक्ष से सहयोग लेने के कार्यक्रम बनाएं, कर्मक्षेत्र का माहौल भी मनोनुकूल होगा, चुनौतीपूर्ण कार्यों को निबटाया जा सकता है!  अनायास लाभ प्राप्ति की संभावना बन सकती है, इसलिए रिस्क लेने की केाशिश की जा सकती है ,पर लक्ष्य को लेकर काफी गंभीरता नहीं रहेगी! 
  4. जनवरी के तीसरे सप्ताह तक खासकर जनवरी के मध्य में कमजोर दिखाई पड रहे कुछ मुद़दों को सुधारने के लिए जनवरी के अंतिम सप्ताह से फरवरी के प्रथम सप्ताह तक   भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है।  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। 
  5. फरवरी के प्रथम सप्ताह तक जीवन के कुछ मुद़दों से संतुष्ट रहने के बाद इन्हीं मुद़दों में महत्वाकांक्षा के बढने से फरवरी के द्वितीय सप्ताह से अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक नियमित कार्यक्रमों पर ध्यान जाएगा! इस समय  स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा। रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा। 
  6. फरवरी के मध्य से मार्च के मध्य तक  अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा ,  संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने!  
  7. मार्च के द्वितीय सप्ताह से मार्च के अंतिम सप्ताह तक  किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है  काफी महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी! 
  8. अप्रैल के प्रथम सप्ताह से अगस्त के द्वितीय सप्ताह तक  पिता पक्ष काफी कमजोर बना रहेगा , उनसे सहयोग की उम्मीद न रखें! कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी, बात बढने से पहले ही समाप्त करने की कोशिश करें, नही तो प्रतिष्‍ठा पर आंच आ सकती है ,   लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा, निराश न हों! लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी , इंतजार करें! 
  9. अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक कुछ मुद़दों को लेकर निश्चिंति रहेगी , पर अप्रैल के दूसरे सप्ताह से ही इन मामलों के कुछ कार्यक्रम आरंभ होंगे! अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक   भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है।  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। 
  10. अप्रैल के दूसरे सप्ताह से जून के अंतिम सप्ताह खासकर मई के तीसरे सप्ताह में  स्वास्थ्य गडबड रहेगा, आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। इसलिए इससे संबंधित कार्यक्रम से बचे! रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें। 
  11. मई के प्रथम सप्ताह से मई के तीसरे सप्ताह तक  भाई.बहन,बंधु बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी। इसलिए ऐसा माहौल न बनाएं कि उनसे विवाद हो!  कुछ झंझट उपस्थित होंगे , झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। इसलिए शार्टकट का सहारा न लेकर सुरक्षित राह पर चलें!
  12. मई के द्वितीय सप्ताह से जून के प्रथम सप्ताह तक  भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा!   कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  13. मई के तीसरे सप्ताह से जून के पहले सप्ताह तक  भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है।  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। 
  14. जून के दूसरे सप्ताह से वर्ष के अंतिम सप्ताह तक  भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, इसका लाभ उठाने की केाशिश करें! धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी।  मनोनुकूल खर्च का वातावरण तैयार होगा,  शापिंग करके सुख मिलेगा! किसी बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से लाभ हो सकता है, इस तरह के कार्यक्रम बनाना श्रेयस्कर है!
