शुक्रवार, 1 जनवरी 2016

तुला लग्‍नवालों के लिए लग्‍न राशिफल 2016

 तुला लग्नवालों के लिए ........ 


  1. दिसंबर 2015 से शुरू किए गए कुछ कार्यक्रमों में जनवरी के दूसरे सप्ताह से मई के पहले सप्ताह तक बाधाएं बनी रहेंगी! खासकर मार्च के दूसरे सप्ताह में स्थिति बहुत तनावपूर्ण रह सकती है! इस समय  भाई.बहन,बंधु बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी। इसलिए ऐसा माहौल न बनाएं कि उनसे विवाद हो!  कुछ झंझट उपस्थित होंगे , झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। इसलिए शार्टकट का सहारा न लेकर सुरक्षित राह पर चलें!
  2. पूरे वर्ष 2016 में कुछ मुद़दों से निश्चिंति बनी रहेंगी!  स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के मामले अच्छे रहेंगे , इनसे संबंधित कार्यों को अंजाम दें!   रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। इसलिए कुछ अतिरिक्त काम करने की केाशिश करें! 
  3. जनवरी के प्रथम सप्ताह से मार्च के प्रथम सप्ताह तक  वाहन या सुख देने वाली किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति से संबंधित कार्यों को अंजाम दें ,अपने कार्यक्रम में माता पक्ष से सहयोग की उम्मीद रख सकते हैं! विद़यार्थी कठिन पाठों को याद करने की कोशिश करें , संतान पक्ष के कार्यों को भी निबटाया जा सकता है!  
  4. जनवरी के तीसरे सप्ताह तक खासकर जनवरी के मध्य में कमजोर दिखाई प रहे कुछ मुद़दों को सुधारने के लिए जनवरी के अंतिम सप्ताह से फरवरी के प्रथम सप्ताह तक  भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा!   कोई बडा खर्च उपस्थित होगा,  बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  5. फरवरी के प्रथम सप्ताह तक जीवन के कुछ मुद़दों से संतुष्ट रहने के बाद इन्हीं मुद़दों में महत्वाकांक्षा के बढने से फरवरी के द्वितीय सप्ताह से अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक नियमित कार्यक्रमों पर ध्यान जाएगा! इस समय  धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  घर गृहस्थी का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  6. फरवरी के मध्य से मार्च के मध्य तक  लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा, निराश न हों! लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी , इंतजार करें! 
  7. मार्च के द्वितीय सप्‍ताह से मार्च के अंतिम सप्‍ताह तक किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या सुख देने वाली किसी भी छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी। बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। 
  8. अप्रैल के प्रथम सप्ताह से अगस्त के द्वितीय सप्ताह तक  माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्‍ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा आए , उससे पहले ही सावधानी बरतें!  अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा ,  संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने!  
  9. अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक कुछ मुद़दों को लेकर निश्चिंति रहेगी , पर अप्रैल के दूसरे सप्ताह से ही इन मामलों के कुछ कार्यक्रम आरंभ होंगे! अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक  भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा!   कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  10. अप्रैल के दूसरे सप्ताह से जून के अंतिम सप्ताह खासकर मई के तीसरे सप्ताह में धन कोष की स्थिति अच्छी रहनी चाहिए , इस दिशा में मेहनत फलदायी होगा। घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। इनसे संबंधित मामलों को निर्णायक मोड पर लाने की आवश्यकता नहीं! 
  11. मई के प्रथम सप्ताह से मई के तीसरे सप्ताह तक  संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों! किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों से बचे! बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, शापिंग के कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा, घूमने फिरने के कार्यक्रमों से भी परहेज रखें!  
  12. मई के द्वितीय सप्ताह से जून के प्रथम सप्ताह तक भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है।  प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। 
  13. मई के तीसरे सप्ताह से जून के पहले सप्ताह तक भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा!   कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  14. जून के दूसरे सप्ताह से वर्ष के अंतिम सप्ताह तक  आपके कार्यक्रमों में भाई.बहन , बंधु बांधव सहयोगी बनेंगे , इनकी मदद लेने की कोशिश करें!  कुछ झंझट उपस्थित हो सकते हैं , पर घबराए नहीं , प्रभाव की मजबूत स्थिति से उन्हें दूर किया जा सकता है। 
  15. जुलाई के प्रथम सप्ताह से सितंबर के दूसरे सप्ताह तक  धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  घर गृहस्थी का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  16. अगस्त के मध्य से सितंबर के पहले सप्ताह तक  किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या सुख देने वाली किसी भी छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी।  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
  17. सितंबर के प्रथम सप्ताह से तीसरे सप्ताह तक खासकर सितंबर के मध्य उपस्थित होने वाली कठिनाईयों के बावजूद कुछ मुद़दों में कार्यशीलता बनी रहेगी! इस समय  भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा!   कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। 
  18. सितंबर के प्रथम सप्ताह से दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक  वाहन या सुख देने वाली किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति से संबंधित कार्यों को अंजाम दें ,अपने कार्यक्रम में माता पक्ष से सहयोग की उम्मीद रख सकते हैं! विद़यार्थी कठिन पाठों को याद करने की कोशिश करें , संतान पक्ष के कार्यों को भी निबटाया जा सकता है!  
  19. सितंबर के मध्य से दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक धन कोष की स्थिति अच्छी रहनी चाहिए , इस दिशा में मेहनत फलदायी होगा।  घर, गृहस्थी के विवाद को निबटाया जा सकता है, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सहयोग मिलेगा! प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी।
  20. दिसंबर के तीसरे सप्ताह से जनवरी 2017 के प्रथम सप्ताह के असफलता और तनाव वाले परिणाम के लिए नवंबर के चौथे सप्ताह से दिसंबर के मध्य तक प्रचुर मेहनत से कार्यक्रम तैयार होंगे! इस समय  भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा! कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से  तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है।  

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