  15. जुलाई के प्रथम सप्‍ताह से दिसंबर के दूसरे सप्‍ताह तक  स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा।  रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा। 
  16. अगस्त के मध्य से सितंबर के पहले सप्ताह तक  किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है  काफी महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी ।
  17. सितंबर के प्रथम सप्ताह से तीसरे सप्ताह तक खासकर सितंबर के मध्य उपस्थित होने वाली कुछ कठिनाईयों के बावजूद कुछ मुद़दों में कार्यशीलता बनी रहेगी! इस समय   भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है।  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। 
  18. सितंबर के प्रथम सप्ताह से दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक  सामाजिक कार्यक्रम वाले स्थान पर सुखद अहसास बनेगा, जरूर सम्मिलित हों! पिता पक्ष से सहयोग लेने के कार्यक्रम बनाएं, कर्मक्षेत्र का माहौल भी मनोनुकूल होगा, चुनौतीपूर्ण कार्यों को निबटाया जा सकता है!  अनायास लाभ प्राप्ति की संभावना बन सकती है, इसलिए रिस्क लेने की केाशिश की जा सकती है ,पर लक्ष्य को लेकर काफी गंभीरता नहीं रहेगी! 
  19. सितंबर के मध्‍य से दिसंबर के अंतिम सप्‍ताह तक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के मामले अच्छे रहेंगे , इनसे संबंधित कार्यों को अंजाम दें!   रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। इसलिए कुछ अतिरिक्त काम करने की केाशिश करें!  
  20. दिसंबर के तीसरे सप्ताह से जनवरी 2017 के प्रथम सप्ताह के असफलता और तनाव वाले परिणाम के लिए नवंबर के चौथे सप्ताह से दिसंबर के मध्य तक प्रचुर मेहनत से कार्यक्रम तैयार होंगे! इस समय   भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है।  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा।  

गुरुवार, 24 दिसंबर 2015

राशिफल 2016 को समझने के लिए अपने लग्‍न की जानकारी अवश्‍य रखें .......


पृथ्‍वी को केन्‍द्र में मानकर पूरे आसमान के 360 डिग्री को जब 12 भागों में विभक्त किया जाता है , तो उससे 30-30 डिग्री की एक राशी निकलती है। इन्हीं राशियों को मेष , वृष , मिथुन ............... मीन कहा जाता है। किसी भी जन्मकुंडली में तीन राशियों को महत्वपूर्ण माना जाता है। पहली वह राशी , जिसमें जातक का सूर्य स्थित हो, वह सूर्य-राशी के रुप में, जिसमें जातक का चंद्र स्थित हो, वह चंद्र-राशी के रुप में तथा जिस राशी का उदय जातक के जन्म के समय पूर्वी क्षितीज मे हो रहा हो , वह लग्न-राशी के रुप में महत्वपूर्ण मानी जाती है। एक महीने तक जन्‍म लेनेवाले सभी व्‍यक्ति एक सूर्य राशि के अंतर्गत आते हैं , जबकि ढाई दिन तक जन्‍म लेनेवाले एक चंद्रराशि के अंतर्गत।
आजकल बाजार में लगभग सभी पत्रिकाओं में राशी-फल की चर्चा रहती है, कुछ पत्रिकाओं में सूर्य-राशी के रुप में तथा कुछ में चंद्र-राशी के रुप में भविष्यफल का उल्लेख रहता है , किन्तु ये पूर्णतया अवैज्ञानिक होती हैं और व्यर्थ ही उसके जाल में लाखों लोग फंसे होते हैं। इसकी जगह लग्न-राशी फल निकालने से पाठकों को अत्यधिक लाभ पहुंच सकता है , क्योंकि जन्मसमय में लगभग दो घंटे का भी अंतर हो तो दो व्यक्ति के लग्न में परिवर्तन हो जाता है, जबकि चंद्रराशी के अंतर्गत ढाई दिन के अंदर तथा सूर्य राशी के अंतर्गत एक महीनें के अंदर जन्मलेनेवाले सभी व्यक्ति एक ही राशी में आ जाते हैं। लेकिन चूंकि पाठकों को अपने लग्न की जानकारी नहीं होती है, इसलिए ज्योतिषी लग्नफल की जगह राशी-फल निकालकर जनसाधारण के लिए सर्वसुलभ तो कर देते हें , पर इससे ज्योतिष की वैज्ञानिकता पर प्रश्नचिन्ह लग जाता है।
किसी प्रकार की सामयिक भविष्यवाणी किसी व्यक्ति के लग्न के आधार पर सटीक रुप में की जा सकती है , किन्तु इसकी तीव्रता में विभिन्न व्यक्ति के लिए अंतर हो सकता है। किसी विशेष महीनें का लिखा गया लग्न-फल उस लग्न के करोड़ों लोगों के लिए वैसा ही फल देगा , भले ही उसमें स्तर , वातावरण , परिस्थिति और उसके जन्मकालीन ग्रहों के सापेक्ष कुछ अंतर हो। जैसे किसी विशेष समय में किसी लग्न के लिए लाभ एक मजदूर को 25-50 रुपए का और एक व्यवसायी को लाखों का लाभ दे सकता है। इस प्रकार की भविष्यवाणी `गत्यात्मक गोचर प्रणाली´ के आधार पर की जा सकती है। जिन्हें अपने लग्न की जानकारी न हो , वे अपनी जन्म-तिथि , जन्म-समय और जन्मस्थान के साथ मुझे 09835192280 पर संपर्क कर सकते हैं। विवरण से पहले LAGNA अवश्‍य लिखें । उन्हें उनके लग्न की जानकारी दे दी जाएगी।
वर्ष 2016 की ग्रह स्थितियों को लेकर मैने प्रत्‍येक लग्‍न वालों के लिए जो राशिफल तैयार किया है , उसके हिसाब से आप अपने कार्यक्रमों को अंजाम दे सकते हैं , जब किसी मामलों का बुरा समय हो तो आप उस काम को नहीं करेंगे , जब उन मामलों में समय अच्‍छा आएगा आप उस काम को कर सकते हैं , इसलिए यह लग्‍नफल आपको वर्ष भर गाइड कर सकता है , आप इस राशिफल से फायदा अवश्य उठायें ....

बुधवार, 23 दिसंबर 2015

राशिफल 2016 को समझने के लिए अपने लग्‍न की जानकारी अवश्‍य रखें .......

जहां एक ओर ज्‍योतिष को बहुत ही सूक्ष्‍म तौर पर गणना करने वाला शास्‍त्र माना जाता है , वहीं दूसरी ओर पूरी जनसंख्‍या को 12 भागों में बांटकर उनकी राशि के आधार पर राशिफल के रूप में भविष्‍यवाणी करने का प्रचलन भी है। राशिफल के द्वारा दुनियाभर के लोगों को 12 भागों में बांटकर उनके बारे में भविष्‍यवाणी करने का प्रयास आमजनों को भले ही नहीं जंचे , पर इसके वैज्ञानिक आधार की उपेक्षा नहीं की जा सकती। ज्‍योतिष के अनुसार राशि के हिसाब से दुनियाभर के लोगों को 12 भागों में बांटा जा सकता है और उनके बारे में बहुत सारी बाते कही जा सकती हैं , भले ही उसमें स्तर , वातावरण , परिस्थिति और उसके जन्मकालीन ग्रहों के सापेक्ष कुछ अंतर हो। जैसे किसी विशेष समय में किसी राशि के लिए लाभ एक मजदूर को 25-50 रुपए का और एक व्यवसायी को लाखों का लाभ दे सकता है।
मेरे हिसाब से राशिफल की शुरूआत उस वक्‍त की मानी जा सकती है , जब आम लोगों के पास उनके जन्‍म विवरण न हुआ करते हों पर अपने भविष्‍य के बारे में जानने की कुछ इच्‍छा रहती हो। पंडितो द्वारा रखे गए नाम में से उनकी राशि को समझ पाना आसान था, इसलिए ज्‍योतिषियों ने उनकी राशि के आधार पर गोचर के ग्रहों को देखते हुए भविष्‍यवाणी करने की परंपरा शुरू की हो। चूकि प्राचीन काल में अधिकांश लोगों की जन्‍मकुंडलियां नहीं हुआ करती थी , इसलिए राशिफल की लोकप्रियता निरंतर बढती गयी। गोचर के आधार पर भविष्‍यवाणियां कर पाना बहुत ही कठिन होता है , पर लोकप्रियता प्राप्‍त करने के लिए राशिफल के रूप में कुछ पंक्तियों को इकट्ठा करने का प्रचलन चल पडा , जिसने ज्‍योतिष के पतन में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभायी।
भले ही किसी मुकदमें का हल होते एक पक्ष की हार और एक पक्ष की जीत हमें यह महसूस कराती है कि मुहूर्त्‍त का कोई महत्‍व नहीं , एक ही दिन या घंटा किसी को सुखमय या कष्‍टमय वातावरण दे सकता है , ऐसा नही है। गोचर के ग्रहों के आधार पर किसी किसी दिन सुखमय और किसी किसी दिन कष्‍टमय वातावरण तैयार होता है। गोचर में कभी कभी आसमान में ग्रहों की अत्‍यंत सुखद स्थिति होती है , जिस दिन अधिकांश लग्‍वाले सुखद फल ही महसूस करते हैं , जबकि कभी कभी आसमान में ग्रहों की स्थिति कष्‍टकर होती है , उस दिन अधिकांश लोग कष्‍ट में देखे जाते हैं। इसलिए विभिन्‍न ग्रहों की गत्‍यात्‍मक शक्ति के आधार पर सामान्‍य लोगों के लिए उससे संबंधित कई सामान्‍य पंक्तियां कही जा सकती हैं , भले ही उसमें से कोई पंक्ति किसी के लिए अधिक प्रभावी तथा कोई पंक्ति किसी के लिए कम प्रभावी हो सकती है। पर इसका महत्‍व नहीं है , ऐसा भी नहीं कहा जा सकता।
बहुत पाठक को लग्‍न और राशि में अंतर न समझने के कारण कुछ कन्‍फ्यूजन में पड जाते हैं। लग्‍न और राशि अलग अलग होते हैं , 'गत्‍यात्‍मक ज्‍यातिष' के हिसाब से राशि के आधार पर शुभ या अशुभ दिनों की चर्चा भले ही की जा सकती है , पर संदर्भों को तय करने में लग्‍न की भूमिका महत्‍वपूर्ण होती है , इसलिए विभिन्‍न संदर्भों की स्थिति को जानने के लिए अपना लग्‍न जानना आवश्‍यक होता है। आज तो किसी जातक का लग्‍न राशि निकालने के लिए बहुत सुविधा हो गयी है। इंटरनेट में भी आप अपने लग्‍न और अपनी राशि की जानकारी के लिए कई लिंकों पर जा सकते हैं । अपने एक पुराने आलेख में मैं राशिफल की वैज्ञानिकता पर कुछ बातें लिख चुकी हूं , उसमें यह भी बताया है कि चंद्र राशि या सूर्य राशि की तुलना में लग्‍न राशि के आधार पर की गयी मासिक , साप्‍ताहिक या दैनिक भविष्‍यवाणियां अधिक उपयोगी हो सकती है। एक सप्‍ताह के अंदर विभिन्‍न लग्‍नवालों के लिए 2016 के विभिन्‍न मुद्दों के धनात्‍मक ऋणात्‍मक समय क्रमवार प्रस्‍तुत किए जाएंगे। सभी इसका फायदा उठाएं .....
इस लग्‍न राशिफल का लाभ उठाने के लिए जिन्‍हें लग्‍न की जानकारी न हो , वे अपना जन्‍म विवरण 09835192280 पर एसएमएस करके अपने लग्‍न की जानकारी प्राप्‍त कर सकते हैं ... कृपया एस एम एस करते वक्‍त जन्‍मविवरण के आगे LAGNA लिखें । लग्‍न की जानकारी नि:शुल्‍क दी जाएगी।